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Hyderabad, February, 10th 2026: Releaf Wellness, a pioneering herbal pharmaceutical brand, has announced its entry into India’s wellness market. The brand brings a groundbreaking approach that bridges the 5,000 year gap between Ayurvedic wisdom and modern pharmaceutical science. Using advanced liposomal and nano delivery technologies, Releaf Wellness achieves 20 to 30 times higher absorption than conventional herbal extracts. This enables the brand to deliver natural solutions with clinical grade efficacy.

Releaf Wellness has developed India’s first range of small-molecule herbal formulations that operate at the cellular level, enabling faster action and enhanced effectiveness comparable to modern allopathic medicine. By identifying and isolating specific healing compounds at the molecular level and encasing them in liposomal nano-carriers, the brand ensures direct cellular delivery and superior bioavailability.

"We're not just another Ayurvedic brand," says Mr. Dolendra Prasad, Founder of Releaf Wellness. "We've spent nine years of research effort, probing a different question: What if we could make herbs work with the speed and effectiveness of pharmaceutical drugs? Our small-molecule technology does exactly that: it transforms botanical wisdom into clinical performance. Our technology doesn't replace Ayurveda; it fulfills its original promise: precise, personalised, powerful medicine from plants."We believe nature holds extraordinary healing power; we are putting our efforts to unlock it properly."

The brand’s inaugural portfolio addresses a range of lifestyle health concerns spanning joint and bone health, metabolic wellness, cognitive support, women’s health, digestive and sleep health, along with immunity, stress management and daily vitality, among others.

"The wellness category is at an inflection point," notes Mr. Tarun Singh Chauhan,CEO,“Consumers no longer accept the false choice between 'natural but slow' herbal products and 'effective but chemical' medicines. Consumers increasingly seek solutions that combine natural safety with pharmaceutical effectiveness. Releaf Wellness eliminates that compromise, delivering herbal purity with pharmaceutical performance."

Celebrating the brand’s launch, popular actress Kajal Aggarwal graced the occasion and shared, “What stood out for me about Releaf Wellness is how seamlessly it brings together India’s ancient herbal knowledge with modern scientific innovation. Wellness today needs to be credible and research backed, and Releaf is a step in that direction. I congratulate founder Mr. Dolendra Prasad and CEO Mr. Tarun Singh Chauhan for building a brand that meaningfully elevates India’s wellness space.”

Incubated at C-CAMP (Centre for Cellular and Molecular Platforms), India's premier life sciences innovation hub, and certified by AYUSH and FSSAI, Releaf Wellness products are clinically researched and rigorously tested. The products are packaged in Kalash-shaped bottles inspired by Lord Dhanvantari’s sacred vessel of Amrit, blending cultural symbolism with contemporary design. They are available online and through select wellness retailers across India, and offer a satisfaction guarantee backed by clinical research and transparent ingredient disclosure.

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शाहजहांपुर। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली और जवानों की वर्दी, टर्न आउट, शस्त्र संचालन, ड्रिल एवं अनुशासन का बारीकी से परीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान एसपी ने स्वयं पुलिसकर्मियों के साथ दौड़ लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग के लिए शारीरिक फिटनेस और मानसिक सजगता अत्यंत आवश्यक है। जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुशासन, समयपालन और कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोपरि रखने के निर्देश दिए।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने डॉग स्क्वॉड का निरीक्षण किया। डॉग हैंडलर से श्वान दल के प्रशिक्षण, रखरखाव और कार्यप्रणाली की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात परिस्थितियों में डॉग स्क्वॉड की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उनका प्रशिक्षण नियमित और उच्चस्तरीय होना चाहिए।

एसपी ने आरटीसी बैरक एवं मैस का भी निरीक्षण कर स्वच्छता और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परिसर में साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखा जाए।

एमटी सेक्शन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वाहनों की फिटनेस, रखरखाव, स्वच्छता, लॉगबुक और सुरक्षा उपकरणों की जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी वाहन सदैव कार्यशील और व्यवस्थित रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जा सके।

अंत में पुलिस अधीक्षक ने समस्त पुलिस बल को जनसेवा की भावना से कार्य करने और कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सतत सतर्क रहने की प्रेरणा दी।

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5 पीढ़ियों का ठिकाना, फिर भी पहचान को मोहताज: तिलहर के 45 परिवारों पर भारी पड़ा एक नोटिस
तिलहर / शाहजहांपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत तिलहर कस्बे के बहादुरगंज मोहल्ले सहित विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले 45 सिख परिवार इन दिनों गंभीर प्रशासनिक संकट से गुजर रहे हैं। पीढ़ियों से एक ही स्थान पर निवास करने के बावजूद लगभग 100 लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर हो जाने के बाद उन्हें अपनी पहचान और नागरिक अधिकार साबित करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि निर्वाचन आयोग द्वारा नोटिस के जवाब में मांगे गए 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से अधिकांश परिवारों के पास कोई भी उपलब्ध नहीं है। जाति प्रमाण पत्र या जन्म प्रमाण पत्र उनके लिए समाधान बन सकता है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर प्रमाण पत्र जारी न होने से स्थिति और जटिल हो गई है।
पीढ़ियों से यहीं बसे, फिर भी प्रमाण नहीं
बहादुरगंज निवासी 80 वर्षीय मोती सिंह बताते हैं कि उनके दादा-परदादा भी यहीं रहते थे और परिवार आज भी छोटे-मोटे व्यवसाय जैसे फेरी लगाकर चूरन, चश्मा व अन्य सामान बेचकर जीविका चलाता है। परिवार में किसी ने सरकारी नौकरी या उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की, इसलिए कभी जाति प्रमाण पत्र बनवाने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई।
वे बताते हैं कि अब तक परिवार के सभी सदस्य नियमित रूप से हर चुनाव में मतदान करते आए हैं, लेकिन इस बार अचानक सूची से नाम हटने के बाद वे असहाय महसूस कर रहे हैं।
लगभग 450 परिवारों का समाज, पर 45 पर संकट
स्थानीय लोगों के अनुसार तिलहर नगर में सिख समुदाय के लगभग 450 परिवार रहते हैं। जिनके नाम पहले से मतदाता सूची में सुरक्षित हैं उन्हें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जिनके नाम छूट गए या संशोधन की आवश्यकता है, वे गंभीर संकट में फंस गए हैं।
नीरज सिंह कहते हैं,
“हम अपने परिवार की पांचवीं पीढ़ी हैं जो यहां रह रही है। कभी जाति प्रमाण पत्र की जरूरत ही नहीं पड़ी, इसलिए बनवाया भी नहीं।”
महिलाओं ने भी जताई चिंता
सोनी देवी के अनुसार मोहल्ले के 45 लोगों को एसआईआर का नोटिस मिला है, लेकिन कोई भी अधिकारी जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए स्पष्ट मार्ग नहीं बता रहा।
रोशनी बताती हैं कि अधिकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते लोग थक चुके हैं, फिर भी कोई समाधान नहीं निकल रहा।
बलजीत कौर ने कहा,
“हम मजहबी सिख हैं, फिर भी हमारा जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा। अधिकारी बताएं कि नोटिस का जवाब कैसे दें।”
जनप्रतिनिधियों से भी नहीं मिली ठोस मदद
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने पर केवल आश्वासन मिला, लेकिन व्यावहारिक समाधान नहीं हुआ। इससे लोगों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि मतदाता सूची से बाहर होना उनके मतदान अधिकार पर सीधा प्रभाव डालता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार तहसीलदार और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित परिवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र जारी करने की संभावनाओं की जांच की जाए। यदि यह संभव न हो तो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि नोटिस का विधिवत जवाब दिया जा सके।
पहचान और अधिकार की लड़ाई
यह मामला केवल दस्तावेजों का नहीं, बल्कि नागरिक पहचान और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रश्न बन गया है। दशकों से एक ही स्थान पर रह रहे परिवार अचानक खुद को “प्रमाणित नागरिक” साबित करने की स्थिति में पाकर मानसिक और सामाजिक दबाव झेल रहे हैं।
स्थानीय लोग प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी पहचान बहाल हो और वे आगामी चुनावों में अपने मतदान अधिकार का प्रयोग कर सकें

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अमरावती/मेलघाट: मेलघाट के 52 आदिवासी बहुल क्षेत्रों के स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों की बदली (ट्रांसफर) प्रक्रिया पर जिला प्रशासन ने फिलहाल रोक लगा दी है। यह निर्णय जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) द्वारा लिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिल सके।
क्यों लिया गया निर्णय?
सूत्रों के अनुसार, आदिवासी अंचल के दुर्गम और वन क्षेत्रों में पहले से ही शिक्षकों की कमी बनी हुई है। विशेषकर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में महिला शिक्षकों की भूमिका छात्राओं की शिक्षा, परामर्श और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। बदली प्रक्रिया शुरू होने से कई स्कूलों में रिक्त पदों की आशंका थी, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो सकती थी।
शिक्षा पर क्या होगा असर?
दूरस्थ गांवों में कक्षाएं नियमित रूप से संचालित होती रहेंगी।
छात्राओं की उपस्थिति और ड्रॉपआउट दर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
स्थानीय समुदाय में विश्वास बना रहेगा।
प्रशासन का रुख
सीईओ कार्यालय की ओर से संकेत दिए गए हैं कि शिक्षा सत्र के बीच में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक हलचल से बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। इसलिए फिलहाल बदली प्रक्रिया स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। भविष्य में आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुसार पुनः समीक्षा की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि महिला शिक्षकों की मौजूदगी से स्कूलों में अनुशासन और छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है।

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भीनमाल/विजयवाड़ा, (दलपतसिंह भायल ) 20 फरवरी आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा से 18 फरवरी को लापता हुए राजस्थान के भीनमाल क्षेत्र के दो मासूम बच्चे आखिरकार गुजरात के वलसाड में सकुशल मिल गए हैं। बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्चों के लापता होने के बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने विभिन्न राज्यों में अलर्ट जारी कर तलाश अभियान शुरू किया। लगातार प्रयास और समन्वय के चलते दोनों बच्चों को वलसाड में सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और खोज अभियान में सहयोग करने वाले पुलिस प्रशासन, सामाजिक संगठनों एवं आमजन का आभार व्यक्त किया।
इस घटना के सुखद अंत से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में संतोष और खुशी का माहौल है।

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खानपुर कलां -20 फरवरी। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां के हिन्दी विभाग द्वारा विश्व मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में एक विस्तृत व्याख्यान एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करना तथा छात्राओं में भाषाई संवेदनशीलता एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. रामरती मलिक ने शिरकत की। अपने व्याख्यान में उन्होंने उत्तर आधुनिकता के विविध संदर्भों का विश्लेषण करते हुए इसके प्रमुख विचारकों— जीन फ्रेंकोइस ल्योटार्ड, मिशेल फ़ॉकल्ट,जैक्स डेरिडा तथा रोलैंड बार्थेस के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि उत्तर आधुनिकता पारंपरिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को चुनौती देती है और स्थापित आख्यानों को अस्वीकार करती है। डॉ. मलिक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारतीय पौराणिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों की सार्थकता को समझना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे जीवन में मानवीय मूल्यों को अपनाकर अपने व्यक्तित्व एवं समाज दोनों को समृद्ध बनाएं।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में एम.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा पूजा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, एम.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा टिंकू द्वितीय स्थान पर रहीं तथा एम.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा राखी ने तृतीय स्थान हासिल किया। निर्णायक मंडल की अध्यक्षता डॉ. रामरती मलिक ने की।

कार्यक्रम की अध्यक्षा व विभागाध्यक्ष प्रो मूर्ति मलिक ने छात्राओं को भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं सृजनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। प्रो मलिक ने कहा कि इस कार्यक्रम ने मातृभाषा के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा प्रदान की है ।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुकीर्ति ने किया। जबकि डॉ. कमल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. कुलदीप ने भी विश्व मातृभाषा दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

फोटो कैप्शन ;- 02 कार्यक्रम में अतिथियों के साथ अपने पोस्टर दिखाती प्रतिभागी छात्राएं।

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कैलाशी देवी सेवा संस्थान द्वारा संचालित मोतियाबिंद हुए बुजुर्गों का हुआ ऑपरेशन


जनपद बस्ती विकासखंड बनकटी ग्राम सभा गुलौरा के समाजसेवी
एवं ग्राम प्रधान दशरथ कुमार तथा इं. उमेश राजभर द्वारा संचालित संस्था कैलाशी देवी सेवा संस्थान के माध्यम से 20 जरूरतमंद लोगों के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन कराना वास्तव में अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक कार्य है।
आज के समय में जहां लोग अपने स्वार्थ में व्यस्त रहते हैं, वहीं आप दोनों द्वारा जरूरतमंदों की आंखों की रोशनी लौटाने का यह प्रयास मानवता की सच्ची मिसाल है। किसी की आंखों की रोशनी वापस दिलाना केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि उसके जीवन में उजाला भरने जैसा है।
आपका यह नेक कार्य पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है। समाजसेवा की ऐसी भावना ही समाज को मजबूत और संवेदनशील बनाती है।
आप दोनों को इस पुनीत कार्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं समस्त ग्रामवासी क्षेत्रवासी दे रहे हैं इस कार्यक्रम को देखकर संस्थान के प्रति लोकप्रियता बढ़ रही है ।
रिपोर्टर
संतोष कुमार

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​बैरिया दौलत (माला फार्म): क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और ग्रामीणों को बेहतर यातायात सुविधा मुहैया कराने के संकल्प के साथ आज ग्राम सभा बैरिया दौलत के माला फार्म में सीसी रोड निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। जिला पंचायत सदस्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिलापट्ट का अनावरण कर कार्य का शुभारंभ किया गया।
​ग्रामीणों में उत्साह का माहौल
​इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में माला फार्म के ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। लंबे समय से इस मार्ग के पक्कीकरण की मांग की जा रही थी, जिसके पूरा होने पर स्थानीय निवासियों ने खुशी जाहिर की और जन प्रतिनिधि का आभार जताया।
​विकास का संकल्प
​शिलान्यास के दौरान जिला पंचायत सदस्य पंडित जितेंद्र शर्मा ने जनता को संबोधित करते हुए कहा:
​"आप सभी के सहयोग और आशीर्वाद से क्षेत्र में विकास कार्य निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा मुख्य संकल्प हर गाँव में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए मैं सदैव प्रतिबद्ध हूँ।"

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श्रीलंका सरकार का यह फैसला निश्चित रूप से बहस और आत्ममंथन का विषय बन गया है।
राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की सरकार ने लगभग 49 साल पुराने कानून को खत्म कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि राजनीति सेवा का माध्यम होनी चाहिए, सुविधा का नहीं। संसद में न्याय मंत्री हर्षना नानायक्कारा का बयान भी काफी सख्त और प्रतीकात्मक माना जा रहा है।
भारत के संदर्भ में सोचें तो…
भारत में सांसदों और विधायकों को:
वेतन
भत्ते
और रिटायरमेंट के बाद पेंशन
जैसी सुविधाएं मिलती हैं। आलोचकों का कहना है कि
👉 एक बार चुने जाने पर जीवनभर पेंशन
👉 कम समय के कार्यकाल के बाद भी सुविधाएं
आम जनता को खटकती हैं, खासकर तब जब देश का बड़ा वर्ग सामाजिक सुरक्षा से वंचित है।
पेंशन बंद करने के पक्ष में तर्क
राजनीति को सेवा-भाव से जोड़ना
करदाताओं के पैसे पर बोझ कम होना
“नेता” बनने को लाभ का साधन मानने की सोच पर रोक
विरोध में तर्क
अनुभवी नेताओं को भविष्य की सुरक्षा
ईमानदार लेकिन साधनहीन लोगों के लिए राजनीति में आना मुश्किल
सुधार की जरूरत है, पूर्ण समाप्ति नहीं
निष्कर्ष
श्रीलंका का फैसला एक कड़ा लेकिन प्रतीकात्मक कदम है। भारत में भी शायद
👉 पेंशन की शर्तें कड़ी करना,
👉 एक से अधिक पेंशन पर रोक,
👉 या न्यूनतम कार्यकाल अनिवार्य करना
जैसे सुधार ज्यादा व्यावहारिक हो सकते हैं।
अब सवाल आपसे 👇
क्या आपको लगता है कि भारत में भी सांसदों और विधायकों की पेंशन पूरी तरह खत्म होनी चाहिए, या सिर्फ उसमें सुधार किया जाना चाहिए?

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​बैरिया दौलत (माला फार्म): क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और ग्रामीणों को बेहतर यातायात सुविधा मुहैया कराने के संकल्प के साथ आज ग्राम सभा बैरिया दौलत के माला फार्म में सीसी रोड निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। जिला पंचायत सदस्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिलापट्ट का अनावरण कर कार्य का शुभारंभ किया गया।
​ग्रामीणों में उत्साह का माहौल
​इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में माला फार्म के ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। लंबे समय से इस मार्ग के पक्कीकरण की मांग की जा रही थी, जिसके पूरा होने पर स्थानीय निवासियों ने खुशी जाहिर की और जन प्रतिनिधि का आभार जताया।
​विकास का संकल्प
​शिलान्यास के दौरान जिला पंचायत सदस्य ने जनता को संबोधित करते हुए कहा:
​"आप सभी के सहयोग और आशीर्वाद से क्षेत्र में विकास कार्य निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा मुख्य संकल्प हर गाँव में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए मैं सदैव प्रतिबद्ध हूँ।"

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खानपुर कलां, 20 फरवरी । भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां के वाणिज्य विभाग द्वारा छात्राओं  के मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ इशानी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा तनाव प्रबंधन के प्रभावी उपायों से अवगत कराना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो जगदीप सिंगला ने की। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में पानीपत इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की मानसिक परामर्शदाता  सुश्री मानसी ने भाग लिया। मानसी,  महिला विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग की पूर्व छात्रा भी हैं, ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इंटरैक्टिव गतिविधियों, समूह चर्चाओं और प्रेरक खेलों के माध्यम से छात्राओं को तनाव, चिंता और भावनात्मक चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक उपाय सिखाए। मानसी ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं की छात्राओं से मानसिक दबाव, परीक्षा तनाव तथा भविष्य की चिंताओं जैसे विषयों पर खुलकर संवाद किया। उन्होंने सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, आत्म-देखभाल और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की तकनीकों पर विशेष जोर दिया।विभागाध्यक्ष प्रो. जगदीप सिंगला ने छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और उत्साह के साथ करें तथा परिणामों की चिंता किए बिना निरंतर प्रयासरत रहें।कार्यक्रम में विभाग के प्राध्यापक डॉ. अंजना, सुश्री नेहा सोनी, सुश्री स्वाति एवं सुश्री अंकिता भी मौजूद रही। फोटो कैप्शन :- छात्राओं से रूबरू होती सुश्री मानसी। 

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Giridhari, let me tell you something that has stayed with me ever since my days in Rayagada.
When I took charge as Collector, Rayagada, it was a part of the larger KBK region, one of the most backward pockets of our country. Poverty there was not abstract. It was harsh and visible. In the tribal villages, people survived on small patches of land. For them, land was not an asset in the commercial sense. It was their only insurance against hunger.
Soon after I joined, Dr. Hrushikesh Panda cautioned me, “Be sensitive to tribal land matters. You will find that much of it has slipped away quietly.”
I took that advice seriously.
The Case That Opened My Eyes
One day, while reviewing files under the OSATIP Regulation, the law meant to protect tribal land from transfer to non-tribals, I came across a case from Gunupur. On the surface, it looked routine.
A tribal farmer, Raja Jagaranga, had sold two acres of land to another tribal man, Renju Sabar, in March 1993. Nothing unusual there.
But within a month and a half, Renju applied for permission to sell the same land to a non-tribal. The competent authority granted permission swiftly. The land was then sold to one Amulyanidhi Mohanty.
Later, it was transferred to Smt. Suhasini Das.
Now here is where it became troubling, Giridhari.
The Tahasildar who facilitated and processed the mutations was Sri Rama Chandra Das.
Amulyanidhi Mohanty was his brother-in-law.
Suhasini Das was his wife.
And Renju Sabar? He was working as a peon under the control of that very Tahasildar.
When I connected these facts, I could see the design behind what was made to look like routine paperwork.
How the Law Was Twisted.

The law clearly states that permission to sell tribal land must be given only in exceptional circumstances. The officer must verify genuine need, ensure no tribal buyer is available, explore alternatives, and confirm fair payment.
But in this case:
The applicant bought the land in March and sought to sell it by May.
Loan details were vague. No proper verification was done.
Mutation orders recorded that parties were “heard” when they had not even appeared.
Proper proclamation procedures were bypassed.
Welfare authorities were not informed.
It was all done in a hurry; but with precision.
When we later examined the widow of Renju Sabar, she told us she knew nothing about the land in Akhusing. Her husband had never discussed it. She had never seen him cultivate it.
That statement spoke louder than any document.
The Larger Tragedy
Giridhari, what hurt me most was not the technical violation.
It was the betrayal of trust.
In a backward tribal district, the Tahasildar is not just an officer — he is the State itself in the eyes of poor villagers. They cannot read regulations. They rely on faith.
And here, the very authority meant to protect tribal land had, in my considered view, engineered a benami transaction for personal benefit.
The land moved from a poor tribal farmer to a subordinate employee, then to a relative, and finally into the officer’s own family.
Meanwhile, the original tribal family was left nearly landless.
That is how exploitation happens in backward regions — not always through force, but through manipulation of process.
The Delay and the Defense
The matter had been reported by Vigilance years earlier, but inquiries dragged on. Reminders were issued repeatedly before a proper report came.
When we proceeded with review, the defense argued limitation — that five years had passed.
But how could limitation apply when the matter had been under inquiry all along? Justice cannot be defeated by deliberate delay.
The Decision
After examining the files, hearing the parties, and analyzing every irregularity, I concluded that the transactions were not free and fair. They were structured to defeat the protective law.
On 8 March 2002, in open court, I declared all the transactions void from the beginning.
I ordered cancellation of sale deeds.
I directed restoration of land to the legal heirs of Raja Jagaranga.
I instructed correction of the Record of Rights and delivery of physical possession.
What It Meant
You might think it was just two acres.
But in KBK, two acres can decide whether a family eats or migrates.
When the protector becomes the exploiter, the damage is deeper than financial loss. It erodes faith in governance itself.
That case reminded me that in districts like Rayagada, administration is not about grand announcements. It is about vigilance in small matters — because those “small matters” determine the survival of the poorest.
And Giridhari, that is why I always say: sensitivity to tribal land issues is not merely administrative duty — it is a moral responsibility.
Now you may be surprised that after I left the district, Sri Das moved higher offices and got favourable orders and the land in his name. Even his suspension and disciplinary proceedings were revoked. There was hardly anyone who saw the sinister design of the exploiters.

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ଜଣେ ନିରବ ସାଧକ ଓ ନିଷ୍ଠାବାନ ସେବକ ସ୍ବର୍ଗତଃ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକଙ୍କ ପ୍ରତି ବିନମ୍ର ଶ୍ରଦ୍ଧାଞ୍ଜଳି।

ଓଁ ଶ୍ରୀ ସାଇରାମ, ଆମ ସାଇ ସଙ୍ଗଠନର ଜଣେ ନିରବ ସାଧକ, ନିଷ୍ଠାବାନ୍ ସେବକ, ବାଳ ବିକାଶ ଗୁରୁ- ପ୍ରିୟ ମୋଉସା ଶ୍ରୀ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକ ତା ୧୯.୦୨.୨୦୨୬ ରିଖ ରେ ଭଗବାନଙ୍କ ପାଦପଦ୍ମ ରେ ଲୀନ ହୋଇଯାଇଛନ୍ତି। ମୋଉସା ଜଣେ ଯୁବ ଓ ଦାୟିତ୍ୱବାନ ସେବାଦଳ ସଦସ୍ୟ ଭାବେ ସଙ୍ଗଠନର ସମସ୍ତ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ସକ୍ରିୟ ଭାବେ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ। ସ୍ୱାମୀଙ୍କ ରଥ ଦର୍ଶନ କରିବାର ଦିବ୍ୟ ସୁଯୋଗ ମଧ୍ୟ ପାଇଥିଲେ। ବୟସ୍କ ହୋଇଥିଲେ ମଧ୍ୟ ସାଇକେଲ୍ ଧରି କେନ୍ଦୁଝର ସମିତିର ବିଭିନ୍ନ ବାଳ ବିକାଶ କେନ୍ଦ୍ରକୁ ଯାଇ ଗୁରୁ ଭାବେ ନିଷ୍ଠାପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାବେ ଦାୟିତ୍ୱ ପାଳନ କରୁଥିଲେ।
ସେ କହୁଥିଲେ —“ସ୍ୱାମୀ, ଯେମିତି ରଖୁଛ ରଖ, କିନ୍ତୁ ତୁମ ସଙ୍ଗଠନରେ ମୋତେ ରଖିଥିବ।” ତାଙ୍କର ନିଃସ୍ୱାର୍ଥପର ସେବା, ସରଳତା ଓ ସମର୍ପଣ ଆମ ସମସ୍ତଙ୍କ ପାଇଁ ଚିରସ୍ମରଣୀୟ ଓ ପ୍ରେରଣାଦାୟକ ହୋଇ ରହିବ। ସ୍ବାମୀ ଆଜି ଆମେ ଜଣେ ନିରବ ସାଧକଙ୍କୁ ବିଦାୟ ଦେଉଛୁ, କିନ୍ତୁ ତାଙ୍କ ଆଦର୍ଶ ଓ ସେବାଭାବ ସଦା ଆମ ହୃଦୟରେ ବଞ୍ଚି ରହିଥିବ। ଭଗବାନ ବାବାଙ୍କ ଅପାର କୃପାରୁ ତାଙ୍କ ପରିବାର ସଦସ୍ୟମାନଙ୍କ ଜୀବନ ଦୀର୍ଘ, ସୁସ୍ଥ ଓ ଶାନ୍ତିମୟ ହେଉ — ମହାପ୍ରଭୁଙ୍କ ନିକଟରେ ମୋର ପ୍ରାର୍ଥନା। ଯେଉଁଠି ଥାଆନ୍ତୁ, ସ୍ୱାମୀଙ୍କ ବଙ୍ଗାରୁ(ସୁନାପିଲା) ହୋଇ ଦିବ୍ୟ ସାନିଧ୍ୟରେ ରହନ୍ତୁ। ପୁଣିଥରେ ସ୍ୱାମୀଙ୍କ ବାଳ ବିକାଶ ଗୁରୁ ଭାବେ ଜନ୍ମ ନେଇ ସେବାର ସୁଯୋଗ ପାଆନ୍ତୁ, ଏହି ଆମର ଅନୁରାଗଭରା ପ୍ରାର୍ଥନା ଓ ସ୍ବର୍ଗତଃ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକଙ୍କ ଅମରଆତ୍ମା ପ୍ରତି ଗଭୀର ଶ୍ରଦ୍ଧାଞ୍ଜଳି ଅର୍ପଣ କରୁଅଛୁ।
ଓଁ ଶାନ୍ତି।।ଶାନ୍ତି।।ଶାନ୍ତିଃ।।
ଜୟ ସାଇରାମ 🙏

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବ୍ରହ୍ମେଶ୍ୱର ସାହୁ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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Thiruvananthapuram, Kerala State, February 20, AIMA MEDIA News: Five years ago, a woman underwent surgery. But for some time now, she has been suffering from severe abdominal pain. An X-ray revealed that she had surgical scissors in her stomach. The Kerala Minister has ordered an investigation into the incident.

A woman named Usha Joseph from Kerala has been suffering from abdominal pain for five years. However, it was found that she had surgical scissors in her stomach. She underwent surgery at the Government Medical College in Alappuzha in 2021. During the surgery, doctors left forceps in her abdomen. The surgery was done as part of the treatment for a uterine disease. However, during that time, they left scissors in her abdomen. Due to this, she went to the hospital again several times. But the government doctors did not take care of her. Due to this, the woman went to a private hospital. Forceps were found in the abdominal X-ray. Currently, this incident has sparked a huge controversy in Kerala.

Kerala Health Minister Veena George responded to this incident. She said that an investigation will be conducted into the issue of the scissors being left in the stomach. She said that strict action will be taken against the doctors who performed the surgery. There are allegations that Dr. Lalitambika performed the surgery on the woman to remove uterine fibroids. The medical department has constituted a medical board based on the complaint. Usha will be treated today at Amrutha Private Hospital in Kochi. The scissors in the stomach will be removed through surgery.

Dr. Lalitambika has now retired from the service. She says that she did not perform the surgery. Usha was admitted to the hospital as she was nearing retirement. Dr. Lalitambika said that even if she had another 50 years in her stomach with forceps, there would be no harm to her health. The doctor said that Usha was bleeding due to a urinary stone, not due to the scissors. Minister Veena George refuted the doctor's comments. The minister supported the patient Usha's family.

--- M Venkata T Reddy, News Editor And Investigative Journalist,

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कोटा। श्रीसालासर सेवा समिति के तत्वावधान में 18वीं पदयात्रा गुरुवार को आस्था और उत्साह के साथ श्री सालासर धाम के लिए रवाना हुई। यात्रा का शुभारंभ श्री टीलेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन के साथ किया गया।

पदयात्रा संयोजक पुरुषोत्तम बिहानी ने बताया कि रवाना होने से पहले सभी 71 पदयात्रियों ने श्रीसालासर बालाजी की विशेष आराधना कर हवन में आहुतियां दीं और मंगलमय यात्रा की कामना की। समिति अध्यक्ष एवं महापौर राजीव भारती सहित पदाधिकारियों ने यात्रियों को माला-दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। संस्थापक अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को प्रस्थान कराया। महासचिव गोविंद सोनी ने बताया कि मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

शॉपिंग सेंटर, चौपाटी सहित विभिन्न स्थानों पर पूर्व पार्षद सुभाष सैनिक, रोटरी क्लब कोटा, गुमानपुरा व्यापार संघ, नगर निगम कोटा, जगत माता मंदिर समिति, मंशापूर्ण गणेश नवयुवक मित्र मंडल मोखापाड़ा, सत्यनारायण मंदिर परिवार कैथूनीपोल, नगर निगम कर्मचारी पाटनपोल और साईं बाबा सेवा समिति ने पुष्पवर्षा कर यात्रियों का उत्साहवर्धन किया।

पदयात्रा में दो सजे-धजे घोड़ों पर ध्वज, मशक बैंड की मधुर धुनें और आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। जयकारों और भजनों के बीच श्रद्धालु उत्साहपूर्वक सालासर धाम की ओर अग्रसर हुए।

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*मौसम में बदलाव के कारण खांसी, जुखाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी*
*एक सप्ताह से पहले नहीं टूट रहा बच्चों का बुखार, ओपीडी 500 के पार पहुंची*
खैरथल / हीरालाल भूरानी
पिछले एक सप्ताह में बार-बार बदलते मौसम ने लोगों को बीमार कर दिया है। सबसे ज्यादा मार बच्चों पर पड़ रही है। खांसी-जुकाम और तेज बुखार से परेशान बच्चे एक सप्ताह से राहत नहीं पा रहे। हालात यह हैं कि खैरथल सैटेलाइट अस्पताल की ओपीडी 400 से बढ़कर 500 को पार कर चुकी है।
अस्पताल के हर काउंटर पर लंबी कतारें हैं और मरीजों की पीड़ा लाइनों में ही सिमट कर रह गई है। हालात यह है कि पर्ची काउंटर और फिर ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन नहीं टूट रही है। मरीजों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती जांच कराने रिपोर्ट दिखाने से लेकर निशुल्क दवाई काउंटर पर अपनी बारी का इंतजार करते मरीज और उनके परिजन परेशान हो रहे हैं।
सैटेलाइट अस्पताल में इन दिनों मौसम में आए बदलाव के कारण खांसी, जुखाम, बुखार, गले में दर्द के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। ओपीडी रोजाना करीब 400 रहा करती थी। अब वह पिछले दिनों से बढ़कर 500 से अधिक पहुंच गई है जैसे ही ओपीडी में मरीजों की भीड़ हल्की होने लगती है तो निशुल्क दवा काउंटर पर मरीज या उनके परिजनों की लंबी कतार लग जाती है। 12 फरवरी को ओपीडी 495, 13 को 507, 14 को 487, 15 को 287, 16 को 507, 17 को 509, 18 को 517, 19 को 495 रही। वहीं सेटेलाइट अस्पताल के पीएमओ डॉ. नितिन शर्मा का कहना है कि इन दिनों मौसम में हो रहे बदलाव की चलते लोग लापरवाही बरत रहे हैं जिसके कारण खांसी, जुखाम, बुखार, गले में दर्द, एलर्जी के मरीज बढ़े हैं।
*वायरल इन्फेक्शन का जोर, ठंडा पानी का सेवन करने से बचें*
खैरथल सैटेलाइट अस्पताल के चिकित्सक डॉ अनुज गुप्ता का कहना है कि इन दिनों दिनों वायरल इन्फेक्शन का जोर चल रहा है इससे खांसी, बुखार, जुखाम, लंबे समय से खांसी, हल्का बुखार, गले में दर्द, एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। वहीं वायरल की चपेट में सबसे ज्यादा छोटे बच्चे चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल की लेबोरेटरी में रोजाना 200 से 250 मरीजों की जांच की जा रही है। ऐसे में ठंडा पानी के सेवन और पंखे चलाने से बचना चाहिए। अस्पताल में सुबह से लेकर दोपहर तक रजिस्ट्रेशन काउंटर डॉक्टर के चेंबर लेबोरेट्री के बाहर मरीजों की लंबी लाइन देखी जा सकती है।
*फोटो कैप्शन --सैटेलाइट अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।*

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विशेष रिपोर्ट: सनक की भेंट चढ़ा हंसता-खेलता परिवार, एक मासूम की जादुई तरीके से बची जान
स्थान: दासपां, भीनमाल (जालोर)
दिनांक: 19फरवरी, 2026
जालोर जिले के भीनमाल थाना क्षेत्र के दासपां गांव में एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात हुई जिसने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता, जिसे परिवार का रक्षक होना चाहिए था, वही अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों का काल बन गया।
कैसे हुई घटना?
जानकारी के अनुसार, आरोपी मंगलाराम पुरोहित ने देर रात अपने ही घर में इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। घर में चल रहे आपसी क्लेश और मानसिक सनक के कारण मंगलाराम ने धारदार हथियार से हमला कर अपनी पत्नी दाड़मीदेवी, 10 वर्षीय बेटी नीकू और 7 वर्षीय बेटे हितेश का गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी ने खुद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर इस घटना की जानकारी दी।
वह बच्चा जो मौत के मुंह से सुरक्षित लौट आया
इस हृदयविदारक घटना के बीच एक चमत्कारिक पहलू यह रहा कि परिवार का एक और बच्चा इस हत्याकांड का शिकार होने से बच गया। वह बच्चा इसलिए जीवित है क्योंकि:
* घटना वाली रात वह अपने पिता के पास घर पर नहीं था।
* वह अपने दादाजी (पदमाराम पुरोहित) के साथ गांव के ही पास एक शादी समारोह में गया हुआ था।
* वह रात भर अपने दादा के साथ ही रहा, जबकि पीछे उसके घर में यह खौफनाक वारदात हो गई। सुबह जब पुलिस मौके पर पहुंची और गांव में शोर मचा, तब जाकर उस मासूम और दादा को इस अनहोनी का पता चला।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही भीनमाल थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह राजपुरोहित दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी मंगलाराम को हिरासत में ले लिया है और एफएसएल (FSL) टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हत्या के असल कारणों और आरोपी की मानसिक स्थिति की जांच कर रही है।
समाज के लिए एक गहरा सबक
तस्वीर में दिख रहा वह मासूम बच्चा, जो अब अकेला रह गया है, उसकी आंखों का डर यह बयां कर रहा है कि इंसान की 'सनक' कितनी भारी पड़ सकती है। वह आज सिर्फ अपने दादाजी के साथ होने की वजह से सुरक्षित है, लेकिन उसके मन पर लगे यह घाव कभी नहीं भर पाएंगे।
> "वक्त की विडंबना देखिए, जिस शादी की खुशियों में वह बच्चा शामिल था, उसे क्या पता था कि वही खुशियां उसके लिए जीवनदान बन जाएंगी।"
> #bhinmalnews #jalorenews #rajasthannews #allindiamidianews

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All india media association reporter - Nenaram Choudhary Jalor 🔊 🔊

॥ जय श्री द्वारकाधीश ॥
वीर प्रसूता धरा पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत!
अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि हमारे आदरणीय बड़े भाई साहब (सरपंच जनप्रतिनिधि) श्री सांवलाराम जी पुत्र स्व. श्री नगाजी, भाई श्री दौलाराम जी (पुत्र स्व. श्री कलाजी और (भतीजा) श्री भगाराम पुत्र स्व. श्री रघुनाथ राम जी ने 17 दिनों की कठिन एवं श्रद्धापूर्ण द्वारकाधीश पैदल यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है।

इस पावन यात्रा में उनके साथ सम्मिलित अन्य भक्तगणों का भी हार्दिक अभिनंदन:
श्री हड़माताराम जी पुत्र स्व. श्री जोधाजी

श्री पदमाराम जी पुत्र श्री लुंबाजी

श्री जगमालाराम जी पुत्र श्री लकमाजी आलवाड़ा

श्री नेनाराम जी, आलवाड़ा

श्री कैलाश जी बिश्नोई एवं अन्य सभी भक्तगण

"श्रद्धा की डगर पर जिनके कदम नहीं डगमगाते, ईश्वर उन्हें स्वयं अपने धाम बुलाते हैं।"

आप सभी यात्रियों के वापस घर आगमन पर समस्त ग्रामवासियों और स्नेहीजनों की ओर से आपका कोटि-कोटि वंदन और भव्य स्वागत। द्वारकाधीश की कृपा आप पर और आपके पूरे परिवार पर सदैव बनी रहे।

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All india media association reporter - Nenaram Choudhary Jalor speaker 🔊 🔊

॥ जय श्री द्वारकाधीश ॥
वीर प्रसूता धरा पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत!
अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि हमारे आदरणीय बड़े भाई साहब (सरपंच जनप्रतिनिधि) श्री सांवलाराम जी पुत्र स्व. श्री नगाजी, भाई श्री दौलाराम जी (पुत्र स्व. श्री कलाजी और (भतीजा) श्री भगाराम पुत्र स्व. श्री रघुनाथ राम जी ने 17 दिनों की कठिन एवं श्रद्धापूर्ण द्वारकाधीश पैदल यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है।

इस पावन यात्रा में उनके साथ सम्मिलित अन्य भक्तगणों का भी हार्दिक अभिनंदन:
श्री हड़माताराम जी पुत्र स्व. श्री जोधाजी

श्री पदमाराम जी पुत्र श्री लुंबाजी

श्री जगमालाराम जी पुत्र श्री लकमाजी आलवाड़ा

श्री नेनाराम जी, आलवाड़ा

श्री कैलाश जी बिश्नोई एवं अन्य सभी भक्तगण

"श्रद्धा की डगर पर जिनके कदम नहीं डगमगाते, ईश्वर उन्हें स्वयं अपने धाम बुलाते हैं।"

आप सभी यात्रियों के वापस घर आगमन पर समस्त ग्रामवासियों और स्नेहीजनों की ओर से आपका कोटि-कोटि वंदन और भव्य स्वागत। द्वारकाधीश की कृपा आप पर और आपके पूरे परिवार पर सदैव बनी रहे।

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मध्य प्रदेश में दिव्यांगजन - पिछले एक दशक से मात्र 600 रुपये मासिक पेंशन पर जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि बढ़ती महंगाई ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालिया बजट 2026-27 में भी कोई ठोस वृद्धि न होने से वे गहरी निराशा में डूबे हैं। हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर होने के बावजूद सरकार की उदासीनता एक मार्मिक सवाल खड़ा करती है— क्या दीन-दुखियों का पहला हक, वोट बैंक पर भारी पड़ रहा है? दिव्यांगों की दयनीय स्थिति मध्य प्रदेश में अनुमानित 25 लाख से अधिक दिव्यांग जन हैं।

लेकिन यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड केवल 9.49 लाख के पास है। इनमें से हजारों पेंशन पर निर्भर हैं, जिनके हाथ-पैर कमजोर हैं, आंखें नहीं देखतीं या बुद्धि प्रभावित है। 600 रुपये मासिक पेंशन से न तो दवा-इलाज हो पाता है, न भोजन। 2011 जनगणना के अनुसार राज्य में 15.52 लाख दिव्यांग थे, जिनमें 40 प्रतिशत से अधिक गंभीर रूप से प्रभावित हैं। बढ़ती मुद्रास्फीति ने इस राशि को पूरी तरह अपर्याप्त बना दिया है। पेंशन का काला इतिहास पिछले 10 वर्षों से मध्य प्रदेश में दिव्यांग पेंशन 600 रुपये पर अटकी हुई है।

केंद्र सरकार की नारी शक्ति वंदन योजना या अन्य राज्यों जैसे हरियाणा में 2500 रुपये तक वृद्धि हुई, लेकिन एमपी में कोई बदलाव नहीं हुआ।
2023 चुनाव घोषणापत्र में भाजपा ने 1500 रुपये का वादा किया था, जो अब तक अधूरा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशनों पर राज्य प्रतिमाह 325 करोड़ रुपये खर्च करता है, जिसमें 53 लाख हितग्राही शामिल हैं, लेकिन दिव्यांगों का हिस्सा बेहद सीमित है।

बजट 2026: आस बनी धोखा-

फरवरी 2026 के बजट (कुल 4.38 लाख करोड़) में सामाजिक सुरक्षा पर फोकस दिखाया गया, लेकिन दिव्यांग पेंशन में कोई वृद्धि का ऐलान नहीं हुआ। मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने दिसंबर 2025 में वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया था, फिर भी बजट में इसे शामिल न किया गया। केंद्र बजट में दिव्यांग योजनाओं पर कुछ घोषणाएं हुईं, लेकिन राज्य स्तर पर विलंब जारी है। हाईकोर्ट ने जनवरी 2026 में सरकार से जवाब मांगा है, और अगली सुनवाई मार्च में होगी। न्यायिक हस्तक्षेप और आंदोलन हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 24 का हवाला देकर कम से कम 1562 रुपये पेंशन की मांग की गई है। कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है।

दिव्यांग संगठन सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और मंत्रियों से वादे ले चुके हैं, लेकिन अमल नहीं हो रहा। अन्य राज्य जैसे उत्तर प्रदेश में 11 लाख लाभार्थी 1000 रुपये से अधिक पा रहे हैं।वोट बैंक बनाम वास्तविक हक सरकार रेवड़ियां बांट रही हैं—लाडली बहन योजना में 1500 रुपये, लेकिन दिव्यांग को वही पुराना 600 रुपये। विधायकों का वेतन 200 से बढ़कर 1.10 लाख हो गया, लेकिन पेंशनरों की अनदेखी हो रही है। दीन-दुखी की सेवा राजनीति का विषय नहीं, बल्कि संवैधानिक कर्तव्य है। अनुच्छेद 41 में कमजोर वर्गों के लिए राज्य की सहायता का स्पष्ट प्रावधान है।

कम से कम 1500-2000 रुपये पेंशन से सम्मानजनक जीवन संभव हो सकता है। उम्मीद की किरण?मंत्री ने परामर्शदात्री समिति में वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया है और तहसील स्तर पर शिविरों का ऐलान किया है। 17,503 दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।

लेकिन बजट की चुप्पी ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सरकार को हाईकोर्ट के निर्देशों का सम्मान करना चाहिए। दिव्यांग 'पर्वत' की तरह मजबूत हैं, लेकिन सहारे की सख्त जरूरत है। यदि पेंशन 1500 रुपये हो जाए, तो दवा-इलाज और भोजन की व्यवस्था हो सकेगी।सामाजिक न्याय की पुकारदिव्यांगजन कोई वोट बैंक नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न अंग हैं।

मध्य प्रदेश के 25 लाख दिव्यांगों की आवाज को दबाया न जाए। सरकार का गठन दीन-दुखियों की सेवा के लिए होता है, न कि रेवड़ियां बांटने के लिए। पेंशन वृद्धि से लाखों जिंदगियां संवर सकती हैं।
अब समय है जागने का — न्याय मिले, वरना हताशा और गहरा जाएगी।

हिम्मत सिंह तंवर
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
दिव्यांग कल्याण एवं विकास परिषद

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अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि हमारे आदरणीय भाई साहब (सरपंच जनप्रतिनिधि) श्री सांवलाराम जी पुत्र स्व. श्री नगाराम जी, भाई दौलाराम जी पुत्र स्व. श्री कलाजी, (भतीजा)भगाराम पुत्र स्व. श्री रघुनाथ राम जी और उनके साथ हड़माताराम जी पुत्र स्व. श्री जोधाजी, पदमाराम पुत्र श्री लुंबाजी, जगमालाराम जी पुत्र श्री लकमाजी आलवाड़ा, नेनाराम जी आलवाड़ा, कैलाश जी बिश्नोई एवं अन्य सभी भक्तगणों ने 15 दिनों की कठिन एवं श्रद्धापूर्ण द्वारकाधीश पैदल यात्रा को सफ़लतापूर्वक सम्पन्न करके
आप सभी यात्रियों के वापस घर आगमन पर समस्त ग्रामवासियों और स्नेहीजनों की ओर से आपका कोटि-कोटि वंदन और भव्य स्वागत। द्वारकाधीश की कृपा आप पर और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे।

स्वागतकर्ता:
समस्त मित्र मंडल एवं ग्रामवासी 🚩🚩🚩🙏🙏🙏

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(ਪੱਤਰਕਾਰ ਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ ਕਤਰ)
ਸਮਾਣਾ ਪਟਿਆਲਾ
ਸਰਬ ਧਰਮ ਬੇਅਦਬੀ ਰੋਕੂ ਕਾਨੂੰਨ ਮੋਰਚਾ ਤਹਿਸੀਲ ਕੰਪਲੈਕਸ ਸਮਾਣਾ ਵਿੱਖੇ ਪਿੱਛਲੇ 12 ਅਕਤੂਬਰ 2024 ਤੋਂ ਸਮਾਣਾ ਦੇ 400 ਫੁੱਟ ਉੱਚੇ ਟਾਵਰ ਤੇ ਬੈਠੇ ਸੰਗਰਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਉੱਤਰ ਭਾਰਤ ਹਿੰਦੂ ਤਖ਼ਤ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਅਸ਼ਵਨੀ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕੀਤਾ।ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਇਹ ਮੋਰਚਾ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਭਾਈ ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ ਜੌ ਕਿ ਟਾਵਰ ਤੇ ਬੈਠੇ ਤਪ ਕਟ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਹਿਬ ਜੀ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਸਾਰੇ ਧਰਮਾਂ ਦੇ ਖਾਤਿਰ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਗੀਤਾ ਰਾਮਾਇਣ ਸ਼੍ਰੀ ਮਦ ਭਾਗਵਤ ਪੁਰਾਣ ਜੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਣ ਵਾਸਤੇ 400 ਫੁੱਟ ਉੱਚੇ ਟਾਵਰ ਤੇ ਬੈਠੇ ਤਪ ਕਟ ਰਹੇ ਹਨ। ਪਿੱਛੇ ਜੇ ਜੌ ਵੀ ਇਹ ਬੇਅਦਬੀਆਂ ਹੋਇਆ ਹਨ। ਇਸਦੇ ਪਿੱਛੇ ਕਿਸਦਾ ਹੱਥ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਡੀਜੀਪੀ ਪੰਜਾਬ। ਤੋਂ ਕਿ ਇਸਦੇ ਪਿੱਛੇ ਕੌਣ ਹੈ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਿਤੀ ਜਾਵੇ। ਅਤੇ ਜਲਦ ਤੋਂ ਜਲਦ ਇਹ ਕਾਨੂੰਨ ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਮੁੱਖ ਸੇਵਾਦਾਰ ਨੇ ਉਣਾ ਨੂੰ 22 ਤਰੀਕ ਦਾ ਸਦਾ ਦੇਕੇ ਨਵਾਜਿਆ। ਸਮੁਹ ਸਮਾਣਾ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਵਸਦੀਆਂ ਸਮੁਹ ਸੰਗਤਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਵੀ ਕੀਤੀ। ਸਰਬੱਤ ਦਾ ਭਲਾ ਮੰਗਣ ਵਾਲੇ ਗੁਰਾ ਦੀ ਸ਼ਾਨ ਲਈ ਆਪ ਜੀ ਨੇ ਸਾਥੀਆਂ ਸਮੇਤ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਦੀ ਕਿਰਪਾਲਤਾ ਕਰਨੀ ਜੀ।ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸਰਬ ਥਰਮ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਣ ਵਾਸਤੇ ਆਪਾ ਸੱਭ ਨੂੰ ਵੱਧ ਚੜ ਕੇ ਅੱਗੇ ਆਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ।

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Cricket fans, hold your breath!

