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जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर सख्ती; किसानों, भूमि सुधार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की व्यापक समीक्षा

मुजफ्फरपुर
02जनवरी, 2026

किसानों को सही समय पर और उचित मूल्य पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में कृषि टास्क फोर्स, धान अधिप्राप्ति, म्यूटेशन–परिमार्जन, एग्री एस्टेट परियोजना, सामाजिक सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ प्रखंड और अंचल स्तर के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक की शुरुआत उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले के किसानों को किसी भी स्थिति में उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी। समीक्षा में यह पाया गया कि वर्तमान में जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जिले में यूरिया 5748.135 मीट्रिक टन, डीएपी 3978.850 मीट्रिक टन, एनपीके 8840.624 मीट्रिक टन, एमओपी 1662.245 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 3064.500 मीट्रिक टन उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि थोक एवं खुदरा उर्वरक दुकानों पर नियमित निरीक्षण हेतु विशेष टीम गठित की जाए, ताकि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक सुनिश्चित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और दुकानदारों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रबी फसल वर्ष 2025-26 के दौरान कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिले में कुल 375 छापेमारी की गई, जिनमें 33 मामलों में अनियमितता पाई गई। इसके परिणामस्वरूप पांच मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई, 13 लाइसेंस रद्द किए गए तथा 14 दुकानदारों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने इस अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखने का निर्देश दिया।
बैठक में एग्री एस्टेट परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इस कार्य में तेजी लाने के लिए मिशन मोड में कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। प्रथम चरण में 6 जनवरी से 9 जनवरी तक और द्वितीय चरण में 18 जनवरी से 21 जनवरी तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके लिए कृषि विभाग के पंचायत स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की प्रखंडवार समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 4129 किसानों से 28,107.350 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है। इस कार्य में जिले की 302 सक्रिय पैक्स एवं सहकारी समितियां लगी हुई हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को पूरी तरह सक्रिय और तत्पर रखें, ताकि धान अधिप्राप्ति की गति और तेज हो सके। इसके साथ ही पूर्वी एवं पश्चिमी अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारियों को इस कार्य की सतत और प्रभावी मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया।
भूमि सुधार से जुड़े मामलों की समीक्षा भी बैठक का एक अहम हिस्सा रही। जिलाधिकारी ने म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, भूमि मापी और अभियान बसेरा की अंचलवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। परिमार्जन प्लस के अंतर्गत लंबित मामलों की सूक्ष्मता से समीक्षा की गई और औराई, मोतीपुर, कुढ़नी, मुसहरी एवं मरवन अंचल में अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने अपने स्तर पर लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया।
ऑनलाइन म्यूटेशन मामलों की समीक्षा में सामने आया कि मोतीपुर में 112 प्रतिशत, कांटी में 110 प्रतिशत, औराई में 106 प्रतिशत, सरैया में 105 प्रतिशत, कुढ़नी में 102 प्रतिशत, मीनापुर में 102 प्रतिशत तथा कटरा में 100 प्रतिशत प्रदर्शन रहा। वहीं, सकरा में 86 प्रतिशत, गायघाट में 91 प्रतिशत, मरवन में 93 प्रतिशत, साहेबगंज और मुसहरी में 96 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ है। जिलाधिकारी ने सभी अंचलों को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता को भूमि संबंधी मामलों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
भूमि मापी अभियान के तहत जिलाधिकारी ने प्रत्येक अंचल में कार्यरत अमीनों के बीच स्पष्ट रूप से कार्य आवंटन करने और उसके नियमित फॉलोअप का निर्देश दिया। अभियान बसेरा की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रत्येक अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि बेघर एवं भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए 14 जनवरी तक कम से कम 50-50 मामलों में भूमि आवंटन सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य में अधिकारियों को गंभीर, संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया।
प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत पंचायत स्तर पर शिविर आयोजन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायतों में नियमित कैंप लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया जाए। मधुबनी पंचायत में आयोजित कैंप में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही मधुबनी के निकटवर्ती पंचायतों में भी कैंप आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनने और त्वरित समाधान करने पर जोर दिया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के क्रम में कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना पर विशेष चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने गायघाट और साहेबगंज प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना का लाभ सभी योग्य लाभुकों तक समय पर पहुंचाया जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद परिवार को कठिन परिस्थिति में सहायता से वंचित न रहना पड़े।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों, गरीबों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

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