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मां का दूध अमृत के समान होता है : संतोष

AIMA NEWS JHALAWAR l शहर की राधा रमण डिप्टीजी के मंदिर में कथावाचक संतोष सागर महाराज के मुखारविंद से शिव महापुराण कथा शुक्रवार से आरंभ हुई। इससे पूर्व कलश यात्रा सुबह 9 बजे पंचमुखी बालाजी मंदिर से गाजे-बाजे के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई राधा-रमण डिप्टीजी के मंदिर पहुंची। इससे पूर्व महाराज द्वारा कलश की पूजा-अर्चना करवाई तथा कलश यात्रा का शहर में पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
राधा-रमण मंदिर में कथा का शुभारंभ मुख्य जजमान राजेश कुमार जोशी, दीपिका शर्मा, पवन आचार्य, राजकुमारी ने शिवपुराण की पूजा-अर्चना कर कथावाचक को पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। कथा का प्रारंभ शिव मंत्र ओम नमः शिवाय से किया गया। कथावाचक ने कहा कि भगवान शिव का सबसे बड़ा भक्त रावण था, उसमें अतिबल था लेकिन रावण को संतों का साथ नहीं था, रावण ने अपने कई प्रयास कर कई संपदा अर्जित की थी, लेकिन अपने अहम व घमंड के कारण सभी को गवाना पड़ा। कथा के दौरान संतोष सागर ने कहा कि मां के आंचल का दूध अमृत के समान होता है। गाय माता का दूध भी अमृत समान होता है, तथा गंगा जल भी अमृत के समान होता है। सच्चे मन से कथा श्रवण करने वाले भक्तों को अमृत समान ही फल प्राप्त होता है। इसके पश्चात शिव पुराण की आरती कर सभी को प्रसाद का वितरण किया गया।
News मोहम्मद इमरान झालावाड़

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