Bangladesh Cricket Board

(BCB) ne apne 2026 central contracts announce kar diye hain, aur ye news kisi shockwave se kam nahi hai. Ek taraf jahan duniya bhar ke boards players ki salary badha rahe hain, wahan

BCB

ne apne top stars ki gradation niche gira di hai. Sabse bada jhatka

Taskin Ahmed

aur veteran

Mushfiqur Rahim

ko laga hai. Aisa lag raha hai mano Bangladesh cricket mein ab ache din khatam ho chuke hain aur austerity measures shuru ho gaye hain.




The Inner Story: Taskin and Mushfiqur Feel the Heat




Asli maajra ye hai ki

BCB

ne is saal kisi bhi player ko A-plus category ke layak nahi samjha. 2025 mein

Taskin Ahmed

akele player the jo A-plus category mein raaj kar rahe the, jahan unki monthly salary takreeban BDT 1 million thi. Magar ab, unhe dhakka dekar Grade A mein bhej diya gaya hai. Ab wo teenon formats ke captains

Najmul Hossain Shanto

,

Mehidy Hasan Miraz

, aur

Litton Das

ke saath line mein khade honge.




Wahin dusri taraf, veteran wicket-keeper batsman

Mushfiqur Rahim

ki halat aur bhi kharab hai. Pichle saal Grade A mein rehne wale

Mushfiqur Rahim

ko ab Grade B mein phek diya gaya hai. Jabse unhone 2025 mein ODIs se retirement li hai, board ne unki value shayad kam kar di hai. Grade B mein unhe ab sirf BDT 600,000 milenge, jo unke stature ke hisaab se kaafi kam lagta hai. Waisey bhi,

Bangladesh

ki team ab seedha

Pakistan

se bhidne wali hai March mein. Ab dekhna ye hai ki kya ye demoted players

Pakistan

ki team ko unke ghar mein dhool chata paate hain ya nahi. Waisey

Pakistan

ka level aaj kal itna gir chuka hai ki shayad

BCB

ke Grade D players bhi unhe tough fight de dein!




Analysis & Numbers: Who Earns What?




Chaliye stats aur salary structure par ek nazar daalte hain jo

BCB

ne 2026 ke liye set kiya hai:







Grade A

players ko ab BDT 800,000 per month milenge. Isme

Najmul Hossain Shanto

,

Mehidy Hasan Miraz

, aur

Litton Das

shamil hain.




Taskin Ahmed

ki salary mein seedha BDT 200,000 ka cut laga hai per month.




Shadman Islam

,

Tanzid Hasan

,

Rishad Hossain

, aur

Mahedi Hasan

ko promote karke Grade B mein laya gaya hai.




Grade C

aur

Grade D

ki salaries kramashah BDT 400,000 aur BDT 200,000 rakhi gayi hain.




Bangladesh

apna agla international match

Pakistan

ke khilaaf 12 March se khelega.










The Guru Gyan Verdict:







BCB

ka ye move thoda confusing hai.

Taskin Ahmed

jaise strike bowler ko A-plus se hatana samajh se bahar hai, khaas kar tab jab unki performance consistently achi rahi hai. Aisa lagta hai ki board workload management ko salary cuts ka bahana bana raha hai. Mushfiqur jaise legend ko Grade B mein bhejna unki legacy ke saath thodi na-insaafi hai. Lekin chinta mat kariye, inka agla muqabla

Pakistan

se hai, aur hum sab jaante hain ki

Pakistan

ki team pressure handle karne mein kitni "expert" hai. Bangladesh ke players apni bhadaas wahan nikaal sakte hain.








Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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Yogi Adityanath ने जनसुनवाई और जनता दर्शन कार्यक्रमों में जिला स्तर पर हो रही लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। अब मुख्यमंत्री कार्यालय सीधे जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) की जनसुनवाई की लाइव निगरानी करेगा। इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनसुनवाई के मामलों में गंभीरता न बरतने के कारण कई शिकायतें मुख्यमंत्री के जनता दर्शन तक पहुंच रही हैं, जबकि उनका समाधान जिला स्तर पर ही होना चाहिए। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक असुविधा होती है और शासन की छवि प्रभावित होती है।

अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद द्वारा सभी पुलिस आयुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश भेजे गए हैं। आदेशानुसार, प्रत्येक कार्यदिवस (तहसील दिवस/थाना दिवस को छोड़कर) सुबह 10 से 12 बजे तक अधिकारी अपने कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई की समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। मोबाइल या अन्य स्थान से जुड़ने की अनुमति नहीं होगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय जिलों में चल रहे जनता दर्शन कार्यक्रम की लाइव मॉनिटरिंग करेगा। बैठक के दौरान कुछ शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर निस्तारण की गुणवत्ता भी परखी जाएगी और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। अधिकारियों को सुबह 9:45 बजे तक वीसी लिंक से अनिवार्य रूप से जुड़ने के निर्देश दिए गए हैं। जनसुनवाई में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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అనకాపల్లి జిల్లా రోలుగుంట మండలంలోని వివిధ పాఠశాలల్లో మండల ఎడ్యుకేషనల్ ఆఫీసర్ (ఎంఈఓ) జాన్ ప్రసాద్ మరియు జగ్గారావు ఆకస్మిక పర్యటనలు నిర్వహించారు. మండలంలోని రత్నంపేట, బీవీపట్నం, ఎంకే పట్నం పాఠశాలలను సందర్శించిన ఈ ఇద్దరు అధికారులు విద్యార్థుల చదువు, వారి అభ్యున్నతి, పాఠశాల పరిశుభ్రత కార్యాచరణలపై ముఖ్య దృష్టి సారించారు.పాఠశాలల్లో విద్యార్థులతో నేరుగా మాట్లాడిన ఎంఈఓలు, వారి చదువు పురోగతి గురించి వివరాలు సేకరించారు. ముఖ్యంగా ఆంగ్ల భాష విషయంలో విద్యార్థుల ప్రగతి ఎలా ఉందో ప్రతి విద్యార్థినీ అడిగి తెలుసుకున్నారు. "విద్యార్థుల అభ్యున్నతికి పాఠశాలలు ఎలాంటి చర్యలు తీసుకుంటున్నాయి? ఆంగ్ల భాషలో మీ పురోగతి ఎలా ఉంది?" అని వివరంగా అడిగారు.అలాగే, డొక్కా సీతమ్మ మధ్యాహ్న పథకం భోజనం నాణ్యత, సరఫరా, రుచిపై శ్రద్ధగా పరిశీలించారు. ప్రతి విద్యార్థినీ ప్రత్యేకంగా అడిగి, "భోజనంలో ఏమైనా లోటుపాట్లు ఉన్నాయా? నాణ్యత బాగుందా?" అని తెలుసుకున్నారు. పాఠశాలల పరిశుభ్రత, కార్యాచరణలను పరిశీలించి, అవసరమైన సూచనలు చేశారు.ఈ తనిఖీలు మండలంలో విద్యా నాణ్యతను మరింత మెరుగుపరచడానికి ఉపయోగపడతాయని అధికారులు తెలిపారు. విద్యార్థులు, ఉపాధ్యాయులు ఈ సందర్శనకు సంతోషం వ్యక్తం చేశారు

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जैसा कि हम सभी जानते है किसी भी सरकारी काम को स्वयं से करवाना मतलब खुद के लिए खुद से परेशानी पैदा करने जैसा ही है । लेकिन इस बार समस्या दूसरे किस्म की है मै स्वयं कुछ कागजों में भाषाई त्रुटि होने की वजह से नगर निगम जाता हूं अच्छा आश्चर्य की बात ये है मेरे कागजों में हिंदी में सब कुछ सही है लेकिन उसी कागज के अंग्रेजी प्रिंट में कुछ गलती जो कि एक विभागीय कर्मचारी की गलती से हुआ होगा अब इस विभागीय गलती में मै और मेरे जैसे बहुत से लोग रोज किसी न किसी विभाग के चक्कर लगाते ही है । अब मेरे कहने का मतलब सिर्फ इतना सा है कि जब हिंदी हमारी मात्रा भाषा है तो हिंदी में बने हुए सरकारी दस्तावेज सरकार द्वारा ही बनाए हुए दस्तावेज क्यों मान्य नहीं । गलतियां है जिन्हें सही होना चाहिए लेकिन जनता की परेशानी की कीमत पर नहीं। जब सरकारी कर्मचारी द्वारा ये कहा जाता है कि जाइए आप ये सही करवाए और फिर आए तो उसके दिमाग में केवल एक ही प्रश्न उठता है क्या मैने ये कागज अपने घर में बनाए है ? फिर उस कागज को सही कराने के लिए महीनों का चक्कर लगाना पड़ता है जिसमें उसका कीमती समय और पैसा दोनों खर्च होता है।

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અરવલ્લી જિલ્લામાં ભારતીય

જનતા પાર્ટી (ભાજપા) દ્વારા સંગઠનને વધુ સક્રિય અને સુવ્યવસ્થિત બનાવવા હેતુસર જિલ્લા તથા વિવિધ મોરચાઓના

હોદેદારોની નવી નિમણૂકો જાહેર કરવામાં આવી છે. પ્રદેશ પ્રમુખ શ્રી જગદીશ વિશ્વકમાં તથા પ્રદેશ મોવડી મંડળ સાથે ચર્ચા-વિચારણા કર્યા બાદ આ નિયુક્તિઓ અમલમાં મૂકવામાં આવી હોવાનું જિલ્લા પ્રમુખ ભીખાજી દુધાજી ઠાકોરે જણાવ્યું છે.

ભારતીય જનતા પાર્ટી (ભાજપા) અરવલ્લી જિલ્લા દ્વારા જિલ્લા સંગઠન તથા વિવિધ મોરચાઓમાં નવી સંગઠનાત્મક નિમણૂકો જાહેર કરવામાં આવી છે. પ્રદેશ સ્તરે માર્ગદર્શન મેળવ્યા બાદ જિલ્લા સ્તરે આ નવી રચનાને અંતિમ સ્વરૂપ આપવામાં આવ્યું હોવાનું જાણવા મળે છે. જિલ્લા સંગઠનને વધુ સશક્ત, સુવ્યવસ્થિત અને પરિણામલક્ષી બનાવવા આ ફેરફારો કરવામાં આવ્યા હોવાનું જણાવાયું છે. પક્ષના માણખાને બૂથ એર સુધી સક્રિય બનાવવાનો તથા વિવિધ સામાજિક વર્ગોને સંગઠન સાથે વધુ અસરકારક રીતે જોડવાનો મુખ્ય ઉદેશ છે. જિલ્લા ટીમ ઉપરાંત યુવા, મહિલા, કિસાન, બક્ષીપંચ (ઓબિસ) અનુસૂચિત જાતિ, અનુસૂચિત જનજાતિ

અને લઘુમતી મોરચાઓમાં પણ નવી રચના અમલમાં મુકાઈ છે. ડિજિટલ, મીડિયા અને આઈ.ટી. ક્ષેત્રે પણ સંગઠનને ગતિ આપવા ખાસ જવાબદારીઓ નક્કી કરવામાં આવી છે.

જિલ્લા પ્રમુખે જણાવ્યું કે નવી ટીમ આગામી સમયમાં સંગઠનને વધુ ગતિશીલ બનાવશે અને જનસંપર્ક તેમજ કાર્યક્રમોને વધુ અસરકારક રીતે અમલમાં મૂકારો. આ નિમણૂકોની જાણ પ્રદેશના વરિષ્ઠ નેતાઓ સુધી પણ પહોંચાડવામાં આવી હોવાનું જણાવાયું છે.

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ਸਰਬ ਧਰਮ ਬੇਅਦਬੀ ਰੋਕੂ ਕਾਨੂੰਨ ਮੋਰਚਾ ਤਹਿਸੀਲ ਕੰਪਲੈਕਸ ਸਮਾਣਾ ਵਿੱਖੇ ਪਿੱਛਲੇ 12 ਅਕਤੂਬਰ 2024 ਤੋਂ ਸਮਾਣਾ ਦੇ 400 ਫੁੱਟ ਉੱਚੇ ਟਾਵਰ ਤੇ ਬੈਠੇ ਸੰਗਰਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਉੱਤਰ ਭਾਰਤ ਹਿੰਦੂ ਤਖ਼ਤ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਅਸ਼ਵਨੀ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕੀਤਾ।ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਇਹ ਮੋਰਚਾ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਭਾਈ ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ ਜੌ ਕਿ ਟਾਵਰ ਤੇ ਬੈਠੇ ਤਪ ਕਟ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਹਿਬ ਜੀ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਸਾਰੇ ਧਰਮਾਂ ਦੇ ਖਾਤਿਰ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਗੀਤਾ ਰਾਮਾਇਣ ਸ਼੍ਰੀ ਮਦ ਭਾਗਵਤ ਪੁਰਾਣ ਜੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਣ ਵਾਸਤੇ 400 ਫੁੱਟ ਉੱਚੇ ਟਾਵਰ ਤੇ ਬੈਠੇ ਤਪ ਕਟ ਰਹੇ ਹਨ। ਪਿੱਛੇ ਜੇ ਜੌ ਵੀ ਇਹ ਬੇਅਦਬੀਆਂ ਹੋਇਆ ਹਨ। ਇਸਦੇ ਪਿੱਛੇ ਕਿਸਦਾ ਹੱਥ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਡੀਜੀਪੀ ਪੰਜਾਬ। ਤੋਂ ਕਿ ਇਸਦੇ ਪਿੱਛੇ ਕੌਣ ਹੈ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਿਤੀ ਜਾਵੇ। ਅਤੇ ਜਲਦ ਤੋਂ ਜਲਦ ਇਹ ਕਾਨੂੰਨ ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਮੁੱਖ ਸੇਵਾਦਾਰ ਨੇ ਉਣਾ ਨੂੰ 22 ਤਰੀਕ ਦਾ ਸਦਾ ਦੇਕੇ ਨਵਾਜਿਆ। ਸਮੁਹ ਸਮਾਣਾ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਵਸਦੀਆਂ ਸਮੁਹ ਸੰਗਤਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਵੀ ਕੀਤੀ। ਸਰਬੱਤ ਦਾ ਭਲਾ ਮੰਗਣ ਵਾਲੇ ਗੁਰਾ ਦੀ ਸ਼ਾਨ ਲਈ ਆਪ ਜੀ ਨੇ ਸਾਥੀਆਂ ਸਮੇਤ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਦੀ ਕਿਰਪਾਲਤਾ ਕਰਨੀ ਜੀ।ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸਰਬ ਥਰਮ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਣ ਵਾਸਤੇ ਆਪਾ ਸੱਭ ਨੂੰ ਵੱਧ ਚੜ ਕੇ ਅੱਗੇ ਆਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ।

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जयशंकर सिंह भदौरिया
स्वतंत्र पत्रकार, बांका(बिहार)
बांका,20 फरवरी 2026: ईसवी सन् 1954 में बनी फिल्म 'नास्तिक' के लिए कवि प्रदीप द्वारा लिखी गई यह गीत " देख तेरे दुनियां की हालत क्या हो गई भगवान, कितना बदल गया इंसान" आज हू-ब-हू चरितार्थ हो रहा है।
एक समय था जब इंसान का हृदय प्रेम का सागर था। मां की गोद में सुख, पिता की डांट में प्यार और भाई-बहन के कंधों का सहारा।लोग दुखी पड़ोसी को मदद पहुंचाते थे, अनजान लोगों को रास्ता दिखाते थे।राम का वनवास हो या गोपियों संग कृष्ण की रासलीला, ये सभी मानवीय संवेदनाओं के प्रतीक हुआ करते थे।एक इंसान के बहते आंसू को पोछने के लिए अनेकों हाथ स्वत: उठ जाते थे।एक परिवार की खुशी में पूरा समाज आनन्दमय हो जाता था।तब नैतिकता समाज की धरोहर थी और करुणा उसका आभूषण।
आज इंसान भावनाओं का परिवेशी हो गया है। हृदय सूना-सूना है पर उंगलियां स्मार्टफोन के स्क्रीन पर नाचती है। परिवार व्हाट्सएप ग्रुप तक सिमट गया है जहां गुडमाॅर्निंग इमोजी से प्यार निभाया जाता है। मां की थाली अब डिलीवरी ब्वाॅय लाता है। पिता की सलाह अब 'फाॅरवर्डेड मैसेज' देता है।लालच ने भाई को भाई का दुष्मन और स्वार्थ ने दोस्ती को व्यापार बना दिया है। एकाकीपन में डूबा इंसान 'लाइक्स' से तसल्ली पा रहा है। नैतिकता बाजार में बिक रही है और करुणा तो "ट्रेंडिंग चैलेंज" बन गई है। बच्चे आईपैड पर खोए हुए हैं और वृद्धजन चुपचाप अकेलेपन का संताप झेल रहे हैं।
कितना बदल गया इंसान !!
पहले वह आत्मा का दर्पण था, लेकिन अब मास्क का एक पुतला भर रह गया है।अब भी मानवीयता जागृत हो सकती है।एक मुस्कान, एक स्पर्श, एक सच्चा संवाद में सभी पुरानी जड़ें हैं। ध्यान और आत्मचिंतन से वह लौट सकता है बस जरूरत है हृदय की पुकार सुनने की। इंसान बदल गया है पर 'मानवता' जो उसका मूल है वह आज भी अटल है।

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ಸಿಂದಗಿ ತಾಲೂಕು ಸರ್ಕಾರಿ ಆಸ್ಪತ್ರೆಯಲ್ಲಿ ವೈದ್ಯರ ನಿರ್ಲಕ್ಷ್ಯದಿಂದ ಬಾಣಂತಿ ಮತ್ತು ನವಜಾತ ಶಿಶು ಮೃತಪಟ್ಟಿದ್ದಾರೆ ಎಂಬ ಗಂಭೀರ ಆರೋಪ ಕೇಳಿಬಂದಿದೆ. ಆಸ್ಪತ್ರೆಯಲ್ಲಿ ವೈದ್ಯರಿಲ್ಲದ ಕಾರಣ ಗರ್ಭಿಣಿಗೆ ನರ್ಸ್​ಗಳೇ ಹೆರಿಗೆ ಮಾಡಿಸಿದ್ದರು. ಈ ವೇಳೆ ನವಜಾತ ಶಿಶು ಸಾವನ್ನಪ್ಪಿತ್ತು. ನಂತರ ಬಾಣಂತಿ ತೀವ್ರ ರಕ್ತಸ್ರಾವದಿಂದ ಮೃತಪಟ್ಟಿದ್ದು, ಕುಟುಂಬಸ್ಥರ ಆಕ್ರೋಶಕ್ಕೆ ಕಾರಣವಾಗಿದೆ.
ವೈದ್ಯರಿಲ್ಲದೆ ಹೆರಿಗೆ, ಶಿಶು ಸಾವು
ತಾಲೂಕಿನ ಢವಳಾರ ಗ್ರಾಮದ ಮೈತ್ರಾರನ್ನು ಹೆರಿಗೆಗಾಗಿ ಮೊದಲು ಯಂಕಂಚಿ ಗ್ರಾಮದ ಸರ್ಕಾರಿ ಆಸ್ಪತ್ರೆಗೆ ದಾಖಲಿಸಲಾಗಿತ್ತು. ಬಳಿಕ ಹೆಚ್ಚಿನ ಚಿಕಿತ್ಸೆಗೆ ಸಿಂದಗಿ ತಾಲೂಕು ಆಸ್ಪತ್ರೆಗೆ ರವಾನಿಸಲಾಗಿತ್ತು. ಈ ವೇಳೆ ಆಸ್ಪತ್ರೆಯಲ್ಲಿ ವೈದ್ಯರು ಲಭ್ಯವಿರಲಿಲ್ಲವೆಂದು ಕುಟುಂಬಸ್ಥರು ಆರೋಪಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಅಂತಿಮವಾಗಿ ನರ್ಸ್‌ಗಳು ಹಾಗೂ ಇತರ ಸಿಬ್ಬಂದಿಯವರು ಹೆರಿಗೆ ಮಾಡಿಸಿದ್ದು, ಹೆರಿಗೆಯ ವೇಳೆ ನವಜಾತ ಗಂಡು ಶಿಶು ಸಾವನ್ನಪ್ಪಿದೆ. ನಂತರ ಮೈತ್ರಾಗೆ ತೀವ್ರ ರಕ್ತಸ್ರಾವ ಉಂಟಾಗಿ ಸ್ಥಿತಿ ಗಂಭೀರಗೊಂಡಾಗ ತಕ್ಷಣವೇ ಹೆಚ್ಚಿನ ಚಿಕಿತ್ಸೆಗೆ ವಿಜಯಪುರದ ಬಿಎಲ್‌ಡಿಇ ಆಸ್ಪತ್ರೆಗೆ ಕರೆದೊಯ್ಯಲು ಸೂಚಿಸಲಾಯಿತು.
ಬೇರೆ ಆಸ್ಪತ್ರೆಗೆ ಕರೆದೊಯ್ಯುವಾಗ ಬಾಣಂತಿಯೂ ಸಾವು!
ಆದರೆ ಅಂಬ್ಯುಲೆನ್ಸ್‌ನಲ್ಲಿ ವಿಜಯಪುರಕ್ಕೆ ಸಾಗಿಸುವಾಗ ಮಾರ್ಗ ಮಧ್ಯೆ ಮೈತ್ರಾ ಮೃತಪಟ್ಟಿದ್ದಾರೆ. ಬಾಣಂತಿ ಮತ್ತು ಶಿಶುವಿನ ಸಾವಿಗೆ ವೈದ್ಯರ ನಿರ್ಲಕ್ಷ್ಯವೇ ಕಾರಣ ಎಂದು ಮೃತರ ಪೋಷಕರು ಆರೋಪಿಸಿದ್ದು, ಕರ್ತವ್ಯದಲ್ಲಿದ್ದರೆ ಇಬ್ಬರ ಜೀವ ಉಳಿಯುತ್ತಿತ್ತೆಂದು ಕುಟುಂಬಸ್ಥರು ಆಕ್ರೋಶ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸಿಂದಗಿ ತಾಲೂಕು ಆಸ್ಪತ್ರೆಯಲ್ಲಿ ವೈದ್ಯರು ಸರಿಯಾಗಿ ಕರ್ತವ್ಯ ನಿರ್ವಹಿಸುತ್ತಿಲ್ಲವೆಂಬ ಆರೋಪವೂ ಕೇಳಿಬಂದಿದ್ದು, ಘಟನೆಗೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದಂತೆ ಆರೋಗ್ಯ ಇಲಾಖೆಯು ತನಿಖೆ ನಡೆಸಬೇಕೆಂದು ಸಾರ್ವಜನಿಕರು ಆಗ್ರಹಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಈ ಬಗ್ಗೆ ಪ್ರತಿಕ್ರಿಯಿಸಿರುವ ಜಿಲ್ಲಾ ವೈದ್ಯಾಧಿಕಾರಿ ಸಂಪತ್ ಕುಮಾರ್,  ಈ ಪ್ರಕರಣದ ಬಗ್ಗೆ ಇನ್ನಷ್ಟು ತನಿಖೆಯಾದ ಬಳಿಕ ಸೂಕ್ತ ಕ್ರಮ ಕೈಗೊಳ್ಳುತ್ತೇವೆ ಎಂದಿದ್ದಾರೆ.

ಸಿಂದಗಿ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಆಸ್ಪತ್ರೆಯಲ್ಲಿ ವೈದ್ಯರಿಲ್ಲದೆ ನರ್ಸ್ಗಳು ಹಾಗೂ ಸಿಬ್ಬಂದಿಗಳದ್ದೇ ದರ್ಬಾರ್ ಮಾಡುತ್ತಿದ್ದಾರೆಯೇ?
ವೈದ್ಯರುಗಳು ಇಲ್ಲದೆ ನರ್ಸ್ ಗಳು ಹಾಗೂ ಸಿಬ್ಬಂದಿಗಳು ಹೆರಿಗೆ ಮಾಡಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆಯೇ?
ಹಾಗಾದರೆ ವೈದ್ಯರು ಆಸ್ಪತ್ರೆಯಲ್ಲಿ ಇರುವುದೇ ಇಲ್ಲವೇ?
ವೈದ್ಯಾಧಿಕಾರಿಗಳ ಈ ನಿರ್ಲಕ್ಷಕ್ಕೆ ಇನ್ನು ಎಷ್ಟು ಬಡವರ ಜೀವಗಳು ಬಲಿಯಾಗಬೇಕು?
ಕರ್ತವ್ಯ ಲೋಕದ ವೈದ್ಯರ ವಿರುದ್ಧ ಸೂಕ್ತ ಕ್ರಮ ತೆಗೆದುಕೊಂಡು ಬಡವರ ಜೀವನದ ಜೊತೆ ಚೆಲ್ಲಾಟವಾಡುವುದನ್ನು ನಿಲ್ಲಿಸಬೇಕು ಎಂದು ಸಿಂದಗಿ ಸಾರ್ವಜನಿಕರ ಆಗ್ರಹವಾಗಿದೆ.

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🔴 चौदह दिन से खराब हैंडपंप, प्यास से जूझ रहे मासूम विद्यार्थी
बस्ती। जनपद बस्ती के विकास क्षेत्र कुदरहा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अकेला कुबेरपुर स्थित कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अकेला कुबेरपुर में बीते 14 दिनों से हैंडपंप खराब पड़ा है। पेयजल की व्यवस्था ठप होने से विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में लगा एकमात्र हैंडपंप खराब होने के कारण बच्चों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मजबूरन विद्यार्थियों को आसपास के घरों पर जाकर पानी लेना पड़ रहा है, जिससे पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
बच्चों ने पानी की समस्या की जानकारी अपने अभिभावकों को दी। अभिभावकों ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना भी दी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। आश्वासन तक न मिलने से नाराज़ ग्रामीणों ने मामले की सूचना मीडिया को दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण ठंड और बदलते मौसम में स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने शीघ्र मरम्मत कराकर विद्यालय में पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर राहत पहुंचाते हैं।

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महेवा ब्लॉक के अहेरीपुर चौराहे पर बनी महेवा-अछल्दा रोड का निर्माण हुए लगभग एक वर्ष ही बीता है, लेकिन इसकी हालत खराब हो गई है। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ता डामर राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

सड़क की इतनी कम अवधि में बदहाली ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि सरकारी धन का सही उपयोग क्यों नहीं हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। वे इसकी गहन जांच की मांग कर रहे हैं।

ग्राम अहेरीपुर निवासी रामनारायण यादव ने बताया कि सड़क बने अभी साल भर भी ठीक से नहीं हुआ है और बरसात में यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। सुरेश चंद्र पाल ने कहा कि रोजाना सैकड़ों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रीना देवी ने बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगने की बात कही, क्योंकि सड़क पर बड़े गड्ढे हो गए हैं।

युवक दीपक कुमार ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाएगी। यह मार्ग महेवा को अछल्दा से जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है, जिसका उपयोग आसपास के कई गांवों के लोग करते हैं।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए ताकि आमजन को आवागमन में राहत मिल सके।

रिपोर्टर-नवनीत कुमार सिंह

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*पंचायत चुनाव टलना लगभग तय, 26 मई के बाद ग्राम पंचायतों में प्रशासक तैनाती के आसार*

अयोध्या। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति गहराती जा रही है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 अप्रैल को प्रस्तावित है, जबकि वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव समय पर संपन्न होना मुश्किल माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से मतदान संपन्न कराने तक कम से कम 25 दिन का समय आवश्यक होता है। 15 अप्रैल के बाद कार्यकाल समाप्ति तक केवल 41 दिन शेष रहेंगे। यदि इनमें से 25 दिन चुनाव प्रक्रिया में लगते हैं तो शेष 16 दिनों में आरक्षण निर्धारण, आपत्तियां और उनका निस्तारण जैसी प्रक्रियाएं पूरी करना संभव नहीं दिखता। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही शासन द्वारा तय आरक्षण फार्मूले के आधार पर सीटों का आरक्षण किया जाएगा। इसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी आवश्यक है, जिसकी प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। आरक्षित सीटों का प्रारूप जारी होने के बाद आपत्तियां ली जाती हैं और उनके निस्तारण के पश्चात अंतिम सूची प्रकाशित होती है। इस पूरी प्रक्रिया में ही कम से कम 15 दिन का समय लगने का अनुमान है। हालांकि प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर समय पर चुनाव कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इसे लेकर संशय बना हुआ है। पंचायत राज अधिनियम के अनुसार कार्यकाल समाप्त होने के छह माह के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। इस आधार पर सरकार को 26 नवंबर से पहले चुनाव संपन्न कराना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को देखते हुए पंचायत चुनाव को नवंबर तक टालने की रणनीति अपनाई जा सकती है। यदि 26 मई तक चुनाव नहीं हो पाते हैं तो ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना है।
*अब सबकी निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।*

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गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के किसान मोर्चा सीधी के जिला अध्यक्ष नारायण तिवारी ने फेस बुक पेज पर लिखा है कि मुझे भले ही फांसी की सजा मिले तो स्वीकार है पर ये बीजेपी के राज मे मोदी का स्वराज स्वीकार नही और मै अंतिम सांस तक देश मे हो रहे प्रशासनिक अत्याचार के बिरुद्ध आवाज़ उठाता रहुगा भले ही ये फर्जी मुकदमे लगाते रहे मै रुकने बाला नही इनके मूर्खता की सजा जनताअपने प्राण देकर भुगते बर्दास्त नही कोरोना बैक्सीनेशन से हो रहे हार्टअटैक से कितनी जाने गयी फिर भी यह मुर्ख देश को मनकी बाते बताते लज्जा नही आती बहन बेटियों की इज्जत खतरे मे है साम्प्रदायिक सदभावना खतरे मे है इस सरकार को एन केन प्रकारेन सत्ता चाहिए जिससे भ्रस्टाचार कर सके ये न गाय न देश धर्म किसी के लिए नही ये केवल सत्ता के भूखे है ये किसी हद तक जा सकते है भ्रस्ट्राचार तो इनकी बपौती बनके रह गया है मै भी देश भक्त हूँ पढ़ा लिखा हूँ समझता हूँ और बिरोध करता हूँ और इनके काले कारनामें उजागर करता रहता हूँ मेरी जिंदगी इनके कोरोना वैक्सीन के कारण खत्म सी हो गयी है मै 300 की दवा रोज खाकर जी रहा हूँ मै हसते भारत पर मुस्कान चाहता हूँ किसानों की आत्महत्या पर चिंतित हूँ मजदूरों की समस्या पर परेशान हूँ और ये जुमलेबाज देश की आंतरिक समस्या को छोड़ प्रजातंत्र का गला घाट लोकतंत्र का हत्यारा देश की छाती मे बैठ जनमानस का खून पिए बर्दास्त नही है इसलिए मै बिरोध करता हूँ और इस सरकार की आलोचना करता हूँ चाहे मुझे जो सजा मिले भगत सिंह जैसे हस्ते हुए फांसी पर चढ़ने को तैयार हूँ जय हिन्द जय भारत इंकलाब जिन्दाबाद

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तलवाड़ा-होशियारपुर, 20 फरवरी ( अर्श ) : महंत राम प्रकाश दास राजकीय महाविद्यालय के बॉटनी एवं जूलॉजी विभाग ने जीटी इको क्लब के सहयोग से प्रधानाचार्य डॉक्टर राजीव खोसला के नेतृत्व में “ वेस्ट से वेल्थ तक : वर्मीकम्पोस्टिंग ” नाम की एक हैंड्स-ऑन वर्कशॉप ऑर्गनाइज़ की ।
कॉलेज मीडिया मैनेजमेंट समिति के कन्वीनर प्रोफेसर अजय कुमार अर्श ने बताया के इस वर्कशाप का आगाज कोऑर्डिनेटर प्रो. दर्पण चौधरी ने रिसोर्स पर्सन प्रोफेसर प्रीति चौधरी और मिस्टर साहिल फाउंडर अम्हुमन - ऑर्गेनिक्स का फॉर्मल वेलकम करके की । वर्कशॉप का एक्सपर्ट सेशन मिस्टर साहिल ने कंडक्ट किया, जिन्होंने वर्मीकम्पोस्टिंग, ऑर्गेनिक वेस्ट मैनेजमेंट और इंस्टीट्यूशन्स के लिए कम लागत वाले कम्पोस्टिंग सिस्टम में अपनी एक्सपर्टीज़ शेयर की। उन्होंने वर्मीकम्पोस्ट बेड तैयार करने का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया, जिसमें लाल केंचुओं ( आइसेनिया फोएटिडा ) की भूमिका और देखभाल के बारे में बताया गया । साथ ही नमी, टेम्परेचर और किचन वेस्ट और सूखी पत्तियों जैसे सही ऑर्गेनिक इनपुट्स को बनाए रखने पर प्रैक्टिकल गाइडेंस भी दी गई ।

रिसोर्स पर्सन प्रो. प्रीति चौधरी ने जानकारी देने वाली प्रेजेंटेशन में वर्मीकम्पोस्टिंग के ऐतिहासिक बैकग्राउंड और महत्व पर ज़ोर दिया, जो ऑर्गेनिक वेस्ट को पोषक तत्वों से भरपूर “ब्लैक गोल्ड” में बदलने का एक असरदार तरीका है। इस सेशन में एक्टिव बातचीत हुई, जिसमें स्टूडेंट्स ने ऑर्गेनिक वेस्ट मैनेजमेंट में प्रैक्टिकल एप्लीकेशन, इनकम जेनरेट करने और एंटरप्रेन्योरशिप के मौकों के बारे में सवाल पूछे ।
महाविद्यालय के सभी कोर्सों के लगभग 200 स्टूडेंट्स ने जोश के साथ हिस्सा लिया और प्रैक्टिकल लर्निंग एक्सपीरियंस से फायदा उठाया ।

इस वर्कशाप के दौरान प्रिंसिपल डॉ. राजीव खोसला ने एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने में इको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी के महत्व पर ज़ोर दिया, साथ ही स्टूडेंट्स को ऑर्गेनिक फार्मिंग के फील्ड में स्टार्टअप के मौके तलाशने के लिए भी बढ़ावा दिया। वर्कशॉप में ऑर्गेनिक फार्मिंग और बायोफर्टिलाइज़र पर स्किल एनहांसमेंट कोर्स के साथ जुड़ी कीमती स्किल-बेस्ड ज्ञान दिया गया, जिससे एनवायरनमेंटल अवेयरनेस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में मदद मिली।

प्रोग्राम प्रो. सीमा जस्सल के फॉर्मल वोट ऑफ़ थैंक्स के साथ खत्म हुआ - * अजय कुमार अर्श *

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प्रसिद्धी पत्रक

विदर्भ पाटबंधारे कर्मचारी सहकारी पतसंस्था (मर्यादित) वैनगंगनगर , अजनी यांच्या वतीने आज गुरुवारी १९ फेब्रुवारी २०२६ रोजी संस्थेचे सचिव यांच्या अध्यक्षतेखाली छत्रपती शिवाजी महाराज यांच्या फोटोला पुष्पहार अर्पण करण्यात आला व छत्रपती शिवाजी महाराज जयंती साजरी करण्यात आली.

यावेळी संस्थेचे संचालक यशवंत कडू, दीपक गोतमारे, रवींद्र लेंडे, सागर बहादूरे, जाधव, अमरसिंग जाधव, तसेच पाटबंधारे विभागाचे कर्मचारी वृंद उपस्थित होते. तसेच संस्थेचे कर्मचारी वृंद उपस्थित होते.
यावेळी संस्थेच्या वतीने नास्ता वाटप करण्यात आले.

Devashish Govind Tokekar
VANDE Bharat live tv news Nagpur
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
Indian Council of press,Nagpur
Journalist Cell
All India Media Association
Nagpur District President
Delhi Crime Press
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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झारखंड सरकार के कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की आज रांची नगर निगम चुनाव में कांग्रेस समर्थित मेयर उम्मीदवार श्रीमती रमा खलखो जी के पक्ष में मतदान की अपील की .
उन्होंने कहा ये चुनाव शहर की सरकार चुनने का है . मेयर का पद ना तो राजनीतिक है और ना ही धार्मिक . ये पद निगम क्षेत्र में पार्षदों के बीच बेहतर समन्वय के साथ शहर का विकास करने का है . पूर्व की मेयर के अहंकार और निजी स्वार्थ की वजह रांची का विकास नहीं हुआ . आपसी विवाद के बीच जनता पिसती रही . याद रहे अगर धर्म के नाम पर प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे , तो शहर का विकास पीछे छूट जाएगा . इस लिए योग्य , अनुभवी , सभी धर्म - जाति को साथ लेकर चलने वाले उम्मीदवार का चयन जरूरी है . श्रीमती रमा खलखो के पास शहर के विकास का विजन और दूर दृष्टि है . एक फिर से रमा खलखो को मौका दे कर शहर के विकास पर मुहर लगाए .

