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भारत के सबसे बड़ा संगठन आरएसएस है जो 1925 से स्थापित हैभारत में और अभी तक

भारत के सबसे बड़ा संगठन आरएसएस है जो 1925 से स्थापित हैभारत में और अभी तक रजिस्टर्ड नहीं है और भारत के सभी संस्थाओं को 2014 से पूर्ण रूप से अपने अधीनस्थ रखे हुए हैं आरएसएस के संचालक जनरल लोग हैं जो रण और नीति के आधार पर 85% लोगों के जीवन के हर क्षेत्र में प्रभावित कर रहे हैं और आने वाले पीढ़ी को भी गुलाम बनाने कि प्लानहैं 85% के लोग रणऔर नीति जानते ही नहीं है की क्या होता है और यदि कुछ लोग जानते भी हैं तो अपने व्यक्तिगत पारिवारिक स्वार्थ के चलते दिन को दिन और रात को रात कहने के लिए हिम्मत नहीं है जिसमें खासकर राजनीति करने वाले लोग हैं अपने स्वार्थ के लिए पूरे समाज और संविधान को प्रभावित कर रहे हैं हर 15% के गोद में तलवा चाट और चरण वंदना कर रहे हैं जो कभी आने वाले हमारे लोगों को बारे में सोचत नहीं है संविधान है तो हम और आप और वह भी है जो 15% के गोद में बैठे हैं लेकिन आंख और मुंह होते हुए भी आंख पर पट्टीओठपर फेवी कॉल लगा दिया गया हैं
रन और नीति जीवन के हर क्षेत्र में बहुत माने रखता है
1, रण -युद्ध युद्ध यानी जीवन के हर क्षेत्र में युद्ध /संघर्ष प्रत्येक व्यक्ति को करना पड़ता है संघर्ष शिक्षा का हो
रोजगार का हो
सता का हो ईत्यादि
रण माने युद्ध अस्थल पर होता और क्षेत्रवाद हुआ है हो रहा है जो 85%के लोगों मनुवादीयो के सदियों से बिछायें हुए भ्रम जाल से 5 वर्ष में निकलने का अवसर मिला है तो पुनः अपने ही समाज के कुछ चंद लोगों चाहें 85% कोई भी वर्ग के हो जिस पर हम आप विश्वास करते हैं कि हमारे समाज का है पढ़-लिख कर आगे बढ़ गया है यह मुझे धोखा नहीं देगा और उसके झांसे में आकर पुनः उसी परिस्थिति में रह जाते हैं मनुवादी हमारे समाज के जो अ
अगुवा होता है उसके साथ समझोता करता है कि मैं आपको राजनीति में मुखिया, सरपंच, प्रमुख, चेयरमैन, विधायक, सांसद और मंत्री बनवा दुंगा तुम मेरे साथ चलो मेरे पार्टी के प्रचार प्रसार करना जो पार्टी के बड़े नेता कहेंगे वही बात तुम अपने भाषा में समाज के लोगो को समझना ओभी कब जब चुनाव आएगा तब मनुवादी भी साथ में रहेगा मनुवादी को हिम्मत नहीं है कि 85% के लोगो के लिए कोई चुनाव क्षेत्र में प्रचार प्रसार करसकते है न चुनाव जीत सकते हैं
मनुवादी रण से समझौता करसकते है जैसे में हमारे लोगों को प्रलोभन देकर चूंकि मनुवादीयो के पास सब नीति जन्म जात होता साम,दाम,भय सदियों से उपलब्ध है 85%के लोगों को जब भी चुनाव आयेगा तो गाड़ी पर बैठा कर जाती जाती घर झोपड़ी,टेंट गली-मुहल्ले जाकर टाट,खाट और भूमि पर भी बैठकर चाय और पानी मांग कर पिएंगे ऐहोगया रण रण से मनूवादी समझौता कर सकता है
लेकिन निति से मनुवादी समझौता नहीं कर सकता रण से समझौता करने के बाद 85%से सता मिलता है सता मिलने के बाद 15%यानी मनुवादी नीति से समझौता नहीं करता है 85% के लोगों को जीवन के हर क्षेत्र में डैमेज करना है तो करना केंद्रीय संस्थानों में 85%के विद्यार्थियों के लिए 2014 के बाद ऐसा प्रावधान बना दिया गया है कि चाह कर भी नहीं जा सकते हैं
राज्य सरकार में कुछ 85% के विद्यार्थियों के लाभ शिक्षा और रोजगार में मिल रहा है ओभी भा,ज,पा, शासित राज्यों में नाम मात्र का
खासकर S,C,/S,T, and O,B,C, के लोगो को राज्य वार रिजर्व नेशन है तब संभव है S,C, and S,Tकेअजादी के दो पिंडी पूर्व आर्थिक स्थिति सामान्य था यदि आज कोई भी S,C,and S,T, के आर्थिक, और राजनीतिक परिस्थिति में परिवर्तन हुआ है तो ओ है भारत का संविधान जिस संविधान के बदौलत S,C, and S,T, संसद भवन , राज्य सभा, विधानसभा और विधान परिषद में रहते हुए भाजपा के द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विरोध में ईन माननीयों के सहयोग से सभी कानुन पारित हो गया
लोकसभा, राज्य सभा, विधानसभा और विधान परिषद में S,C, and S,T,का पोलिटिकल रिज़र्वेशन अथाशिग्र समाप्त होना चाहिए और यह रिज़र्वेशन 10 वर्ष के लिए ही संविधान में है अपने जाती और समाज के घर में अपने ही आग लगा रहे हैं ये मनुवादी को मजबूत करने में रात दिन लगे और आंबेडकरवाद यानी समाज और संविधान को कमजोर कर रहे हैं
समांतविद विचार धारा के लोगो को विलासिता पूर्वक जींदगी जीने का धर्म और राजनीति साधन है
देश में सिंचाई, स्वास्थ्य,
शिक्षा, रोजगार, और संविधान पर आधारित सता संचालित सरकार चाहिए
सिंचाई,दवाई और शिक्षा फ्री होना चाहिए
डॉ संतोष कुमार सिंह, राजपूत समाज और संविधान के शुभ चिंतक
विकास इंसाफ पार्टी, के राष्ट्रीय उपध्यक्ष सह बिहार प्रदेश अध्यक्ष
16,12,25

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