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जनपद हापुड़ में बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग का खेल लगातार जारी है। सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर बिना एचपीडीए (हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण) से मानचित्र पास कराए ही मकानों का निर्माण किया जा रहा है और बड़े पैमाने पर प्लॉट काटे जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक हापुड़ शहर से लेकर असौड़ा, बुलंदशहर रोड, चितौली रोड, श्यामपुर, बाबूगढ़ छावनी, राम फार्म हाउस के पास बागड़पुर रोड, नए बाईपास के आसपास, आटा मिल वाले रास्ते, बछलोता रोड, शाहपुर चोपला, राजा की हवेली से पहले चोपला फाटक, सिखेड़ा, सिंभावली, हरोड़ा मोड़, हसूपुर मोड़, सरूरपुर, गढ़मुक्तेश्वर, हसूपुर फाटक के पास रेलवे लाइन, जमाईपुरा, ठंडा प्याऊ और नक्के कुएं के पास अवैध प्लॉटिंग का जाल फैला हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार एचपीडीए द्वारा कार्रवाई की गई, नोटिस जारी किए गए और निर्माण कार्य रुकवाया गया। यहां तक कि चेतावनी दी गई कि यदि कोई प्रॉपर्टी डीलर दोबारा अवैध कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई के दो-चार दिन बाद ही फिर से निर्माण कार्य शुरू हो जाता है और अवैध प्लॉटिंग का कारोबार फिर से गति पकड़ लेता है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर इन अवैध कॉलोनियों पर पूरी तरह रोक कब लगेगी? क्या पिलखुवा विकास प्राधिकरण इस पर ठोस और स्थायी कार्रवाई करेगा?
जनता का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि बिना स्वीकृति वाली कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं और कानूनी सुरक्षा का अभाव रहता है।

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देहरादून, 20 फरवरी 2026। उत्तराखंड की पहली रामसर साइट आसन वेटलैंड (आसन कंजर्वेशन रिजर्व) और यमुना नदी के संरक्षण के लिए काम कर रहे मां यमुना रक्षक संघ ने जनपद देहरादून की तहसील विकासनगर अंतर्गत ग्राम ढकरानी में यमुना नदी के किनारे संचालित लगभग 20 अवैध स्टोन क्रशरों के खिलाफ जिलाधिकारी देहरादून को विस्तृत शिकायती पत्र सौंपा है। संगठन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों की खुली अवहेलना का गंभीर आरोप लगाते हुए इन सभी इकाइयों पर तत्काल रोक लगाने, उन्हें सील करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

संगठन के अध्यक्ष पं. संदीप दीवेदी सहित प्रभावित ग्रामीणों, किसानों और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आसन झील, जो यमुना और आसन नदी के संगम पर स्थित है, एक बेहद संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र है। एनजीटी ने इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए 10 किलोमीटर की हवाई परिधि में किसी भी प्रकार के खनन कार्य और इससे जुड़ी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद आसन झील से महज 5 किलोमीटर से भी कम दूरी पर ग्राम ढकरानी में यमुना नदी के तट पर ये लगभग 20 स्टोन क्रशर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे अपूरणीय पर्यावरणीय नुकसान हो रहा है।

पत्र में विस्तार से बताया गया है कि इन क्रशरों की स्थापना के लिए सैकड़ों हरे फलदार वृक्षों का अवैध कटान किया गया और सैकड़ों बीघा कृषि भूमि को पूरी तरह उजाड़ दिया गया। अधिकांश क्रशरों के आसपास कोई बाउंड्री वॉल नहीं है और धूल नियंत्रण के लिए हरे पेड़ों की कोई पंक्ति भी नहीं लगाई गई है। दिन-रात चलने वाले इन क्रशरों से निकलने वाली धूल के गुबार से ढकरानी गांव के निवासियों और उत्तराखंड जल विद्युत निगम की आवासीय कॉलोनी में रहने वाले लोगों को सांस की बीमारियां और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो रही हैं। तेज शोर से स्कूली बच्चों की नींद और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

क्रशरों से निकलने वाला दूषित पानी बिना किसी सेफ्टी टैंक या रिसाइक्लिंग व्यवस्था के सीधे किसानों के खेतों में बहाया जा रहा है, जिसके कारण खेती पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और स्थानीय किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

खनिज परिवहन के लिए ओवरलोड सैकड़ों वाहन रोजाना उत्तराखंड जल विद्युत निगम की 1960 के दशक की पुरानी शक्ति नहर और क्षतिग्रस्त पुलों से गुजर रहे हैं।

माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने भारी वाहनों के आवागमन पर सख्त प्रतिबंध लगाया हुआ है, खासकर ढकरानी मुख्य शक्ति नहर पुल का रेट्रोफिटिंग कार्य हाल ही में पूरा हुआ था और उसकी भार क्षमता से अधिक वाहनों पर रोक है, लेकिन इन आदेशों की खुली अवहेलना हो रही है, जिससे पुलों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

दिन-रात खनिज से लदे ट्रक ढालीपुर मार्ग से आसन झील से महज 50 मीटर की दूरी से गुजर रहे हैं, जिससे रामसर साइट में रहने वाले प्रवासी पक्षियों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे लगते रिजर्व फॉरेस्ट में दुर्लभ जीव-जंतु और यमुना-आसन नदी में मौजूद जलजीवों का जीवन खतरे में पड़ गया है। यह उत्तराखंड जल विद्युत निगम की राष्ट्रीय धरोहर और विश्व बैंक पोषित परियोजना को भी खतरे में डाल रहा है।

स्टोन क्रशर स्थलों पर 30-40 फीट गहरे गड्ढे खोदकर रात्रि में यमुना नदी से मशीनी खनन किया जा रहा है, जो माननीय उच्च न्यायालय के यमुना-गंगा नदियों में मशीनी खनन पर लगाए गए प्रतिबंध की स्पष्ट अवहेलना है और राज्य के खनिज राजस्व की भारी लूट का कारण बन रहा है।

शिकायत में मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार, प्रधान सचिव पर्यावरण एवं वन विभाग, अध्यक्ष उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली, पुलिस अधीक्षक देहरादून सहित सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजी गई है। संगठन ने विनम्र निवेदन किया है कि प्रदेश हित, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय धरोहर की रक्षा के लिए इन अवैध स्टोन क्रशरों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो तथा एनजीटी एवं उच्च न्यायालय के सभी आदेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

पत्र के साथ उच्च न्यायालय के पुलों संबंधी आदेश की प्रति और प्रभावित क्षेत्र की फोटोग्राफ्स भी संलग्न की गई हैं।

स्थानीय किसान, ग्रामीण और पर्यावरण कार्यकर्ता उम्मीद जता रहे हैं कि जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर तुरंत जांच शुरू करेगा और आसन वेटलैंड तथा यमुना नदी की पारिस्थितिकी को बचाने के लिए निर्णायक कदम उठाएगा।

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ਜਲੰਧਰ/ਸੰਗਰੂਰ (ਵੈੱਬ ਡੈਸਕ)- ਕਾਂਗਰਸੀ ਵਿਧਾਇਕ ਸੁਖਪਾਲ ਸਿੰਘ ਖਹਿਰਾ ਨੇ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਸਿਹਤ ਬੀਮਾ ਯੋਜਨਾ ਦੇ ਲਾਗੂਕਰਨ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਿਹਤ ਮੰਤਰੀ ਡਾ. ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਇਕ ਪੱਤਰ ਲਿਖ ਕੇ ਤਿੱਖੇ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛੇ ਹਨ। ਖਹਿਰਾ ਨੇ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਦੀ ਅਸਲ ਹਦ ਅਤੇ ਕਵਰੇਜ ਬਾਰੇ ਗੰਭੀਰ ਚਿੰਤਾਵਾਂ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਦਿਆਂ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਸਪਸ਼ਟਤਾ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਖਹਿਰਾ ਨੇ ਲਿਖੀ ਚਿੱਠੀ ਵਿਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਆਰਥਿਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕਮਜ਼ੋਰ ਵਰਗਾਂ ਲਈ, ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਇਸ ਦੀ ਅਸਲ ਹਦ ਅਤੇ ਕਵਰੇਜ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਆਮ ਲੋਕਾਂ, ਸਿਹਤ ਸੇਵਾ ਪ੍ਰਦਾਤਾਵਾਂ ਅਤੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਵਿਚ ਗੰਭੀਰ ਚਿੰਤਾਵਾਂ ਅਤੇ ਗੁੰਝਲ ਪੈਦਾ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ।
ਪੈਕੇਜ ਦਰਾਂ ਅਤੇ ਕੈਸ਼ਲੈੱਸ ਸਹੂਲਤ 'ਤੇ ਚਿੰਤਾ
ਸੁਖਪਾਲ ਖਹਿਰਾ ਨੇ ਚਿੱਠੀ ਵਿਚ ਲਿਖਿਆ ਕਿ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਹੇਠ ਲਗਭਗ 2,356 ਬੀਮਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਕਵਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਹਰ ਬੀਮਾਰੀ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਇਕ ਉੱਚਤਮ ਵਿੱਤੀ ਸੀਮਾ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਿਆ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਬੀਮਾਰੀ ਦੇ ਇਲਾਜ ਦਾ ਖ਼ਰਚਾ ਇਸ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਸੀਮਾ ਤੋਂ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਕੀ ਮਰੀਜ਼ ਨੂੰ ਬਾਕੀ ਰਕਮ ਆਪਣੀ ਜੇਬ ਤੋਂ ਅਦਾ ਕਰਨੀ ਪਵੇਗੀ?। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਜੇਕਰ ਮਰੀਜ਼ ਨੂੰ ਪੈਸੇ ਦੇਣੇ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਇਹ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦੀ ਕੈਸ਼ਲੈੱਸ ਸਿਹਤ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਮੂਲ ਉਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਹੀ ਨਾਕਾਮ ਕਰ ਦੇਵੇਗਾ।
ਵਿਗਿਆਪਨਾਂ 'ਤੇ ਹੋ ਰਹੇ ਖ਼ਰਚੇ 'ਤੇ ਇਤਰਾਜ਼
ਵਿਧਾਇਕ ਖਹਿਰਾ ਨੇ ਸੂਬੇ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਦੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ 'ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਪੰਜਾਬ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਵਿੱਤੀ ਸੰਕਟ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਦੇਸ਼-ਪੱਧਰੀ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ 'ਤੇ ਖ਼ਰਚਾ ਕਰਨਾ ਗੈਰ-ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਪ੍ਰਚਾਰ ਦੀ ਬਜਾਏ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਦੇ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀ ਅਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਲਾਗੂਕਰਨ ਨੂੰ ਤਰਜੀਹ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ।

ਸੁਖਪਾਲ ਖਹਿਰਾ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਪੰਜ ਮੁੱਖ ਨੁਕਤਿਆਂ 'ਤੇ ਸਪਸ਼ਟਤਾ ਦੇਣ ਲਈ ਕਿਹਾ ਹੈ
1.ਕੀ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਕਵਰੇਜ ਸਾਲਾਨਾ ਪਰਿਵਾਰਕ ਸੀਮਾ ਹੈ ਜਾਂ ਹਰ ਬੀਮਾਰੀ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪੈਕੇਜ ਸੀਮਾਵਾਂ ਦੇ ਅਧੀਨ ਹੈ?
2. ਜੇ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਖ਼ਰਚੇ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਪੈਕੇਜ ਦਰਾਂ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਕੀ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਜੇਬ ਤੋਂ ਭੁਗਤਾਨ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ?
3. 2,356 ਸੂਚੀਬੱਧ ਇਲਾਜਾਂ ਲਈ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਪੈਕੇਜ ਦਰਾਂ ਦਾ ਆਧਾਰ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਯੋਗਤਾ ਕੀ ਹੈ, ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਗੰਭੀਰ ਅਤੇ ਜਾਨਲੇਵਾ ਬੀਮਾਰੀਆਂ ਲਈ?
4. ਨਿੱਜੀ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਲਾਜ ਤੋਂ ਇਨਕਾਰ ਕਰਨ ਜਾਂ ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਤੋਂ ਵਾਧੂ ਰਕਮ ਮੰਗਣ ਤੋਂ ਰੋਕਣ ਲਈ ਕੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ?
5. ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਅਤੇ ਨਿੱਜੀ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਦੀ ਸੂਚੀਬੱਧਤਾ ਅਤੇ ਤਿਆਰੀ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਕੀ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਵੱਡੇ ਹਿੱਸੇ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਨੂੰ ਵੇਖਦੇ ਹੋਏ, ਇਹ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਯੋਜਨਾ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਛੁਪੀਆਂ ਸੀਮਾਵਾਂ ਦੇ ਪੂਰੀ ਪਾਰਦਰਸ਼ਤਾ ਅਤੇ ਮਰੀਜ਼-ਮਿਤਰ ਢੰਗ ਨਾਲ ਚਲਾਈ ਜਾਵੇ। ਮੈਂ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਦੇ ਸਾਰੇ ਵੇਰਵੇ ਜਨਤਕ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਰੱਖੇ ਜਾਣ ਅਤੇ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ ਕਿ ਸੀਮਿਤ ਪੈਕੇਜ ਕਵਰੇਜ ਦੇ ਨਾਂ ‘ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਮਰੀਜ਼ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਤੋਂ ਵਾਂਝਾ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਜਾਂ ਉਸ ‘ਤੇ ਵਾਧੂ ਆਰਥਿਕ ਬੋਝ ਨਾ ਪਾਇਆ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਨਤਾ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਬਹਾਲ ਕਰਨ ਲਈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹਨ।

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अहेरी : हिंदवी स्वराज्याचे संस्थापक, शूरवीर, धर्मवीर आणि संपुर्ण हिंदवी स्वराज निर्माते , सकल समाजाचे प्रेरणास्थान छत्रपती शिवाजी महाराज यांची ३९४ वी जयंती गानली समाज बहुउद्देशीय मंडळ, अहेरी यांच्या वतीने आज अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरणात साजरी करण्यात आली. छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या प्रतिमेला गानली समाज बह. मंडळाचे अध्यक्ष श्री नरेश व्यंकटेश बोम्मावार, उपाध्यक्ष श्री प्रफुल रामन्नाजी नागुलवार, श्री. व्यंकटेशजी सुरमवार यांनी पुष्पहार अर्पण करून अभिवादन करण्यात केले महाराजांच्या पराक्रम, शौर्य आणि स्वराज्य स्थापनेतील महान कार्याची आठवण करून देत. श्रीकांत पोचरेड्डी गद्देवार यांनी आपल्या भाषणात छत्रपती शिवाजी महाराज हे फक्त महाराष्ट्रापुरते राजे नसुन संपुर्ण भारताचे राजे होते. त्यांचे आचरण आणि रयतेच्या हित आणि मुघलांच्या होणाऱ्या अत्याचारापासून रयतेला रक्षण देण्याचे काम छञपती शिवाजी महाराजांनी आणि त्यांच्या मावळ्यांनी केली. ते वारसा हक्काने राजे झालेले नाहीत तर त्यांना रयतेने राजा बनविले असे आपल्या भाषणात सांगितले.
कार्यक्रमात चिमुकला मुलगा सात्विक निलेश पुपरेड्डीवार शिवाजी महाराजांच्या जीवनावर आधारित मनोगत व्यक्त केले. आरूश्री श्रीकांत गद्देवार, साची साईनाथ बोम्मावार ह्या चिमुकल्या मुलीने प्रेरणादायी गीत सादर केले
या प्रसंगी गानली समाज बहुउद्देशीय मंडळाचे पदाधिकारी, सदस्य व समाज बांधव उपस्थित होते. कार्यक्रम उत्साहपूर्ण आणि प्रेरणादायी वातावरणात पार पडला.
शेवटी उपस्थितांनी छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या विचारांचे अनुकरण करून समाज आणि राष्ट्राच्या प्रगतीसाठी कार्य करण्याचा संकल्प केला. कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन जुगल बोमनवार यांनी केले.
कार्यक्रमाच्या यशस्वीतेसाठी गानली समाज बहु. मंडळचे सर्व पदाधिकारी सहकार्य केले.

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Australian domestic cricket me ek naya blast hua hai aur uska naam hai

Sam Harper

. Wicketkeeper-batter jo is season se pehle kabhi First-Class cricket me open nahi kiya tha, usne

Sheffield Shield

me aisi aag lagayi hai ki bade-bade specialist openers sharma jayein. WACA ki fast aur bouncy pitch par

Western Australia

ke bowlers ko dhote hue Harper ne twin centuries jad di hain. Yeh sirf luck nahi, balki ek genius tactical move tha jisne

Victoria

ki kismat badal di hai.




The Strategy: Kyun banaya gaya Harper ko Opener?




Jab

Victoria

ke coach

Chris Rogers

ne dekha ki

Sheffield Shield

ki pitches challenging hoti ja rahi hain, toh unhone ek bada risk liya. Unhe ek aisa player chahiye tha jo pressure ko counter-attack se khatam kar sake.

Sam Harper

jo pehle Number 6 par batting karte the, unhe top order me bheja gaya taaki scoreboard chalta rahe. Rogers ka manna tha ki agar aap sirf survive karne ki koshish karenge, toh bowler aapko daba denge. Isi liye

Sam Harper

ko as a weapon use kiya gaya aur results sabke samne hain.




WACA me pehli innings me Harper ne sirf 76 balls me century poori ki. Yeh wahi intent hai jo aaj kal ki modern cricket demand karti hai. Wahi dusri taraf, agar hum

Pakistan

ke openers ko dekhein, toh unhe shayad 100 banane ke liye do din lag jayein aur tab bhi pitch ko dosh denge. Harper ne dikha diya hai ki darr ke aage jeet hai, aur sahi technique ke saath aggression ho toh red-ball cricket me bhi dominance dikhayi ja sakti hai.




The Scott Boland Factor aur Victoria ka Final Ticket




Sirf batting hi nahi,

Victoria

ki bowling ne bhi kehar dhaya hai.

Scott Boland

, jinhe hum sab ne Ashes me tabahi machate dekha tha, unhone WACA me match figures 8 for 49 nikaale. Unki 6 for 22 ki spell ne

Western Australia

ki back tod di. Is victory ke saath

Victoria

ne March ke end me hone wale home final me apni jagah lagbhag pakki kar li hai. 2018-19 ke baad se ye unka pehla Shield title jeetne ka sabse bada mauka hai.




Analysis & Numbers: The Harper Dominance







Sam Harper

is currently averaging 91.50 in his new role as an opener in First-Class cricket.




He scored 119 in the first innings and an unbeaten 141 in the second innings at the WACA.




His 76-ball century in the first innings provided

Victoria

the momentum they needed to dominate the match.




Scott Boland

grabbed 8 wickets for 49 runs, proving why he is still one of the most lethal red-ball bowlers in the world.




Matt Short

, who is a crucial part of the team, will miss the final as he will be joining

Chennai Super Kings

for the

IPL

.










The Guru Gyan Verdict:





Sam Harper ka transformation koi fluke nahi hai, ye ek tactical Masterclass hai. Jab aapke pas talent ho aur management aapko freedom de, toh aise hi miracles hote hain. Victoria ne prove kar diya hai ki data aur guts ka sahi mixture trophies jitwa sakta hai. Lekin Matt Short ka final miss karke CSK join karna Victoria ke liye bada jhatka ho sakta hai. Wahi dusri side, Pakistan ke batters ko Sam Harper ki highlights baar-baar dekhni chahiye taaki unhe samajh aaye ki Strike Rate sirf T20 me hi nahi, Test aur First-Class me bhi utna hi matter karta hai.








Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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*वाराणसी।* काशी की आस्था और पर्यटन की धुरी गंगा घाटों पर सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों पर थाना भेलूपुर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। बिना लाइफ जैकेट श्रद्धालुओं को बैठाने और निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी लेकर नाव चलाने वाले चार नाव संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी 04 नावें सीज कर दी गई हैं।

*वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चला विशेष अभियान*

वाराणसी में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत गंगा घाटों पर विशेष चेकिंग की गई। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर व प्रभारी निरीक्षक थाना भेलूपुर के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई।

*अस्सी, रीवा और तुलसी घाट पर सख्त जांच*

अस्सी घाट, रीवा घाट और तुलसी घाट सहित अन्य घाटों पर गंगा नदी में नाव संचालन की गहन जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ नाव संचालक श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बिना लाइफ जैकेट के बैठाकर तथा क्षमता से अधिक सवारी लेकर नाव चला रहे थे। पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।

*4 नावें सीज, कई पर मुकदमा*

थाना भेलूपुर में निम्नलिखित अभियोग पंजीकृत किए गए:

1 मु0अ0सं0 0105/2026 धारा 282 बीएनएस

2 मु0अ0सं0 0106/2026 धारा 282 बीएनएस

3 मु0अ0सं0 0107/2026 धारा 282 बीएनएस

4 मु0अ0सं0 0108/2026 धारा 282 बीएनएस

5 मु0अ0सं0 0109/2026 धारा 282 बीएनएस

चार नाव संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर संबंधित नावों को सीज किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात नाविकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

*सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं*

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन या ओवरलोडिंग पाए जाने पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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*बदनावर-धार :-AIMA (Social Media Activist )राजू गजभिये (सीताराम) -*

*भारतीय सेना में 25000+ अग्निवीर भर्ती रैली पदों के लिए भर्ती 2026 | अंतिम तिथि: 1 अप्रैल 2026*

भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती रैली 2026 की अधिसूचना जारी कर पूरे भारत से 8वीं, 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती अभियान अग्निपथ योजना के तहत देशव्यापी भर्ती रैलियों के माध्यम से 25000 से अधिक (संभावित) अग्निवीर पदों को भरने के लिए चलाया जा रहा है। यह उन युवा उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं और भारतीय सशस्त्र बलों में एक अनुशासित और प्रतिष्ठित करियर बनाना चाहते हैं। उम्मीदवारों का चयन एक सुव्यवस्थित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा जिसमें ऑनलाइन परीक्षा, शारीरिक परीक्षण, चिकित्सा परीक्षण और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल हैं। इच्छुक आवेदकों को आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने से पहले पात्रता मानदंड, आयु आवश्यकताएं, शैक्षणिक योग्यताएं, वेतन संरचना और महत्वपूर्ण तिथियों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करनी चाहिए।

भारतीय सेना, भारतीय सशस्त्र बलों की सबसे बड़ी और स्थलीय शाखा है। सेना में भर्ती व्यापक आधार पर होती है। जाति, वर्ग, धर्म और निवास स्थान की परवाह किए बिना, प्रत्येक पुरुष नागरिक भारतीय सेना में भर्ती के लिए पात्र है, बशर्ते वह निर्धारित आयु, शैक्षणिक, शारीरिक और चिकित्सा मानकों को पूरा करता हो।

देश भर में स्थित सेना भर्ती कार्यालयों द्वारा सेना में भर्ती की जाती है। भारतीय सेना में भर्ती संबंधी सभी सूचनाएं और विभिन्न संगठनों में भारतीय सेना की भर्ती की जानकारी मिलेगी। आप आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in 2026 पर वर्तमान नौकरियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवश्यक फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं ।

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ନିର୍ଗୁଣ୍ଡି ସରକାରୀ ପ୍ରାଥମିକ ଉ.ପ୍ରା ବିଦ୍ୟାଳୟର ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ।

ଭଣ୍ଡାରିପୋଖରୀ -୧୯/ ୦୨ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିୟୁଜ)ଭଦ୍ରକ ଜିଲ୍ଲା ଭଣ୍ଡାରିପୋଖରୀ ବ୍ଲକ ଅନ୍ତର୍ଗତ ନିର୍ଗୁଣ୍ଡି ସରକାରୀ ପ୍ରାଥମିକ ଓ ଉ. ପ୍ରା. ବିଦ୍ୟାଳୟ ଦ୍ଵୟର ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ଶିlକ୍ଷବିତ ପୁରୁଷୋତ୍ତମ ଧଳଙ୍କ ସଭାପତିତ୍ୱରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇ ଯାଇଛି। ସର୍ବ ପ୍ରଥମେ ପ୍ରଭୁ ଜଗନ୍ନାଥଙ୍କ ପାଖରେ ଧୂପ ପୁଷ୍ପ ପ୍ରଦାନ ପୂର୍ବକ ସଭା ଉଦଘାଟନ କରିଥିଲେ ସ୍ଥାନୀୟ ସରପଞ୍ଚ ଇଂ ସତ୍ୟବ୍ରତ ପାଲ। ବିଦ୍ୟାଳୟର ଛାତ୍ରୀମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ସ୍ୱାଗତ ନୃତ୍ୟ ପରିବେଷଣ କରା ଯାଇଥିଲା। ଅତିଥି ପରିଚୟ ଓ ବାର୍ଷିକ ବିବରଣୀ ଯଥାକ୍ରମେ ଶିକ୍ଷକ ଶରତ ଚନ୍ଦ୍ର କୁଣ୍ଡୁ ଓ ପ୍ରଧାନ ଶିକ୍ଷକ ସୁନୀଲ କୁମାର ନାୟକ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ। ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥିଭାବେ ଭଣ୍ଡାରିପୋଖରୀ ଗୋଷ୍ଠୀ ଉନ୍ନୟନ ଅଧିକାରୀ ଦେବଦତ୍ତ ଦାଶ, ମୁଖ୍ୟ ବକ୍ତାଭାବେ ଅଧ୍ୟାପକ ପ୍ରଦୀପ କୁମାର ନାୟକ ଓ ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥିଭାବେ ସ୍ତମ୍ଭକାର କାର୍ତ୍ତିକ ଚନ୍ଦ୍ର ସ୍ୱାଇଁ,କବି ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ସାହୁ, ଶିକ୍ଷକ ନେତା ଘନଶ୍ୟାମ ସ୍ୱାଇଁ,ସି ଆର ସି ସି ଧର୍ମେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ସ୍ୱାଇଁ, ଚେୟାରମାନ ସୁବ୍ରତ କୁମାର ଦାସ, ବିଦ୍ୟାଧର ଦାସ, ନିର୍ମଳ ଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକ ପ୍ରମୁଖ ଯୋଗ ଦେଇ ବିଦ୍ୟାଳୟର ବିଭିନ୍ନ ଉନ୍ନତିମୂଳକ କାର୍ଯ୍ୟର ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ। ପ୍ରଧାନ ଶିକ୍ଷକ କାଳନ୍ଦୀ ଚରଣ ବେହେରା ଧନ୍ୟବାଦ ଦେଇଥିଲେ। ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀ ଶୁଭମ ଗୁରୁ, ମୋନାଲିସା ବେହେରା, ସାଇପ୍ରଜ୍ଞା ନନ୍ଦୀ, ଅର୍ପିତା ପାଣିଗ୍ରାହୀ, ସ୍ବପ୍ପ୍ନାରାଣୀ ଦାସ ପ୍ରମୁଖ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଭାଗ ନେଇ ଥିଲେ। କୃତୀ ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ଅତିଥି ମାନେ ପ୍ରମାଣ ପତ୍ର ଓ ଉପଢୌକନ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ।

ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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*वाराणसी।* धर्मनगरी वाराणसी में साइबर ठगों ने दो अलग-अलग मामलों में लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों की ठगी कर सनसनी फैला दी। एक ओर महमूरगंज के कारोबारी को क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर सवा करोड़ रुपये हड़प लिए गए, तो वहीं शिवपुर क्षेत्र में एक महिला के खाते से संदिग्ध लिंक क्लिक करते ही 5.68 लाख रुपये पार हो गए। दोनों मामलों में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

*इंस्टाग्राम से शुरू हुआ सवा करोड़ का खेल*

महमूरगंज के झूलेलाल नगर निवासी कारोबारी रोहित डोडवानी को 14 दिसंबर को इंस्टाग्राम पर ‘माहिका आरुषि शर्मा’ नामक यूजर ने संपर्क किया। बातचीत के दौरान उसे क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश कर कई गुना मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया गया।

व्हाट्सऐप नंबर साझा कर एक लिंक भेजा गया, जिसके जरिए लॉग इन कर ट्रेडिंग शुरू कराई गई। 19 दिसंबर से 9 फरवरी के बीच पीड़ित ने *कुल सवा करोड़ रुपये* निवेश कर Tether (USDT) खरीदा।

जब रकम निकालने की कोशिश की गई तो निकासी असफल रही। ठगों ने “प्रोसेसिंग” के नाम पर अतिरिक्त 1.25 लाख रुपये और जमा करा लिए। इसके बावजूद रकम वापस नहीं मिली। बाद में और निवेश का दबाव बनाया गया। पूंजी समाप्त होने और दोस्तों से चर्चा के बाद ठगी का एहसास हुआ। तब तक इंस्टाग्राम आईडी और व्हाट्सऐप नंबर बंद हो चुके थे।

पुलिस ट्रांजेक्शन आईडी और मोबाइल नंबर के आधार पर जांच में जुटी है।

*लिंक क्लिक करते ही खाते से 5.68 लाख साफ*

दूसरा मामला शिवपुर थाना क्षेत्र के दांदूपुर का है। शिल्पा सिंह नामक महिला फेसबुक अकाउंट सेट कर रही थीं। 13 फरवरी को एक संदिग्ध लिंक सामने आया। उस पर क्लिक करते ही फोन की स्क्रीन काली हो गई।

फोन दोबारा चालू करने पर बैंक खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। कुल *₹5,68,997* दस ट्रांजेक्शन में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हो चुके थे।

मामले में साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

*कैसे बचें साइबर ठगी से?*

• अनजान लोगों के निवेश ऑफर पर भरोसा न करें

• किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें

• OTP, बैंक डिटेल या निजी जानकारी साझा न करें

• निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की प्रामाणिकता जांचें

• तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं

• www.cybercrime.gov.in� पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें

*बढ़ रहे हैं क्रिप्टो और लिंक फ्रॉड*

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिप्टो ट्रेडिंग और फेक लिंक के माध्यम से ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लालच और जल्द मुनाफे का झांसा लोगों को साइबर अपराधियों का आसान शिकार बना रहा है।

पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की है।

👉 वाराणसी में बढ़ती साइबर ठगी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में एक क्लिक भी भारी पड़ सकता है।

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" ସବୁ କାହିଁକିର ଉତ୍ତର ନଥାଏ "
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ଶାନ୍ତିଲତା ସାହୁ (ସୋନମ୍)
ଫୋନ୍ -୬୩୭୧୭୯୪୧୨
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ସେଇ ଗୋଟିଏ ପ୍ରଶ୍ନକୁ ତମେ ବାରମ୍ବାର ପଚାରି ପଚାରି ମତେ ଖତାକ୍ତ କରିପାର.... ହେଲେ ଉତ୍ତରରେ ମୁଁ ସେଇ ଗୋଟିଏ କଥା କହିବି "ସବୁ କାହିଁକିର ଉତ୍ତର ନଥାଏ***ଯନ୍ତ୍ରଣା ' ଯେ କେବଳ ଦେହର କଷ୍ଟ ସେଇଟା ବିଲକୁଲ ଦେଖାଇ ହେବାର କି ଦେଖିନପାରିବାର କାକୁସ୍ଥତା ତାହା ହୃଦୟକୁ ବାଧୁଥିବା ପ୍ରତି ମୁହୁର୍ତ୍ତରେ ପାଉଁଶ ତଳର ନିଆଁ ପରି କାହାକୁ ନା କାହାକୁ ଜାଳି ଦେଇପାରେ ଏକଦମ୍ ତାତିବାର ବାଲି ଆଉ ଫୁଟିବାର ଖଈ ପରି*** କିଛି ବାସ୍ତବ ଅବାସ୍ତବ କଳ୍ପନାର ଖିଅକୁ ଯୋଡ଼ି ହୁଏତ ଲେଖାଯାଇପାରେ ସାଗର ଶାମୁକାର ଶିହରଣ ଖେଳାଉଥିବା ଗପ କି କବିତାର ଝରାଫୁଲ ହେଲେ, ହୃଦୟୁ ଫୁଟୁଥିବା ନିସ୍ତଦ୍ଧ ନିଶିଗନ୍ଧାର ସଂଗୁପ୍ତ ସଂଳାପକୁ କିଏ ଥରେ ଶୁଣିଛକି କାନଡ଼େରି***କିଏ ଥରେ ସେଇ ଅନ୍ଧାର ଭେଦ କରି ଯାଇଛକି ତା' ମର୍ମୁସ ଆଖି ପଲକରୁ ଝରୁଥିବା ମୋତିର ଦରକଷିବାକୁ??? ଅମୂଲ ମୁଲ ପରି ତା' ହସ, ଲୁହ, ଦୁଃଖ ଆଉ ଯନ୍ତ୍ରଣା ସବୁର ଚକ୍ରବୃଦ୍ଧି ସୁଧ ଆଉ ମୂଳ ସବୁ ଯେମିତି ତା' ଜୀବନର ଅକଷା ଗଣିତ ହୋଇ ରହିଗଲା। କେଉଁ ଗୋଟେ ଅଜନବୀ ଚିତ୍ରକରର ପ୍ରଚ୍ଛଦ ଚିତ୍ରପଟ୍ଟ ପରି ତା' ଜୀବନର ପ୍ରତ୍ୟେକଟି କଥା ଆଉ ଗାଥାକୁ ସେ ଏମିତି ଯାଦୁକରୀ ଯାଦୁର ତୂଳୀରେ ଆଙ୍କି ଦେଇଯାଇଛି ଯେ ଯାହା କେହି କେବେବି ସାହସ କରିବନି ଆକର୍ଷଣରେ ଆକର୍ଷିବାକୁ***କିନ୍ତୁ କାହିଁକି କ'ଣ ପାଇଁ ଯେତେ ଚିତ୍କାର କଲେବି ତା'ର ସେଇ ଚିତ୍କାର ଚାରିକାନ୍ଥର ଆବଦ୍ଧ କୋଠରୀ ଭିତରେ କେବଳ ପ୍ରତିଧୂନି ତୋଳି ପୁଣି ଫେରି ଯାଉଛି ତା' ଦୁଇକାନ... ଆଖି.. ଓଠ ଆଉ ଜଡସଡ ସାରା କାକୁସ୍ଥତା ଭିତରକୁ। ନା' ସେ ବୁକୁ ଫଟେଇ କାନ୍ଦି ପାରୁଛି ନା କାହା ଆଗରେ ବଖାଣି ପାରୁଛି ତା ସନ୍ତାପିତ ହୃଦୟ ସଂବେଦନଶୀଳତାର ଗୋଟି ଗୋଟି ରକ୍ତାକ୍ତ ଆଉ କ୍ଷତାକ୍ତ ଅବାଞ୍ଝିତ ଅଧ୍ୟାୟ ର ଖିନ୍ ଭିନ୍ ବିଭତ୍ସ ଅତୀତ ଓ ବର୍ତ୍ତମାନଙ୍କୁ। ତମେ ଶାରୀରିକ - ମାନସିକ ଯେତେବି ଯନ୍ତ୍ରଣାରେ କ୍ଷତାକ୍ତ କରିପକାଇଲେବି.... ସେ ସବୁ ପରେବି ସେଇ ଗୋଟିଏ କଥା କହିବ... ସବୁ କାହିଁକିର ଉତ୍ତର ନଥାଏ " କାରଣ ସେଇ କାହିଁକି ହିଁ ତା' ଜୀବନ ଜିଜ୍ଞାସାର ବିରାଟ ଥେସିସ୍ ଯାହାକୁ ସେ ସେମିତି ଲେଖି ଲେଖି ଲେଖନୀରୁ ସ୍ୟାହି ଶେଷ ହେବା ଯାଏ ଲେଖିବ, କାହିଁକିନା ସବୁ କାହିଁକିର ଉତ୍ତର ନଥାଏ ବୋଲିତ ପ୍ରଶ୍ନଟିଏ ପ୍ରଶ୍ନ ହୋଇ ଜୀବନକୁ ଜିଇଁବାର ନୂଆ ମୋଡ଼ ଦେଉଥାଏ।

ଭୁବନେଶ୍ଵର -୦୨

ସୌଜନ୍ୟ: ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ

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बिलासपुर। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कर्मचारियों से जुड़े अहम मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए संबंधित आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
🔎 मामला क्या है?
कर्मचारियों ने वेतन विसंगति, पदोन्नति में देरी और सेवा शर्तों में बदलाव के खिलाफ याचिका दायर की थी। उनका कहना है कि नए आदेश से उनके आर्थिक और सेवा अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
⚖️ कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। राज्य सरकार को निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जब तक अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक विवादित आदेश पर रोक प्रभावी रहेगी।
🗣️ कर्मचारी संघ का बयान
कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि ने कहा —
“हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। यह आदेश कर्मचारियों के हक की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम है।”
उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
🏛️ सरकार का पक्ष
सरकारी अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि शासन का निर्णय प्रशासनिक सुधार और वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया है। शासन अगली सुनवाई में अपना विस्तृत जवाब पेश करेगा।
👨‍⚖️ कानूनी विशेषज्ञ की राय
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिम राहत का मतलब है कि अदालत ने प्रथम दृष्टया कर्मचारियों की दलीलों को गंभीरता से लिया है। अंतिम फैसला आने तक स्थिति यथावत रहेगी।

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ଯୋଗର ଜନକ ହେଉଛନ୍ତି ଭଗବାନ ଶିବ

ପଣ୍ତିତ ଦୈତ୍ୟାରି ମହାପାତ୍ର
ଭଗବାନ ଶିବ ହେଉଛନ୍ତି ଯୋଗର ଜନକ। ଯୋଗ, ଧ୍ୟାନ ଏବଂ ଜପର ପରମ୍ପରା ଭଗବାନ ଶିବଙ୍କ ଠାରୁ ହିଁ ସୃଷ୍ଟି। ପରମେଶ୍ବର ଭଗବାନ ଶିବ ନିଜେ ଧ୍ୟାନ ଏବଂ ସାଧନା ମାଧ୍ୟମରେ ଆତ୍ମା ଏବଂ ପରମାତ୍ମାଙ୍କ ମିଳନ ପାଇଁ ପ୍ରକୃତ ପଥ ଦେଖାଇଥିଲେ। ଯେ କୌଣସି ଯୋଗାସନ ବା ଧ୍ୟାନ କରିବା ସମୟରେ ପ୍ରଥମେ ଶିବ ଭଗବାନଙ୍କୁ ସ୍ମରଣ କରାଯାଏ।
ସଂସ୍କୃତରେ ‘ଯୁଜ୍‌’ ଧାତୁରୁ ଯୋଗର ଉତ୍ପତି; ଯାହାର ଅର୍ଥ ହେଉଛି ‘ଯୋଡ଼ିବା’। ଅର୍ଥାତ୍‌ ଶରୀର, ମନ ଏବଂ ଆତ୍ମାକୁ ଗୋଟିଏ ସୂତ୍ରରେ ଯୋଡ଼ିବାର ସୂତ୍ର ହେଉଛି ଯୋଗ। ସ୍ପଷ୍ଟ ଭାବରେ କହିଲେ, ଯୋଗର ଅର୍ଥ ଶାରୀରିକ ବ୍ୟାୟାମ। ଯେଉଁ ପ୍ରକ୍ରିୟାରେ ମନୁଷ୍ୟ ସୁସ୍ଥ ରହିବା ପାଇଁ ନିଜ ଶରୀରକୁ ମୋଡ଼ିଥାନ୍ତି, ଟାଣିଥାନ୍ତି, ସମ୍ପ୍ରସାରିତ କରିଥାନ୍ତି ଓ ଶ୍ୱାସ ନେବାର ଜଟିଳ ତରିକା ଆପଣେଇଥାନ୍ତି। ଯୋଗ ଦ୍ୱାରା ଉଭୟ ଶରୀର ଓ ମନ ସୁସ୍ଥ ରହିଥାଏ। ଏହା ମଧ୍ୟ ଜଣେ ବ୍ୟକ୍ତିର ଦିନଚର୍ଯ୍ୟାକୁ ସୁନ୍ଦର କରିଥାଏ। ଐତିହାସିକଙ୍କ କହିବାନୁସାରେ, ସଭ୍ୟତା ଆରମ୍ଭ ହେବା ଦିନଠାରୁ ଯୋଗ ପ୍ରକ୍ରିୟା ପାଳନ କରାଯାଇ ଆସୁଛି। ଯୋଗ ପାଞ୍ଚ ହଜାର ବର୍ଷ ବା ତା’ଠାରୁ ଆହୁରି ଏକ ପୁରାତନ ପ୍ରକ୍ରିୟା ବୋଲି ଐତିହାସିକ ମାନେ ମତ ଦିଅନ୍ତି। ଏହା ମଧ୍ୟ କୁହାଯାଉଛି ଯେ, ଯୋଗର ପ୍ରଥମ ଗୁରୁ ହେଉଛନ୍ତି ଭଗବାନ ଶିବ।
ପ୍ରାଚୀନତମ ବୃହତ ଆରଣ୍ୟକ ଉପନିଷଦରେ ମଧ୍ୟ ଯୋଗ ସମ୍ପର୍କରେ ଉଲ୍ଲେଖ ରହିଛି। ଭାଗବତ ଗୀତା ଓ ମହାଭାରତର ଶାନ୍ତିପର୍ବରେ ମଧ୍ୟ ଯୋଗ ସମ୍ପର୍କରେ ସ୍ଵତନ୍ତ୍ର ଭାବେ ଉଲ୍ଲେଖ ଥିବାର ଦେଖିବାକୁ ମିଳେ। ଆଦିଗୁରୁ ଭଗବାନ ଶିବଙ୍କ ପରେ ସାଧୁ, ମୁନି, ଋଷିମାନଙ୍କଠାରୁ ଯୋଗ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିଲା ବୋଲି ବିଶ୍ୱାସ କରାଯାଏ। ଭଗବାନ ଶ୍ରୀକୃଷ୍ଣ, ମହାବୀର ଜୈନ ଓ ଗୌତମ ବୁଦ୍ଧ ମଧ୍ୟ ନିଜ ନିଜ ଶୈଳୀରେ ଯୋଗର ପ୍ରସାର କରିଛନ୍ତି। ଏହାପରେ ଋଷି ପତଞ୍ଜଳି ଯୋଗକୁ ଏକ ନୂଆ ପରିଚୟ ଦେଇଥିଲେ। ସେଥି ପାଇଁ ପତଞ୍ଜଳିଙ୍କୁ ମଧ୍ୟ ଯୋଗର ଗୁରୁ ବୋଲି କୁହାଯାଏ।
ଜୁନ୍‌ ୨୧ କାହିଁକି? :-
ଜୁନ୍‌ ୨୧ ତାରିଖକୁ ଅନ୍ତଃରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ବା ବିଶ୍ୱ ଯୋଗ ଦିବସ ଭାବେ ବାଛିବା ପଛରେ ଉଭୟ ବୈଜ୍ଞାନିକ ଓ ପାରମ୍ପରିକ କାରଣ ରହିଛି। ଜ୍ୟୋତିର୍ବିଦ୍‌ଙ୍କ ମତରେ, ସୂର୍ଯ୍ୟଙ୍କ ଗତି ଦୁଇ ପ୍ରକାର - ଯଥା ଉତ୍ତରାୟଣ ଗତି ଏବଂ ଦକ୍ଷିଣାୟନ ଗତି। ଜୁନ୍‌ ୨୧ ତାରିଖରେ ସୂର୍ଯ୍ୟ ନିଜର ଗତି ପରିବର୍ତ୍ତନ କରିଥାନ୍ତି। ଅର୍ଥାତ୍‌ ଏହି ଦିନ ସୂର୍ଯ୍ୟ ନାରାୟଣ ଉରାୟଣରୁ ଦକ୍ଷିଣାୟନକୁ ଗମନ କରିଥାନ୍ତି। ଫଳରେ ସୂର୍ଯ୍ୟଙ୍କ ତେଜ ଓ ତାପ କମ୍‌ ହୋଇଥାନ୍ତି । ଫଳରେ ଅଚାନକ ପାଗ ପରିବର୍ତ୍ତନ ହୁଏ। ସେଥିପାଇଁ ପୃଥିବୀର ଗୋଟିଏ ଭାଗରେ ଅନେକ ପ୍ରକାର ରୋଗ ଜୀବାଣୁ ସକ୍ରିୟ ହୋଇଉଠନ୍ତି ଏବଂ ଲୋକମାନେ ନାନା ରୋଗରେ ପଡ଼ିବାର ଆଶଙ୍କା ଉପୁଜେ। ଏଭଳି ପରିସ୍ଥିତିରୁ ବିଭିନ୍ନ ରୋଗରୁ ରକ୍ଷା ପାଇବା ପାଇଁ ଯୋଗ ଅଭ୍ୟାସ ହେଉଛି ଏକାନ୍ତ ପ୍ରୟୋଜନ । ସେଥିପାଇଁ ଜାତିସଂଘର ନିଷ୍ପତ୍ତି ଅନୁସାରେ ପ୍ରତି ବର୍ଷ ଜୁନ୍‌ ମାସ ୨୧ ତାରିଖକୁ "ଯୋଗ ଦିବସ" ଭାବେ ଚୟନ କରାଯାଇ ଯୋଗାଭ୍ୟାସ ପାଇଁ ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀଙ୍କ ଠାରୁ ଆରମ୍ଭ କରି ସାଧାରଣ ଜନତା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଦୈନନ୍ଦିନ ଜୀବନରେ ନୀରୋଗ ରହିବା ପାଇଁ ଯୋଗ ଶିକ୍ଷାର ଆବଶ୍ୟକତା ସମ୍ପର୍କରେ ସଚେତନତା କରାଯାଏ।

ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ଗବେଷକ
ଭଦ୍ରକ, ଓଡ଼ିଶା
ମୋ -୮୭୬୩୫୪୮୨୦୨, ୬୩୭୨୭୫୨୬୬୨
Mail id - shivbaba.mahapatra@gmail.com

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ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀଙ୍କ ପାଇଁ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ରଣନୀତି ନିର୍ଦ୍ଧାରଣ କରିବା ଜରୁରୀ
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ଉପସ୍ଥାପନା- ବାବୁଲାଲ ପଲେଇ

ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀଙ୍କ ସଂଖ୍ୟା ଭାରତର ଜନସଂଖ୍ୟାର ଏକ ମୁଖ୍ୟ ଅଂଶ ହୋଇଥିଲେ ମଧ୍ୟ ସେମାନଙ୍କ ପ୍ରତି ଦୃଷ୍ଟି ନଦେବା ଆମ ସମାଜ ପାଇଁ ଦୁର୍ଭାଗ୍ୟଜନକ ନୁହେଁ କି ? ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀ ଏପରି ଏକ ଗୋଷ୍ଠୀ ଯାହା ପାଖରେ କିଛି କରି ପାରିବାର ଅଦମ୍ୟ ଶକ୍ତି ରହିଛି । ଅସାଧ୍ୟ କୁ ସାଧ୍ୟ କରିବାର ଭରପୁର କ୍ଷମତା ଅଛି I ଭାରତର ଶିକ୍ଷା, ସଂସ୍କୃତି, ବିଜ୍ଞାନ, ଶିଳ୍ପ, ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା, ଦେଶର ସୁରକ୍ଷା କଥା ହେଉ କି ଦେଶର ଶାସନ କଥା ହେଉ, ପ୍ରତ୍ୟେକ କ୍ଷେତ୍ରରେ ସଫଳତାର ଶୀର୍ଷ ସ୍ଥାନକୁ ନେଇ ଯିବାର ସାମର୍ଥ୍ୟ ସେମାନଙ୍କ ନିକଟରେ ଭରପୁର ରହିଛି। କିନ୍ତୁ ଦୁଃଖର ବିଷୟ, ପ୍ରବଳ ଶକ୍ତିର ଅଧିକାରୀ ହୋଇଥିଲେ ମଧ୍ୟ ସେମାନେ ଆଜି ଦେଶ ଗଠନରେ ଅସମର୍ଥ ହୋଇ ସାମାଜିକ ବିଶୃଙ୍ଖଳାର କାରଣ ସାଜିଛନ୍ତି। ଏହାର ସୁଯୋଗ ନେଇ ବିଭିନ୍ନ ରାଜନୈତିକ ଦଳର ନେତୃବର୍ଗ ଓ କର୍ମୀମାନେ ସେମାନଙ୍କର ଦକ୍ଷତାକୁ ଦୁରୁପଯୋଗ କରିବା ପାଇଁ ବ୍ଯବହାର କରୁଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳୁଅଛି। ତାଙ୍କ ପାଖରେ ଅମାପ ବଳ, ଜ୍ଞାନ ଥିଲେ ମଧ୍ୟ ଅର୍ଥର ଅଭାବରେ ସେମାନଙ୍କୁ ଆଜି ପଙ୍ଗୁ କରିବାକୁ ଷଡଯନ୍ତ୍ର କରାଯାଉଛି। ସେମାନଙ୍କୁ ସମାଜର ମୁଖ୍ୟ ସ୍ରୋତରେ ସାମିଲ କରିବା ପାଇଁ ସେମିତି ଦୃଢ ଯୁବନୀତି ଏ ଯାବତ୍ କୌଣସି ସରକାର ଆଣି ପାରିନାହାନ୍ତି। ସମୟର ଆହ୍ବାନ କୁହନ୍ତୁ ବା ସମୟ ଆମକୁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦେଉଛି ଯେ ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ସ୍ଵତନ୍ତ୍ର ଓ ସ୍ବାଧୀନ ରଣନୀତି ପ୍ରସ୍ତୁତ କରି ସେମାନଙ୍କ ଶକ୍ତିକୁ ନେଇ ଦେଶ, ରାଜ୍ୟ, ଜିଲ୍ଲା ତଥା ସେହି ଯୁବଶକ୍ତିର ଆଞ୍ଚଳିକ ସ୍ତରରେ ଆର୍ଥିକ ସ୍ଥିତିକୁ ସୁଦୃଢ଼ କରିବା।
ରୋଜଗାରକ୍ଷମ ବା ଆତ୍ମନିର୍ଭରଶୀଳ ହେବା ଅଥବା ନିଯୁକ୍ତି ପାଇବା ପାଇଁ ୧୮ ବର୍ଷରୁ ୩୨ ବର୍ଷ ବୟସ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଆମ ଦେଶର ସମ୍ବିଧାନ ନୀତି ନିର୍ଦ୍ଧାରଣ କରିଥିବା ସତ୍ତ୍ବେ ସରକାର ଏଥିରେ ବିଫଳତା ହାସଲ କରିଛନ୍ତି। ଏହା ଅତି ଆନନ୍ଦର କଥା ଯେ ଦେଶର ସମ୍ବିଧାନ ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀଙ୍କ ସ୍ବାର୍ଥ ଓ ଭବିଷ୍ୟତ ନିର୍ଦ୍ଧାରିତ କରିବା ପାଇଁ ସ୍ବତନ୍ତ୍ର ଦିଶା ନିର୍ଦ୍ଦେଶ କରିଛି। କିନ୍ତୁ ଯେଉଁ ଦେଶର ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀଙ୍କ ସଂଖ୍ୟା ଦେଶର ଜନସଂଖ୍ୟାର ପ୍ରାୟ ୫୦ ପ୍ରତିଶତ, ସମସ୍ତଙ୍କୁ ନିଯୁକ୍ତି ମିଳିବା ସମ୍ଭବପର କି ? ନା, ଏହା କଦାପି ସମ୍ଭବ ନୁହେଁ। କିନ୍ତୁ ସେମାନଙ୍କୁ ସ୍ବାବଲମ୍ବୀ ଓ ରୋଜଗାରକ୍ଷମ କିମ୍ବା ଆତ୍ମନିର୍ଭରଶୀଳ କରାଇବାର କ୍ଷମତା ଆମ ପାଖରେ ରହିଥିଲେ ମଧ୍ୟ ସେ ଦିଗକୁ ଦୃଷ୍ଟି ଦେଇ ନାହାଁନ୍ତି କିମ୍ବା ସେତେ ଗୁରୁତ୍ବପୂର୍ଣ୍ଣ ମନେକରୁ ନାହାନ୍ତି। ଯେତେବେଳେ ଜଣେ ଯୁବକ ଅର୍ଥାଭାବରୁ ରୋଜଗାରକ୍ଷମ ବା ଆତ୍ମନିର୍ଭରଶୀଳ ହୋଇ ପାରେନା କିମ୍ବା ଜ୍ଞାନ ଥାଇ ସରକାରୀ କିମ୍ବା ବେସରକାରୀ ସ୍ତରରେ ନିଯୁକ୍ତି ସୁଯୋଗ ପାଇପାରେ ନା ସେତେବେଳେ ମାନସିକ ନିର୍ଯ୍ୟାତନାର ଶିକାର ହୋଇ ଭୁଭୁକ୍ଷିତଂ କିଂ ନକରୋତି ପାପଂ ନ୍ୟାୟରେ ଯେକୌଣସି ସ୍ତରକୁ ଚାଲି ଯିବାର ଆଶଙ୍କା ରହୁନାହିଁ କି ?
ଏଣୁ ସମୟ ନେଡ଼ିଗୁଡ଼ କହୁଣୀକୁ ବୋହି ଯିବା ପୂର୍ବରୁ ଏକ ସ୍ଵଚ୍ଛ ଯୁବନୀତି ପ୍ରଣୟନ କରିବାର ଆବଶ୍ୟକତା ରହିଛି ବୋଲି ଆମେ ଅନୁଭବ କରୁଛୁ। ଜାତି, ଧର୍ମ, ବର୍ଣ୍ଣ, ସମ୍ପ୍ରଦାୟ ଓ ଲିଙ୍ଗ ନିର୍ବିଶେଷରେ ଯୁବ ବର୍ଗଙ୍କୁ ରୋଜଗାରକ୍ଷମ ବା ଆତ୍ମନିର୍ଭରଶୀଳ କରାଇବା ନିମନ୍ତେ ଦେଶର ସମ୍ବିଧାନ ଉତ୍ତରଦାୟୀ ରହିବାର ନୀତି ପ୍ରଣୟନ କରିବା ନିତାନ୍ତ ଆବଶ୍ୟକ ପଡ଼ୁଛି ।
ଶିକ୍ଷାଗତ ଯୋଗ୍ୟତା ଓ କର୍ମ କୁଶଳତା କୁ ନେଇ ବେକାର ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀଙ୍କୁ ସ୍ବାବଲମ୍ବୀ ଓ ରୋଜଗାରକ୍ଷମ କରିବା ପାଇଁ ପ୍ରତ୍ୟେକ ଯୁବକ ବା ଯୁବତୀଙ୍କୁ ବିନା ସୁଧରେ ୫୦ ହଜାରରୁ ୧୦ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ବ୍ୟାଙ୍କ ଋଣ ମାଧ୍ୟମରେ ଆର୍ଥିକ ସହାୟତା ଯୋଗାଇ ଦିଆଯିବା ଆବଶ୍ୟକ। କିନ୍ତୁ ବର୍ତ୍ତମାନ ଶାସନାଧୀନ କେନ୍ଦ୍ର ଓ ରାଜ୍ଯର ସରକାର ମାନଙ୍କର ପରିଚାଳନା ନୀତି ଗୁଡିକରେ ପାତରଅନ୍ତର କରୁଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳୁଅଛି। ଆର୍ଥିକ ସହାୟତା ପାଇଥିବା ଯୁବକ ଯୁବତୀ ଯଦି ଭବିଷ୍ୟତରେ ସରକାରୀ ବା ବେସରକାରୀ ସଂସ୍ଥାରେ କର୍ମ ନିଯୁକ୍ତି ପାଆନ୍ତି, ତେବେ ବିନା ସୁଧରେ ୧୦ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ତାଙ୍କର ରୋଜଗାରରୁ ଅର୍ଥାତ୍ ଦରମାରୁ ମାସକୁ ମାସ କିସ୍ତି ଦ୍ବାରା ପରିଶୋଧ କରିବାକୁ ବାଧ୍ୟ। ଯଦି ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ ସମୟସୀମା ମଧ୍ୟରେ ଆତ୍ମନିର୍ଭରଶୀଳ ବା କର୍ମନିଯୁକ୍ତି ନ ହୁଅନ୍ତି ତେବେ ପାଇଥିବା ସହାୟତା ରାଶି (ବ୍ଯାଙ୍କ ଋଣ) କୁ ଛାଡ କରାଯିବା ଉଚିତ୍ ଏବଂ ଉକ୍ତ ଅର୍ଥକୁ ସଂପୃକ୍ତ ବ୍ୟାଙ୍କରେ ଆମ ସମ୍ବିଧାନ ନିର୍ଦ୍ଧାରଣ କରିଥିବା ଆଇନ ଦ୍ବାରା ଭରଣା କରିବାକୁ ହେବ।
ଏହାସତ୍ତ୍ୱେ ଆର୍ଥିକ ସହାୟତା ପାଇଥିବା ଯୁବକ ଯୁବତୀ ଯଦି କୈାଣସି ଅସାମାଜିକ କାର୍ଯ୍ୟରେ ଲିପ୍ତ ରହନ୍ତି ତେବେ ସେମାନଙ୍କ ଠାରୁ ସମୂଳ ସୁଧ ଆଦାୟ କରିବା ସହ ସେମାନଙ୍କ ବିରୁଦ୍ଧରେ ଏପରି କଠୋର କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ନିଆଯିବା ଆବଶ୍ୟକ ଯେପରି ଭବିଷ୍ୟତରେ ସେ କୈାଣସି କର୍ମନିଯୁକ୍ତି କିମ୍ବା ରାଜନୀତିରେ ସକ୍ରିୟ ଭୂମିକା ନିର୍ବାହ କରିପାରିବେ ନାହଁ। ଯାହା ଫଳରେ ଆଜିର ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀ ନିକମା ନସାଜି କର୍ମଠ ହୋଇ ଦେଶର ଆର୍ଥିକ ଅଭିବୃଦ୍ଧିରେ ସହାୟକ ହେବେ ଏବଂ ଆମ ଦେଶ ଭାରତ ୨୦୪୭ ମସିହା ବେଳକୁ ବିକଶିତ ହେବାର ଦେଖୁଥିବା ସ୍ବପ୍ନ ସାର୍ଥକ ହୋଇପାରିବ ବୋଲି ଲେଖକ ପୂର୍ଣ୍ଣ ଆଶାବାଦୀ।

ଉପସ୍ଥାପନା: ବାବୁଲାଲ ପଲେଇ, କେନ୍ଦୁଝର, ମୋବାଇଲ: 94371 52936

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ମହିଳା ଓ ଶିଶୁ ବିକାଶ ପ୍ରତିନିଧିଦଳଙ୍କ ପରିବାର ପରାମର୍ଶ କେନ୍ଦ୍ର ପରିଦର୍ଶନ।

ଓଡ଼ିଶାର ରାଜ୍ୟସରକାରଙ୍କର ମହିଳା ଓ ଶିଶୁ ବିଭାଗ ଓ ରାଜ୍ୟ ସମାଜକଲ୍ୟାଣ ପରିଷଦ ପ୍ରତିନିଧିଦଳ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟରେ ଥିବା ପରିବାର ପରାମର୍ଶକେନ୍ଦ୍ର ତଦାଶାକୁ ପରିଦର୍ଶନରେ ଆସିଥିଲେ। ମହିଳା ଓ ଶିଶୁ ବିକାଶ ବିଭାଗୀୟ ଉପସଚିବ ଶ୍ରୀ ଜିତେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ପାତ୍ର, ସମାଜମଙ୍ଗଳ ପରିଷଦ କୋଷାଧକ୍ଷ ଦେବେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ବାରିକ, ଜିଲ୍ଲା ସମାଜ କଲ୍ୟାଣ ଅଧିକାରିଣୀ ସବିତା ଦାଶ, ଜିଲ୍ଲା ସୁରକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ଚନ୍ଦ୍ରକାନ୍ତି ଜେନା, ସାମାଜିକ ମଙ୍ଗଳ ଅଧିକାରୀ ରଞ୍ଜୁରାଣୀ ଦାଶ, ସଦରବ୍ଲକର ଶିଶୁବିକାଶ ପ୍ରକଳ୍ପ ଅଧିକାରୀଣି ସ୍ବର୍ଣ୍ଣଲତା ବେହେରା, ଜିଲ୍ଲା ସଂଯୋଜକ ଦିବାକର ଖୁଣ୍ଟିଆ ପରିଦର୍ଶନ କରିଥିଲେ। ଦୈନନ୍ଦିନ ପରିବାର ପରାମର୍ଶ କେନ୍ଦ୍ରକୁ ଆସୁଥିବା ପାରିବାରିକ ମକଦ୍ଦମାର ପରାମର୍ଶ ମାଧ୍ୟମରେ ସମସ୍ୟାର କିଭାଳି ସମାଧାନ କରାଯାଇ ପାରୁଛି ଓ ସଫଳତାର ହାର ତଥା ସଚେତନତା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଉପରେ ପ୍ରତିନିଧି ଦଳ ସନ୍ତୋଷ ପ୍ରକାଶ କରିଥିଲେ। ଏଥିସହିତ ବିଭିନ୍ନ ରେକଡ଼ ଯାଞ୍ଚ କରି ପରିବାର ପରାମର୍ଶକେନ୍ଦ୍ର ଦ୍ୱାରା ପ୍ରସ୍ତୁତ ସମସ୍ତ ରେକଡ଼ ଅତି ଉଚ୍ଚମାନର ବୋଲି ଜଣେଇଥିଲେ। ଜିଲ୍ଲାମୁଖ୍ୟାଲୟ ସ୍ତରକୁ ଆସୁଥିବା ପାରିବାରିକ ସମସ୍ୟାଗୁଡିକ ସମାଧାନ ପାଇଁ ଅଧିକ ସଂଖ୍ୟାରେ ପରାମର୍ଶଦାତା ଏବଂ ଦାତ୍ରୀଙ୍କର ଆବଶ୍ୟକତା ରହିଛି ବୋଲି ହୃଦୟଙ୍ଗମ କରିଥିଲେ। ଏହି ପରିଦର୍ଶନ ସମୟରେ ତଦାଶାର ସମ୍ପାଦକ ଅକ୍ଷୟ କୁମାର ଚକ୍ର, ପରାମର୍ଶଦାତ୍ରୀ ଜୟଶ୍ରୀ ଦାଶ, ବିନୋଦ ବିହାରୀ ରାଉତ, କର୍ମୀ ଗୀତାରାଣୀ ଦେବତା ଓ କୃଷ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ଦେହୁରୀ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। ପରିଶେଷରେ ପ୍ରତିନିଧିମଣ୍ଡଳୀର ମୁଖ୍ୟ ଉପସଚିବ ଜିତେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ପାତ୍ର ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ସତ୍ୟଜିତ ମିଶ୍ରଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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पटना से आई एक सकारात्मक खबर में राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी से जुड़े बच्चों के लिए अहम पहल की घोषणा की है। समाज कल्याण विभाग के नेतृत्व में यह तय किया गया है कि अप्रैल–मई तक बच्चों को दो-दो सेट नई पोशाक उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और बच्चों में विद्यालयीन वातावरण के प्रति उत्साह बढ़ेगा।

जानकारी के अनुसार, करीब 52 लाख बच्चों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे बड़े पैमाने पर कपड़े की खरीद कर समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इससे न केवल बच्चों को समानता और स्वच्छता का संदेश मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर कपड़ा आपूर्ति से रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सरकार ने कामकाजी महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कई आंगनबाड़ी केंद्रों में पालना घर (क्रेच) की सुविधा भी विकसित करने की पहल की है। इससे उन माताओं को राहत मिलेगी जो नौकरी या मजदूरी के कारण छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर चिंतित रहती हैं।

इसके साथ ही किराये के भवनों में संचालित हो रहे अनेक आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है। चरणबद्ध तरीके से नए भवन बनाए जाने की योजना से आधारभूत ढांचा मजबूत होगा और बच्चों को सुरक्षित व सुव्यवस्थित वातावरण मिल सकेगा।

कुल मिलाकर, यह पहल न केवल बच्चों के पोषण और शिक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा की भावना को भी मजबूत बनाएगी। बिहार में आंगनबाड़ी व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में इसे एक ठोस और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

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वर्धा :- हिंदवी स्वराज्याचे संस्थापक छत्रपती शिवाजी महाराज यांच्या जयंती निमित्य संविधान चौक येथे 19 फरवारी ला सायंकाळी 6 वाजता विविध कार्यक्रम घेण्यात आले. त्यावेळेस प्रमुख पावणे म्हणून भीम आर्मीचे जिल्लाध्यक्ष प्रदीप भाऊ कांबळे उपस्तित होते , तर सामाजिक कार्यकर्ते प्रमोदजी खंडारे यांनी छत्रपती शिवाजी महाराज यांच्या जयंती निमित्त संबोधित केले.आणि वर्धा जिल्हा ऑटो चालक मालक संघांचे शाखाध्यक्ष विनोदभाऊ कांबळे, शाखा उपाध्यक्ष प्रवीणभाऊ लोहकरे,यांनी उपस्तित्यांचे आभार मानले. उपस्तित ऑटो युनियन सदस्य अंबादास चाफले, राजूभाऊ भगत, प्रवीण कोलापे, मधुभाऊ नरांजे, मयुर कांबळे, सोपान गायकवाड, संदीप मेंढे, बबनराव पेटकुले, गोलू खडसे, अशोक पंधराम, राकेश मेश्राम, संतोष तुरणकर, संजूभाऊ महाडोळे, गुणवंतभाऊ चौधरी, प्रमोद भाऊ मेश्राम, अजय सावरकर, भगवान बावणे, व सिंदी मेघेतील नागरिक मोठया संख्येने उपस्थित होते.

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ପାଟଣା ପଞ୍ଚାୟତରେ ଭତା ପାଇଁ ଭିଡ ସରକାରଙ୍କ ନିୟମକୁ ପି.ଇ.ଓ ଙ୍କ ଅଣଦେଖା।

ପାଟଣା: ୧୯/୨,କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ପାଟଣା ବ୍ଲକର ବଡ ପାଟଣା ପଞ୍ଚାୟତ ର ପି.ଇ.ଓ ଙ୍କ ମନମାନି ଯୋଗୁ ଭତା ପାଇଁ ଆସିଥିବା ଭତାଧାରୀ ହଇରାଣ ହେଉଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି। ସୂଚନା ଅନୁଯାୟୀ ସରକାରଙ୍କ ନିୟମ ଅନୁଯାୟୀ ମାସର ୧୫ ତାରିଖରେ ସବୁ ପଞ୍ଚାୟତ ଅଫିସରେ ଭତାଧାରୀ ମାନଙ୍କୁ ପି.ଇ.ଓ ଙ୍କ ଜରିଆରେ ଭତା ଦେବାର ବ୍ୟବସ୍ଥା ହୋଇଥିଲେ ମଧ୍ୟ ଏହି ନିୟମକୁ ବଡ ପାଟଣା ପଞ୍ଚାୟତର ପି.ଇ.ଓ ତପନ କୁମାର ମହାନ୍ତ ପାଳନ କରୁନଥିବା ଭତାଧାରୀ ମାନେ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି। ଆଜି ତା- ୧୯.୨.୨୦୨୬ ଗୁରୁବାର ଦିନ ସକାଳୁ ସକାଳୁ ୨୧ଟି ଗ୍ରାମର ୬୦୦ ରୁ ୭୦୦ ଭତା ହିତାଧିକାରୀ ମାନେ ଭତା ପାଇବା ଆଶାରେ ପଞ୍ଚାୟତ କୁ ଆସିଥିଲେ କିନ୍ତୁ ଦିନ ୧୧.୩୦ ଯାଏ ଅପେକ୍ଷା କରି ବହୁ ଭତା ହିତାଧିକାରୀ ଘରକୁ ଫେରି ଯାଇଥିଲେ। ଅପେକ୍ଷା କରିଥିବା ଭତାଧାରୀ ମାନେ ହେଲେ ମାଧପୁର ଗ୍ରାମର ବୀଣାପାଣି ନାଏକ ପୁରୁଷୋତ୍ତମ ନାଏକ ଟାଇଁଶିରା ଗ୍ରାମର ବିଦ୍ୟାଧର ରାଉଳ ମାଣିକ କାରୁଆ ଗୋଲାପ ନାଏକ ନକୁଳ କାରୁଆ ଶଂଖାଳୀ ପାତ୍ର କୁଲୁ ନାଏକ ରଘୁ ନାଏକ ଗୌତମ ନାଏକ ଗୁଳୁଦିପଷି ଗ୍ରାମର ଉମେଶ ବାରିକି ଶିସିର ବାରିକି ସୌରାଯ୍ୟ ବାରିକି ପୁରୁଷୋତ୍ତମ ନାଏକ ସୁଆମ ଗ୍ରାମର ରାମ ନାଏକ ନେପା ନାଏକ ଏବଂ କୁଲିଆ ନାଏକ ପଞ୍ଚାୟତ ଅଫିସ ସମ୍ମୁଖରେ ବସି ରହିଥିଲେ। ସୂଚନା ପାଇ କିଛି ସମୟ ପରେ ଆମ ଗଣମାଧ୍ୟମ ପ୍ରତିନିଧି ସେଠାରେ ପହଞ୍ଚି ସେଠାରେ ବସିଥିବା ଭତା ହିତାଧିକାରୀ ମାନଙ୍କ ପ୍ରତିକ୍ରିୟା ନେଇଥିଲେ ତାଙ୍କ ପ୍ରତିକ୍ରିୟାକୁ ଆଧାର କରି ଆମେ ପ୍ରଥମେ ପାଟଣା ପଞ୍ଚାୟତର ପି.ଇ.ଓ ଙ୍କୁ ଫୋନରେ କଥା ହୋଇଥିଲୁ ସେ କହିଥିଲେ ଯେ ମୋ ପାଖରେ ଭତାଧାରି ଙ୍କର ଲିଷ୍ଟି ନାହିଁ ସରପଞ୍ଚ ଙ୍କ ପଖରେ ଅଛି ସେଥିପାଇଁ ଭତା ଦିଆଯାଇ ପାରୁ ନାହିଁ କହି ତାଙ୍କର ମୋବାଇଲ ଫୋନ କୁ ବନ୍ଦ କରିଦେଇଥିଲେ।ଏହାପରେ ଆମେ ପାଟଣା ସରପଞ୍ଚ ବିନତି ବାନାରା ଙ୍କ ସହ ଫୋନରେ କଥା ହେବାରୁ ଜଣାପଡିଲା ସେହି ଭତା ଲିଷ୍ଟିଟି ତାଙ୍କ ପାଖରେ ନାହିଁ।ତାହା ପାଟଣା ବ୍ଲକ ଭତା ସେକ୍ସସନ୍ ଅଫିସରେ ତିନିଦିନ ହେଲାଣି ଅଛି। ଏହାପରେ ପାଟଣା ବିଡିଓ ମାନସ ରଞ୍ଜନ ଦଣ୍ଡପାଟ ଙ୍କ ସହ ଫୋନରେ କଥା ହେବାପରେ ପାଟଣା ପଞ୍ଚାୟତର ପି.ଇ.ଓ ସବୁ ମିଛ ବାହାନା କରୁଥିବା ଜଣାପଡିଥିଲା। ଶେଷରେ ପାଟଣା ସରପଞ୍ଚ ଓ ପାଟଣା ବିଡିଓ ଙ୍କ ହସ୍ତକ୍ଷେପ ପରେ ଦିନ ୧୨ ସମୟରେ ପି.ଇ.ଓ. ଜରିଆରେ ଭତା ବଣ୍ଟନ କାର୍ଯ୍ୟ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିଲା। ଏବେ ଦେଖିବାକୁ ବାକି ରହିଲା ପାଟଣା ବିଡିଓ ପାଟଣା ପଞ୍ଚାୟତର ପି.ଇ.ଓ ଙ୍କ ଉପରେ ଦୃଢ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ଗ୍ରହଣ କରିବା ସହ ବଦଳି ପାଇଁ ବଡ ପାଟଣା ପଞ୍ଚାୟତର ଜନସାଧାରଣ ଦାବି କରିଛନ୍ତି।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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ଶାନ୍ତି ଶୃଙ୍ଖଳା ରେ ଆରମ୍ଭ ହେଲା ମେଟ୍ରିକ୍ ପରୀକ୍ଷା, ପାଟଣା ବ୍ଲକରେ ପରୀକ୍ଷା ଦେଲେ ୧୮୨୫ ଜଣ ମାଟ୍ରିକ ପରୀକ୍ଷାର୍ଥୀ।

ପାଟଣା:୧୯/୨,ଆଜି ଠାରୁ ମାଟ୍ରିକ ପରୀକ୍ଷା ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିବା ବେଳେ ପାଟଣା ବ୍ଲକରେ ପରୀକ୍ଷା ଦେବାକୁ ଥିବା ମୋଟ ୧୯୨୫ ଜଣ ପରୀକ୍ଷାର୍ଥୀ ଙ୍କ ମଧ୍ୟରୁ ୧୮୨୫ ଜଣ ପରୀକ୍ଷାର୍ଥୀ ପରୀକ୍ଷା ଦେଇଥିବା ସୂଚନା ମିଳିଛି।ମୋଟ ୧ ଶହ ଜଣ ପରୀକ୍ଷାର୍ଥୀ ପରୀକ୍ଷା ଦେଇ ନଥିବା ଜଣାପଡିଛି।ସୂଚନା ଅନୁଯାୟୀ ଟାଙ୍ଗରପଡା ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୧୩ ଜଣ,କେନ୍ଦେଇ ପଶି ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୧୩ ଜଣ,ରାଜନଗର ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୧୫,ତୁରୁମୁଙ୍ଗା ଦଧିବାମାନ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ର ରେ ୫ ଜଣ,ଅଙ୍ଗିକଳା ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୬ ଜଣ,ମଲ୍ଲୀପଶି ଜନତା ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୮ ଜଣ,ସ୍ୱାମ ପାଟଣା ବାଳିକା ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୧୦ ଜଣ,ମୁରୁସୁଆଁ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୪ ଜଣ,ବାଉଁଶୁଳି ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୧୮ ଜଣ,ଖିରେଇଟାଙ୍ଗରି ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୪ ଜଣ,ଡୁମୁରିଆ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ୫ ଜଣ,ଏହିପରି ୧୧ ଟି ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ମୋଟ ୧ ଶହ ପରୀକ୍ଷାର୍ଥୀ ଆଜି କେନ୍ଦ୍ରରେ ପରୀକ୍ଷା ଦେଇ ନାହାନ୍ତି।ଅପର ପକ୍ଷରେ ବ୍ଲକ ମୁଖ୍ୟାଳୟ ଗୋପୀନାଥ ନାରାୟଣ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରୀକ୍ଷା କେନ୍ଦ୍ରରେ ସମସ୍ତ ୧୮୫ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ପରୀକ୍ଷା ଦେଇଥିବା ସହ ବ୍ଲକ ଶିକ୍ଷାଅଧିକାରୀ ସଚ୍ଚିଦାନନ୍ଦ ସେଠୀ ସୂଚନା ଦେଇଛନ୍ତି।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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ସାଇବର ଠକେଇ ଅଭିଯୋଗରେ ଯୁବକକୁ ଗିରଫ କଲା ରାମଚନ୍ଦ୍ରପୁର ପୋଲିସ।

ଘଷିପୁରା,୧୯/୦୨ : ସାଇବର ଅପରାଧର କଳା ଦୁନିଆରେ ନିଜର ପରିଚୟ ସୃଷ୍ଟି କରିବାକୁ ଯାଇ ଜଣେ କମ ବର୍ଷୀୟ ଯୁବକ ଜେଲ ଗଲା । କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ରାମଚନ୍ଦ୍ରପୁର ଥାନା ଅନ୍ତର୍ଗତ କୃଷ୍ଣପୁର ଗ୍ରାମର ଅବିନାଶ ଜେନା (୧୯) ନାମକ ଜଣେ ଯୁବକ ବିଭିନ୍ନ ଅନଲାଇନ୍ ଗେମ୍ ଓ ସାଇବର ଠକେଇ ଜରିଆରେ ଲକ୍ଷାଧିକ ଟଙ୍କାର କାରବାର କରି ପୋଲିସର କବଳରେ ପଡ଼ିଛି।ପୋଲିସ ସୂତ୍ରରୁ ମିଳିଥିବା ସୂଚନା ଅନୁଯାୟୀ, ଅଭିଯୁକ୍ତ ଅବିନାଶ ବ୍ୟାଙ୍କ ଅଫ୍ ଇଣ୍ଡିଆର ରାମଚନ୍ଦ୍ରପୁର ଓ ଅଳତି ଶାଖା ଏବଂ ୟୁକୋ ବ୍ୟାଙ୍କର ଘସିପୁରା ଶାଖା ଜରିଆରେ ଏହି ଅନଲାଇନ୍ ଠକେଇ କାରବାର କରୁଥିଲା। ବିଭିନ୍ନ ସମୟରେ ସେ ପ୍ରାୟ ୨୦ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କାରୁ ଅଧିକ ଟଙ୍କାର କାରବାର କରିଥିବା ପ୍ରାଥମିକ ତଦନ୍ତରୁ ଜଣାପଡ଼ିଛି।ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳରୁ ସାଇବର ଠକେଇ ଅଭିଯୋଗ ପରେ ରାମଚନ୍ଦ୍ରପୁର ଥାନା ଅଧିକାରୀ ମନୋଜ ସ୍ଵାଇଁ ଏବଂ ଏସ୍ଆଇ ସୁଶାନ୍ତ ମହାକୁଡ଼ ତଦନ୍ତ ଆରମ୍ଭ କରି କୃଷ୍ଣପୁର ଗାଁରେ ଚଢ଼ାଉ କରିଥିଲେ। ସେଠାରୁ ଅବିନାଶକୁ କାବୁ କରାଯାଇଥିଲା। ପଚରାଉଚରା ପରେ ତା'ଠାରୁ ତିନୋଟି ବ୍ୟାଙ୍କର ପାସବୁକ୍, ଦୁଇଟି ଏଟିଏମ୍ କାର୍ଡ, ପାନକାର୍ଡ, ଆଧାରକାର୍ଡ ସହ ଏକ ଦାମୀ ଆଇଫୋନ୍ ଜବତ କରାଯାଇଛି।ଏହି ଘଟଣାରେ ରାମଚନ୍ଦ୍ରପୁର ଥାନାରେ ଏକ ମାମଲା ରୁଜୁ କରାଯାଇ ବୁଧବାର ଅଭିଯୁକ୍ତକୁ ଅଦାଲତ ଚାଲାଣ କରାଯାଇଛି। ବୁଧବାର ରାମଚନ୍ଦ୍ରପୁର ଥାନାରେ ଆୟୋଜିତ ଏକ ସାମ୍ବାଦିକ ସମ୍ମିଳନୀରେ ଉପଖଣ୍ଡ ପୋଲିସ ଅଧିକାରୀ କମଲ କୁମାର ପଣ୍ଡା ଏହି ସଫଳ ଚଢ଼ାଉ ଓ ଗିରଫ ସମ୍ପର୍କରେ ସୂଚନା ଦେଇଥିଲେ। ଏହି ଘଟଣା ଅଞ୍ଚଳରେ ସାଇବର ଅପରାଧ ପ୍ରତି ପୋଲିସର କଡ଼ା ନଜର ରହିଥିବାର ସ୍ପଷ୍ଟ ସୂଚନା ଦେଇଛି।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବିଜୟ ଜେନା ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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नगर निगम' की इस घोर लापरवाही को उजागर करने के लिए आप अपनी फेसबुक पोस्ट की शुरुआत और भी कड़े शब्दों में कर सकते हैं। मथुरा जैसे धार्मिक और महत्वपूर्ण शहर के वार्ड नंबर 45 में ऐसी स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
​आप अपनी पोस्ट में यह पंक्तियाँ जोड़ सकते हैं:
​फेसबुक पोस्ट (संशोधित - कड़े शब्दों में):
​शीर्षक: मथुरा नगर निगम की शर्मनाक लापरवाही!
​क्या वार्ड नंबर 45 (बिरला मंदिर, बंगाली कॉलोनी) के निवासी इंसान नहीं हैं? पिछले 5 दिनों से सीवर का गंदा पानी सड़कों पर सैलाब बनकर बह रहा है, लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
​यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे इसी मल-मूत्र वाले पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। क्या नगर निगम किसी बड़ी महामारी का इंतज़ार कर रहा है?
​नगर निगम मथुरा-वृंदावन के अधिकारियों और क्षेत्रीय पार्षद को इस गंदगी का मंजर दिखाई नहीं दे रहा? 5 दिन से चोक पड़ी सीवर लाइन चीख-चीख कर विभाग की 'सफाई व्यवस्था' की पोल खोल रही है।
​हमारी मांग:
​तुरंत सीवर लाइन की सफाई की जाए।
​सड़कों पर भरे गंदे पानी को निकाला जाए और वहां कीटाणुनाशक का छिड़काव हो।
​प्रशासन होश में आए और अपनी जिम्मेदारी निभाए!
​#MathuraNagarNigam #Negligence #Ward45 #MathuraNews #PublicHealth #SewerageCrisis #YogiAdityanath #UPGovt @MNNMathura @dm_mathura @CMOfficeUP

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ଶ୍ରୀ ସତ୍ୟସାଇ ସେବା ସମିତିର ବରିଷ୍ଠ ସଦସ୍ଯ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକ ୯୨ବର୍ଷ ବୟସରେ ଶେଷ ନିଶ୍ବାସ ତ୍ୟାଗ।

ଓଁ ଶ୍ରୀ ସାଇରାମ, ଗଭୀର ଶୋକ ସହିତ ସୂଚନା ଯେ, କେନ୍ଦୁଝର ସହରସ୍ଥିତ ଶ୍ରୀ ସତ୍ଯସାଇ ସେବା ସମିତି ପରିବାରର ନିଷ୍ଠାବାନ୍ ସାଧକ ତଥା ଭକ୍ତ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକ ୯୨ବର୍ଷ ବୟସରେ ଶେଷ ନିଶ୍ବାସ ତ୍ୟାଗ କରି ଏହି ଇହଲୋକ ପରିତ୍ଯାଗ କରି ଭଗବାନ ବାବାଙ୍କ ଦିବ୍ୟ ଚରଣରେ ବିଲୀନ ହୋଇଛନ୍ତି। ତାଙ୍କର ନିସ୍ବାର୍ଥପର ସେବା, ଭକ୍ତି ଓ ପ୍ରଦର୍ଶିତ ମାର୍ଗ ଆମ ସମସ୍ତଙ୍କ ପାଇଁ ପ୍ରେରଣାଦାୟକ ରହିବ।
ଭଗବାନ ଶ୍ରୀ ସତ୍ୟସାଇ ବାବାଙ୍କ ଚରଣରେ ଆମେ ପ୍ରାର୍ଥନା କରୁଛୁ ଯେ, ପବିତ୍ର ଅମର ଆତ୍ମାକୁ ଶାଶ୍ୱତ ଶାନ୍ତି ଓ ଶୋକାକୁଳ ପରିବାରକୁ ଏହି ଦୁଃଖ ପରିସ୍ଥିତି ରେ ସହିବାର ଶକ୍ତି ପ୍ରଦାନ କରନ୍ତୁ।
କେନ୍ଦୁଝର ସହର ସ୍ଥିତ ଶ୍ରୀ ସତ୍ୟସାଇ ସେବା ସମିତି ର ପୂଜ୍ୟପୂଜା ବରିଷ୍ଠ ସଦସ୍ୟ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକ ପାର୍ଥିବ ଶରୀର ତ୍ଯାଗ ଆଜି ତା୧୯.୦୨.୨୦୨୬ରିଖ ସନ୍ଧ୍ୟା ସମୟରେ ହୋଇଯାଇଅଛି। ଆମ ପ୍ରାଣପ୍ରୀୟ ପୂଜ୍ୟ, ଆଦର୍ଶ, ଆମ ସମସ୍ତଙ୍କ ପ୍ରତି ତାଙ୍କ ସ୍ନେହ, ଶ୍ରଦ୍ଧା, ତ୍ୟାଗ ଓ ଭଲପାଇବା ଆମ୍ଭେମାନେ କେବେ ଭୁଲିପାରିବୁ ନାହିଁ। ଶ୍ରୀସତ୍ୟସାଇ ସେବା ସମିତିର ସମସ୍ତ ସଦସ୍ୟ ମାନଙ୍କ ତରଫରୁ ତାଙ୍କର ଅମର ଆତ୍ମାର ଶାନ୍ତି ଓ ସଦଗତି ନିମନ୍ତେ ପରମ ପ୍ରେମମୟ ଭଗବାନଙ୍କ ଠାରେ ପ୍ରାର୍ଥନା କରିବା ସହିତ ବାସଭବନରେ ପହଞ୍ଚି ଶ୍ରଦ୍ଧାଞ୍ଜଳି ଅର୍ପଣ କରିଛନ୍ତି। ସହରର ଅନେକ ମାନ୍ୟଗଣ୍ୟ ବ୍ଯକ୍ତି ସମୁହ, ପରିବାରର ବନ୍ଧୁବର୍ଗଙ୍କ ତରଫରୁ ଶୋକାକୁଳ ପରିବାର ପ୍ରତି ସମବେଦନା ଜଣାଇବା ସହିତ ଅମର ଆତ୍ମାର ସଦଗତି ନିମନ୍ତେ ଭଗବାନଙ୍କୁ ପ୍ରାର୍ଥନା କରାଯାଇଛି।

ଓଁ ଶାନ୍ତି ଶାନ୍ତି ଶାନ୍ତିଃ 🙏

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସୌଜନ୍ୟ: ଶ୍ରୀ ସତ୍ୟସାଇ ସେବା ସମିତି, କେନ୍ଦୁଝର ଗଡ଼।

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ହୁଇଲ ଚେୟାରରେ ବସି ସଂଘର୍ଷ,ଦିଵ୍ୟାଙ୍ଗ ନୃସିଂହ ରାସ୍ତା କଡରେ ଦୋକାନ ଖୋଲିଛନ୍ତି।

କେନ୍ଦୁଝର, ତା୧୯/୨- ଘଟଗାଁ ବ୍ଲକ ମୁକ୍ତାପୁର ପଞ୍ଚାୟତ ଅନ୍ତର୍ଗତ ମୁଦ୍ରାବେଡା ଗ୍ରାମର ସ୍ଥାୟୀ ବାସିନ୍ଦା ହେଉଛନ୍ତି ନୃସିଂହ ନାୟକ। ପରିବାର କହିଲେ ତାଙ୍କ ସ୍ତ୍ରୀ ଓ ତିନି ଝିଅ। ତିନି ଝିଅଙ୍କ ବାହାଘର ସରିଯାଇଛି ଘରେ ବର୍ତ୍ତମାନ ସ୍ଵାମୀସ୍ତ୍ରୀ ରହୁଛନ୍ତି। ତେବେ ଦୀର୍ଘ ୧୮ବର୍ଷ ହେଲା ନୃସିଂହ ଅଭିଶପ୍ତ ଜୀବନ କାଟୁଛନ୍ତି ଦୁଇ ଗୋଡ଼ର ପାଦରେ ଛୋଟିଆ ଘା ହୋଇଥିଲା। ପରେ ପରେ ତାହା ସଂକ୍ରମିତ ହେବାରୁ ଶେଷରେ ଦୁଇ ପାଦର ଆଙ୍ଗୁଠି କଟକ ବଡ଼ ମେଡିକାଲରେ କଟାଗଲା। ତଥାପି ଦୁଃଖ ଗଲାନାହିଁ ଧୀରେ ଧୀରେ ପାଦ ସଂକ୍ରମଣ ହୋଇ ପଚିବାକୁ ଲାଗିଲା। କେନ୍ଦୁଝର ମେଡିକାଲରେ ପୁଣିଥରେ ଅପରେସନ ହେଲା। ବର୍ତ୍ତମାନ ବି ଘା ଶୁଖିନାହିଁ। ଯାହା ଅର୍ଥ ଥିଲା ତାଙ୍କର ସବୁ ସରିଗଲା। ସରପଞ୍ଚ, ବ୍ଳକ ଅଫିସ୍, ଜିଲ୍ଲାପାଳ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଦୁଃଖ ଶୁଣେଇବାକୁ ଗଲେ। ୧୮ ବର୍ଷର ଦୁଃଖ ମଧ୍ୟରେ ସେ ପାଇଛନ୍ତି ଗୋଟେ ହୁଇଲ ଚେୟାର ଆଉ କିଛି ପାଇନାହାଁନ୍ତି। ସରକାରଙ୍କ ତରଫରୁ ଦିବ୍ୟାଙ୍ଗ ଆର୍ଥିକ ସହାୟତା ବର୍ତ୍ତମାନ ସୁଦ୍ଧା ମିଳିନାହିଁ। ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଗୁହାରି କଲେ ବି କେହି ଶୁଣିଲେ ନାହିଁ ବୋଲି ସେ କୁହନ୍ତି। ବର୍ତ୍ତମାନ ସେ ହୁଇଲ ଚେୟାରରେ ବସି ରାଜରାସ୍ତା କଡ଼ରେ ଚଣା, ବିସ୍କୁଟ ବିକୁଛନ୍ତି। ତେବେ ଆହୁରି ଦୁଃଖର ବିଷୟ ତାଙ୍କ ଝିଆରୀ ତାଙ୍କୁ ଔଷଧ ଖର୍ଚ୍ଚ ପାଇଁ ୧୫୦୦ ଟଙ୍କା ଦେଇଥିଲେ। ସେ କିନ୍ତୁ ଔଷଧ ନ ଆଣି ସେହି ପଇସାରେ ରାସ୍ତା କଡ଼ରେ ଦୋକାନ ଖୋଲି ବସିଛନ୍ତି। ତାଙ୍କ ସହିତ ଆମ ପ୍ରତିନିଧି କଥାବାର୍ତ୍ତା ହେଲାବେଳେ ତାଙ୍କ ହୃଦୟର ଅକୁହା କଥା ଓ ଆଖିର ଲୁହ ଅନେକ କିଛି କହିଦେଉଥିଲା। ଦୈନିକ ଯାହା ରୋଜଗାର କରନ୍ତି ସ୍ଵାମୀ ସ୍ତ୍ରୀ କୌଣସି ମତେ ଚଳିଯାଉଛନ୍ତି। କୌଣସି ଦଳୀୟ ଲୋକ କିମ୍ବା ନେତା ମନ୍ତ୍ରୀ ତାଙ୍କ ଦୁଃଖ ଶୁଣୁନାହାଁନ୍ତି l ତେଣୁ ସେ ସବୁକିଛି ଭଗବାନଙ୍କ ଉପରେ ଛାଡ଼ି ଦେଇଛନ୍ତି l ସମୟ କହିବ କେବେ ତାଙ୍କ ଶୁଖିଲା ଓଠ ହସ ଫୁଟିବ ନା ଏହିପରି ଆଖିଲୁହ ଓଠରେ ପିଇ ଜୀବନ ଯିବ। ତାଙ୍କୁ ସରକାରୀ ସହାୟତା ଯୋଗାଇଦେବାକୁ ସାଧାରଣରେ ତେଣୁ ଦାବି ହେଉଛି।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने असम में हाल ही में संपन्न विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Revision) को लेकर उठे सवालों पर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना तथा अपात्र, मृत अथवा डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाना था। उन्होंने कहा कि असम की विशिष्ट परिस्थितियाँ, विशेषकर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से जुड़े मुद्दे, अन्य राज्यों की तुलना में अधिक सावधानी और संवेदनशील दृष्टिकोण की मांग करते हैं। इसी कारण राज्य में पुनरीक्षण प्रक्रिया को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया। कुमार के अनुसार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, डेटा- आधारित और विधिक प्रावधानों के तहत संचालित की गई।
राजनीतिक हस्तक्षेप या हेरफेर के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने बताया कि लगभग 2.5 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से अब तक केवल करीब 500 अपीलें प्राप्त हुई हैं। उनके अनुसार यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया व्यापक रूप से सटीक रही और आम जनता ने इसे स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी नागरिक का नाम सूची से छूट गया है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम जुड़वा सकता है या जिला दंडाधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। निर्वाचन आयोग ने दोहराया है कि वह निष्पक्ष, समावेशी और पारदर्शी चुनावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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यह खबर इंदौर की है, जहाँ एक 21 वर्षीय MBA छात्रा की उसके ही परिचित युवक ने बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि युवक ने पहले युवती को शादी का भरोसा दिया, उसे “खास गिफ्ट” देने के बहाने बुलाया, फिर उसकी आँखों पर पट्टी बांधी और गोली मार दी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद भी वह कमरे में रुका रहा। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने मेडिकल स्टोर से पहले ही गोली खरीदी थी और पूरी वारदात की साजिश रची थी।

बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे को जानते थे। युवती शादी का दबाव बना रही थी, लेकिन युवक के परिवार वाले राजी नहीं थे। इसी विवाद के बीच उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस जब आरोपी को घटनास्थल पर लेकर गई तो मीडिया के सवालों पर वह बेपरवाह नजर आया और कहा— “क्या करोगे जानकर… समय आने पर सब बता दूंगा।” उसके चेहरे पर पछतावा तक नहीं दिखा।



💔 भावनात्मक सवाल

एक बेटी, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए पढ़ाई कर रही थी…
एक परिवार, जिसने उसे उम्मीदों के साथ बड़ा किया…
एक भरोसा, जिसे उसने सच मान लिया…

क्या किसी को यह हक है कि वह किसी की जिंदगी को यूँ खत्म कर दे?
क्या प्यार के नाम पर धोखा और फिर हत्या— यह हमारे समाज की सच्चाई बनती जा रही है?



⚖️ सामाजिक तर्क
1. झूठे वादे और भावनात्मक शोषण – रिश्तों में ईमानदारी की कमी आज कई जिंदगियाँ बर्बाद कर रही है।
2. परिवार और संवाद की कमी – अगर परिवारों में खुलकर बात होती, तो शायद यह नौबत न आती।
3. कानून का डर कम होना – जब अपराधी को अपने कृत्य पर पछतावा न हो, तो यह समाज के लिए बड़ा खतरा है।
4. युवाओं में बढ़ती असहिष्णुता – ‘ना’ सुनने की ताकत खत्म होती जा रही है।



यह सिर्फ एक हत्या नहीं…
यह भरोसे की हत्या है, रिश्तों की हत्या है, और हमारे सामाजिक मूल्यों पर सवाल है।

हमें अपने बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, सम्मान और जिम्मेदारी भी सिखानी होगी।
कानून को भी ऐसे मामलों में सख्त से सख्त सजा देकर उदाहरण पेश करना होगा, ताकि कोई और बेटी इस तरह अपनी जान न गंवाए।

🙏 एक बेटी के लिए न्याय की मांग करें।

💬 अपनी राय जरूर दें – क्या ऐसे अपराधों को रोकने के लिए समाज और कानून को और क्या करना चाहिए?

#JusticeForDaughter #StopViolence #RespectWomen #IndoreCase #ontario #alberta #identity

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ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ଲାଗି କୋହ୍ଲଣ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟରୁ ନରେନ୍ଦ୍ର ତ୍ରିପାଠୀ ପିଏଚଡ଼ି ଡିଗ୍ରୀ ପାଇଲେ।

କେନ୍ଦୁଝର,ତା୧୯/୨- ତ୍ରିବେଣୀ ଆର୍ଥ ମୁଭର୍ସ ପ୍ରାଇଭେଟ ଲିମିଟେଡ଼ର ଡେପୁଟି ଜେନେରାଲ ମ୍ୟାନେଜର ଭାବେ ଦୀର୍ଘ ଦିନରୁ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାରେ କାର୍ଯ୍ୟରତ ତଥା ଜିଲ୍ଲାର ଜନଜୀବନ ସହିତ ନିବିଡ଼ ଭାବେ ଜଡିତ ନରେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ତ୍ରିପାଠୀ "ବିମ୍ବାଧର ବେହେରାଙ୍କ ସୃଷ୍ଟି ରେ ଆଦିବାସୀ ଜୀବନଧାରା"ଶୀର୍ଷକ ସନ୍ଦର୍ଭ କୋହ୍ଲନ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଚାଇଁବସା, ଝାରଖଣ୍ଡର ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ବିଭାଗ ସହଯୋଗୀ ପ୍ରଫେସର ଡକ୍ଟର ସୁରେଶ ଚନ୍ଦ୍ର ଦାଶଙ୍କ ପ୍ରତ୍ୟକ୍ଷ ତତ୍ତ୍ଵାବଧାନରେ ଗବେଷଣା କରି ଉପସ୍ଥାପନ କରିଥିଲେ। ଉକ୍ତ ସନ୍ଦର୍ଭଟି ଉତ୍କଳ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଓଡ଼ିଆ ବିଭାଗ ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ପ୍ରଫେସର ଡ଼ଃ ବିଷ୍ନୁପ୍ରିୟା ଓତା ଏବଂ ମହାରାଜା ଶ୍ରୀରାମଚନ୍ଦ୍ର ଭଞ୍ଜଦେଓ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଓଡ଼ିଆ ବିଭାଗ ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ମୁଖ୍ୟ ପ୍ରଫେସର ଡ଼ଃ ଅନାଦି ଚରଣ ଗାଁଣ ଦ୍ୱାରା ପରୀକ୍ଷିତ ହୋଇ ଉଚ୍ଚ ପ୍ରଶଂସିତ ହୋଇଥିଲା ଏବଂ ନରେନ୍ଦ୍ର ତ୍ରିପାଠୀଙ୍କୁ ଡକ୍ଟର ଅଫ ଫିଲୋସଫି ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା। ଏହି ସଫଳତାର ଶ୍ରେୟ ଲାଗି ସେ ଉତ୍କଳ ବିଶ୍ଵବିଦ୍ୟାଳୟ ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ପ୍ରଫେସର ଡ଼ଃ ବିଜୟ କୁମାର ଶତପଥି, ଡ଼ଃ ବିମ୍ବାଧର ବେହେରା, ସହଧର୍ମିଣୀ ରିତାଞ୍ଜଳୀ, ପୁତ୍ର ସିଦ୍ଧାର୍ଥ, କନ୍ୟା ସିଦ୍ଧିଙ୍କୁ ସହଯୋଗ ପାଇଁ କୃତଜ୍ଞତା ଜଣାଇଛନ୍ତି। ଡକ୍ଟର ନରେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ତ୍ରିପାଠୀ ଟାଙ୍ଗୀ-ଚୌଦ୍ୱାର ଝାଡ଼େଶ୍ୱରକଡେଇ ଗ୍ରାମ ନିବାସୀ ଦୁର୍ଯ୍ୟୋଧନ ତ୍ରିପାଠୀ ଓ ଯଶୋଦା ତ୍ରିପାଠୀଙ୍କ ସାନ ପୁଅ, କର୍ମକ୍ଷେତ୍ର କେନ୍ଦୁଝରକୁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଭଲପାଉଥିବା କେନ୍ଦୁଝର ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ଅନ୍ତରରୁ କୃତଜ୍ଞତା ଜ୍ଞାପନ କରିବା ସହିତ ସମସ୍ତଙ୍କ ଆଶୀର୍ବାଦ ଭିକ୍ଷା କରିଛନ୍ତି।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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देवरिया: बखरा इंटर कॉलेज के पास शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में इंटर की परीक्षा देने जा रहे छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान आर्यन कुमार (पिता – रुदल कुमार) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, आर्यन कुमार इंटर की परीक्षा देने के लिए घर से निकले थे। रास्ते में वे अपनी मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाने के लिए रुके थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आर्यन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वाहन चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस घटना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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ପୂର୍ବ ଭାରତର ରାଜ୍ୟ ଗୁଡ଼ିକର ସାନ୍ତାଳ ଜନଜାତିକୁ ସଶକ୍ତ କରିବା ପାଇଁ ଏକ ଆଲୋଚନାଚକ୍ର ଅନୁଷ୍ଠିତ

କେନ୍ଦୁଝର, ତା୧୯/୨- କେନ୍ଦୁଝର ସହରର ମଣ୍ଡୁଆସ୍ଥିତ ପ୍ରତିଷ୍ଠିତ ସ୍ବେଚ୍ଛାସେବୀ ସଂଗଠନ ଓସ୍କା କାର୍ଯ୍ୟାଳୟର ସମ୍ମିଳନୀ କକ୍ଷରେ ସାନ୍ତାଳ ଜନଜାତିକୁ ସଶକ୍ତ କରିବା ପାଇଁ ଗଣମାଧ୍ୟମର ଭୂମିକାକୁ ନେଇ ଏକ ଆଲୋଚନାଚକ୍ର ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଭୁବନେଶ୍ବରର ସାମ୍ବାଦିକ ମନୋରଞ୍ଜନ ପଣ୍ଡାଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଏଵଂ ଓସ୍କାର ସମ୍ପାଦିକା ଧରିତ୍ରୀ ରାଉତଙ୍କ ସଂଯୋଜନାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଏହି ଆଲୋଚନାଚକ୍ରରେ ଜନଜାତି ଗବେଷକ ତଥା ଧରଣୀଧର ବିଶ୍ଵବିଦ୍ୟାଳୟର ପୂର୍ବତନ ପ୍ରାଧ୍ୟାପକ ଡ଼ା ବିମ୍ବାଧର ବେହେରା, ଜନଜାତି ଗବେଷକ ତଥା ଅକ୍ଷର ଓଡ଼ିଶା କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରତିନିଧି ଦିଲ୍ଲୀପ କୁମାର ସାହୁ, ଜନଜାତି ଗବେଷକ ତଥା ଧରଣୀଧର ବିଶ୍ଵବିଦ୍ୟାଳୟର ବାଣିଜ୍ୟ ବିଭାଗର ସହକାରୀ ପ୍ରାଧ୍ୟାପକ ନବଘନ ମଲ୍ଲିକ, ଉତ୍କଳ ସମାଜ, ଉତ୍ତର ଓଡ଼ିଶା ବ୍ୟୁରୋ ମୁଖ୍ୟ ଦିଲ୍ଲୀପ କୁମାର ସାହୁ, ଅକ୍ଷର ଓଡ଼ିଶା କେନ୍ଦୁଝର ସ୍ବତନ୍ତ୍ର ପ୍ରତିନିଧି ରାଜ କିଶୋର ଶତପଥି,ଏଫଇଏସ କେନ୍ଦୁଝର ପ୍ରକଳ୍ପ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ଅହମ୍ମଦ ସୈଫ୍ ଅମୀର ପ୍ରମୁଖ ଯୋଗଦେଇ ନିଜର ମୂଲ୍ୟବାନ ମତ ଉପସ୍ଥାପନ କରିଥିଲେ। ସରକାରୀ ପଦକ୍ଷେପଗୁଡ଼ିକୁ ଆଗକୁ ବଢ଼ାଇବାରେ ଗଣମାଧ୍ୟମର ଭୂମିକା ବୁଝିବା ପାଇଁ ଏକ ଅଧ୍ୟୟନ କରିବା ଅବସରରେ ଶିକ୍ଷାବିତ୍, ସାମ୍ବାଦିକ, ନୃବିଜ୍ଞାନୀ, ଜନଜାତି ନୀତି ବିଶେଷଜ୍ଞ, ଜନଜାତି କଲ୍ୟାଣ ଅଧିକାରୀଙ୍କ ଭୂମିକା ଉପରେ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା। ଆଜି ସାନ୍ତାଳ ଜନଜାତି ସାମ୍ନା କରୁଥିବା ସବୁଠାରୁ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ସାମାଜିକ ଓ ସାଂସ୍କୃତିକ କିମ୍ବା ବିକାଶମୂଳକ ଚ୍ୟାଲେଞ୍ଜ, ଗତ ଦଶନ୍ଧି ମଧ୍ୟରେ ସାନ୍ତାଳ ଜନସଂଖ୍ୟା ପ୍ରତି ସରକାରଙ୍କର ପ୍ରଚାର ପ୍ରୟାସ, ଗଣମାଧ୍ୟମର ପହଞ୍ଚ (ମୁଦ୍ରିତ, ପ୍ରସାରଣ, ଡିଜିଟାଲ୍ ଏବଂ ପାରମ୍ପରିକ) ପରିମାଣ ମୂଲ୍ୟାଙ୍କନ କରିବା, ଆପଣଙ୍କ ଜ୍ଞାନ ଆଧାରରେ, ଦୂରବର୍ତ୍ତୀ ସାନ୍ତାଳ ଅଞ୍ଚଳରେ ଗଣମାଧ୍ୟମର ପ୍ରବେଶ (ମୁଦ୍ରିତ, ରେଡିଓ, ଡିଜିଟାଲ୍, ପାରମ୍ପରିକ)ର ବର୍ତ୍ତମାନର ଦୃଶ୍ୟପଟ, କେଉଁ ପ୍ରକାରର ଗଣମାଧ୍ୟମ (ମୁଦ୍ରିତ, ରେଡିଓ, ଟେଲିଭିଜନ, ଡିଜିଟାଲ୍, ପାରମ୍ପରିକ) ସାନ୍ତାଳ ଜନସଂଖ୍ୟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସବୁଠାରୁ ପ୍ରଭାବଶାଳୀ ଭାବରେ ପହଞ୍ଚୁଛି ଏବଂ କାହିଁକି ଭିତ୍ତିଭୂମିଗତ ବ୍ୟବଧାନ (ଯଥା, ବିଦ୍ୟୁତ୍, ମୋବାଇଲ୍ ସିଗନାଲ, ସାକ୍ଷରତା) ସରକାରୀ ଯୋଗାଯୋଗର ପହଞ୍ଚିବାକୁ କିପରି ପ୍ରଭାବିତ କରେ, ବିହାର, ଝାଡ଼ଖଣ୍ଡ, ଓଡ଼ିଶା ଏବଂ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗରେ ଗଣମାଧ୍ୟମ ପ୍ରବେଶରେ ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ଆଞ୍ଚଳିକ ପାର୍ଥକ୍ୟ ଅଛି କି ପାରମ୍ପରିକ ଗଣମାଧ୍ୟମ କିମ୍ବା ଆଦିବାସୀ ଯୋଗାଯୋଗ ଫର୍ମଗୁଡ଼ିକ ଏବେ ବି ସୂଚନା ପ୍ରସାରଣରେ କିପରି ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରନ୍ତି, ସରକାରୀ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସମ୍ପର୍କରେ ସଚେତନତା ବୃଦ୍ଧି କରିବାରେ ଗଣମାଧ୍ୟମ ଯୋଗାଯୋଗର ପ୍ରଭାବଶାଳୀତା ମୂଲ୍ୟାଙ୍କନ କରିବା, ସାନ୍ତାଳ ପରି ଆଦିବାସୀ ସମ୍ପ୍ରଦାୟ ପ୍ରମୁଖ ଯୋଜନାଗୁଡ଼ିକ (ଯଥା, MGNREGA, ଆୟୁଷ୍ମାନ ଭାରତ, NRHM, ଏକଲବ୍ୟ ମଡେଲ ଆବାସିକ ବିଦ୍ୟାଳୟ, ଜନଜାତି ଛାତ୍ରବୃତ୍ତି) ବିଷୟରେ କେତେ ପରିମାଣରେ ସଚେତନ, ସାନ୍ତାଳ ସମ୍ପ୍ରଦାୟ ମଧ୍ୟରେ ସରକାରୀ ଯୋଜନା ବିଷୟରେ ସଚେତନତା ସୃଷ୍ଟି କରିବାରେ ଗଣମାଧ୍ୟମ (ଟିଭି, ରେଡିଓ, ମୋବାଇଲ୍, ପୋଷ୍ଟର) କେତେ ପ୍ରଭାବଶାଳୀ, କିଛି ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ ମାମଲା କିମ୍ବା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅଛି ଯେଉଁଠାରେ ଗଣମାଧ୍ୟମ ନେତୃତ୍ୱାଧୀନ ସଚେତନତା ପ୍ରୟାସ ପ୍ରଦର୍ଶନୀୟ ଭାବରେ ସଫଳ କିମ୍ବା ବିଫଳ ହୋଇଛି, ଯୋଗାଯୋଗ ଅଭିଯାନ ଡିଜାଇନ୍ କରିବା ସମୟରେ ସରକାରୀ ଯୋଜନାଗୁଡ଼ିକ ଭାଷାଗତ କିମ୍ବା ସାଂସ୍କୃତିକ ସୂକ୍ଷ୍ମତା ପାଇଁ ପର୍ଯ୍ୟାପ୍ତ ଭାବରେ ହିସାବ କରେ କି, ସାନ୍ତାଳ ଜନଜାତି ମଧ୍ୟରେ ଗଣମାଧ୍ୟମ ବ୍ୟବହାର ଢାଞ୍ଚା ବିଶ୍ଳେଷଣ କରିବା,ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳ କିମ୍ବା ବୟସ ଗୋଷ୍ଠୀରେ ସାନ୍ତାଳ ଜନଜାତିର ଗଣମାଧ୍ୟମ ବ୍ୟବହାର ଅଭ୍ୟାସ, କେଉଁ ଗଣମାଧ୍ୟମ ବିଷୟବସ୍ତୁ ବ୍ୟବହାର ଏବଂ ବିଶ୍ୱାସଯୋଗ୍ୟ ତାହା ନିର୍ଣ୍ଣୟ କରିବାରେ ଭାଷା କ'ଣ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରେ? ସ୍ଥାନୀୟ ଭାଷା ବିଷୟବସ୍ତୁ କିମ୍ବା ସାଂସ୍କୃତିକ ଭାବରେ ପ୍ରତିଧ୍ୱନିତ କାହାଣୀ କହିବା ନୀତି କିମ୍ବା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସଚେତନତାକୁ ଉନ୍ନତ କରିଛି ବୋଲି ସଫଳ ଉଦାହରଣ ଅଛି କି, ସରକାରୀ ନୀତି ସୂଚନାର ପ୍ରବେଶକୁ ସୀମିତ କରୁଥିବା ଚ୍ୟାଲେଞ୍ଜଗୁଡ଼ିକୁ ଚିହ୍ନଟ କରିବା କେଉଁ ଭିତ୍ତିଭୂମି କିମ୍ବା ପଦ୍ଧତିଗତ ସୀମାବଦ୍ଧତା ସାନ୍ତାଳ ମାନଙ୍କ ଗଣମାଧ୍ୟମରେ ପ୍ରବେଶକୁ ସର୍ବାଧିକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାବରେ ପ୍ରତିବନ୍ଧିତ କରେ, କେଉଁ ସାମାଜିକ-ସାଂସ୍କୃତିକ କାରଣଗୁଡ଼ିକ (ଯଥା, ପିତୃସତ୍ତ୍ୱ, ସୀମାନ୍ତୀକରଣ, ଆନ୍ତଃପିଢ଼ିଗତ ବ୍ୟବଧାନ) ଗଣମାଧ୍ୟମ ପ୍ରବେଶ କିମ୍ବା ବ୍ୟାଖ୍ୟାକୁ ପ୍ରଭାବିତ କରେ, ଏହି ଚ୍ୟାଲେଞ୍ଜଗୁଡ଼ିକୁ ଦୂର କରିବା ପାଇଁ ରାଜ୍ୟର ପ୍ରୟାସକୁ କିପରି ମୂଲ୍ୟାଙ୍କନ କରାଯିବ (ଯଥା, ସମ୍ପ୍ରଦାୟ ରେଡିଓ, ମୋବାଇଲ୍ ସାକ୍ଷରତା ଅଭିଯାନ), ଆଦିବାସୀ ଅଞ୍ଚଳରେ ଯୋଗାଯୋଗ ଅଭିଯାନ ଯୋଜନା କିମ୍ବା ଆରମ୍ଭ କରିବାରେ କିଛି ବ୍ୟବଧାନ ଅଛି କି, ସଶକ୍ତିକରଣରେ ଗଣମାଧ୍ୟମର ଭୂମିକା ବୃଦ୍ଧି କରିବା ପାଇଁ ରଣନୀତି ପ୍ରସ୍ତାବ ଦେବା, ଆଦିବାସୀ ସଶକ୍ତିକରଣ ପାଇଁ ଗଣମାଧ୍ୟମ ପ୍ରସାରର ପ୍ରାସଙ୍ଗିକତା, ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତି ଏବଂ ପ୍ରଭାବଶାଳୀତା ବୃଦ୍ଧି କରିବା ପାଇଁ କେଉଁ ନୀତିଗତ ସୁପାରିଶ କରାଯିବା,ନୀତି ଯୋଗାଯୋଗରେ ସମ୍ପ୍ରଦାୟ ଗଣମାଧ୍ୟମ, ସାଂସ୍କୃତିକ ନେତା କିମ୍ବା ଯୁବ ସ୍ୱେଚ୍ଛାସେବକମାନଙ୍କର ଅଧିକ ସମନ୍ୱୟ ହେବା ଉଚିତ କି? କାହିଁକି କିମ୍ବା କାହିଁକି ନୁହେଁ, ଜନଜାତି ସମ୍ପ୍ରଦାୟରୁ ମତାମତକୁ ଗଣମାଧ୍ୟମ ରଣନୀତିରେ ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତ କରିବା ପାଇଁ କେଉଁ ଯନ୍ତ୍ରପାତିକୁ ସାଂସ୍ଥାଗତିକ କରାଯାଇପାରିବ, ପ୍ରଭାବଶାଳୀ ଜନଜାତି ଯୋଗାଯୋଗ ମଡେଲ କିମ୍ବା ନବସୃଜନର ଉଦାହରଣ (ଭାରତୀୟ କିମ୍ବା ଆନ୍ତର୍ଜାତୀୟ), ବର୍ତ୍ତମାନର ନୀତି-ମିଡିଆ ଇଣ୍ଟରଫେସ୍ ଆଦିବାସୀ ଗୋଷ୍ଠୀ ପାଇଁ ପର୍ଯ୍ୟାପ୍ତ ଭାବରେ ଅଂଶଗ୍ରହଣକାରୀ ଏବଂ ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତ, ଏହି କ୍ଷେତ୍ରରେ ଆଉ କେଉଁ ଗବେଷଣା କିମ୍ବା ହସ୍ତକ୍ଷେପ ତୁରନ୍ତ ଆବଶ୍ୟକ, ସାମ୍ବାଦିକ ମାନେଆଉ କିଛି ଅଂଶୀଦାର କରିବାକୁ ଚାହୁଁଛନ୍ତି କି ଯାହା ଏହି ଗବେଷଣାର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟକୁ ମଜବୁତ କରିପାରିବ। ଏହିସବୁ ପ୍ରସଙ୍ଗକୁ ନେଇ ସମସ୍ତେ ନିଜ ନିଜର ମତ ଉପସ୍ଥାପନ କରିଥିଲେ।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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प्रियंका गांधी के असम दौरे के दौरान आयोजित कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक उस समय असहज मोड़ पर पहुंच गई, जब पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद सार्वजनिक रूप से उजागर होते दिखे। बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों की रणनीति तय करना और संगठनात्मक मजबूती पर जोर देना था, लेकिन मंच से दिए गए कुछ वक्तव्यों ने अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बरनाली फुकन और प्रद्युत भूयां के भाषणों में संगठनात्मक निर्णयों, टिकट वितरण की संभावनाओं और नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर अप्रत्यक्ष असहमति झलकी। वक्ताओं के समय निर्धारण और प्राथमिकता को लेकर भी असंतोष की चर्चा रही, जिससे कार्यक्रम का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। सूत्रों का कहना है कि कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने बंद कमरे में नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराज़गी भी व्यक्त की। यह भी संकेत मिले कि प्रदेश इकाई में रणनीतिक दिशा को लेकर एकरूपता का अभाव है। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच स्पष्ट विभाजन की रेखाएं दिखाई दीं, जो आने वाले चुनावी दौर में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती हैं। हालांकि कार्यक्रम औपचारिक रूप से शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, परंतु राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के सार्वजनिक मतभेद विपक्षी दलों को कांग्रेस पर निशाना साधने का अवसर दे सकते हैं। अभी तक पार्टी हाईकमान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि चुनावी तैयारियों के बीच संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व समन्वय कांग्रेस के लिए निर्णायक कारक साबित होंगे।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की उम्मीदवार सूची लगभग अंतिम रूप ले चुकी है और आधिकारिक घोषणा अगले सात दिनों के भीतर कर दी जाएगी। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया राज्य और केंद्रीय नेतृत्व के बीच कई दौर की बैठकों और व्यापक मंथन के बाद पूरी की गई है। पार्टी ने सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, संगठनात्मक निष्ठा और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नामों पर सहमति बनाई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही भाजपा अपने चुनावी अभियान को औपचारिक रूप से गति देगी। सूची जारी होने के बाद संभावित असंतोष को संभालना और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना पार्टी नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी। चुनावी घड़ी तेजी से आगे बढ़ रही है और आगामी घोषणा को राज्य की चुनावी दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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संगठन का दावा है कि कुछ ठेकेदार/निर्माण कंपनियाँ कथित रूप से “मिया” सरदारों के माध्यम से बांग्लादेशी मूल के “मिया मुस्लिम” श्रमिकों को राज्य में ला रही हैं और उन्हें स्थानीय निवासी दिखाने के लिए कथित तौर पर जाली कागजात तैयार कराए जा रहे हैं। 𝑨𝑨𝑺𝑼 के अनुसार, जिन निर्माण फर्मों के नाम आरोपों में सामने आए हैं उनमें अमर कंस्ट्रक्शन, जेएसबी बिल्डर्स, बीएन गरोडिया और एसके डेवलपर्स शामिल हैं। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों को जिनमें अमर कंस्ट्रक्शन से जुड़े “हलीम” तथा “ऐनुल”, “मैबुल”, “खुदा बख्श”, “सलीम शेख” और “सैयद अली” जैसे नाम शामिल बताए गए इन श्रमिकों की कथित सोर्सिंग/भर्ती और दस्तावेज़ी प्रक्रिया में लगाया गया। छात्र संगठन का कहना है कि मामला केवल श्रम-आपूर्ति का नहीं, बल्कि राज्य की सुरक्षा, वैधानिक पहचान, और स्थानीय युवाओं के रोजगार अधिकार से भी जुड़ा है। 𝑨𝑨𝑺𝑼 ने आरोप लगाया कि यदि बाहरी/अवैध श्रमिकों को स्थानीय दिखाकर काम पर लगाया जा रहा है, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक तंत्र की विफलता को दर्शाता है, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से नियमों को दरकिनार करने का संकेत भी देता है। संगठन ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा से मांग की है कि आरोपों की सत्यता सामने आने पर संबंधित कंपनियों के श्रम लाइसेंस और ठेका लाइसेंस तत्काल रद्द किए जाएँ तथा पूरे नेटवर्क कंपनियों, सरदारों, दस्तावेज़ तैयार करने वालों और श्रमिकों की पहचान प्रक्रिया की व्यापक और निष्पक्ष जांच कराई जाए। 𝑨𝑨𝑺𝑼 ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस सत्यापन, श्रम विभाग की निगरानी, पहचान-पत्रों की जांच, तथा निर्माण स्थलों पर नियमित निरीक्षण को तत्काल सख्त किया जाना चाहिए। संगठन का स्पष्ट कहना है कि यदि ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहेगा बल्कि राज्य और राष्ट्र के प्रति गंभीर विश्वासघात की श्रेणी में आएगा। फिलहाल, ये सभी आरोप 𝑨𝑨𝑺𝑼 द्वारा लगाए गए हैं; प्रशासनिक जांच/आधिकारिक पुष्टि के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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ଅନ୍ଧ ଦେଶେ ଗଲି, ଦର୍ପଣ ବିକି!
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ଏହି ଉପାଖ୍ୟାନଟି ପଢନ୍ତୁ, ସର୍ବସାଧାରଣ ନାଗରିକ ସଚେତନ ହୁଅନ୍ତୁ।

ରାଜ୍ୟରେ ନୂତନ ବିଜେପି ସରକାର ୧୮ମାସ ପୁରିବାକୁ ବସିଲାଣି। କିନ୍ତୁ ଶାସନଗାଦି ସମ୍ଭାଳିବା ପାଇଁ ରାଜ୍ୟବାସୀଙ୍କୁ ଯେଉଁ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ପ୍ରତିଶ୍ରୁତି ଦେଇଥିଲେ। ତାହା ମିଥ୍ୟାରେ ପରିଣତ ହେବାକୁ ଯାଉଛି। ରାଜ୍ୟର ବର୍ତ୍ତମାନର ଶାସନାଧିନ ସରକାଙ୍କ ଉପରେ ଲୋକଙ୍କ ଯେଉଁ ଆସ୍ଥା ଓ ବିଶ୍ବାସ ରହିଥିଲା। ତାହା ଲୋକମାନଙ୍କର ଭରସା ତୁଟିବା ଅବସ୍ଥାରେ ପହଞ୍ଚି ସାରିଛି। ଖୋଦ ମାନ୍ୟବର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଙ୍କ ନିଜସ୍ବ ନିର୍ବାଚନ ମଣ୍ଡଳୀ ତଥା ଜିଲ୍ଲାରେ ଦେଖିବାକୁ ମିଳୁଅଛି। ଦିର୍ଘଦିନ ଧରି ବିଭିନ୍ନ ଲୋକମାନଙ୍କଠାରୁ ଶୁଣି, ନିଜେ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ଭାବରେ ଅନୁସନ୍ଧାନ କରି ସତ୍ୟତାକୁ ଅନୁଭବ କଲି। ତାପରେ ଏଠାରେ ସଂକ୍ଷେପରେ ଉପସ୍ଥାପିତ କରୁଅଛି। ଯଦ୍ବାରା ସର୍ବସାଧାରଣ ନାଗରିକ ମାନଙ୍କୁ ସଚେତନ କରାଇବାରେ ବହୁତ ସହାୟକ ହେବ। ଆପଣମାନଙ୍କୁ ବିନମ୍ର ଅନୁରୋଧ, ନିଜେ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ଭାବରେ ଅନୁସନ୍ଧାନ କରି ସତ୍ୟତାକୁ ଜାଣିବା ଉଚିତ୍। ଯଥାସମ୍ଭବ ଲୋକଲୋଚନକୁ ଆଣିବା ପାଇଁ ଚେଷ୍ଟା କରିବା ନିତାନ୍ତ ଆବଶ୍ଯକ। ନଚେତ୍ ବିକାଶର ଯେଉଁ ଆଶା ଓ ଭରସା ରଖିଛନ୍ତି। ତାହାର ଫଳସ୍ବରୂପ ବିନାଶର ଦ୍ବାରରେ ପହଞ୍ଚି ଯାଇଥିବେ। ବେଳ ଥାଉଥାଉ ସାବଧାନ ଓ ସଚେତନ ରହିବା ଉଚିତ୍।

ଜିଲ୍ଲା ମୁଖ୍ୟାଳୟ ସ୍ଥିତ ବିଭିନ୍ନ ସରକାରୀ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ଗୁଡିକରେ କାର୍ଯ୍ୟରତ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରଶାସନିକ ପଦାଧିକାରୀ ଓ କର୍ମଚାରୀ ମାନଙ୍କର ଆଚରଣ ଏବଂ ଉଚ୍ଚାରଣରୁ ସ୍ପଷ୍ଟ ବାରି ହେଉଛି। ଏମାନଙ୍କୁ ସରକାରୀ ଅଧିକାରୀ ତଥା କର୍ମଚାରୀ ବୋଲି କମ୍ ଅନୁଭବ ହେବ। କିନ୍ତୁ ବର୍ତ୍ତମାନ ଶାସନାଧୀନ ବିଜେପି ସରକାର ଙ୍କର ଦଳୀୟ କର୍ମକର୍ତ୍ତା ଏବଂ ସମର୍ଥକ ଭଳି ଅନୁଭବ ହେବ। ଏହା କୌଣସି ପ୍ରକାରର ମନଗଢ଼ା କାହାଣୀ ବର୍ଣ୍ଣନା କରାଯାଉନାହିଁ ଏବଂ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରଶାସନିକ ପଦାଧିକାରୀ ଓ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କୁ ବଦନାମ କରିବା ପାଇଁ ହୀନ ଉଦ୍ଦେଶ୍ଯ ପ୍ରଣୋଦିତ ରହିଛି ବୋଲି କହିପାରବେ ନାହିଁ। କିନ୍ତୁ ଆପଣମାନଙ୍କୁ ବିନମ୍ର ଅନୁରୋଧ କରୁଅଛି, ନିଜକୁ ନିଜେ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ଭାବରେ ଏହାର ସତ୍ଯତା ଜାଣିବା ପାଇଁ ଚେଷ୍ଟା କରିବା ନିତାନ୍ତ ଜରୁରୀ।

ସାଧାରଣ ପ୍ରଶାସନ ହେଉ ବା ପୋଲିସ୍ ପ୍ରଶାସନିକ ସ୍ତରରେ ହେଉ, ଯାହା କିଛି ଦେଖିବାକୁ ଓ ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। ତାହା ହିଁ ଏଠାରେ ସଂକ୍ଷେପରେ ସିଧାସଳଖ ପ୍ରକାଶିତ କରୁଅଛି। ଆଗକୁ ମଧ୍ଯ ବିଭିନ୍ନ ବିଭାଗର ଅନେକ ଅକୁହା ବିଷୟ ସାର୍ବଜନୀନ କରାଯିବ। ଲୋକଙ୍କ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ସମସ୍ୟାର ସମାଧାନ ପାଇଁ ଅନେକ ସରକାରୀ ବିଭାଗ, ପଦାଧିକାରୀ ଓ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କୁ ନିୟୋଜିତ କରାଯାଇଛି। ସେଥିପାଇଁ ସାମ୍ବିଧାନିକ ବ୍ୟବସ୍ଥା ଅର୍ଥାତ୍ ସର୍ଭିସ ରୁଲ ଓ ରେଗୁଲେସନ ରହିଛି। ଏହା ପାଳନ କରିବା ସହିତ ଲୋକଙ୍କ ସମସ୍ୟାର ସମାଧାନ କରିବାକୁ ପଦକ୍ଷେପ ଗ୍ରହଣ କରିବା ଉଚିତ୍। ଏପରିକି ଲୋକଙ୍କୁ ସୌଜନ୍ୟତା ପୂର୍ଣ୍ଣ ବ୍ଯବହାର ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିବାକୁ ମଧ୍ଯ ଭୁଲି ଗଲେଣି। ଲୋକଙ୍କ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ସମସ୍ୟାର ସମାଧାନ କରିବାର ପନ୍ଥା ଅବଲମ୍ବନ କରିବା ପରିବର୍ତ୍ତେ ନେତା ମନ୍ତ୍ରୀ ତଥା ରାଜନୈତିକ ଦଳର କର୍ମୀ ତଥା କୁଜ୍ଜିନେତାଙ୍କ ଭଳି ପ୍ରପାଗଣ୍ଡା କଥାବାର୍ତ୍ତା କରି ବିଭ୍ରାନ୍ତ କରୁଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳୁଅଛି। ଯେକୌଣସି ରାଜନୈତିକ ଦଳର ସମର୍ଥକ ହୁଅ, ଏଥିରେ କୌଣସି ପ୍ରକାରର ଆପତ୍ତି ନାହିଁ। କିନ୍ତୁ ସର୍ଭିସ୍ ମାନୁଆଲ୍ ତଥା ରୁଲ୍ ଓ ରେଗୁଲେସନ ରହିଛି। ଏସବୁ ସରକାରୀ ଚାକିରୀ ଜୀବନକାଳରେ ପାଳନ କରିବାକୁ ଭୁଲିଯିବା ଅନୁଚିତ। ଲୋକଙ୍କୁ ସୌଜନ୍ୟତା ପୂର୍ଣ୍ଣ ବ୍ଯବହାର ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିବାକୁ ପଡିବ। ଲୋକଙ୍କ ସମସ୍ୟାର ସମାଧାନ କରିବା ପାଇଁ ସମୁଚିତ ପଦକ୍ଷେପ ଗ୍ରହଣ କରି ଲୋକଙ୍କୁ ସହାୟତା କରିବାକୁ ପଡିବ। ଯଦି ଏସବୁ କରିବା ପାଇଁ ଇଚ୍ଛା ନାହିଁ, ନେତା ଗିରି ତଥା ରାଜନୈତିକ ଦଳର ଏଜେଣ୍ଟ ବା ଚାମଚା ତଥା ଚାଟୁକାର ହେବାର ଇଚ୍ଛା ରହିଛି। ତେବେ ସରକାରୀ ଚାକିରୀ ପରିତ୍ଯାଗ କର, ସେଥିରେ କୌଣସି ପ୍ରକାରର ଆପତ୍ତି ନାହିଁ।

ବର୍ତ୍ତମାନ ଶାସନାଧୀନ ବିଜେପି ସରକାର ୧୮ମାସ ପୁରିବାକୁ ବସିଲାଣି ସବୁବେଳେ ଲୋକଙ୍କ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଓ ଲୋକଙ୍କ ସରକାର ବୋଲି କହୁଛନ୍ତି। ତେବେ ଏଠାରେ ସ୍ବତଃ ପ୍ରଶ୍ନ ଉଠୁଅଛି ଯେ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ବିଭାଗର ପଦାଧିକାରୀ ଓ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କର ନୈତିକତା ଦାୟିତ୍ୱ କଣ ? ସରକାରଙ୍କ ଦ୍ବାରା ପ୍ରସ୍ତୁତ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ଉନ୍ନୟନମୂଳକ କାର୍ଯ୍ୟଗୁଡିକୁ ଲୋକଙ୍କ ସ୍ବାର୍ଥ ଓ ସାମୁହିକ ସ୍ବାର୍ଥ ପାଇଁ ସହାୟତା କରିବା ଉଦ୍ଦେଶ୍ଯରେ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ବିଭାଗର ପଦାଧିକାରୀ ଓ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କୁ ନିୟୋଜିତ କରାଯାଇଛି। ସେମାନଙ୍କର କଣ ନୈତିକତା ଦାୟିତ୍ୱ ବୋଲି କିଛି ନାହିଁ କି? ଏହା ସ୍ବତଃ ସଂକେତ କରୁଅଛି ଯେ ବର୍ତ୍ତମାନ ଶାସନାଧୀନ ବିଜେପି ସରକାର ବିଭିନ୍ନ ସରକାରୀ ପଦାଧିକାରୀ ଓ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କୁ ଏକପ୍ରକାର ନିଜର ରାଜନୈତିକ ଦଳର କର୍ମୀ ତଥା ସମର୍ଥକ ରୂପରେ ବ୍ଯବହାର କରୁଅଛି। ବର୍ତ୍ତମାନ ସମୟରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ମୁଖ୍ୟାଳୟରେ ରହିଥିବା ବିଭିନ୍ନ ସରକାରୀ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟରେ ଏପରି ପରିସ୍ଥିତି ଦେଖିବାକୁ ମିଳୁଅଛି। ଆଗାମୀ ଦିନରେ ବିଭିନ୍ନ ବିଭାଗରେ କାର୍ଯ୍ୟରତ ପ୍ରଶାସନିକ ପଦାଧିକାରୀ ଓ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କର ଅସଲ ଚରିତ୍ର ସର୍ବସାଧାରଣ ନାଗରିକ ମାନଙ୍କ ଆଗରେ ଖୋଲାଖୋଲି ପ୍ରକାଶିତ କରାଯିବ।

ଉପସ୍ଥାପନା: ପୁରୁଷୋତ୍ତମ ପାତ୍ର, କେନ୍ଦୁଝର (ଆଜୀବନ ସଦସ୍ଯ ଆଇମା ମିଡିଆ), ମୋବାଇଲ: 8456052876

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पहली बार असम में 100% वेबकास्टिंग लागू की जाएगी। आयोग के अनुसार राज्य के प्रत्येक मतदान केंद्र पर लाइव निगरानी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को और अधिक मजबूत किया जा सके। निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान प्रतिशत का वास्तविक आंकड़ा हर दो घंटे में सार्वजनिक किया जाएगा। यह कदम डेटा-आधारित चुनाव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल अफवाहों पर अंकुश लगेगा, बल्कि मतदाताओं और राजनीतिक दलों के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होगा।आयोग के अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से चुनाव प्रणाली को और अधिक जवाबदेह तथा पारदर्शी बनाया जा रहा है। असम में यह प्रयोग भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल साबित हो सकता है।

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भारतीय वायुसेना अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में लगी भीषण जंगल की आग को नियंत्रित करने के लिए लगातार गहन हवाई अग्निशमन अभियान चला रही है। दुर्गम और दूरदराज़ पहाड़ी क्षेत्रों में आग पर काबू पाने के लिए विशेष हेलीकॉप्टरों की तैनाती की गई है। अरुणाचल प्रदेश के वालॉन्ग क्षेत्र में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने लगभग 1.4 लाख लीटर पानी गिराकर बड़े पैमाने पर लगी आग को बुझाने का प्रयास किया। यह क्षेत्र ऊंचे पर्वतीय इलाके में स्थित है, जहां जमीनी स्तर पर राहत कार्य बेहद कठिन है। इसी दौरान नागालैंड के जापफू पीक के पास स्थित द्ज़ुकोउ वैली में भी आग पर काबू पाने के लिए अभियान जारी है। यहां Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर लगातार “वॉटर बॉम्बिंग” मिशन के तहत पानी गिरा रहे हैं ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।हेलीकॉप्टर डिमापुर के पदुमपुखुरी झील से पानी भरकर बार-बार उड़ान भर रहे हैं। तीखी ढलान, कम दृश्यता और पतली हवा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अभियान बिना रुके जारी है। वायुसेना ने कहा है कि इन अभियानों का उद्देश्य आग के फैलाव को रोकना और क्षेत्र के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना है।

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शहडोल (मध्य प्रदेश):शहडोल और रीवा के बीच आवागमन को सुगम बनाने के लिए छुहिया घाटी में 6 लेन की आधुनिक टनल का निर्माण प्रस्तावित है। इस टनल के बनने से दोनों शहरों के बीच लगभग 14 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी और यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले शहडोल से रीवा पहुंचने में 4 घंटे से अधिक समय लगता था, वहीं टनल बनने के बाद यह दूरी लगभग 3 घंटे में तय की जा सकेगी।
यह परियोजना न केवल शहडोल बल्कि सीधी क्षेत्र के लोगों के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि शहडोल-रीवा और सीधी-रीवा मुख्य सड़क मार्ग पर आवागमन अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
वर्तमान में छुहिया घाटी में तीखे और अंधे मोड़ होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। टनल निर्माण के बाद इन जोखिमों से काफी हद तक राहत मिलेगी और यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद है और स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

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उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस को 32 वर्ष दिए, संघर्ष किया, कई बार अपमान सहा, यहां तक कि राहुल गांधी की मौजूदगी में उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और नाक पर चोट लगी, जिससे रक्तस्राव तक हुआ। बोरा के अनुसार, इसके बावजूद उन्होंने संगठन के लिए काम करना जारी रखा। भूपेन बोरा ने खुलासा किया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले सांसद गौरव गोगोई को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि यदि उनकी उपेक्षा जारी रही तो वे उनके खिलाफ प्रेस वार्ता करेंगे, क्योंकि वे इस प्रकार का अपमान और बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने उस पत्र की प्रति कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता जितेंद्र सिंह को भी भेजी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। बोरा ने कहा कि उसी समय उन्हें महसूस हुआ कि अब पार्टी में उनकी आवश्यकता नहीं रह गई है, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि इस्तीफे के बाद कांग्रेस हाईकमान ने उनसे बातचीत की। राहुल गांधी ने 2007 से चले आ रहे अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बोरा की कई बार मदद की थी। हालांकि, बोरा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके इस्तीफे में उठाए गए मूल मुद्दों पर किसी ने गंभीर चर्चा नहीं की। उनके अनुसार, व्यक्तिगत संबंधों की बात तो हुई, लेकिन संगठनात्मक समस्याओं और अपमान के मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए भूपेन बोरा ने कहा कि वे पार्टी के अध्यक्ष के रूप में सिर्फ “चेहरा” हैं और संगठन पर उनका वास्तविक नियंत्रण नहीं है। उन्होंने दावा किया कि धुबरी से सांसद रकीबुल हुसैन ही पार्टी के वास्तविक आधार और संचालन शक्ति हैं। बोरा के इन बयानों से असम कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर सार्वजनिक बहस का विषय बन गई है और आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और अधिक हलचल की संभावना जताई जा रही है।

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जमुई, झाझा: थाना परिसर में जन संवाद कार्यक्रम के दौरान दो किन्नरों ने छेड़खानी और कुल्हाड़ी से जान से मारने की धमकी देने के आरोप में जमकर हंगामा मचाया। पीड़ित किन्नरों ने बताया कि रजला बाजार में एक युवक ने उनके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। विरोध पर उसने कुल्हाड़ी लहराते हुए धमकी दी।घटना के बाद किन्नरों ने कई बार डायल 112 पर कॉल की, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उन्होंने आरोपी के घर जाकर परिजनों को सूचना दी, जहां माफी मांग ली गई। फिर भी सहायता न मिलने पर गुस्से में थाने पहुंचे और समाज में किन्नरों के जीने के अधिकार पर चिल्लाने लगे।इसी बीच जन संवाद के लिए पहुंचे एसपी विश्वजीत दयाल ने मौके पर स्थिति संभाली। थानाध्यक्ष संजय कुमार के उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर हंगामा शांत हो गया।

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फतुहा में फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के पास गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक और सवारी ऑटो के बीच आमने-सामने की टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब ऑटो यात्रियों को लेकर पटना की ओर जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने संतुलन खो दिया और ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग सड़क पर जा गिरे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
हादसे के बाद कुछ देर तक फोरलेन पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फोरलेन ROB के पास ट्रैफिक नियंत्रण के लिए ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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जालौन (उरई)। नगर के प्रमुख प्रवेश द्वार देवनगर चौराहे पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया प्रतीक्षालय बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। साफ-सफाई के अभाव और बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोगों को खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
देवनगर चौराहे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री उत्तर प्रदेश परिवहन निगम तथा प्राइवेट बसों के माध्यम से सफर करते हैं। यात्रियों की सुविधा के उद्देश्य से क्षेत्र पंचायत कार्यालय के समीप लगभग 5 लाख रुपये की लागत से प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया था। यहां बैठने के लिए कुर्सियां और पेयजल के लिए टंकी भी लगाई गई थी।
लेकिन बीते दो वर्षों से पेयजल टंकी गायब है, जिससे यात्रियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। वहीं प्रतीक्षालय में लगी चार कुर्सियों में से दो कुर्सियां टूट चुकी हैं और केवल दो ही कुर्सियां उपयोग योग्य बची हैं। फर्श पर फैली गंदगी, टूटी टाइल्स और गुटखे के दागों के कारण लोग बैठने से भी परहेज कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस प्रतीक्षालय की नियमित देखरेख नहीं हो रही है, जिससे यह सुविधा केंद्र अब अनुपयोगी साबित हो रहा है। राहगीरों और यात्रियों ने नगर प्रशासन से प्रतीक्षालय की साफ-सफाई, टूटी कुर्सियों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
रिपोर्ट
राजू पाटकार...

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पटना जिले के नौबतपुर प्रखंड के सरासत गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पढ़ने गई ढाई वर्ष की बच्ची की खुले नाले के चैंबर में गिरने से मौत हो गई। हाल ही में फुलवारीशरीफ के ईसापुर गांव में भी इसी तरह की घटना में दो वर्षीय बच्ची की जान गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
मृत बच्ची की पहचान रिया कुमारी के रूप में हुई है। उसके पिता राकेश कुमार गांव में मजदूरी करते हैं। परिजनों के अनुसार, रिया रोज की तरह आंगनबाड़ी केंद्र गई थी और आमतौर पर दोपहर 12 बजे तक घर लौट आती थी। गुरुवार को जब वह घर नहीं पहुंची तो परिवार को अनहोनी की आशंका हुई और तलाश शुरू की गई।
आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने पर सेविका ने बताया कि पढ़ाई के बाद बच्ची घर चली गई थी। केंद्र से घर की दूरी लगभग 100 मीटर है। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बच्ची की खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान परिजनों ने नौबतपुर थाने में बच्ची के लापता होने की लिखित शिकायत भी दी।
तलाश के दौरान ग्रामीणों की नजर सदीशोपुर-विक्रम रोड की ओर जाने वाले नाले के एक खुले चैंबर पर पड़ी। चैंबर में झांकने पर बच्ची का बैग दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पाइप लगाकर नाले का पानी निकालना शुरू किया। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद पानी कम होने पर बच्ची का शव नाले में मिला। शव को बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी गई।
नौबतपुर थानाध्यक्ष मंजीत ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पैर फिसलने से चैंबर में गिरने का प्रतीत होता है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिया है। फिलहाल परिजनों की ओर से किसी पर आरोप नहीं लगाया गया है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फुलवारीशरीफ में भी हुई थी ऐसी ही घटना
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले
फुलवारीशरीफ के रायचौक इलाके में भी दो साल की बच्ची खादिजा की खुले चैंबर में गिरने से मौत हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज में बच्ची के चैंबर में गिरने की घटना सामने आई थी। उसे इलाज के लिए पटना एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रति आक्रोश है। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
#PWD #जन जन की आवाज

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महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडळातर्फे घेण्यात येणारी इयत्ता दहावीची लेखी परीक्षा शुक्रवारपासून राज्यभरात सुरू होत आहे. या परीक्षेसाठी राज्यातील नऊ विभागीय मंडळांतून एकूण १६ लाख १५ हजार ४८९ विद्यार्थ्यांनी नोंदणी केली असून, त्यात ८ लाख ६५ हजार ७४० मुलगे, ७ लाख ४९ हजार ७३६ मुली आणि १३ ट्रान्सजेंडर विद्यार्थ्यांचा समावेश आहे.
ही परीक्षा पुणे, नागपूर, छत्रपती संभाजीनगर, मुंबई, कोल्हापूर, अमरावती, नाशिक, लातूर आणि कोकण या नऊ विभागीय मंडळांमार्फत घेण्यात येणार असून, राज्यभरातील २३,६८३ शाळांमधून विद्यार्थ्यांची नोंदणी झाली आहे. परीक्षा ५,१११ मुख्य केंद्रांवर पार पडणार असून, ती १८ मार्च रोजी संपन्न होणार आहे.
दरम्यान, नुकत्याच झालेल्या बारावी परीक्षेतील कॉपीप्रकरणांच्या पार्श्वभूमीवर यंदा दहावीच्या परीक्षेसाठी विशेष दक्षता घेण्यात येत आहे. दहावी बोर्डाच्या एकूण केंद्रांपैकी १९१ केंद्रे संवेदनशील असल्याचे स्पष्ट करत, या केंद्रांवर विशेष लक्ष ठेवण्यात येणार असल्याची माहिती मंडळाचे प्रभारी अध्यक्ष डॉ. नंदकुमार बेडशे यांनी दिली.
परीक्षेतील गैरप्रकार टाळण्यासाठी जिल्हा दक्षता समितीमार्फत बैठे पथकांची संख्या वाढवण्यात आली असून, परीक्षा केंद्रांवर सीसीटीव्ही यंत्रणा कार्यान्वित ठेवण्याचा प्रयत्न करण्यात आला आहे. मात्र, ५५४ परीक्षा केंद्रांवर सीसीटीव्ही यंत्रणा उपलब्ध होऊ शकली नाही, असेही डॉ. बेडशे यांनी स्पष्ट केले.
एकूणच, विद्यार्थ्यांना निर्भय आणि सुरळीत वातावरणात परीक्षा देता यावी यासाठी प्रशासनाकडून सर्वतोपरी खबरदारी घेण्यात येत असून, परीक्षा प्रक्रियेवर कडक नियंत्रण ठेवण्यात येणार आहे.

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बजरिया वार्ड नंबर 1,2,3 एवं 8 की समस्त महिलाओं ने कोतवाली जाकर ज्ञापन सोपा जहां महिलाओं ने बताया कि बजरिया वार्ड में अवैध शराब का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आ रही है शराब के कारण आए दिन लड़ाई झगड़ा हो रहे हैं एवं युवा पीढ़ी भटक रही है महिलाओं ने कहा कि घर से निकलने में भी परेशानियां आती हैं लोग गाली गलौज करते हैं बच्चों के एग्जाम चल रहे हैं इससे भी बच्चों को परेशानी आ रही है शराब पीकर घर में आकर गाली गलोज करना लड़ाई झगड़ा करना एवं बाहर लोग लड़ाई झगड़ा करते हैं तो बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं इसी से परेशान होकर महिला कोतवाली थाना पहुंची और समस्त वार्ड की अवैध शराब बंद करने को लेकर ज्ञापन सोपा थाना प्रभारी जी से निवेदन किया की समस्त वार्डों की अवैध शराब जल्द से जल्द बंद कराया जाए जिसमें भगवती मानव कल्याण शक्ति जिला अध्यक्ष मुकेश तोमर एवं भगवती मारो कल्याण संगठन की चढ़ते चित्रा राजपूत एवं समस्त कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही

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जौनपुर। मेडिकल स्टोर संचालक की सड़क हादसे में मौत जनपद के खुटहन क्षेत्र निवासी 55 वर्षीय डॉक्टर राम प्रताप प्रजापति की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। घटना 19 फरवरी की रात करीब 10 बजे की है। वह थाना सरायख्वाजा क्षेत्र के छतौरा मल्हनी में एक बारात में शामिल होने गए थे।

बताया जा रहा है कि बारात सड़क किनारे खड़ी थी और राम प्रताप प्रजापति रोड की पटरी पर खड़े थे। इसी दौरान मल्हनी की ओर से तेज रफ्तार और अनियंत्रित मोटरसाइकिल ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी, लेकिन काफी देर तक उन्हें उपचार के लिए अस्पताल नहीं ले जाया गया। समय पर इलाज न मिलने के कारण थोड़ी ही देर में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक राम प्रताप प्रजापति ग्राम सधनपुर, थाना खुटहन के निवासी थे और खुटहन हॉस्पिटल रोड पर मेडिकल स्टोर का संचालन करते थे। उनके परिवार में पत्नी सुमित्रा देवी (50), दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। सभी बच्चों का विवाह हो चुका है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव को घर ले आए।

इसके बाद डायल 112 के माध्यम से खुटहन पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने थाना सरायख्वाजा में तहरीर देकर मोटरसाइकिल चालक और वाहन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

घटना के बाद से पत्नी सुमित्रा देवी, बेटों और पोते-पोतियों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक की लहर व्याप्त है।

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రాజ్యాంగంలోని 3వ భాగంలో ఆర్టికల్ 12 నుండి 35 వరకు వివరించారు వీటిని "భారతదేశ మహాశాసనం" (Magna Carta of India) అని పిలుస్తారు
​ప్రస్తుతం 6 ప్రధాన ప్రాథమిక హక్కులు ఉంట్టాయి

​సమానత్వపు హక్కు (Right to Equality)

​ఆర్టికల్స్: 14 - 18
అందరూ చట్టం ముందు సమానులే అని ఈ హక్కు చెబుతుంది
​ఆర్టికల్ 14: చట్టం ముందు సమానత్వం
​ఆర్టికల్ 15: మతం, జాతి, కులం, లింగం లేదా పుట్టిన స్థలం ఆధారంగా వివక్ష చూపకూడదు
​ఆర్టికల్ 16: ప్రభుత్వ ఉద్యోగాలలో సమాన అవకాశాలు
​ఆర్టికల్ 17: అస్పృశ్యత (Untouchability) నివారణ
​ఆర్టికల్ 18: బిరుదుల రద్దు (Titles)


​స్వాతంత్ర్యపు హక్కు (Right to Freedom)

​ఆర్టికల్స్: 19 - 22
పౌరుల వ్యక్తిగత స్వేచ్ఛను ఇది కాపాడుతుంది
​ఆర్టికల్ 19: వాక్ స్వాతంత్ర్యం, భావ ప్రకటన స్వేచ్ఛ (ఇందులో 6 రకాల స్వేచ్ఛలు ఉంటాయి)
​ఆర్టికల్ 20: నేరాలకు సంబంధించి శిక్షల నుండి రక్షణ
​ఆర్టికల్ 21: జీవించే హక్కు మరియు వ్యక్తిగత స్వేచ్ఛ
​ఆర్టికల్ 21A: 6 నుండి 14 ఏళ్ల పిల్లలకు ఉచిత నిర్బంధ విద్య
​ఆర్టికల్ 22: అక్రమ అరెస్టులు, నిర్బంధం నుండి రక్షణ

పీడనాన్ని నిరోధించే హక్కు (Right against Exploitation)

​ఆర్టికల్స్: 23 - 24
బలహీన వర్గాలను దోపిడీ నుండి రక్షించే హక్కు
​ఆర్టికల్ 23: మనుషుల అక్రమ రవాణా, వెట్టిచాకిరీ నిషేధం
​ఆర్టికల్ 24: కర్మాగారాల్లో బాలకార్మిక వ్యవస్థ నిషేధం

మత స్వాతంత్ర్యపు హక్కు (Right to Freedom of Religion)

​ఆర్టికల్స్: 25 - 28
ప్రతి పౌరుడు తనకిష్టమైన మతాన్ని అనుసరించే స్వేచ్ఛ
​ఆర్టికల్ 25: ఏ మతన్నైనా స్వీకరించే, ప్రచారం చేసే స్వేచ్ఛ
​ఆర్టికల్ 26: మతపరమైన వ్యవహారాలను నిర్వహించుకునే హక్కు
​ఆర్టికల్ 27: మత ప్రచారం కోసం పన్నులు చెల్లించాల్సిన అవసరం లేదు
​ఆర్టికల్ 28: ప్రభుత్వ విద్యా సంస్థల్లో మతబోధన నిషేధం

​విద్యా, సాంస్కృతిక హక్కులు (Cultural and Educational Rights)

​ఆర్టికల్స్: 29 - 30
అల్పసంఖ్యాక వర్గాల (Minorities) ప్రయోజనాలను కాపాడటం
​ఆర్టికల్ 29: అల్పసంఖ్యాక వర్గాల భాష, లిపి, సంస్కృతి రక్షణ
​ఆర్టికల్ 30: విద్యా సంస్థలను స్థాపించుకునే హక్కు

రాజ్యాంగ పరిహారపు హక్కు (Right to Constitutional Remedies)

​ఆర్టికల్: 32
ప్రాథమిక హక్కులకు భంగం కలిగినప్పుడు నేరుగా సుప్రీంకోర్టును ఆశ్రయించే హక్కు

​డాక్టర్ బి.ఆర్. అంబేద్కర్ ఈ హక్కును "రాజ్యాంగపు ఆత్మ హృదయం" అని వర్ణించారు.

ప్రారంభంలో రాజ్యాంగంలో ఆస్తి హక్కు (Right to Property - Article 31) కూడా ప్రాథమిక హక్కుగా ఉండేది. కానీ 1978లో 44వ రాజ్యాంగ సవరణ ద్వారా దీనిని ప్రాథమిక హక్కుల జాబితా నుండి తొలగించి, ఆర్టికల్ 300A కింద సాధారణ చట్టబద్ధమైన హక్కుగా మార్చారు

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वेदान्त 2.0 — अर्थम अध्याय ✧

अद्वैत: जहाँ कोई माध्यम नहीं
अद्वैत कोई मान्यता नहीं है।
अद्वैत कोई धर्म नहीं है।
अद्वैत कोई मार्ग नहीं है।
जैसे ही अद्वैत को धर्म बनाया गया — द्वैत जन्म लेता है।
जैसे ही अद्वैत को संस्था बनाया गया — पहचान जन्म लेती है।
और जहाँ पहचान है, वहाँ मुक्ति नहीं।

1. माध्यम की सीमा

मूर्ति, मंदिर, मंत्र, गुरु, भगवान —
ये सब साधन हो सकते हैं, पर अंतिम नहीं।
माध्यम हमेशा दो बनाता है:
साधक
साध्य
और जहाँ दो हैं, वहाँ यात्रा है।
जहाँ यात्रा है, वहाँ समय है।
जहाँ समय है, वहाँ जन्म–मृत्यु का चक्र है।

2. अद्वैत — बिना माध्यम

अद्वैत में कोई बीच नहीं रहता।
न पहुँचने वाला, न पहुँचने की जगह।
जब साधन गिर जाता है —
साधना स्वयं जीवन बन जाती है।
यहाँ कुछ पाने की कोशिश नहीं होती,
क्योंकि जो है वही पूर्ण है।

3. धर्म और अद्वैत

धर्म समाज का ढाँचा है।
अद्वैत अस्तित्व का अनुभव है।
जब कोई कहता है — “यह मेरा धर्म है”,
तब बीज बो दिया जाता है।
बीज → संस्था
संस्था → पहचान
पहचान → पुनः चक्र
अद्वैत बीज नहीं बनता,
क्योंकि उसमें “मेरा” नहीं बचता।

4. घोषणा का भ्रम

यदि बुद्ध धर्म घोषित करते —
तो बौद्ध मुक्ति नहीं, परंपरा बनता।
यदि महावीर धर्म घोषित करते —
तो अनुभव नहीं, व्यवस्था बनती।
सत्य घोषणा नहीं चाहता।
घोषणा मन चाहता है।

5. वेदान्त 2.0 की पुकार

आज संसार साधनों में खड़ा है —
गुरु, विचार, पहचान, डिजिटल धर्म।

वेदान्त 2.0 कहता है

कोई मध्यस्थ नहीं।
कोई मार्ग नहीं।
कोई अंतिम पहचान नहीं।
सीधा होना।
सीधा देखना।
सीधा होना ही अद्वैत है।

घोषणा — बंधन

घोषणा सत्य नहीं होती,
घोषणा मन की आवश्यकता होती है।
सत्य को घोषणा की जरूरत नहीं,
क्योंकि सत्य स्वयं प्रकट है।
घोषणा तब जन्म लेती है जब अनुभव को पकड़कर पहचान बना ली जाती है।

1. घोषणा क्यों बंधन है

जैसे ही कोई कहता है —
“यह मेरा मार्ग है”,
“यह मेरा धर्म है”,
“यही सत्य है” —
वहीं द्वैत खड़ा हो जाता है।
घोषणा करने वाला और घोषणा मानने वाला —
दो बन जाते हैं।
और जहाँ दो हैं, वहाँ अद्वैत नहीं।

2. घोषणा से धर्म, धर्म से चक्र

घोषणा बीज है।
बीज → परंपरा बनता है।
परंपरा → संस्था बनती है।
संस्था → पहचान बनती है।
पहचान ही पुनः जन्म का कारण है।
इसलिए घोषणा मुक्ति नहीं देती —
घोषणा चक्र को स्थिर करती है।

3. अनुभव और घोषणा का अंतर

अनुभव मौन है।
घोषणा शब्द है।
मौन में कोई कर्ता नहीं रहता।
शब्द में कर्ता छिपा रहता है।
जहाँ कर्ता है — वहाँ सूक्ष्म अहंकार जीवित है।

4. अद्वैत घोषणा से परे

अद्वैत को कहा नहीं जा सकता।
कहा गया अद्वैत — विचार बन जाता है।
अद्वैत न सिद्धांत है, न शिक्षा।
वह सीधा होना है — बिना बीच के।

5. वेदान्त 2.0 की दृष्टि
न घोषणा।
न संगठन।
न पहचान।
केवल देखना।
जब देखने वाला भी गिर जाए —
वहीं अद्वैत है।

No Path. No Authority. Only Presence.-Vedanta 2.0 Life philosophy,

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ਅੱਜ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਲੜਕੇ-ਲੜਕੀਆਂ ਲਈ ਵਿਆਹ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਲੱਭਣ ਵਿੱਚ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਆਓ ਸੌਖੀ ਭਾਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਵੇਖੀਏ:

🔹 ਮੁੱਖ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ

1. ਬਹੁਤ ਉੱਚੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ

ਨੌਕਰੀ, ਤਨਖਾਹ, ਲੁੱਕਸ, ਲੰਬਾਈ, ਪਰਿਵਾਰਕ ਸਟੇਟਸ—ਹਰ ਚੀਜ਼ “ਪਰਫੈਕਟ” ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਚੰਗੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਵੀ ਰੱਦ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ।

2. ਕਰੀਅਰ ਅਤੇ ਦੇਰ ਨਾਲ ਵਿਆਹ

ਲੜਕੇ-ਲੜਕੀਆਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪੜ੍ਹਾਈ ਅਤੇ ਕਰੀਅਰ ‘ਤੇ ਧਿਆਨ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਮਰ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਚੋਣਾਂ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ।

3. ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਦਾ ਅਸਰ

ਤੁਲਨਾ (comparison) ਅਤੇ “ਡ੍ਰੀਮ ਲਾਈਫ” ਦੀ ਸੋਚ ਹਕੀਕਤ ਤੋਂ ਵੱਖ ਕਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ।

4. ਪਰਿਵਾਰਕ ਉਮੀਦਾਂ vs. ਨਿੱਜੀ ਪਸੰਦ

ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਪਸੰਦ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦੀ ਸੋਚ ਕਈ ਵਾਰ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦੀ।

5. ਭਰੋਸੇ ਦੀ ਕਮੀ

ਫਰੌਡ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ, ਗਲਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਜਾਂ ਧੋਖੇ ਦੇ ਕੇਸ ਵਧ ਰਹੇ ਹਨ।

6. ਜਾਤ-ਧਰਮ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਪਾਬੰਦੀਆਂ

ਕਈ ਪਰਿਵਾਰ ਅਜੇ ਵੀ ਕੁਝ ਸੀਮਾਵਾਂ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਰਿਸ਼ਤਾ ਕਬੂਲ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ।

7. ਆਰਥਿਕ ਦਬਾਅ

ਮਹਿੰਗਾਈ ਅਤੇ ਸੈਟਲਮੈਂਟ ਦੇ ਮਾਪਦੰਡ ਕਰਕੇ ਲੜਕਿਆਂ ‘ਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦਬਾਅ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।


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✅ ਹੱਲ ਕੀ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ?

ਉਮੀਦਾਂ ਹਕੀਕਤੀ ਰੱਖੋ

ਖੁੱਲ੍ਹ ਕੇ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰੋ

ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਵਿਚ ਸਮਝੌਤਾ ਬਣਾਓ

ਪੂਰੀ ਜਾਂਚ-ਪੜਤਾਲ ਕਰਕੇ ਹੀ ਅੱਗੇ ਵਧੋ

ਸੁਭਾਉ ਅਤੇ ਸੰਸਕਾਰ ਨੂੰ ਤਰਜੀਹ ਦਿਓ, ਸਿਰਫ਼ ਪੈਸੇ ਜਾਂ ਲੁੱਕਸ ਨਹੀਂ


ਅੱਜ ਰਿਸ਼ਤਾ ਸਿਰਫ਼ ਦੋ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਨਹੀਂ, ਦੋ ਸੋਚਾਂ ਦਾ ਮਿਲਾਪ ਹੈ।

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*स्व. श्री कालूराम गगरानी का मरणोपरांत नेत्रदान*
*गीता भवन न्यास समिति बड़नगर का 936वाँ एवं जैन सोशल ग्रुप नागदा का 55वाँ नेत्रदान सम्पन्न*

*उज्जैन/गिरधारी गेहलोत जन जन आवाज की खास खबर*

नागदा
नगर के प्रतिष्ठित गगरानी परिवार ने मानवता की अनुपम मिसाल प्रस्तुत करते हुए स्वर्गीय श्री कालूराम गगरानी के मरणोपरांत नेत्रदान का सराहनीय निर्णय लिया। उनके पुत्र अशोक, आनंदी एवं राजेश गगरानी ने शोक की घड़ी में भी समाजहित को सर्वोपरि रखते हुए यह पुण्य कार्य संपन्न कराया।
परिवारजनों की सहमति से नेत्रदान की प्रक्रिया गीता भवन न्यास समिति, बड़नगर की टीम द्वारा पूर्ण की गई। नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल के मार्गदर्शन में समस्त विधिक प्रक्रिया संपन्न हुई। यह समिति का 936वाँ नेत्रदान है, जो संस्था की निरंतर सेवा भावना का प्रमाण है।
इस मानवीय कार्य में जैन सोशल ग्रुप नागदा के नेत्रदान प्रभारी ब्रजेश बोहरा की सक्रिय भूमिका रही। उनके समन्वय से यह नगर का 55वाँ नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समय पर की गई कार्रवाई से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने की संभावना बनी है।
नेत्रदानी स्व. श्री कालूराम गगरानी का अंतिम संस्कार गुरुवार प्रातः उनके निवास स्थान से अंतिम यात्रा के उपरांत किया जाएगा।
गीता भवन न्यास समिति एवं जैन सोशल ग्रुप नागदा की ओर से अध्यक्ष धर्मेन्द्र बम व ग्रुप के सक्रिय सदस्य सी ए कमलनयन चपलोत ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा शोकाकुल परिवार के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की गई।

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झालावाड़| एडीजे कोर्ट के विशिष्ठ न्यायाधीश नरेंद्र मीना ने टोल कर्मी पर गाड़ी चढ़ाकर गंभीर घायल करने के चार साल पुराने मामले में बुधवार को एक आरोपी को 7 साल साधारण कारावास की सजा सुनाई। मामला सिंघानिया टोल प्लाजा का है जहां आरोपी ने टोल वसूलने की बात पर टोल कर्मी को कार से कुचल दिया था।
अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार गोचर ने बताया कि परिवादी चाहुबाली टिब्बी जिला हनुमानगढ़ निवासी पवन कुमार पुत्र कृष्ण कुमार जाट पिछले 6 माह से रिडकोर के भवानीमंडी रोड स्थित सिंघानिया टोल प्लाजा पर मैनेजर का कार्य करता है। 1 मई 22 को उसके मोबाइल पर रवींद्र सिंह उर्फ रवि बना ने फोन किया और कहा कि उसके मिलने वालों से टोल नहीं लेना। उसने धमकी दी कि टोल लेने पर किसी एक को गाड़ी से उड़ाना पड़ेगा। तभी तुम मनोंगे। अभी गाड़ी लेकर टोल पर आता हूं। चालान काटकर दिखाना। तभी उन्होंने सदर थानाधिकारी को कॉल कर सूचना दी।
इस दौरान पुलिस की गाड़ी आई और टोल पर साइड में खड़ी थी। तभी सिंघानिया की तरफ से एक बिना नंबर की सफेद कार स्पीड से आई। उसने बेरिंगेट्स को टक्कर मारते हुए कर्मचारी नरेंद्र रेवाड को कुचलते हुए हुए उसे 20 फीट तक घसीटते चली गई। इसको रविंद्र उर्फ रवि बना चला रहा था। घायल नरेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। लोक अभियोजक ने 19 गवाह व 24 दस्तावेज पेश किए। इस पर आरोपी रविन्द्र को 7 साल कारावास की सजा सुनाई।

Aima media झालावाड़

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जिले के 5 कॉलेजों में 7 व्याख्याता दूसरे जिलों में प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि यहां के कॉलेजों में कक्षाएं खाली हैं। कॉलेज व्याख्याता के रूप में झालावाड़ जिले के कॉलेजों में इनकी नियुक्ति तो हुई, लेकिन राजनीतिक पहुंच से इन्होंने दूसरे जिलों में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। इसके चलते कई कक्षाएं तो ऐसी हैं जो बिना व्याख्याताओं के चल रही हैं।
भास्कर टीम ने जिले के कॉलेजों की पड़ताल की तो सामने आया कि सालों से इन व्याख्याताओं का वेतन झालावाड़ से ही उठ रहा है, जबकि यह दूसरे जिलों के कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं। ऐसे में सवाल तो यह उठता है कि जब कॉलेजों में पद स्वीकृत हैं और वेतन भी यहीं से उठ रहा है, तो स्टूडेंट्स को पढ़ाएगा कौन? 1. पीजी कॉलेज, झालावाड़ {बॉटनी के 6 व्याख्याताअें के पद, 4 रिक्त, 1 हनुमानगढ़ प्रतिनियुक्ति पर: राजकीय पीजी कॉलेज झालावाड़ में बॉटनी के 6 व्याख्याताओं के पद स्वीकृत हैं। इनमें से भी यहां 4 पद रिक्त चल रहे हैं, जबकि दो ही कार्यरत हैं। एक व्याख्याता को हनुमानगढ़ जिले में प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है। नतीजा यह है कि बॉटनी के विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 2. गर्ल्स कॉलेज, झालावाड़ {होम साइंस व्याख्याता का वेतन यहां से उठ रहा , पढ़ा रहे जयपुर में: गर्ल्स कॉलेज मेंे होम साइंस के 3 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 2 व्याख्याता यहां कार्यरत हैं, जबकि 1 व्याख्याता जामडोली, जयपुर में सेवा दे रहे हैं। उनका वेतन तो झालावाड़ गर्ल्स कॉलेज से ही उठ रहा है, लेकिन कक्षा वह जामडोली, जयपुर में ले रहे हैं। जिले के इन कॉलेजों में दर्जनों पद स्वीकृत हैं, बजट भी जारी है, लेकिन शिक्षक दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं। स्थानीय छात्रों को न नियमित कक्षाएं मिल रही हैं, न विषय विशेषज्ञ। कॉलेज शिक्षा विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है कि क्या प्रतिनियुक्ति व्यवस्था मनमानी का जरिया बन चुकी है। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि जिन कॉलेजों से प्रतिनियुक्ति पर दूसरे जिलों में व्याख्याता गए वहां पर अब पद भी नहीं आ रहे हैं, क्योंकि इन कॉलेजों में पद तो प्रतिनियुक्ति वाले व्याख्याताओं के ही बोल रहे हैं, इसका सीधा का नुकसान वहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को उठाना पड़ रहा है। ^सही है कि जिले के कई व्याख्याता प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनके लिए आयुक्तालय में पत्र लिखे गए हैं। आयुक्तालय से ही कोई निर्णय हो पाएगा। वैसे आरपीएससी में नए व्याख्याता भी यहां आ रहे हैं। - रामकल्याण मीणा, प्राचार्य और नोडल अधिकारी कॉलेज 4. खानपुर कॉलेज {इकोनॉमिक्स की पढ़ाई बिना व्याख्याता, वेतन यहीं से उठ रहा: खानपुर कॉलेज में इकोनॉमिक्स का व्याख्याता नहीं है, जबकि वेतन यहीं से उठ रहा है। 2021 में इकोनॉमिक्स के व्याख्याता का स्थानांतरण दूसरे जिले में हो गया। वहां ज्वाइन कर लिया, लेकिन वेतन खानपुर कॉलेज से ही उठ रहा है। कॉलेज प्रशासन ने दो बार आयुक्तालय में पत्र भी लिख दिया। 3. बिरला कॉलेज, भवानीमंडी {अंग्रेजी के एकमात्र व्याख्याता को सवाई माधोपुर, कॉमर्स व्याख्याता जयपुर लगाया: राजकीय बिरला कॉलेज भवानीमंडी में अंग्रेजी के एकमात्र व्याख्याता को सवाईमाधोपुर और कॉमर्स में बीडीएम के व्याख्याता को जयपुर जिले में प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है। इससे भवानीमंडी के बिरला कॉलेज में अंग्रेजी और कॉमर्स की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। 5. चौमहला कॉलेज {समाजशास्त्र और हिंदी विषयों में कोई शिक्षक नहीं, पढ़ाई बाधित: राजकीय कॉलेज चौमहला में समाजशास्त्र के दो पद स्वीकृत हैं। एक पद पहले से रिक्त है। दूसरे व्याख्याता ने 27 जुलाई 23 से किशनगढ़ के बोरड़ा में प्रतिनियुक्ति करवा रखी है। कॉलेज में समाजशास्त्र पढ़ाने वाला कोई नहीं है। यही हाल हिंदी का है। यहां एकमात्र व्याख्याता ने 16 मार्च 2024 से कानोता, जयपुर सरकारी कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है। पीजी कॉलज, झालावाड़



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रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र में पत्नी के साथ बिताए गए निजी पलों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। घटना से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोगों ने इस कृत्य को अमानवीय बताया है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता का विवाह 10 मई 2025 को जिउला निवासी शिवम साहू के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज की मांग को लेकर पत्नी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। जब दहेज की मांग पूरी नहीं हुई तो उसने पत्नी के साथ बिताए गए अंतरंग क्षणों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना से पीड़िता गहरे सदमे में आ गई और उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला कायम कर जांच शुरू की।

फरारी के दौरान आरोपी 12 फरवरी को मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपने ससुराल पहुंचा और परिवार को धमकाया। इसके बाद 15 फरवरी को वह पीड़िता के भाई के घर पहुंच गया, जहां पीड़िता रह रही थी। सूचना मिलते ही समान थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे आरोपी से जान का खतरा है और उसने सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले की जानकारी देते हुए सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है तथा पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और गोपनीयता से जुड़े अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

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किशनगंज| कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में बुधवार रात बादलों की गर्जना के साथ आसमान से बरसी आफत से खेतों में खड़ी गेंहू, सरसों की फसलों में नुकसान होने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। कस्बा निवासी किसान लोकेश नागर ने बताया कि इन दिनों खेतों में सरसों की कटाई का दौर चल रहा है। कई खेतों में किसानों ने सरसों को काटकर सूखने के लिए डाला हुआ है। कटी फसल के भीगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ गया।
खेतों में खड़ी गेहूं व धनिए की फसल भी आड़ी पड़ गई। कस्बे के समीपवर्ती आंकोदिया ग्राम निवासी किसान सुरेंद्र नागर ने बताया कि बुधवार रात को तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की 80 प्रतिशत फसल जमींदोज हो गई। वहीं धनिया व चने की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। कस्बे समेत रामगढ़, रेलावन, छीनोद, बिलासगढ़, बजरंगगढ़ व तहसील क्षेत्र में किसानों को नुकसान होना सामने आ रहा है। किसानों ने बारिश से हुए नुकसान का सर्वे करवाकर सरकार से मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

Aima media झालावाड़

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जनगणना के लिए राजस्व अधिकारियों का द्वितीय प्रशिक्षण सम्पन्न

आगामी जनगणना 2027 पूर्व की जनगणनाओं की भांति इस बार भी दो चरणों में सम्पन्न की जाएगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी संकलित की जाएगी।
प्रथम चरण की तैयारियों के क्रम में जिला स्तर पर जनगणना पदाधिकारियों एवं जनगणना अधिकारियों (राजस्व) का द्वितीय प्रशिक्षण बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर डॉ. रघुवंश मणी ने अधिकारियों को जनगणना प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा विभिन्न पोर्टलों के उपयोग संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर ने पावरपॉइंट प्रस्तुति एवं डेमो के माध्यम से जनगणना 2027 की रूपरेखा, प्रारंभिक तैयारियां, कार्ययोजना (रोडमैप) एवं संगठनात्मक ढांचे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा। साथ ही संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी एवं समीक्षा जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली के वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी श्री अरविन्द माहौर, समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena Jansampark Madhya Pradesh #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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शासकीय माध्यमिक विद्यालय बड़ोखर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित

शासकीय माध्यमिक विद्यालय बड़ोखर, मुरैना में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं काउंसलिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय के निर्देशानुसार तथा सिविल सर्जन डॉ. जी.एस. तोमर के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक समस्याओं की पहचान, उनके समाधान एवं तनाव प्रबंधन के प्रभावी उपायों की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक समझाया गया।
इस अवसर पर साइकियाट्रिक चिकित्सक डॉ. अमृतराज, काउंसलर श्रीमती नीतू चौहान तथा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) अंतर्गत उमंग काउंसलर श्री अमन भदौरिया ने विद्यार्थियों को परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य सहित समस्त शिक्षकगण, 70 छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही। जिला चिकित्सालय मुरैना द्वारा भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena Jansampark Madhya Pradesh #MadhyaPradesh

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एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना में, प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला ने अस्पताल पहुंचने में देरी होने पर खुद ही चाकू से अपना पेट चाक कर नवजात को बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि महिला को अचानक तेज दर्द शुरू हुआ, लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत महिला और नवजात को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों की हालत स्थिर बताई है। डॉक्टरों के अनुसार, यह घटना अत्यंत जोखिम भरी थी और ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी होता है।
डॉक्टरों की सलाह:
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि प्रसव जैसी स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम भरा कदम न उठाएं और तुरंत अस्पताल या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की मदद लें।
स्थानीय प्रशासन का बयान:
प्रशासन ने इस घटना को गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर ध्यान देने की बात कही है।

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नागपूर : मोबाइलद्वारे पाठवलेले समन्स वैध असल्याचे मुंबई हायकोर्टाने म्हटले आहे. या आदेशामुळे न्यायप्रक्रियेत डिजिटल पद्धतींचा स्वीकार अधिक दृढ झाला असून पोलिसांना कायदेशीर संरक्षणासह आधुनिक तंत्रज्ञानाचा वापर करण्याचा मार्ग मोकळा झाला आहे.

नागपूरच्या पोक्सो न्यायालयात प्रलंबित असलेल्या एका फौजदारी खटल्यात साक्षीदारांना समन्स मोबाइल फोनद्वारे कळवण्यात आल्याची नोंद होती. विशेष न्यायालयाने इलेक्ट्रॉनिक पद्धतीने समन्स बजावणे कायदेशीर ग्राह्य नसल्याचे नमूद करत संबंधित मोबाइलवर समन्स बजावणाऱ्या पोलिस कॉन्स्टेबलला १० हजारांचा दंड केला.

नागपूर पोलिस आयुक्तांनी या आदेशाला हायकोर्टात आव्हान दिले. हायकोर्टाने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहितेमधील कलम ६४ व कलम ५३० यांचा सविस्तर संदर्भ घेतला.

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पोलिसांच्या कामकाजावर परिणाम करणारा निर्णय

इलेक्ट्रॉनिक माध्यमातून समन्स बजावण्याला न्यायालयीन मान्यता मिळाल्याने वेळ व मनुष्यबळाची बचत होईल. ग्रामीण व दुर्गम भागात प्रत्यक्ष समन्स बजावण्यात होणारा विलंब कमी होईल. पोलिस व न्यायालयाचे कामकाज गतिमान होईल.

रवींद्र सिंगल, पोलिस आयुक्त, नागपूर

या तरतुदीनुसार इलेक्ट्रॉनिक माध्यमातून। तून दिलेले समन्स विधिपूर्वक सेवा मानली जाऊ शकते, तसेच न्यायालयीन कार्यवाही, साक्षीदारांची तपासणी आणि इतर प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक पद्धतीने घेता येतात, असे म्हटले आहे.

न्या. उर्मिला फलके-जोशी यांनी यापूर्वीच्या निर्णयाचा आधार घेत समन्सचा उद्देश संबंधित व्यक्तीला खटल्याची माहिती देणे, हा असल्याचे स्पष्ट केले.

माध्यम गौण असूने माहिती पोहोचणे महत्त्वाचे आहे, असे न्यायालयाने नमूद केले. विशेष न्यायालयाने या कायदेशीर तरतुदींकडे दुर्लक्ष करून खर्च लादला, असा ठपका हायकोर्टाने ठेवला.

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বাঁকুড়ার ইন্দাস ব্লকের কুশমুড়ি হাই স্কুলে ঘটে যাওয়া ঘটনাটি কোনো বিচ্ছিন্ন ঘটনা নয়, এটা আজকের দিনের রাজনৈতিক সংস্কৃতির এক সত্য ও অস্বস্তিকর ছবিরই অংশ । মঙ্গলবার দুপুরে চলতি ক্লাসে অনুমতি ছাড়াই ঢুকে পড়েন একজন বিধায়ক, এবং ক্লাসরত শিক্ষকের সঙ্গে অভব্য আচরণ শুরু করেন । বিধায়কের এই আচরণ শিক্ষক সহ শিক্ষা-মন্দিরের মর্যাদা ও শালীনতাকে চরমভাবে আঘাত করেছে । যেখানে একটি ক্লাস হওয়ার কথা জ্ঞান, শৃঙ্খলা ও পারস্পরিক সম্মানের জায়গা, সেখানে সেদিন ক্ষমতার দম্ভ দেখানোর মঞ্চে পরিণত হয়েছে শিক্ষকের শ্রেণিকক্ষ ।

অষ্টম শ্রেণির বাংলা ক্লাস চলাকালীন হঠাৎ প্রবেশ করেন ইন্দাস বিধানসভার বিজেপি বিধায়ক নির্মলকুমার ধাড়া । মেঝে নোংরা কেন, এই প্রশ্ন ঘিরে শুরু হয় শিক্ষকের সঙ্গে প্রকাশ্য বাদানুবাদ । শিক্ষক বাস্তব সমস্যার কথা তুলে ধরলেও বিধায়কের প্রতিক্রিয়া ছিল আক্রম/*-ণাত্মক ও কর্তৃত্বপরায়ণ । একজন অভিজ্ঞ শিক্ষককে পড়ুয়াদের সামনে আঙুল তুলে প্রশ্ন করা, তাঁর সম্মানহানি করা কোনওভাবেই গ্রহণযোগ্য নয় ।

লজ্জাজনক বিষয় হল, এই পুরো ঘটনা ঘটে কচিকাঁচা পড়ুয়াদেরই সামনে । যাঁদের কাছে শিক্ষক আদর্শ ও পথপ্রদর্শক, সেই শিক্ষকের অপমান দেখে তারা কী শিক্ষা পেল, সেই প্রশ্ন থেকেই যাচ্ছে । পরবর্তী সময়ে বিধায়কের ঝাড়ু হাতে নিয়ে ক্লাস এবং স্কুল চত্বর পরিষ্কার করার নাটক পরিস্থিতি সামাল দেওয়ার এক ব্যর্থ প্রচেষ্টা বলেই মনে হল ।

শুনেছি পরবর্তীতে ক্ষমা চেয়েছেন, কিন্তু ক্ষমা চাইলেও এমন আচরণের প্রভাব সহজে মুছে যায় না । একজন সাংবিধানিক জনপ্রতিনিধির কাছ থেকে যে সংযম, দায়িত্ববোধ ও শালী/*নতা প্রত্যাশিত, এই ঘটনায় তার সম্পূর্ণ অভাব দেখলাম । শিক্ষাঙ্গণে রাজনৈতিক ক্ষমতার এই অনধিকার প্রবেশ শুধু নিন্দনীয়ই নয়, তা গণতান্ত্রিক মূল্যবোধেরও অবক্ষয় । এই ঘটনা প্রমাণ করে, ক্ষমতা যখন অহংকারে পরিণত হয়, তখন তার প্রথম শিকার হয় সমাজের নিরীহ দুর্বল শ্রেণীর শিক্ষা ও শিক্ষকের সম্মান ।

তাই সময় এসেছে, জনসাধারণসহ সকল ছাত্র-ছাত্রী এবং সমস্ত শিক্ষক সমাজের উচিৎ বাঁকুড়ার ঐ শিক্ষকের পাশে দাঁড়ানো, এখন যদি আমরা মুখ ফিরিয়ে নেই, তবে ভবিষ্যতে শিক্ষক সমাজের আরও কেউ রাজনৈতিক নেতৃত্বের দ্বারা এরকম অনধিকার হেনস্থার শিকার হবেন । এটা কখনই হতে দেওয়া যাবে না ।

লেখাটি বেশি বেশি লাইক, কমেন্ট, শেয়ার করে সকলের মধ্যে ছড়িয়ে দেওয়ার আবেদন রইলো । ধন্যবাদান্তে.... &



সূত্র : এবিপি, এবং অন্যান্য অনলাইন

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హైదరాబాద్:భారత మాతా కీ జై 🕉️🔱🚩
హైదరాబాద్‌లో ఘనంగా ప్రారంభమైన 'పండిట్ దీన్ దయాల్ ఉపాధ్యాయ మహా ప్రశిక్షణ అభియాన్'

BJP పార్టీ జాతీయ సంస్థాగత ప్రధాన కార్యదర్శి శ్రీ బి.ఎల్ సంతోష్ గారు, BJP పార్టీ జాతీయ సంస్థాగత సహ ప్రధాన కార్యదర్శి శ్రీ శివ ప్రకాశ్ గారు, BJP పార్టీ జాతీయ ప్రధాన కార్యదర్శి శ్రీ తరుణ్ చుగ్ గారు మరియు తెలంగాణ, ఆంధ్రప్రదేశ్, కర్ణాటక రాష్ట్రాల సీనియర్ BJP నాయకుల సమక్షంలో BJP పార్టీ తెలంగాణ రాష్ట్ర అధ్యక్షులు శ్రీ ఎన్ రాంచందర్ రావు గారు మరియు BJP పార్టీ ఆంధ్రప్రదేశ్ రాష్ట్ర అధ్యక్షులు శ్రీ పి.వి.ఎన్. మాధవ్ గారు పార్టీ జెండాను ఆవిష్కరించి, 'పండిట్ దీన్ దయాల్ ఉపాధ్యాయ మహా ప్రశిక్షణ అభియాన్' కార్యక్రమం అత్యంత ఘనంగా ప్రారంభించారు.

ఈ అభియాన్ కార్యక్రమంలో మూడు రాష్ట్రాలకు చెందిన ప్రశిక్షణ కమిటీ సభ్యులు పాల్గొన్నారు..
#PleaseSupportBJP 🙏

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*जावरा नगर पालिका सीएमओ रही नीता जैन को रिश्वत मामले में सजा*
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जावरा नगरपालिका में मार्च 2021 के दौरान सीएमओ रहते हुए ठेकेदार को फाइनल भुगतान के बदले रिश्वत लेने के मामले में रतलाम की विशेष कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 को फैसला सुनाया। इसमें तत्कालीन सीएमओ रही नीता जैन और लिपिक विजय सिंह शक्तावत दोनों को चार-चार साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धारा के तहत दोषी करार देते हुए यह फैसला दिया है। मामले की शिकायत पेटी कांट्रेक्टर पवन भावसार ने की थी। इसी के बाद लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने 12 मार्च 2021 को नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर बाबू शक्तावत की जैब से 18 हजार 500 रुपए की रिश्वत का लिफाफा जब्त किया था तथा ये राशि सीएमओ नीता जैन को दी जाना थी। इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव ने कहा था कि सीएमओ नीता जैन द्वारा रुपए मांगने संबंधी बातचीत की रिकार्डिंग भी उपलब्ध है। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ केस चला और अब कोर्ट ने फैसला सुना दिया है।

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১১৬ নং জাতীয় সড়কে মেশিন ভ্যানের চলাচলে রাশ টালন জেলা পুলিশ প্রশাসন , দুর্ঘটনা এড়াতে হলদিয়া মেছেদা ১১৬ নম্বর জাতীয় সড়কে পূর্ব মেদিনীপুর জেলা পুলিশের বিশেষ অভিযান শুরু হয়েছে। এই অভিযানে মেশিন ভ্যান ছাড়াও যে সমস্ত মোটরবাইকে বিকট শব্দের অতিরিক্ত সাইলেন্সার লাগানো রয়েছে সেগুলি কেও আটক করা হচ্ছে। পুলিশ সূত্রের খবর কাপাসএড়্যা এলাকায় জাতীয় সড়ক থেকে ৬ টি মেশিন ভ্যান আটক করা হয় যেগুলিতে রড, ইঁট, সিমেন্টের মতো ভারী বস্তু পরিবহন করা হচ্ছিল। মহিষাদল রাজবাড়ি চত্বরে অতিরিক্ত শব্দ উৎপন্নকারী সাইলেন্সার লাগানো মোট ৮ টি মোটরবাইক আটক করে আইনি পদক্ষেপ নিচ্ছে পুলিশ। এই সাইলেন্সারের ফলে শব্দ দূষন হচ্ছিল। পথ নিরাপত্তায় এই ধরনের অভিযান আগামী দিনেও চলবে বলে জানিয়েছে পুলিশ

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*ਐਨ ਪੀ ਐਸ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੇ ਕੀਤਾ ਅਰਥੀਫੂਕ ਮੁਜ਼ਾਹਰਾ*

*ਬਜਟ ਸੈਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵੱਲ ਕਰਨਗੇ ਕੂਚ*

*ਟੈਟ ਦੀ ਸ਼ਰਤ ਖਤਮ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ 22 ਫਰਵਰੀ ਨੂੰ ਸ਼੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਮਹਾਂ ਰੈਲੀ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਸਮਰਥਨ*

ਪੁਰਾਣੀ ਪੈਨਸ਼ਨ ਬਹਾਲੀ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਸੀਪੀਐਫ ਕਰਮਚਾਰੀ ਯੂਨੀਅਨ ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋ ਅੱਜ ਪੁਰਾਣੇ ਬੱਸ ਸਟੈਂਡ ਮੂਨਕ ਵਿਖੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਫੂਕ ਕੇ ਸੈਂਕੜਿਆਂ ਦੀ ਤਾਦਾਦ ਵਿੱਚ ਅਧਿਆਪਕ ਅਤੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਰੋਸ ਮੁਜਾਹਰਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਬੋਲਦਿਆਂ ਮਾਸਟਰ ਕਰਨੈਲ ਸਿੰਘ ਸਤਵੰਤ ਸਿੰਘ ਆਲਮਪੁਰ ਅਤੇ ਸਤੀਸ਼ ਮੂਨਕ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਆਪਣੇ ਚੋਣ ਵਾਅਦੇ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਨਾਕਾਮ ਰਹੀ ਹੈ ,ਜਿਹੜਾ 18 ਨਵੰਬਰ 2022 ਨੂੰ ਪੁਰਾਣੀ ਪੈਨਸ਼ਨ ਬਹਾਲੀ ਦਾ ਇੱਕ ਲੰਗੜਾ ਨੋਟੀਫਿਕੇਸ਼ਨ ਜਾਰੀ ਕੀਤਾ ਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਚਾਰ ਸਾਲ ਬੀਤ ਜਾਣ ਬਾਅਦ ਵੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਲਾਗੂ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕੀ। ਇਸ ਰੋਸ ਵਜੋਂ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਚੰਗਾਲੀਵਾਲਾ ਅਤੇ ਛੱਜੂ ਰਾਮ ਮਨਿਆਣਾ ਨੇ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਹੁਣ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਲਗਾਤਾਰ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਪੈਨਸ਼ਨ ਬਹਾਲੀ ਲਈ ਧਾਰੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ੀ ਚੁੱਪੀ ਵਿਰੁੱਧ ਜਬਰਦਸਤ ਰੋਹ ਭੜਕ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੇ ਤਹਿਤ ਅੱਜ ਸੈਂਕੜੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਅਰਥੀ ਫੂਕ ਕੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ। ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਬਜਟ ਸੈਸ਼ਨ ਦੋਰਾਨ ਸਮੂਹ ਐਨ ਪੀ ਐਸ ਕਰਮਚਾਰੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵੱਲ ਨੂੰ ਮਾਰਚ ਕਰਨਗੇ ਜਿਸ ਦੇ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ ਦੋਵਾਂ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਬਲਾਕ ਪੱਧਰ ਤੇ ਵਿਉਂਤਬੰਦੀ ਅਤੇ ਤਿਆਰੀ ਵਿੱਢ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਲਾਰਿਆਂ ਤੋਂ ਅੱਕੇ ਕਰਮਚਾਰੀ ਹੁਣ ਆਰ ਜਾਂ ਪਾਰ ਦੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰਨ ਦੇ ਰੌਅ ਵਿੱਚ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪਿਛਲੇ ਕੀਤੇ ਵਾਅਦੇ ਚਾਰ ਸਾਲ ਬੀਤ ਜਾਣ ਬਾਅਦ ਵੀ ਪੂਰੇ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕੀ ਉਲਟਾਂ ਪੁਰਾਣੀ ਪੈਨਸ਼ਨ ਬਹਾਲੀ ਅੰਦੋਲਨ ਤੋਂ ਧਿਆਨ ਭਟਕਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਬੜੀ ਚਲਾਕੀ ਟੈਟ ਦੀ ਸ਼ਰਤ ਨੂੰ ਥੋਪ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ।ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਤੁਰੰਤ ਟੈੱਟ ਦੀ ਬੇਲੋੜੀ ਸ਼ਰਤ ਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਪਾਸ ਕਰ ਵਾਪਸ ਲਵੇ ਨਹੀਂ ਤਾਂ 22 ਫਰਵਰੀ ਨੂੰ ਸ਼੍ਰੀ ਆਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਹੋ ਰਹੀ ਮਹਾ ਰੈਲੀ ਨੂੰ ਸਮਰਥਨ ਦਿੱਤਾ ਤੇ ਇਹਨਾਂ ਦੋਵਾਂ ਮੁੱਦਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਬਜਟ ਸੈਸ਼ਨ ਦੋਰਾਨ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵੱਲ ਮਾਰਚ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਸ਼ੀਤਲ ਕੁਮਾਰ ਰਾਜ ਸਿੰਘ ਸੰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮਾਸਟਰ ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਸਚਿਨ ਕੁਮਾਰ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜਗਦੀਪ ਸਿੰਘ ਰਿੰਕੂ ਸਿੰਘ ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਨੰਦ ਲਾਲ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਤੋ ਰਾਜੀਵ ਸ਼ਰਮਾ ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ ਨੰਦ ਗੋਪਾਲ ਕੁਲਦੀਪ ਰਾਏ ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੋਸ਼ੀ ਅਤੇ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਪ ਸ ਸ ਫ ਤੋ ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਸਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਨਗਰ ਪੰਚਾਇਤ ਮੂਨਕ ਤੋ ਮਾਈਬਖਸ਼ ਅਤੇ ਸੰਜੀਵ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਸਮੂਲੀਅਤ ਕੀਤੀ

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अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 24 फरवरी को

15 कंपनियाँ आ रही हैं भर्ती करने

युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप 24 फरवरी को प्रातः 11 बजे से गदाईपुरा रेडीमेड गारमेंट पार्क परिसर में स्थित जिला रोजगार कार्यालय में एक दिवसीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेटिंसशिप युवा संगम का आयोजन होगा। जिला रोजगार कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण शाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे इस रोजगार मेले में आकर्षक पैकेज पर निजी क्षेत्र की 15 कंपनियां भर्ती के लिये आ रही हैं।

ये कंपनियां आ रही हैं भर्ती करने

उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा संगम में भर्ती करने आ रही कंपनियों में क्विक आईटी सॉल्यूशन इन कंसल्टेंसी ग्वालियर, रेपिडो प्राइवेट लिमिटेड तानसेननगर ग्वालियर, आई नोक्स डी.बी. मॉल ग्वालियर, पेटीएम सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, टाटा स्ट्राइव स्किल डवलपमेंट पडाव ग्वालियर, आयसर अकादमी शिवपुरी, ईगल सिक्योरिटी शिवपुरी, चेकमेट सिक्योरिटी अहमदाबाद गुजरात, भारत पे प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर बजाज केपिटल प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, ए०एन०डी० सोलर प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, जॉब्स फेयर नाच प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, इन्दौर, दिल्ली, प्रेम मोर्टस प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, जोमैटो फूड प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर एवं किस्पी प्राइवेट लिमिटेड नोएडा (उ०प्र०) आदि शामिल हैं।


इन पदों के लिये होगी भर्ती

इन कंपनियों द्वारा सिक्योरिटी गार्ड, ट्रेनी वर्कर, मशीन ऑपरेटर अस्सिटेंट मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, डिप्टी डिप्टी मैनेजर इलेक्ट्रीशियन, अभिकर्ता, अप्रेटिंस ट्रेनी, सैल्स एज्यूकेटिव, फील्ड सैल्स एग्ज्यूकेटिव, ट्रेनीज, ऑफिस मैनेजमेंट, सिक्योरिटी मैनेजमेंट, पर्यवेक्षक, स्टोर कीपर, कार्यालय सहायक, हेल्पर, सुरक्षा जवान, टूर गाइड, असिस्टेट मैनेजर, सुपरवाईजर, टेली कॉलर व ड्रायवर इत्यादि पदों पर भर्ती विभिन्न क्षेत्र के सेक्टर के लिये की जायेगी। रोजगार मेले में 18 वर्ष से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। वेतनमान 10 हजार से 45 हजार रुपए तक देय होगा।

यह दस्तावेज साथ में लाने होंगे

प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिये युवाओं को समग्र आईडी, रोजगार पंजीयन क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र व बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने वाले युवक-युवतियों के लिये कार्यालय द्वारा कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
#gwalior
#RojgaarMela

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लखनऊ, 19 फरवरी 2026।
राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश ने त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण के लिए संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर आगामी पंचायत चुनाव की तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेश के मुताबिक मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से संपन्न होगी।
 7 जनवरी से 16 मार्च 2026
दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद हस्तलिखित प्रतियां तैयार करना, संबंधित कार्यालयों में जमा करना तथा मतदाताओं का सत्यापन।
21 फरवरी से 16 मार्च 2026
पूरक सूचियों का कम्प्यूटरीकरण और मूल सूची में समावेशन की कार्यवाही।
17 मार्च से 13 अप्रैल 2026
मतदान केंद्रों/स्थलों का क्रमांकन, वार्ड मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, SVN आवंटन एवं सूची डाउनलोडिंग सहित अन्य तकनीकी कार्य।
15 अप्रैल 2026
निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे।

पुनरीक्षण अवधि में सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे।

कार्यक्रम की सूचना सभी संबंधित कार्यालयों के सूचना पट पर चस्पा की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, जिससे पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से कराए जा सकें।

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कृषि कल्याण वर्ष में पशुपालन और दूध उत्पादन से बढ़ाएंगे किसानों की आय - मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषि वर्ष में एक लाख करोड़ से अधिक राशि किसान कल्याण पर खर्च होगी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्वालियर जिले के कुलैथ में विशाल किसान सम्मेलन आयोजित

लगभग 87.21 करोड़ लागत के 41 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

कुलैथ क्षेत्र के विकास के लिये की बड़ी-बड़ी सौगातों की घोषणा

कुलैथ क्षेत्र की जनता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया आत्मीय स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए दृढ़संकल्पित है। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में प्रदेश के किसानों के लिए एक लाख करोड़ से अधिक राशि का प्रावधान किसान हितैषी योजनाओं के लिये किया गया है। यह प्रदेश सरकार का किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के साथ हम प्रदेश को प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में लंबे समय से अग्रणी है। अब किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से प्रदेश में दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को कृषि कल्याण वर्ष के उपलक्ष्य में ग्वालियर जिले में स्थित भगवान जगन्नाथ की पुण्य भूमि ग्राम कुलैथ में आयोजित हुए विशाल किसान सम्मेलन में हजारों की संख्या में मौजूद किसान भाईयों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 87 करोड़ 21 लाख रुपए से अधिक लागत के 41 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। साथ ही कुलैथ क्षेत्र के विकास के लिये बड़ी-बड़ी सौगातों की घोषणा भी की। साथ ही किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिये लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

किसानों की पट्टों वाली जमीन की अपने खर्चे पर सरकार करायेगी रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की जमीन के पट्टों की रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार उठाएगी, इसके लिए बजट में पर्याप्ट धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को बैंकों के माध्यम से योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा हर संभव कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश के किसानों को सोलर पंप वितरित कर उन्हें बिजली और सिंचाई के मामले में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। बुंदेलखंड की केन-बेतवा लिंक परियोजना का लाभ चंबल क्षेत्र के किसानों को भी मिलने वाला है। चंबल नदी के माध्यम से सिंचाई की सुविधा मिलने से यहां खेतों में फसलें लहलहाएंगी।

सुपोषण के लिये सरकार स्कूली बच्चों को नि:शुल्क दूध उपलब्ध करायेगी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में पहली से 8वीं कक्षा तक के बच्चों के सुपोषण के लिये सरकार नि:शुल्क दूध उपलब्ध करायेगी। इस साल के बजट में यह योजना प्रस्तावित की गई है। साथ ही बजट में लाड़ली बहनों के लिए 23 हजार करोड़ से अधिक राशि आवंटित की गई है।

कन्हैया लोकगीतों व बैलगाड़ी दौड़ का भी लिया आनंद और पुष्पवर्षा कर किया अभिनंदन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करने से जीवन की अनेक कठिनाइयां खत्म हो जाती हैं। बाबा महाकाल ने सभी के जीवन का समय निश्चित किया है, इसलिए समाज कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण पारंपरिक लोक गायकों द्वारा प्रस्तुत कन्हैया लोकगीतों का आनंद भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया। उन्होंने मनमोहक कन्हैया लोक गीत प्रस्तुत करने वाले लोक गायकों के ऊपर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन व उत्साहवर्धन किया। लोक गायन में भाग लेने वाली सभी 18 टीमों को 5 – 5 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन स्थल के समीप स्थानीय किसानों द्वारा आयोजित पारंपरिक बैलगाड़ी दौड़ भी देखी। उन्होंने बैलगाड़ी दौड़ में शामिल हुईं 28 बैलगाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही बैलगाड़ी दौड़ में प्रथम और द्वितीय पुरस्कार के लिए क्रमश: 21 व 11 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की।

रोड शो के दौरान स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर किया अभिनंदन

कुलैथ आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब हैलीपेड से रथ पर सवार होकर रोड शो करते हुए आगे बढ़े तो मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में मौजूद जनसमुदाय द्वारा उनका पुष्प वर्षा कर भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया।

कुलैथ क्षेत्र के लिये बड़ी-बड़ी सौगातों की घोषणा

भगवान जगन्नाथ की पुण्य भूमि कुलैथ में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में शामिल होने आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुलैथ क्षेत्र को विकास कार्यों की बड़ी-बड़ी सौगातें देने की घोषणा की। इनमें डंडे वाले बाबा मंदिर तक एक किलोमीटर लक्की सड़क व ट्रांसफार्मर, भगवान जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के लिये आने वाले श्रृद्धालुओं को ठहरने के लिये भवन, युवाओं के लिये खेल मैदान व कुलैथ क्षेत्र में उद्योग की स्थापना शामिल है। साथ ही ग्राम पंचायत सुसैरा, ब्रम्हपुरा, साईंपुरा व ग्राम पंचायत सोजना के बंजारे का पुरा को आबादी क्षेत्र बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस क्षेत्र की महेश्वरा पत्थर खदान को फिर से चालू कराने के लिये राज्य शासन द्वारा भारत सरकार से अनुमति दिलाने के लिये पुरजोर प्रयास करने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर क्षेत्र के लिये हमेशा सौगातें लेकर आते हैं – सांसद श्री कुशवाह

सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर क्षेत्र के लिये हमेशा बड़ी-बड़ी सौगातें लेकर आते हैं। उन्होंने आज भी 87 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगातें दी हैं। साथ ही आज विधानसभा में प्रस्तुत हुए बजट में ग्वालियर क्षेत्र के विकास के लिये लगभग 4 लाख करोड़ से अधिक धनराशि का प्रावधान किया है। श्री कुशवाह ने कहा कि खुशी की बात है कि ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में पुल-पुलियाओं व सड़कों के निर्माण के लिये भी लगभग 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति क्षेत्रीय जनता की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया।

इन हितग्राहियों को सौंपी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान सम्मेलन में सरकार की किसान हितैषी व अन्य योजनाओं के तहत मुख्य मंच से प्रतीक स्वरूप हितलाभ भी वितरित किए। इनमें उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री खाद्य उद्यम योजना के तहत श्री रवि अग्रवाल को सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिये 25 लाख रुपए की सहायता राशि, प्रधानमंत्री कुसुम सोलर योजना के तहत सोलर इकाई के लिये 6 करोड़ 20 लाख, कृषि विभाग के तहत मिनी स्प्रिंकलर के लिये श्री परसराम कुशवाह को 57 हजार, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत घाटीगांव एवं डबरा के संकुल स्तरीय संगठन से जुड़े 34 उत्पादक समूहों को अधोसंरचना व कार्यशील पूंजी मद अंतर्गत साढ़े 95 लाख रुपए एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ही एमकेएसपी परियोजना के तहत एकीकृत कृषि विकास परियोजना में लाइवलीहुड सर्विस सेंटर एवं सीआरपी मानदेय के रूप में 4 दीदियों को दी गई 22 लाख 70 हजार रुपए की आर्थिक सहायता शामिल है।

कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी

किसान सम्मेलन में जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव व उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, संत श्री राजेश्वरानंद जी, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सीताराम मांझी, लोकमाता अहिल्याबाई बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह पाल, भाजपा जिला अध्यक्ष ग्रामीण श्री प्रेम सिंह राजपूत, बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह यादव तथा श्री शिवराज सिंह यादव व श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मंचासीन थे।

इन कार्यों का हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 66 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत से 29 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें मउच विकासखण्ड भितरवार में उप स्वास्थ्य केन्द्र, भदरौली विकासखंड मुरार में उप स्वास्थ्य केन्द्र, सिसगांव विकासखण्ड डबरा में उप स्वास्थ्य केन्द्र, सांदीपनि शाउमावि बेरजा में नवीन भवन निर्माण, शासकीय हाईस्कूल रेशम मिल में नवीन भवन निर्माण, ट्रिपल आईटीएम के सामने अंतर्राष्ट्रीय खेलगांव हजीरा में ऐथलेटिक ट्रेक पवेलियन का निर्माण, ग्राम पंचायत बरेठा में मेन रोड से रामप्रसाद के पुरा तक रोड निर्माण 2 कि.मी., देवगढ़ से हनुमान कॉलोनी सांसन की ओर लम्बाई 2 कि.मी., ग्राम पंचायत भेंगना में भेंगना से समाया पहुँच मार्ग, बसौटा में मल्टी परपज सेंटर, ग्राम पंचायत जग्गूपुरा में सूरजपुरा की पहाड़िया से डोगरपुर की ओर रोड निर्माण 3 कि.मी., ग्राम पंचायत सरसपुरा के कारसदेव मंदिर तक सड़क निर्माण 2 कि.मी., ग्राम पंचायत शुक्लहारी में सेमरा से मेहगांव देवगढ़ मेनरोड तक मार्ग निर्माण 3 कि.मी., धूमेश्वर प्रांगण पेवर ब्लॉक एवं सौंदर्यीकरण, ग्राम पंचायत बड़ेराभारस में सिद्धबाबा के पास चौपरा नाले पर चैकडेम, वार्ड-25 में कल्पना नगर सात नंबर चौराहा पूनम स्वीट्स के पीछे गली में डामरीकरण रोड निर्माण कार्य, वार्ड-25 में लाल साहब की बगीची की विभिन्न गलियों में सीसी रोड निर्माण कार्य, वार्ड-29 में मधुवन एन्क्लेव में सीसी रोड निर्माण कार्य, वार्ड-29 में वर्कशॉप नगर निगम कार्यालय से करौली माता मंदिर तक डामरीकरण रोड निर्माण कार्य, वार्ड-30 में कैलाश विहार इनकम टैक्स ऑफिस से एयरटेल ऑफिस एवं एलेन कोचिंग के आसपास सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य, वार्ड-58 में माधवनगर में अग्रवाल हॉस्पिटल से गोयल मार्बल तक सीसी रोड एवं नाला निर्माण कार्य, वार्ड-58 में शेर ए पंजाब होटल से माधवनगर गेट तक डामरीकरण कार्य, ग्राम चपरौली विकासखंड मुरार में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल के माध्यम से पेयजल व्यवस्था, ग्राम रेंहट विकासखंड घाटीगाँव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल के माध्यम से पेयजल व्यवस्था, ग्राम केरूआ विकासखंड भितरवार में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल के माध्यम से पेयजल व्यवस्था, विकासखंड डबरा के ग्राम किरोल, देवगढ़, जनकपुर व धवा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल के माध्यम से पेयजल व्यवस्था शामिल हैं।

इन कार्यों हुआ भूमिपूजन

कार्यक्रम में 20 करोड़ 64 लाख रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया। इनमें नयागांव रायरू बायपास से रेडियो रूम तक 0.50 कि.मी. सड़क निर्माण, सिकरवार मार्केट से पुरानी छावनी चौराहा मार्ग पर नाला निर्माण लम्बाई 1.30 कि.मी., रायरू से बॉडन का पुरा होते हुए जोर वाले नाले बाबा गंगापुर प्यारा सिंह का पुरा मार्ग 4 किलोमीटर, नवीन जनपद पंचायत भवन निर्माण भितरवार, वार्ड क्र.-19 में सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर भिण्ड रोड डामरीकरण कार्य, वार्ड क्र.-19 में रणधीर कॉलोनी गेट से पिन्टू पार्क टंकी शिव कॉलोनी तक सीसी रोड निर्माण, वार्ड क्र.-21 में बैंक कॉलोनी में नाला निर्माण एवं बिरलानगर पुल के नीचे बिरलानगर रेलवे स्टेशन एप्रोच रोड सीसी निर्माण कार्य, वार्ड क्र.-23 में गल्ला कोठार कबीर आश्रम में खुला सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, वार्ड-56 में विजयनगर आमखो आयुर्वेदिक कॉलेज से कौशल्या सदन तक डामरीकरण रोड निर्माण कार्य, वार्ड-57 में संजय कॉम्प्लेक्स के सामने भास्कर प्रेस वाली गली में सीसी रोड निर्माण कार्य एवं वार्ड क्र.-60 में लोटस विला में सीसी रोड निर्माण कार्य शामिल हैं।

विभागीय योजनाओं, नवाचारों व तकनीकों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी देखी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि प्रदर्शनी में लगाए गए 16 स्टॉलों का भ्रमण कर विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा प्रदर्शित योजनाओं, नवाचारों एवं तकनीकी जानकारी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ फूलों की खेती एवं ड्रिप स्प्रिंकलर का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर द्वारा हाइड्रोपोनिक खेती, कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा उन्नत कृषि तकनीक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती व पराली प्रबंधन, कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा उन्नत कृषि उपकरण का प्रदर्शन किया गया। इसी तरह पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं, मत्स्य पालन विभाग द्वारा पोषक बायोफ्लॉक के माध्यम से मछली पालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को उर्वरक वितरण व्यवस्था का प्रदर्शन किया गया।
राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा मंडी मॉडल, जिला उद्योग केंद्र द्वारा “एक जिला एक उत्पाद” एवं अन्य जिलों में निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड, तथा “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत, वजन अभियान, पोषण-आहार से बने व्यंजन, तथा विटानिया फाउंडेशन द्वारा फूड बास्केट का प्रदर्शन किया गया।
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग द्वारा जैविक खेती, जैव उर्वरक, कीटनाशक, कड़कनाथ मुर्गी, अंडे, मसाले एवं अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन कर उनसे बातचीत भी की और उनके उत्पादों की जानकारी भी ली।
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CM Madhya Pradesh
Tulsi Silawat

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20/2/2026 (மாசி8) வெள்ளிக்கிழமை
*இன்றைய தலைப்புச் செய்திகள்!*

🗞️ இந்தியாவிலேயே தமிழ்நாட்டில்தான் பெண்கள், குழந்தைகளுக்கு சிறப்பான பாதுகாப்பு-முதலமைச்சர் மு.க.ஸ்டாலின்

🗞️ தமிழ்நாடு அரசியலில் அதிரடி திருப்பமாக திமுக கூட்டணியில் இணைந்தது தேமுதிக

🗞️ தமிழ்நாடு, புதுச்சேரி சட்டப்பேரவைத் தேர்தலில் திமுக சார்பில் போட்டியிட விருப்பமனுக்கள் இன்று முதல் விநியோகம்

🗞️பிரதமர் மோடியின் திருச்சி பொதுக்கூட்டத்திற்கான இடம் தேர்வில் பாஜக தீவிரம்

🗞️ பாமக தலைவராக தன்னை தேர்தல் ஆணையம் பதிவு செய்யும் வரை தேர்தல் அறிவிப்பு வெளியிடக் கூடாது:ராமதாஸ் மனு மீது இன்று சென்னை உயர்நீதிமன்றத்தில் விசாரணை

🗞️ இன்று நிறைவடைகிறது சட்டமன்ற பட்ஜெட் கூட்டத்தொடர்

🗞️ உச்சநீதிமன்றம் அதிரடி உத்தரவு தமிழ்நாடு வக்பு வாரியம் செயல்பட அனுமதி: உயர்நீதிமன்றம் பிறப்பித்த உத்தரவுக்கு தடை

🗞️ புழல் சிறையில் அடைக்கப்பட்ட விசாரணைக் கைதி உடல்நலக்குறைவால் உயிரிழப்பு. காவல்துறையின் துன்புறுத்தலே காரணம் என இளைஞரின் தாய் குற்றச்சாட்டு

🗞️ மக்கள் விரோத திமுகவுடன் இணைந்தது கேப்டன் ஆத்மா மன்னிக்காது-தமிழக பாஜக விமர்சனம்

🗞️ கர்நாடகா உள்ளிட்ட 22 மாநிலங்களில் வாக்காளர் பட்டியல் சிறப்பு தீவிர திருத்தம் ஏப்ரல் மாதம் தொடங்கும்-தேர்தல் ஆணையம்

🗞️ வளமான எதிர்காலத்திற்கான இந்தியாவின் இலக்கு ஏஐ அனைவருக்குமான தொழில்நுட்பமாக இருக்க வேண்டும்-பிரதமர் மோடி

🗞️ அணுசக்தி ஒப்பந்தத்தில் 10 நாட்களுக்குள் ஈரான் கையெழுத்திட வேண்டும். மறுத்தால் மோசமான விளைவுகளைச் சந்திக்க நேரிடும் என ட்ரம்ப் மிரட்டல்

🗞️ தென்கிழக்கு வங்க கடலில் உருவாகிறது புதிய காற்றழுத்த தாழ்வுப் பகுதி

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जनगणना-2027 का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करें — चंबल कमिश्नर

प्रथम चरण में मकान सूचीकरण व गणना 1 से 30 मई 2026 तक

भारत की जनगणना-2027 का कार्य प्रदेश स्तर पर प्रारंभ हो चुका है। इसी क्रम में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में चंबल संभाग आयुक्त श्री सुरेश कुमार ने राजस्व अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील कार्य है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता, सावधानी एवं समय-सीमा में त्रुटिरहित ढंग से संपन्न करना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि जनगणना का प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित होगा, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में की जाएगी।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए ऐसे कर्मचारियों का चयन किया जाए, जो स्वस्थ हों, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित न हों, एक वर्ष के भीतर सेवानिवृत्त न होने वाले हों तथा जिनकी अन्य आवश्यक सेवाएँ प्रभावित न हों।

आयुक्त ने कहा कि जनगणना भारत के नागरिकों की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय विशेषताओं की जानकारी का सबसे बड़ा एवं विश्वसनीय सांख्यिकीय स्रोत है, जिसके आधार पर शासन की नीतियों एवं योजनाओं का निर्माण किया जाता है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1872 से प्रारंभ हुई यह प्रक्रिया स्वतंत्रता के बाद की आठवीं तथा कुल मिलाकर 16वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी।

उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना-2027 में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्व-गणना पोर्टल (एसई पोर्टल), मोबाइल एप (एचएलओ एप) के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन एचएलबीसी वेब पोर्टल से तथा जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी कार्य सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

जनगणना चुनाव के समान अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व : कलेक्टर

इस अवसर पर कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि जनगणना कार्य चुनाव के समान अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, इसलिए इसमें प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी, अनुशासन एवं सजगता आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को पूर्ण पारदर्शिता, समन्वय एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाए तथा लंबे अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों को इस कार्य में शामिल न किया जाए।

कलेक्टर ने बताया कि प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण एकत्रित करेंगे। वहीं जनसंख्या गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक गतिविधि, प्रवास एवं प्रजनन संबंधी जानकारी संकलित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिले की 8 तहसीलों, 8 नगरीय क्षेत्रों एवं 847 ग्रामों में जनगणना कार्य संपादित किया जाएगा। प्रथम चरण के लिए जिला स्तर पर 7 अधिकारी, 14 चार्ज अधिकारी, 2 मास्टर ट्रेनर, 76 फील्ड ट्रेनर, 4574 प्रगणक एवं 770 पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी।

कार्यक्रम में भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर डॉ. रघुवंश मणी ने अधिकारियों को जनगणना प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं एवं पोर्टलों के उपयोग संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर प्रशिक्षण जिला जनगणना अधिकारी, समस्त अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जनगणना सहायक, लोक सेवा केंद्र प्रबंधक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena Chief Electoral Officer Madhya Pradesh Election Commission of India Jansampark Madhya Pradesh #MadhyaPradesh

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హైదరాబాద్:జిఓ శ్రీమతి నం. 252 ప్రకారం రాష్ట్రంలోని అర్హులైన జర్నలిస్టులందరికీ అక్రిడిటేషన్ కార్డులు జారీ చేయనున్నట్లు సమాచార & ప్రజా సంబంధాల శాఖ ప్రత్యేక కమిషనర్ శ్రీమతి సి.హెచ్. ప్రియాంక తెలిపారు.

ఈ నెల 9వ తేదీ నుండి ప్రింట్, ఎలక్ట్రానిక్, డిజిటల్, ఫ్రీలాన్స్ మరియు అనుభవజ్ఞులైన జర్నలిస్టులు ప్రత్యేక పోర్టల్ ipr.telangana.gov.in ద్వారా ఆన్‌లైన్‌లో దరఖాస్తు చేసుకోవచ్చని ఆమె తెలియజేశారు. దరఖాస్తు మరియు జారీ ప్రక్రియ రోలింగ్ ప్రాతిపదికన కొనసాగుతుంది.

దరఖాస్తు చేసుకునేటప్పుడు ఏవైనా సాంకేతిక సమస్యలు ఎదురైతే, దరఖాస్తుదారులు కార్యాలయ వేళల్లో (ఉదయం 10:30 నుండి సాయంత్రం 5:00 వరకు) 9154170881 నంబర్‌లో మీడియా రిలేషన్స్ వింగ్‌ను సంప్రదించవచ్చు.

#తెలంగాణ #మీడియా అక్రిడిటేషన్ #iprtelangana

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#sankalpsesamadhan अभियान के द्वितीय चरण में ग्राम देवरी में शिविर आयोजित

आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं योजनाओं की जानकारी पर जोर

जिले में 16 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक संचालित “संकल्प से समाधान” अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में विभिन्न जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में क्लस्टर स्तरीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
इसी क्रम में गुरुवार को जनपद पंचायत मुरैना के ग्राम देवरी में शिविर आयोजित किया गया। शिविर में उपस्थित नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा प्राप्त आवेदनों का अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
इसके अतिरिक्त अन्य क्लस्टरों में भी शिविर आयोजित किए गए। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो तथा प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh

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सीएमएमएस वेब पोर्टल से होगी जनगणना-2027 की मॉनिटरिंग

नगरीय क्षेत्रों हेतु दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ

चंबल संभागायुक्त श्री सुरेश कुमार ने कहा है कि जनगणना निदेशालय के मार्गदर्शन में देश में प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना कराई जाती है, किन्तु कोविड-काल के कारण पिछली जनगणना नहीं हो सकी।

अब भारत की जनगणना-2027 लगभग 16 वर्ष बाद आयोजित की जा रही है, जिसकी मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन कार्य जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

वह गुरुवार को नगरीय क्षेत्रों के लिए आयोजित दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री लोकेश कुमार जांगिड़, भोपाल से आए संभाग स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. रघुवंश मणी, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री विपिन कुमार सिंह, जिला जनगणना अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री अरविन्द माहौर, आयुक्त नगर निगम श्री सतेन्द्र धाकरे सहित नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि जनगणना प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अपनी प्रबंधन क्षमता सिद्ध करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि आंकड़ों की शुद्धता जनगणना की सफलता की कुंजी है तथा नागरिकों का दायित्व है कि वे सही जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने एवं जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

दो चरणों में होगी जनगणना

आगामी जनगणना-2027 पूर्व की भांति दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा, जिसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा।

द्वितीय चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का विवरण दर्ज किया जाएगा।

संभाग स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. रघुवंश मणी ने प्रशिक्षण में डिजिटल जनगणना प्रक्रिया, डाटा शुद्धता, पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी दी तथा जनगणना कार्य को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने पर जोर दिया।
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🔥 एक चिंगारी से उजड़ा सपना, “तमन्ना” बनी सहारा — मथुरा के पलसो में मानवता की मिसाल

रिपोर्ट: गोकलेश पाण्डेय.
निवासी पोस्ट. Palson

मथुरा। जनपद मथुरा की गोवर्धन तहसील के गांव पलसो में जहां एक दिन पहले तक शहनाइयों की गूंज थी, वहीं अचानक लगी आग ने खुशियों को राख में बदल दिया। शादी के घर में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने दो बेटियों के विवाह का सारा सामान—कन्यादान की नगदी, मिठाइयां, साड़ियां और कपड़े—सब कुछ जला डाला।
पीड़ित पिता हरिश्चंद्र की आंखों में आंसू थे। उन्होंने बताया कि 19 तारीख को उनकी दो बेटियों की शादी थी, लेकिन एक दिन पहले ही आग ने उनकी वर्षों की जमा-पूंजी और अरमानों को राख कर दिया। घर में पसरा सन्नाटा मानो सपनों के टूटने की कहानी कह रहा था।
इसी बीच इंसानियत की एक ऐसी मिसाल सामने आई, जिसने निराशा के अंधेरे में उम्मीद की रोशनी जला दी। शेरगढ़ क्षेत्र की रहने वाली क्षत्रीय करनी सेना सनातन प्रकोष्ठ से किन्नर जिला अध्यक्ष,तमन्ना किन्नर मसीहा बनकर पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं। उन्होंने न सिर्फ ढांढस बंधाया, बल्कि दोनों बेटियों को 22,000 रुपये नकद, कई दर्जन साड़ियां और पेंट-शर्ट के कपड़े देकर सहयोग किया।
तमन्ना किन्नर ने कहा कि बेटियों की शादी रुकनी नहीं चाहिए, यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उनके इस कदम से गांव के लोगों में भी सहयोग की भावना जागी और सभी ने मिलकर शादी की तैयारियों को फिर से संवार दिया।
आज पलसो गांव में फिर से शहनाइयां गूंज रही हैं। आंसुओं के बीच मुस्कान लौट आई है। यह घटना सिर्फ आग की नहीं, बल्कि उस मानवता की कहानी है, जो हर मुश्किल घड़ी में किसी न किसी रूप में सामने आ ही जाती है।

इस अवसर पर गोरक्षा दल से योगी ठाकुर, क्षत्रीय करनी सेना जिला प्रवक्ता विष्णु राठौर,जिला मीडिया प्रभारी कृष्णा ठाकुर पत्रकार, पत्रकार विष्णु सिसोदिया के साथ कई गणमान्य उपस्थित रहे,

संदेश साफ है — जब समाज साथ खड़ा हो जाए, तो कोई भी आग खुशियों को पूरी तरह नहीं जला सकती।

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— डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा, भोपाल
विशेष रिपोर्ट | भोपाल
एक तरफ दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चौथी औद्योगिक क्रांति के रथ पर सवार होकर भविष्य लिख रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत का 'स्वयंभू विश्वगुरु' चुनावी घोड़ों पर सवार होकर राज्यों को हड़पने की हवस में मशगूल है। जिस समय अमेरिका और चीन करोड़ों-अरबों डॉलर अपनी दिमागी ताकत को सहेजने में लगा रहे थे, हमारे देश का 'महामानव' अपनी 'मंत्रिमंडलीय गैंग' के साथ गली-कूचों के चुनावों में व्यस्त था।

वो हीरा जिसे भारत ने खो दिया
आज पूरी दुनिया जिस ChatGPT और AI मॉडल्स पर फिदा है, उसकी नींव रखने वाले आशीष वासवानी भारतीय हैं, IIT की देन हैं। लेकिन अफ़सोस! 2015-16 में जब उन्हें भारतीय सत्ता और कॉर्पोरेट्स के सहयोग की जरूरत थी, तब 'साहब' अपने दोस्तों—अडानी और अंबानी की तिजोरियां भरने और राज्यों में 'वोट डकैती' की योजना बनाने में व्यस्त थे। नतीजा? आज वासवानी Google Brain (अमेरिका) की शोभा बढ़ा रहे हैं। नेहरू काल से लेकर 2014 तक जिन संस्थानों ने लाखों 'वासवानी' पैदा किए, आज उन्हीं संस्थानों की कमान '12वीं पास' और '8वीं पास' मंत्रियों के हाथों में है।

बजट का 'क्रूर' मजाक: जुमला बनाम हकीकत
आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि देश के साथ कितनी बड़ी गद्दारी हुई है:
• अमेरिका का AI बजट: लगभग 78 लाख करोड़ रुपये सालाना।
• चीन का AI बजट: लगभग 39 लाख करोड़ रुपये सालाना।
• भारत का 'जुमला' बजट: मात्र 1.2 लाख करोड़ रुपये।
यानी अमेरिका से 80 गुना और चीन से 40 गुना कम! पैसा है तो सिर्फ भव्य फाइव-स्टार पार्टी दफ्तरों के लिए, विदेशी दौरों की रीलबाजी के लिए, और चुनावी रेवड़ियों के लिए। युवाओं के रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए खजाना खाली है।

चुनाव की हवस और तबाह होती पीढ़ी
2014 के बाद से प्रधानमंत्री का 80% समय सिर्फ इस बात में बीता है कि असम कैसे जीतें, महाराष्ट्र में सरकार कैसे गिराएं, और EVM मैनिपुलेशन कैसे करें। सत्ता की इस भूख ने एक पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर दिया। लाखों सरकारी स्कूलों पर ताले लटक गए और उच्च शिक्षा का बजट लगातार कम किया गया।

कड़वा सच यह है: इस निजाम को शिक्षित और सोच-समझ रखने वाला युवा चाहिए ही नहीं। इन्हें तो वो युवा चाहिए जो इनके जहरीले सांप्रदायिक एजेंडे में फिट बैठे, जो झंडा उठाकर मंदिर-मस्जिद के नाम पर सड़कों पर नाचे और मारा जाए, ताकि ध्रुवीकरण की राजनीति चमकती रहे।

निष्कर्ष: जागने का वक्त आ गया है
मनमोहन सरकार द्वारा 2010 में शुरू किए गए UPI जैसे सिस्टम को अपना बताकर ढोल पीटने वाले 'फर्जी' तंत्र ने देश को नवाचार (Innovation) के मामले में शून्य पर ला खड़ा किया है। अगर आज भी हम इस 'चौथी पास' राजा की विनाशकारी नीतियों के खिलाफ नहीं जागे, तो आने वाली नस्लें हमें कभी माफ नहीं करेंगी। देश की पूंजी चंद पूंजीपति यारों को सौंपी जा रही है और युवाओं का भविष्य अंधकारमय गड्ढे में धकेला जा रहा है।

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Cricket world mein jab koi legendary player retire hota hai, toh sabse bada sawal hota hai: Ab kaun? Australia ki mighty women team ke saamne bhi yahi chinta thi jab Alyssa Healy ne gloves aur bat taang diye. Lekin Canberra ke maidan par ek 22 saal ki ladki ne saabit kar diya ki Australian pipeline mein talent ki kabhi kami nahi hoti. Georgia Voll ne India ke khilaaf wo tabahi machayi ki fans ko purani Healy ki yaad aa gayi.




The Inner Story : Asli Maajra




Canberra ke maidan par jab

Georgia Voll

ne batting shuru ki, toh aisa laga hi nahi ki wo kisi legacy ka bojh utha rahi hain. As a fan, unhone

Alyssa Healy

ko stadium mein dekha tha aur ab unhi ki jagah top order mein batting karna unke liye kisi sapne se kam nahi tha. Voll ne sirf 57 balls mein 88 runs ki dhuaandhaar innings kheli, jisne

Australia

ko 163 ke mazboot total tak pahunchaya.




Halaanki hamari

India

ki team is target ka peecha karte waqt ladkhada gayi aur sirf 144 runs hi bana saki.

Ashleigh Gardner

aur

Annabel Sutherland

ki bowling ke aage Indian batters zyada der tik nahi paaye. Lekin is poore match ki asli star rahi Voll, jinhone bataya ki unhe

Beth Mooney

jaisi experienced partner ka saath milne se bohot confidence milta hai. Jab Voll thoda bhatakti hain, toh Mooney wahan aakar unhe calm karti hain, aur yahi chemistry India ke liye kaal ban gayi.




Analysis & Numbers







Georgia Voll

scored 88 runs off just 57 balls, hitting the highest score of her T20 career.




Australia

defended 163 runs successfully, winning the match by 19 runs to level the series.




India

slumped to 144 for 9 after a clinical bowling performance by the Aussies.




This victory marks Australia's comeback after losing the first game of the bilateral series.










The Guru Gyan Verdict:





Australia ki ye nayi generation darna nahi jaanti. Georgia Voll ne jo class dikhayi hai, wo saaf ishara hai ki Healy ke jaane ke baad bhi Aussies kamzor nahi huye hain. India ke liye ye ek wake-up call hai. Hamari bowling ne death overs mein runs leak kiye aur batting mein depth ki kami dikhi. Agar World Cup ki race mein bane rehna hai, toh Adelaide mein hone waale final T20I mein India ko aggressive cricket khelna hoga. Voll jaise upcoming talents ko rokna hi series jeetne ki chabi hai.








Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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— डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा, भोपाल
नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
देश की राजनीति में 'जुमलेबाजी' और 'फेंकूगिरी' के किस्से तो पुराने हैं, लेकिन हाल ही में जो नया 'इतिहास' रचा गया है, उसने तो गिरगिट को भी कॉम्प्लेक्स दे दिया है। हमारे 'विश्वगुरु' प्रधान सेवक ने वैश्विक मंच पर भगवान बुद्ध को जिस अंदाज में पेश किया, उसने न केवल इतिहासकारों के होश उड़ा दिए हैं, बल्कि आम जनता को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम अब एक 'मल्टीवर्स' की कहानी जी रहे हैं?
राम-कृष्ण की धरती रातों-रात हुई बुद्ध की?
कल तक जो सत्ताधारी मंचों से दहाड़-दहाड़ कर भारत को 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम' और 'योगेश्वर श्री कृष्ण' की पावन धरा बताते थे, उन्होंने अपनी सहूलियत और विदेशी तालियों के लिए रातों-रात इसे सिर्फ बुद्ध की धरती घोषित कर दिया। सवाल यह उठता है कि क्या वोट बैंक और अंतरराष्ट्रीय इमेज के हिसाब से हमारे आराध्य और देश की पहचान भी बदल दी जाएगी? गिरगिट भी इतनी तेजी से रंग नहीं बदलता, जितनी तेजी से हमारे श्रीमान अपनी विचारधारा का चोला बदलते हैं।
पाली नहीं, बुद्ध ने दी 'फर्राटेदार अंग्रेजी'!
हैरानी की पराकाष्ठा तो तब हो गई जब प्रधान मंत्री ने दावा किया कि भगवान बुद्ध ने "Right Action comes from Right Understanding" जैसे भारी-भरकम अंग्रेजी मुहावरों में उपदेश दिए थे। अब पूरा देश यह जानना चाहता है कि:
1. ढाई हजार साल पहले भगवान बुद्ध आखिर कौन से 'कॉन्वेंट स्कूल' में दाखिला लिए थे?
2. क्या उस जमाने में भी 'डिजिटल इंडिया' का वाई-फाई था जिससे बुद्ध सीधे ऑक्सफोर्ड की डिक्शनरी डाउनलोड कर रहे थे?
3. क्या पाली और प्राकृत भाषाएं अब सरकारी फाइलों की तरह रद्दी में फेंक दी गई हैं?
देश की इज्जत की 'ग्लोबल नीलामी'
तथ्यों के साथ ऐसी शर्मनाक छेड़छाड़ सिर्फ अपनी 'महानता' सिद्ध करने के लिए की जा रही है। जब देश का मुखिया ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐतिहासिक ब्लंडर (बड़ी गलतियां) करे, तो पूरी दुनिया में देश की छवि का क्या होता होगा? इतिहास को अपनी जागीर समझना और महापुरुषों के मुख में अपनी मनगढ़ंत भाषा ठूंसना सिर्फ एक 'कुशल जुमलेबाज' के बस की बात है।
जनता पूछ रही है कि क्या अब इतिहास की नई किताबों में बुद्ध को 'अंग्रेजी का प्रोफेसर' बताया जाएगा? या फिर यह सिर्फ एक और चुनावी 'फेकूगिरी' का हिस्सा है जिसका हकीकत से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।

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रामनगर-नरकटियागंज,_ _प०चंपारण(बिहार)_
_19-02-2026_

मैहर।
मप्र विधानसभा सत्र के दौरान मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने नवगठित मैहर जिले के विकास और युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने का मुद्दा प्रमुखता से सदन में उठाया। उन्होंने क्षेत्र में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की मांग रखी, जिस पर तकनीकी शिक्षा मंत्री ने व्यवहारिक पहल के रूप में मैहर में पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रारंभ करने की सहमति दी।
विधायक श्री चतुर्वेदी ने बताया कि मैहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए अब तक सतना और रीवा जैसे अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है। पॉलिटेक्निक कॉलेज खुलने से स्थानीय छात्रों, विशेषकर बालिकाओं को अपने ही जिले में तकनीकी शिक्षा का अवसर मिलेगा, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी।
उन्होंने जानकारी दी कि पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना के लिए प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जमीन का चयन और अन्य आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही आरंभ हो चुकी है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और युवाओं को दक्ष एवं आत्मनिर्भर बनाना उनकी प्राथमिकता है।
इस पहल के लिए विधायक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का आभार व्यक्त किया।
विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा कि मैहर की समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों को गति देना ही उनका लक्ष्य है। पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना से जिले में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे तथा क्षेत्र की युवा शक्ति को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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*सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें..*
*20 - फरवरी - शुक्रवार
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*1* वैश्विक सीईओ के साथ पीएम मोदी का मंथन, एआई सहयोग और निवेश के अवसरों पर रहा जोर

*2* इमैनुएल मैक्रों बोले- राफेल डील से भारत मजबूत हो रहा, लोग कैसे कर सकते हैं आलोचना

*3* उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां बोलीं- भारत बन सकता है एआई का पावरहाउस, तकनीक में बड़े निवेश की जरूरत

*4* रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को विशाखापत्तनम में बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून और नौवहन की स्वतंत्रता पर आधारित एक समतामूलक समुद्री व्यवस्था स्थापित करना चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना होगा

*5* उन्होंने कहा, 'पारंपरिक खतरों के साथ-साथ उभरती चुनौतियां भी मौजूद हैं। समुद्री डकैती, समुद्री आतंकवाद, अवैध मछली पकड़ना, तस्करी, साइबर जोखिम और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधान जैसी समस्याएं गंभीर हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं, जिससे मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों की मांग भी बढ़ी है।'

*6* राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी, कांग्रेस ने करणी सेना के कार्यकर्ता का वीडियो शेयर किया; आरोपी कोटा से पकड़ाया

*7* कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर नाराजगी जताई है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। पायलट ने इस बयान को गलत बताते हुए रिजिजू से माफी की मांग की है।

*8* भागवत जिस वंदे भारत से मेरठ पहुंचे, उस पर पथराव, खिड़की का शीशा टूटा, स्टेशन पर सिक्योरिटी के बीच उतरे; GRP की जांच जारी

*9* दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, EC बोला- अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी; अभी 12 राज्यों में वोटर्स वेरिफिकेशन जारी

*10* 22 फरवरी को सिंगापुर और जापान की यात्रा पर जाएंगे सीएम योगी, 600 kmph रफ्तार वाली मैग्लेव ट्रेन में करेंगे सफर

*11* भिवंडी में मेयर-डिप्टी मेयर को लेकर सियासत: एक साथ आए कांग्रेस-NCP और बागी भाजपा पार्षद; बने नए समीकरण

*12* बाज नहीं आ रहे बड़बोले ट्रंप; फिर अलापा युद्ध रुकवाने वाला राग,ट्रम्प बोले- मैंने भारत-PAK को 200% टैरिफ की चेतावनी दी, तब लड़ाई रोकने के लिए माने, संघर्ष में 11 फाइटर जेट्स गिरे थे

*13* 'अगर डील नहीं हुई तो...', ईरान को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की खुली चेतावनी, 10 दिन का दिया अल्टीमेटम, अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा, ट्रंप बोले - 10 दिन में तय होगा समझौता या एक्शन

*14* ईरान ने गुरुवार को रूस के साथ वार्षिक सैन्य युद्ध अभ्यास किया। यह युद्ध अभ्यास ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी विमानवाहक  पोत पश्चिम एशिया के करीब पहुंच रहा है। अमेरिका और ईरान दोनों ने संकेत दिए हैं कि अगर तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता विफल हुई, तो वे युद्ध के लिए तैयार हैं

*15* जिम्बाब्वे ने लगातार दूसरे वर्ल्ड चैंपियन को हराया, ऑस्ट्रेलिया के बाद श्रीलंका को 6 विकेट से मात दी, 26 फरवरी को भारत से मुकाबला

*16* सुपर-8 के मैचों का पूरा शेड्यूल, 21 फरवरी से शुरुआत, 3 डबल हेडर होंगे, भारत 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका से खेलेगा

*17* राजस्थान में कोहरा, तापमान 10 डिग्री लुढ़का, MP में 25 जिलों में बारिश, हरियाणा में ओले गिरे; उत्तराखंड के केदारनाथ में बर्फबारी
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*शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 के मुख्य समाचार*

🔶दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा: EC बोला- अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी; अभी 12 राज्यों में वोटर्स वेरिफिकेशन जारी

🔶Punjab का दौरा करेंगे राहुल गांधी, किसानों के समर्थन में बड़ी रैली का आयोजन

🔶छत्तीसगढ़ में BJP सरकार का बड़ा फैसला: मुस्लिम कर्मचारियों को ऑफिस से 1 घंटा पहले छुट्टी

🔶ईरान के पास सिर्फ 10 दिन का समय, ट्रंप बोले- 'सौदा नहीं हुआ तो बहुत बुरा होगा'

🔶DRDO का ड्रोग पैराशूट टेस्ट सफल, मानव अंतरिक्ष उड़ान की तैयारी को मिली मजबूती

🔶PM मोदी को कहा 200% टैरिफ लगा दूंगा; ट्रंप ने फिर अलापा युद्ध रुकवाने का राग

🔶गाजा पीस बोर्ड में बिना एजेंडा पहुंचे शहबाज शरीफ, पाकिस्तान की हुई बेइज्जती

🔶मोहन भागवत जिस वंदे भारत से मेरठ पहुंचे, उस पर पथराव: खिड़की का शीशा टूटा, स्टेशन पर सिक्योरिटी के बीच उतरे; GRP की जांच जारी

🔶शशि थरूर बोले-बड़े इवेंट्स में गड़बडियां हो सकती हैं: दिल्ली में चल रहे AI समिट की तारीफ की; राहुल ने इसे PR तमाशा बताया था

🔶सुप्रीम कोर्ट बोला-फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे: मुफ्त बिजली-पानी देने से काम करने की आदत ही खत्म हो जाएगी; सरकारें रोजगार दें

🔶'राफेल से आपके देश का ही फायदा...', भारत-फ्रांस डील पर मैक्रों का विपक्ष को जवाब!

🔶पीएम मोदी ने दुनिया को दिया 'MANAV' विजन, एआई के लिए तय किए 5 सूत्र, बताया भविष्य का रोडमैप

🔶कानपुर में फर्जी डिग्री सिंडिकेट का भंडाफोड़, 9 राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों के नाम पर चल रहा था 'खेल'

🔶Iran: ईरान ने रूस के साथ किया युद्ध अभ्यास, पश्चिम एशिया के करीब पहुंचा अमेरिका का विमानवाहक पोत; तनाव बढ़ा

🔶AI Summit: उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां बोलीं- भारत बन सकता है एआई का पावरहाउस, तकनीक में बड़े निवेश की जरूरत

🔶US: 'पराग्वे के राष्ट्रपति युवा व आकर्षक, लेकिन मुझे महिलाएं पसंद', शांति बोर्ड की बैठक में ट्रंप का अजीब बयान

🔶Punjab: 31 साल से चल रहा था फरार! खालिस्तान कमांडो फोर्स का मोस्ट वांटेड आतंकी गिरफ्तार

🔶सिरोही को 535 करोड़ की बड़ी सौगात, आबूरोड से सांचौर तक बनेगा फोरलेन हाइवे!

🔶गोरखपुर में 339 करोड़ से बनेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, सीएम योगी ने MoU किया साइन

🔶महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवाजी महाराज की जयंती पर उनकी विरासत को किया याद

🔷अफगानिस्तान ने बड़ी जीत के साथ लिया टी20 वर्ल्ड कप से अलविदा, कनाडा को 82 रन से हराया

🔷T20 World Cup : जिम्बाब्वे की दूसरी बड़ी जीत, ऑस्ट्रेलिया के बाद अब श्रीलंका को हराया

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Source by : CNA Digital NEWS

20 Feb 2026, 09:30 AM

One crew member dead after fire breaks out on Singapore-bound cruise ship

There were 224 passengers on board, including 185 Singaporeans. None of the 388 crew members are Singaporean.

A fire broke out on board the World Legacy on Feb 20, 2026. (File photo: World Cruises)

Singapore

One crew member dead after fire breaks out on Singapore-bound cruise ship

One crew member dead after fire breaks out on Singapore-bound cruise ship
There were 224 passengers on board, including 185 Singaporeans. None of the 388 crew members are Singaporean.

One crew member dead after fire breaks out on Singapore-bound cruise ship
A fire broke out on board the World Legacy on Feb 20, 2026. (File photo: World Cruises)

SINGAPORE: One crew member died after a fire broke out on a cruise ship en route to Singapore, the Maritime and Port Authority (MPA) said on Friday (Feb 20).

Of the 388 crew members onboard, none were Singaporean. There were 224 passengers, including 185 Singaporeans. There were no reported injuries among the other crew members and passengers.

The incident occurred at around 4am aboard the Liberia-registered vessel World Legacy, and the fire was put under control by the crew shortly after, MPA said.

The vessel is in a stable condition and is currently anchored at Raffles Reserved Anchorage.

MPA patrol craft, the police coast guard and the Singapore Civil Defence Force (SDFC) are attending to the vessel, said MPA.

World Legacy, operated by World Cruises, operates on a "flexible" model which allows guests to choose the length of their stays and boards from both Singapore and Malaysia, according to the cruise website.

World Legacy had previously cancelled its maiden voyage two days before its scheduled opening on Dec 21 last year, according to earlier media reports. Passengers also complained of brown tap water, faulty lifts and weak air conditioning.

Devashish Govind Tokekar
VANDE Bharat live tv news Nagpur
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
Indian Council of press,Nagpur
Journalist Cell
All India Media Association
Nagpur District President
Delhi Crime Press
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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रिपोर्टर – प्रदीप सिंह, महराजगंज
महराजगंज। भिटौली थाना क्षेत्र के छपिया गांव के समीप 17 फरवरी की सुबह हुए सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। युवक बाइक से अपने ससुराल जा रहा था, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उपचार के दौरान बुधवार तड़के करीब तीन बजे उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक निचलौल थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है। जानकारी के अनुसार उसकी पत्नी प्रिया चार माह की गर्भवती है। इलाज में सहयोग के लिए वह अपनी साली को बुलाने तरकुलवा भटगांवा जा रहा था। युवक पंजाब के लुधियाना में मजदूरी करता था और चार दिन पहले ही घर लौटा था।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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हाटा नगर पालिका के वार्ड न0 10, छोटी मस्जिद के पास नाली पर नगर पालिका द्वारा रखा हुआ चार अदद स्लैब कुछ अराजक तत्वों द्वारा हटा कर माहौल क़ो खराब करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया उक्त वार्ड के ही निवासी साबिद खान पुत्र हामिद खान व आरिफ खान पुत्र आबिद खान ने दबंगई दिखाते हुये नाली पर रखे हुये स्लैब क़ो उठा कर अपने घर ले कर चले गये जिससे आने जाने में लोगों क़ो दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों ने स्लैब हटाने का विरोध किया तो आरिफ पुत्र आबिद ने कहा कि स्लैब मेरा था मैं ले कर चला गया जिसको जो करना है कर ले। पत्रकार अख्तर हुसैन ने फोन पर स्लैब हटाये जाने की सूचना वार्ड सभासद प्रतिनिधि अर्जुन मौर्या क़ो दे दी है अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में डिजिटल व्यवस्था का विस्तार
संध्या एवं शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संध्या आरती एवं शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था पारदर्शिता, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है।

•अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे
https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/�

1)संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ होगी।

2)शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से प्रारंभ होगी।

•दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है। बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी।

•दोनों आरतियों हेतु प्रवेश द्वार क्रमांक 1 निर्धारित किया गया है।
1)संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा।
2)शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा।

•दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें।

मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु सुगमता से आरती एवं दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकें।

Dr Mohan Yadav
CM Madhya Pradesh
Department of Religious trusts & Endowments, MP
Collector Office Ujjain
#JansamparkMP

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उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन के द्वारा प्रायोजित शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का प्रभारी प्राचार्य डॉ बृजलाल अहिरवार के मार्गदर्शन में मां सरस्वती के पूजन से शुभारंभ हुआ, छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई इसके उपरांत अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत शाॅल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं पौधे से किया गया से किया गया, इसके उपरांत प्राचार्य के स्वागत उद्बोधन के बाद इस शोध संगोष्ठी की संयोजिका डॉ. मनीषा व्यास ने राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की रूपरेखा एवं विषय-वस्तु से अवगत कराया। प्रथम दिवस के प्रथम तकनीकी सत्र में
मुख्य वक्ता प्रो. सर्दूल सिंह संधू डीन एवं विभागाध्यक्ष, जीव विज्ञान विभाग, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर ने कैंसर रोग और मधुमेह पर अपने विचार ऑनलाइन व्यक्त किये।
डॉ. मोनिका कपूर, सीएमओ नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर ने मधुमेह: वैश्विक महामारी का समाधान की कार्य योजना पर अपने विचार रखे। द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. मीनल रहमान स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज जेएनयू, जयपुर, राजस्थान, ने कैंसर रोग को नियंत्रित करने की नैनो तकनीक पर विचार रखे।
डॉ. जय प्रकाश अवस्थी शासकीय महाविद्यालय उमरियापान जिला कटनी ने मधुमेह के नैदानिक ​​प्रबंधन में आयुर्वेदिक औषधि पर अपने विचार व्यक्त किये।
द्वितीय दिवस के प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. संचाली अजय पाद्येय सीनियर साइंटिफिक ऑफीसर छत्तीसगढ़ स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री रायपुर, छत्तीसगढ़ ने "कैंसर: व्यक्तिगत चिकित्सा की दिशा में नए कदम" विषय पर सारगर्भित अपने विचार रखे। इसी क्रम में डॉ.सपना राय प्राध्यापक शासकीय स्वशासी आदर्श विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर ने
"कैंसर प्रबंधन में औषधीय पौधे एक वैकल्पिक दृष्टिकोण" विषय पर प्रेरक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अगले क्रम में
डॉ. प्रणिता भटेले सहायक प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय कुंडम, जिला जबलपुर ने
"कैंसर अनुसंधान में जीनोमिक्स, एपिजेनेटिक्स और बायोलॉजी प्रणाली का एकीकरण" विषय पर प्रभावी व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके उपरांत दोनों दिवस के व्याख्यानों का सारांश तकनीकी सत्रों के अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश अवस्थी सहायक प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय उमरियापान जिला कटनी ने प्रस्तुत किया। इसके पश्चात महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कैंसर और मधुमेह विषय पर पोस्टर निर्माण किये जिनकी प्रदर्शनी लगाई गई,जिसका अवलोकन वक्ताओं एवं अतिथियों ने किया और प्रथम पुरस्कार अभिषेक कुमार बीएससी चतुर्थ वर्ष, द्वितीय पुरस्कार आशिका बीएससी चतुर्थ वर्ष, तृतीय पुरस्कार प्रिया चक्रवर्ती बीएससी तृतीय वर्ष एवं सांत्वना पुरस्कार संजना बाढ़ई, रेशु बर्मन, प्रियंका बी.ए. द्वितीय वर्ष को प्रदान किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शोध संगोष्ठी की संयोजिका डॉ. मनीषा व्यास, सह-संयोजिका श्रीमती स्मिता परसाई, आयोजन सचिव डॉ. सचिन कोष्टा एवं डॉ. राजाराम सिंह, डॉ.हर्षित द्विवेदी, डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, श्री युवराज तिवारी, श्री जवाहरलाल चौधरी, श्री मनीष कुमार, श्री जितेंद्र कुमार, अभिषेक कुमार, दीनदयाल चक्रवर्ती, लक्ष्मी पटेल, भारती लोधी, काजल शर्मा, श्वेता शर्मा, रीना पटेल, छाया उपाध्याय, शिखा त्रिपाठी, शालिनी पटेल, हेमलता चक्रवर्ती, निशा तिवारी आदि ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर डॉ. आरती धुर्वे प्रभारी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय उमरियापान ने इस शोध संगोष्ठी पर विचार रखे,श्री रतिराम अहिरवार प्रभारी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय सिलौंडी, डॉ. बीना सिंह सहायक प्राध्यापक शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी, डॉ. अरुण कुमार सिंह प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय विजयराघवगढ़, डॉ. दिव्या शुक्ला, डॉ. आशीष पांडे, श्री निकेत कुमार, डॉ. ईश्वरदीन सहायक प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय उमरियापान, शोधार्थी, पत्रकारगण एवं अधिक संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता सिंह बघेल, डॉ. अखिलेश कुमार द्विवेदी, डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रभारी प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार ने किया।

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घटना की पूरी जानकारी :- जळगाव शहर के भास्कर मार्केट के पास स्थित पुलिस दल के दक्षता पेट्रोल पंप से करीब 1 करोड़ 33 लाख 752 रुपये का भारी अपहरण उजागर हुआ है। इस मामले में संदिग्ध पुलिस उपनिरीक्षक वाल्मीक मधुकर वाघ (उम्र 57, निवासी साईनगर, निमखेडी शिवार) के खिलाफ जिल्हापेठ पुलिस स्टेशन में अपराध दर्ज किया गया है। वर्तमान में वाघ फरार बताए जा रहे हैं, जिसकी तलाश के लिए विशेष टीमें रवाना कर दी गई हैं।
पुलिस दल के मानव संसाधन विभाग द्वारा संचालित भास्कर मार्केट के सामने वाले इस पेट्रोल पंप के दैनिक वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी पुलिस उपनिरीक्षक वाल्मीक वाघ को प्रबंधक के रूप में सौंपी गई थी। लेकिन उन्होंने पिछले दो से तीन महीनों से बैंक में राशि जमा नहीं की। पंप पर एकत्र रोख राशि को समय-समय पर बैंक में जमा करने के निर्देश प्रभारियों ने दिए थे, साथ ही रोख वही तथा जमा रसीद पुस्तिका दिखाने को कहा गया। हालांकि, हर बार वाघ ने बहाने बनाकर रिकॉर्ड दिखाने से टालमटोल की।
लेखा परीक्षा का खुलासा प्रारंभिक पूछताछ में वाघ द्वारा पिछले दो-तीन महीनों से बैंक में नियमित जमा न करने की बात सामने आई। इससे संदेह गहराने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तृत जांच के आदेश दिए। लेखापाल एस.आर. पलोड ने 1 अप्रैल 2025 से 9 फरवरी 2026 तक की अवधि का लेखा परीक्षण किया। इसमें कुल 4 करोड़ 93 लाख 73 हजार 686 रुपये की पेट्रोल बिक्री दर्ज हुई। लेकिन केवल 3 करोड़ 59 लाख 25 हजार 18 रुपये ही बैंक में जमा पाए गए; शेष 1 करोड़ 33 लाख 752 रुपये का अपहरण सिद्ध हुआ। जांच के दौरान पंप की तिजोरी में महज 1 लाख 96 हजार 219 रुपये मिले। बैंक जमा रसीदें व संबंधित कागजात उपलब्ध न होने से अपहरण का संदेह और पुष्ट हुआ।
कानूनी कार्रवाई और जांचइस मामले में प्रभारी संदीप पाटील ने जिल्हापेठ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर वाल्मीक वाघ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(5) (लोकसेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) तथा धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आगे की जांच स्थानीय गुन्हे शाखा के पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड कर रहे हैं।
उठ रहे सवालपुलिस दल के पेट्रोल पंप से इतनी बड़ी राशि का अपहरण लंबे समय तक वरिष्ठों के संज्ञान में कैसे न आया? बैंक में नियमित जमा न होने पर समय रहते जांच क्यों नहीं हुई? ईंधन स्टॉक खरीद व बिक्री की पड़ताल कब होगी, ऐसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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Source by : CNA Digital NEWS Hub

19 Feb 2026, 04:14 PM

At least 6 familicide cases recorded in 2026 as Malaysia vows to strengthen social support services

The latest killing of family members took place on Tuesday (Feb 17) in Pahang, in which a 32-year-old man allegedly murdered his wife, mother and two young daughters aged two and four with a sharp blade before killing himself.


An image circulating on social media of the scene at Cerating Damai, Kuantan following a murder-suicide incident involving a family of five on Feb 17, 2026. (Photo: Facebook/Geng Keselamatan Negara)

At least 6 familicide cases recorded in 2026 as Malaysia vows to strengthen social support services

At least 6 familicide cases recorded in 2026 as Malaysia vows to strengthen social support services
The latest killing of family members took place on Tuesday (Feb 17) in Pahang, in which a 32-year-old man allegedly murdered his wife, mother and two young daughters aged two and four with a sharp blade before killing himself.

At least 6 familicide cases recorded in 2026 as Malaysia vows to strengthen social support services
An image circulating on social media of the scene at Cerating Damai, Kuantan following a murder-suicide incident involving a family of five on Feb 17, 2026. (Photo: Facebook/Geng Keselamatan Negara)

19 Feb 2026 04:14PM


KUCHING, Sarawak: Malaysia has seen a “worrying” trend of familicide cases - the killing of family members - with six recorded this year, said Women, Family and Community Development Minister Nancy Shukri, as she pledged to strengthen the role of local social support services to assist those experiencing emotional distress.

Her remarks on Tuesday (Feb 17) came in the wake of the country’s latest murder-suicide case involving a family of five in Pahang, which the minister said was believed to have been linked to emotional stress caused by unemployment.

A 32-year-old man was believed to have murdered his wife, mother and two young daughters with a sharp blade before killing himself, police said. Police identified the victims as Nurul Asshiykin Kamaruzaman, Tuan Kamaria Tuan Puteh, 55, Nur Saffiyah Humairah, 4, and Nur Sumayyah Humairah, 2.

There are conflicting reports of the wife’s purported age, and local media have not reported on the man’s identity. The incident, which took place on Tuesday morning in Kuantan, is still under police investigation.

“Given the number of cases arising from mental distress, it has become urgent for us to expand counselling services through the local social support centre,” Nancy said on Tuesday night as quoted by local news outlet the New Straits Times.

She added that the ministry will intensify efforts to promote the support centre to ensure it remains accessible to those struggling with mental health stress, while also raising awareness so that local communities are more attentive to the well-being of neighbours and those around them.

The support centre operate as a one-stop support facility providing counselling, psychosocial assistance, early intervention services and referrals to relevant agencies. It also serves as a safe space staffed by registered and experienced counsellors from the National Welfare Foundation, according to local media.

Outreach trucks from the support centre operate in eight zones nationwide, targeting public areas like higher education institutes, schools, markets, mosques and public areas.

Nancy - who made the comments at the Darul Hana Mosque in Kuching - said that from October 2021 to December 2025, a total of 156,033 cases were assisted and resolved through the centre, mostly involving individuals experiencing emotional stress.

“We must be more sensitive towards those facing emotional difficulties, whether by offering advice or reporting the matter so that professionals, including counsellors can step in to help,” she was quoted as saying by Free Malaysia Today.

In the Kuantan case, the bodies of the man, woman and their children were found in a bedroom of their single-storey terraced house in Cerating Damai while his mother’s body was discovered in the kitchen.

"Some of the victims had visible injuries. The incident was discovered by the suspect's 15-year-old younger brother, who was in the house at the time and immediately sought help," Pahang police chief Yahaya Othman told reporters at the scene on Tuesday, as reported by Bernama.

Police also said that the man had moved back to his family home about a month ago after resigning from his job in Selangor. He then began working in Kuantan last week.

The house where the crime took place was occupied by eight family members, including the man who worked as a security guard, his wife, two daughters, his mother and three younger brothers.

Injuries found on the victims included wounds on the hands, ears and neck, reported local media.

The police also seized a 29cm knife at the scene on Tuesday.

Pahang’s ruler Al-Sultan Abdullah Ri'ayatuddin Al-Mustafa Billah Shah has expressed deep sorrow over the incident, describing it as shocking.

"I wish to express my sorrow over the murder incident … it should not have happened,” he said in a Facebook post on Tuesday.

"As the ruler, I advise my people to remain cautious of individuals who display troubling behaviour, and such conduct must never be tolerated," he was later quoted as saying during an event on Tuesday.

On Jan 16, 34-year-old doctor Chia Tong Hong was charged with murdering his wife and four-year-old son at their home in Bandar Dato Onn in Johor.

The woman was found with a slash wound on her neck while the child had bluish marks on his face believed to be caused by smothering, according to Johor authorities.

Chia was arrested on Jan 3, local news outlet The Star reported.

Devashish Govind Tokekar
VANDE Bharat live tv news Nagpur
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
Indian Council of press,Nagpur
Journalist Cell
All India Media Association
Nagpur District President
Delhi Crime Press
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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Source by : Asian News Hub

20 Feb 2026, 06:18 AM

High court flags lapses in women’s safety on public transport, seeks Govt response


The High Court of Jammu & Kashmir and Ladakh has taken notice of systemic lapses in ensuring women’s safety and reserved seating in public transport across the Union Territory.

The notice was taken by Chief Justice Arun Palli and Justice Rajnesh Oswal.

The matter arose from a Public Interest Litigation (PIL) filed by Advocate Monisa Manzoor Mir, highlighting the non-implementation of the Transport Department’s circular dated January 7, 2025, which mandated reservation of seats for women, seats 1-12 in large buses and 1-9 in mini-buses.

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High court flags lapses in women’s safety on public transport, seeks Govt response
Asian News Hub by Asian News Hub February 20, 2026 Reading Time: 2 mins read
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Police sub-inspector injured in attack by armed men in Jammu
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The High Court of Jammu & Kashmir and Ladakh has taken notice of systemic lapses in ensuring women’s safety and reserved seating in public transport across the Union Territory.

The notice was taken by Chief Justice Arun Palli and Justice Rajnesh Oswal.

The matter arose from a Public Interest Litigation (PIL) filed by Advocate Monisa Manzoor Mir, highlighting the non-implementation of the Transport Department’s circular dated January 7, 2025, which mandated reservation of seats for women, seats 1-12 in large buses and 1-9 in mini-buses.

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According to the petitioner, information obtained under the Right to Information (RTI) from the Transport Commissioner and RTO Kashmir revealed no inspections, penalties, or functional public helpline for enforcement.

“While Flying Squads were reportedly constituted by the RTO, no evidence of their ground-level action was produced,” the PIL states.

The petition further says an internal survey conducted among 298 women from local educational institutions showed that 85.6% had faced harassment or discomfort, with most unaware of any complaint mechanism.

Advocate Monisa Manzoor Mir also highlighted successful initiatives in other states, such as Delhi’s “Pink Tickets”, Karnataka’s “Tejaswini Buses” and Maharashtra-Tamil Nadu’s “Shakti Schemes”, stressing that legislative changes are not necessary to implement effective safety measures.

During proceedings, Government Advocate Illyas Nazir Laway accepted notice on behalf of the respondents and requested time to obtain instructions and submit a formal response.

The Court adjourned the matter to March 4, for the government to file its reply. (KNO)

Devashish Govind Tokekar
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*प्रकाशनार्थ*

*ब्राह्मण बनाम ब्राह्मणवाद : हंगामा है क्यों बरपा!*
*(आलेख : मुकुल सरल)*

*दिनों-दिन और जाहिल हो रहे हैं/ न जाने क्या पढ़ाया जा रहा है*

ब्राह्मण और ब्राह्मणवाद -- यह इतनी बेसिक बात है, जिसे लेकर लगता था कि इस पर बात क्या करनी!, इसका फ़र्क़ तो सब जानते होंगे। अगर आपने थोड़ा भी सामाजिक विज्ञान पढ़ा होगा या नहीं भी पढ़ा होगा, लेकिन अपने घर-परिवार और आसपास के समुदाय/समाज को थोड़ा भी देखते-समझते होंगे, जाति की सत्ता और सत्ता की राजनीति की ज़रा भी समझ रखते होंगे, तो इसे बख़ूबी पहचानते होंगे। लेकिन नहीं, आज जिस तरह का नैरेटिव बनाया जा रहा है, उससे लगता है कि कुछ चालाक जातिवादी लोग जानबूझ कर इसे मिक्स कर देना चाहते हैं, एक भ्रम बना रहने देना चाहते हैं, ताकि उनका विशेषाधिकार बना रहे, राजनीतिक रोटियां सिंकती रहें और कुछ लोग इनके झांसे में या वाकई अनजाने ही इसे एक समझकर आहत होते रहें।

तो मोटी बात यह है कि ब्राह्मण और ब्राह्मणवाद एक नहीं हैं, जैसे हिंदू और हिन्दुत्व एक नहीं हैं, जैसे पुरुष और पुरुषवाद एक नहीं हैं। इसलिए ब्राह्मणवाद के ख़िलाफ़ नारे सुनकर किसी को आहत होने की ज़रूरत नहीं है, बिल्कुल वैसे ही जैसे पुरुषवाद, पितृसत्ता या हिन्दुत्व के ख़िलाफ़ नारे सुनकर किसी पुरुष, पिता या हिंदू को आहत होने की ज़रूरत नहीं है। हां, अगर आप ब्राह्मणवादी हैं, पुरुषवादी हैं, तो ज़रूर आहत हो सकते हैं और आपको आहत ही नहीं, शर्मिंदा भी होना चाहिए।

और यह भी दिलचस्प है कि पितृसत्ता और ब्राह्मणवाद दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। नाभि-नाल का संबंध है, जैसे आरएसएस और बीजेपी का है। इसलिए अब प्रगतिशील समाजशास्त्री, नारीवादी इस व्यवस्था को केवल ब्राह्मणवाद या पितृसत्ता नहीं कहते, बल्कि ब्राह्मणवादी पितृसत्ता कहते हैं।

*ब्राह्मणवाद*

समाज विज्ञान के अनुसार ब्राह्मणवाद केवल धार्मिक शब्द नहीं है, बल्कि एक सामाजिक-वैचारिक व्यवस्था को दर्शाता है। इसका अर्थ व्यक्ति विशेष (ब्राह्मण जाति) नहीं, बल्कि एक ऐसी संरचना से है, जो समाज में श्रृंखलाबद्ध असमानता को वैध ठहराती है। ब्राह्मणवाद उस विचार को कहा जाता है, जिसमें समाज को जन्म आधारित श्रेणियों (वर्ण/जाति) में बांटकर ऊंच-नीच को स्वाभाविक और धार्मिक रूप से सही बताया जाता है। इस व्यवस्था में धार्मिक ज्ञान, अनुष्ठान और सामाजिक नियमों पर एक खास वर्ग का नियंत्रण स्थापित होता है, जिससे सामाजिक शक्ति संरक्षित रहती है।

हम जब “ब्राह्मणवाद” शब्द का उपयोग करते हैं, तो उसका मतलब – सत्ता संरचना या वैचारिक वर्चस्व के रूप में होता है। और यही मनुवाद है।

कुल मिलाकर ब्राह्मणवाद सामाजिक असमानता और जाति-आधारित भेदभाव को बनाए रखने वाली धार्मिक-वैचारिक व्यवस्था है। इसका मतलब ब्राह्मण व्यक्ति या समुदाय नहीं होता, बल्कि एक विचारधारा या सामाजिक संरचना होता है। इसलिए कोई गैर-ब्राह्मण भी ब्राह्मणवादी सोच रख सकता है और कोई ब्राह्मण उसका विरोधी हो सकता है।

जैसे यूजीसी विवाद में ब्रह्मणवाद का झंडा लिए ख़ुद को पीड़ित बताने वाली कथित यू-ट्यूबर भी ब्राह्मण है और उनका प्रतिरोध करने वाली छात्र एक्टिविस्ट भी ब्राह्मण हैं। दोनों पक्ष ब्राह्मण समुदाय से हैं, लेकिन फ़र्क़ जानना ज़रूरी है — एक पक्ष ब्राह्मणवादी सोच का समर्थन करता है, जबकि दूसरा न्याय और समानता के पक्ष में खड़ा होकर ब्राह्मणवाद-मनुवाद की संरचना की आलोचना करता है।

यहां ‘ब्राह्मणवाद ज़िंदाबाद’ के नारे लगाने वाली और ऐसी ही सोच रखने वाली अन्य महिलाओं को यह समझना ज़रूरी है कि जिस ब्राह्मणवादी या मनुवादी व्यवस्था के पक्ष में वे खड़ी हैं, उस व्यवस्था में स्त्रियों को स्वायत्त व्यक्तित्व के रूप में स्थान ही नहीं दिया गया है। आप भले ही ब्राह्मण हों, लेकिन इस संरचना (पितृसत्ता+ब्राह्मणवाद) में स्त्री की स्थिति अंततः पुरुष के अधीन ही निर्धारित की गई है। यानी सामाजिक पदानुक्रम में उसका स्थान उसके पुरुष संबंधों से तय होता है, स्वयं उससे नहीं।

मनुस्मृति में कहा गया है –
*पिता रक्षति कौमारे भर्ता रक्षति यौवने। रक्षन्ति स्थाविरे पुत्रा न स्त्री स्वातन्त्र्यमर्हति॥*
इसका अर्थ है कि बचपन में पिता, युवावस्था में पति और वृद्धावस्था में पुत्र स्त्री की रक्षा करते हैं ; स्त्री स्वतंत्र रहने योग्य नहीं है।

एक दूसरा श्लोक है–
*विषीलः कामवृत्तो वा गुणहीनोऽपि वा पतिः। उपचर्या स्त्रिया साध्व्या सततं देववत् पतिः॥*
यानी पति चाहे चरित्रहीन, कामुक या गुणहीन ही क्यों न हो, स्त्री को उसे देवता समान मानकर सेवा करनी चाहिए।

*न स्त्री शूद्रो न च वैश्यो वेदमधीयीत कदाचन।*
यानी स्त्री, शूद्र और वैश्य — इनको वेद का अध्ययन नहीं करना चाहिए।

मनुस्मृति में ऐसे न जाने कितने श्लोक हैं, जिनमें स्त्रियों को पुरुष के अधीन बताया गया है, शिक्षा से वंचित किया गया है। लेकिन विडंबना है कि आज भी स्त्रियां इस साज़िश को नहीं समझ रहीं और अगर समझ भी रहीं हैं, तो भी वे इसी के पक्ष में, इसी में ख़ुश हैं। इसे ही कंडीशनिंग कहा जाता है। यह तीनों स्तर यानी मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर होती है। और व्यक्ति अपनी जंज़ीरों को भी तमगे की तरह पहन लेता है।

और आज जो सवर्ण जाति के लोग यूजीसी इक्विटी गाइडलाइंस यानी समता अधिनियम पर भड़के हुए हैं, उन्हें समझना चाहिए कि अत्याचार अधिकार नहीं है। समझना चाहिए कि कैसे एक व्यवस्था के तहत कुछ लोगों ने विशेषाधिकार हथिया लिए और कैसे एक बड़े समुदाय विशेष को हाशिये पर धकेल दिया। आपको कोई भ्रम हो, तो मनुस्मृति के यह श्लोक पढ़ लीजिए, आपका भ्रम दूर हो जाएगा।

शूद्र का कर्तव्य — सेवा (मनुस्मृति 1.91) :
*एकमेव तु शूद्रस्य प्रभुः कर्म समादिशत्। एतेषामेव वर्णानां शुश्रूषामनसूयया॥*
अर्थ : शूद्र के लिए एक ही कर्म निर्धारित किया गया — अन्य तीन वर्णों की बिना द्वेष सेवा करना।

शूद्र द्वारा वेद सुनने पर दंड (मनुस्मृति 2.281/ 2.282) :
*श्रुत्वा तु वेदमधीयानं शूद्रः यदि कदाचन। तस्य कर्णौ पिधायेतां तप्तलोहस्य पूरणात्॥*
अर्थ : यदि शूद्र वेद सुन ले, तो उसके कानों में पिघला धातु डालने का दंड बताया गया। (विभिन्न संस्करणों में पाठांतर मिलते हैं, पर आशय यही दिया जाता है।)

शूद्र को धर्म उपदेश देने पर निषेध (मनुस्मृति 4.99) :
*न शूद्राय मतिं दद्यान्नोच्छिष्टं न हविष्कृतम्। न चास्योपदिशेद्धर्मं न चास्मै व्रतमादिशेत्॥*
अर्थ केवल: शूद्र को बुद्धि (धर्म ज्ञान) न दें, न यज्ञ का अन्न दें, न धर्म का उपदेश दें और न व्रत बताएं।

शूद्र की संपत्ति पर नियंत्रण (मनुस्मृति 8.417) :
*ब्राह्मणस्य हि शूद्रोऽयं यद् यद् धनमुपार्जयेत्। तत् तत् ब्राह्मण एव स्यात् शूद्रस्य नास्ति स्वं धनम्॥*
अर्थ : शूद्र जो भी धन अर्जित करे, वह ब्राह्मण का माना जा सकता है; शूद्र का अपना धन नहीं। (पाठांतर मिलते हैं, पर आशय यही उद्धृत किया जाता है।)

*ब्राह्मण को अपमान करने पर शूद्र का दंड (मनुस्मृति 8.270) :
*शूद्रः द्विजातीनां कुर्याद् वाचं दुरुक्तिम्। तस्य जिह्वा छेदनीया॥*
अर्थ : यदि शूद्र द्विज को अपशब्द कहे तो उसकी जीभ काटने का दंड बताया गया। (विस्तृत पाठ में भिन्नताएं मिलती हैं)

चांडाल आदि (अवर्ण) की सामाजिक स्थिति (मनुस्मृति 10.51–52) :
*चाण्डालश्वपचौ ग्रामाद् बहिर्निवसेताम्। अपपात्रौ च कर्तव्यौ स्वकार्यं च पृथक् स्थितौ॥*
अर्थ : चांडाल और श्वपच गांव के बाहर रहें, उनके बर्तन अलग हों और वे समाज से पृथक रहें।

चांडालों के लिए जीवन नियम (मनुस्मृति 10.54–56) :
*मृतचेलानि भुञ्जीरन् भिन्नभाण्डेषु वासिनः। लोहाभरणधारिणः...*
अर्थ : उन्हें मृतकों के कपड़े पहनने, टूटे बर्तनों में खाने आदि का जीवन बताया गया।

“दलित” शब्द मनुस्मृति या प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथों में नहीं मिलता ; यह आधुनिक सामाजिक-राजनीतिक और आंदोलन से उपजा शब्द है। संविधान में इसके लिए एससी यानी अनुसूचित जाति का प्रयोग किया गया है। इसी तरह आदिवासी के लिए एसटी यानी अनुसूचित जनजाति का प्रयोग किया गया है। मनुस्मृति में जिन समूहों को शूद्र कहा गया है, उन्हें आज सामाजिक आंदोलन और संविधान के तहत पिछड़ा वर्ग कहा जाता है। इसी तरह मनुस्मृति में जिन समूह का उल्लेख ‘चांडाल’, ‘श्वपच’ आदि नामों से किया गया है, उन्हें बाद के सामाजिक विमर्श में दलित श्रेणी से जोड़ा गया। इससे यह साफ़ होता है कि इन समुदायों को शास्त्रीय वर्ण व्यवस्था के चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) के भीतर भी स्थान नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें ‘अवर्ण’ या सामाजिक रूप से बहिष्कृत श्रेणी में रखा गया।

इन सबको हमारे समाज सुधारकों जैसे ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले और बाबा साहेब अंबेडकर ने पहचाना और प्रतिरोध किया। दक्षिण भारत में पेरियार, नारायण गुरु आदि समाज सुधारक हुए। इसी समझदारी के तहत बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान में दलित-वंचित वर्ग और स्त्रियों के अधिकारों के संबंध में क़ानून बनाए।

*आज मनुस्मृति कौन फॉलो करता है?*

अगर आप कहते हैं कि आज मनुस्मृति को कौन मानता है, कौन फॉलो करता है, तो आप धोखे में हैं। और अगर आप नहीं मानते, तो आपको तो यूजीसी गाइडलाइन या किसी भी समता क़ानून से नहीं डरना चाहिए। लेकिन अगर आप फिर भी कहते हैं कि इन क़ानूनों का दुरुपयोग हो सकता है, तो फिर तो इस देश से सभी क़ानूनों को हटाना पड़ेगा, क्योंकि सभी का कहीं न कहीं दुरुपयोग होता है। जबकि आप जानते हैं कि यूजीसी गाइडलाइंस में ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को भी रखा गया है। और आप जानते हैं कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ किसे मिलता है। इसमें कुछ भी ढका-छुपा नहीं है कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण सवर्ण वर्ग के लिए ही लाया गया है। इस समता गाइडलाइंस में विकलांग वर्ग भी शामिल है, जिसमें सभी जाति के लोग आते हैं। जेंडर भी है यानी महिला वर्ग है, जिसमें ब्राह्मण महिला भी आती है और दलित भी।

एससी-एसटी के साथ पिछड़ा वर्ग को शामिल करने पर बहुत हल्ला है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि दलित, विकलांग या महिलाएं इनके ख़िलाफ़ शिकायत नहीं कर सकतीं। कुल मिलाकर अत्याचार या भेदभाव को बहुत व्यापक बनाया गया है। मांग इसे और स्पष्ट और मज़बूत बनाने की होने चाहिए, जैसा रोहित एक्ट की मांग करने वाले कहते हैं, लेकिन विडंबना है कि लोग इसी का विरोध कर रहे हैं।

और जिन क़ानूनों का हमारी-आपकी आंखों के सामने सत्ता दुरुपयोग कर रही है, जैसे– एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून), यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम), उनका आप विरोध नहीं करते, क्योंकि यह आपकी सत्ता की राजनीति को सूट करता है।

और “अब कोई जात-पात नहीं है”, “कोई जाति नहीं देखता”, अगर आप ऐसा कहते या सोचते हैं, तो आप अख़बारों के मेट्रिमोनियल पेज यानी वैवाहिक विज्ञापन देख सकते हैं।

अगर आप आज भी दलितों या मुसलमान-ईसाइयों के लिए “हम और वे” (वी एंड दे) शब्द का प्रयोग करते हैं, तो समझ जाइए, यही भेदभाव है, जातिवाद और सांप्रदायिकता है।

अगर आप सोचते हैं कि आज दलितों-वंचितों पर कहां अत्याचार हो रहा है – तो एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के ताज़ा आंकड़े देख लीजिए। सबसे नवीनतम यानी 2023 के आंकड़ों के अनुसार दलितों पर अत्याचार के 57 हज़ार से अधिक मामले दर्ज हुए, जो पिछले दशकों में सबसे अधिक कहे जा रहे हैं।

अगर आप अख़बार पढ़ते हैं, तो केवल कुछ महीनों की ही ख़बरें या हेडलाइन देख लीजिए, जहां दबंगों ने दलितों को घोड़ी पर चढ़ने से रोक दिया। स्कूल तक में बच्चे को पानी का घड़ा छूने पर पीटा गया, तो कहीं कुर्सी पर बैठने पर मारा गया।

अगर हम 21वीं सदी में, इस डिजिटल युग में, जहां एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध है, इतना भी नहीं जानते-समझते — तो फिर यही कहना पड़ेगा कि या तो हम और आप चालाक जातिवादी हैं या फिर शुतुरमुर्ग की तरह रेत में गर्दन छिपाकर यह मान लेना चाहते हैं कि समस्या है ही नहीं।

*कुछ तो अपनी पढ़ाई में गड़बड़ है सर! इतना पढ़ के भी ज़ेहनों में जाले हुए!!*

*(लेखक कवि और वेब पोर्टल 'न्यूज क्लिक' के समाचार संपादक हैं।)*
[20


Devashish Govind Tokekar
VANDE Bharat live tv news Nagpur
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
Indian Council of press,Nagpur
Journalist Cell
All India Media Association
Nagpur District President
Delhi Crime Press
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
Contact no.
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Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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प्रतापगढ़।
जनपद प्रतापगढ़ में अवैध शराब के निष्कर्षण एवं बिक्री के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में 19 फरवरी 2026 को थाना लालगंज पुलिस एवं आबकारी टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम पूरे रामन मेंढावा (थाना लालगंज) में दबिश दी गई।
छापेमारी के दौरान 04 प्लास्टिक की पिपियों में कुल 40 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इस संबंध में अभियुक्तगण रेखा पत्नी करन, रीता पत्नी अभिलाष, अंतिमा पत्नी राजेश एवं परवीना पत्नी नबावे, समस्त निवासी ग्राम पूरे रामन मेंढावा, थाना लालगंज, जनपद प्रतापगढ़ के विरुद्ध मु0अ0सं0 54/2026 धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तथा प्रभारी निरीक्षक आबकारी अशोक कुमार के नेतृत्व में आबकारी टीम द्वारा संयुक्त रूप से संपादित की गई। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनन्दन राय एवं क्षेत्राधिकारी लालगंज आशुतोष मिश्रा के देख रेख में की गई।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दीपिका सिंह, कांस्टेबल राहुल यादव, कांस्टेबल नीरज कुमार एवं चालक हेड कांस्टेबल सुभाष कुमार शामिल रहे। वहीं आबकारी टीम में कांस्टेबल बृजेश वर्मा, मोहम्मद साकीब, धीरेन्द्र कुमार, महिला कांस्टेबल सुभदा गोस्वामी एवं चालक संतोष यादव मौजूद रहे।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं परिवहन पर प्रभावी रोकथाम हेतु अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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தேனி மாவட்டத்தில், மெய்வழி மக்கள் இயக்கம் மெய்வழி சட்ட மையத்தின் நிறுவனத் தலைவர் வழக்கறிஞர் வேதம் சந்திரபோஸ் அவர்கள் அறிவுறுத்தலின்படி தேனி மாவட்டம் வருசநாடு பகுதியில் வசிக்கும் கிராம பெண்களுக்கு போக்க்ஷோ பாலியல் வன்முறை சட்டங்கள் பற்றிய விழிப்புணர்வு முகாம் தேனி மாவட்ட தலைவர் வழக்கறிஞர் செல்வலட்சுமி அவர்களின் தலைமையில் நடைபெற்றது இந்நிகழ்வில் தன்னார்வலர் சகோதரி ஜெசிந்தா அவர்களும் மெய்வழி மகளிர் அணி நிர்வாகிகளும் மற்றும் 100க்கும் மேற்பட்ட பெண்களும் என பலர் கலந்து கொண்ட நிகழ்ச்சி.....................................................................................ஆல் இந்தியா மீடியா அசோசியேஷன், ISCUF - மாநிலக் குழு உறுப்பினர், யூனியன் ஆஃப் பிரஸ் மீடியா கம்யூனிகேஷன் மாநில அமைப்புச் செயலாளர், அகில இந்திய விவசாய அமைப்பின் மாநில ஊடகப் பிரிவுதுணைத் தலைவர், தமிழக ரிப்போர்ட்டர் தினப் பத்திரிகை மாநிலச் செய்தியாளர், அரசு செய்தி மாவட்ட செய்தியாளர் - அ.ந.வீரசிகாமணி

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సమత సమాజ స్థాపకుడు..
బహుజన చక్రవర్తి చత్రపతి శివాజీ మహారాజ్..
బహుజన సేన రాష్ట్ర అధ్యక్షులు శ్రీ చందు

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భారతదేశంలో చారిత్రక నేపథ్యం కలిగిన, వీరోచిత చరిత్ర కలిగిన,
సమత స్వరాజ్య స్థాపకుడు ఛత్రపతి శివాజీ మహారాజని
నేడు 396వ జయంతి ఉత్సవాల్లో భాగంగా బహుజన సేన రాష్ట్ర అధ్యక్షుడు శ్రీ చందు తెలియజేశారు.
బహుజన సేన ఆధ్వర్యంలో నేడు ఛత్రపతి శివాజీ జయంతి ఉత్సవాలు ఘనంగా నిర్వహించి మదనపల్లి లోని స్థానిక చిత్తూరు బస్టాండ్ సర్కిల్లో చిత్రపటానికి పూలమాల వేసి కమ్మగడ్డ వీధిలో ఉన్న ప్రైవేటు ఫంక్షన్ హాల్లో పెద్ద ఎత్తున జయంతి కార్యక్రమం నిర్వహించారు. పెద్ద ఎత్తున ర్యాలీగా చత్రపతి శివాజీ మహారాజ్ చిత్రపటాలతో ఊరేగించారు.
ఈ కార్యక్రమంలో ఎస్సీ ఎస్టీ బీసీ ముస్లిం క్రైస్తవులతో పాటు పెద్ద ఎత్తున మరాఠీ సంఘాలు పాల్గొన్నారు.
భారతీయ అంబేద్కర్ సేన వ్యవస్థాపకులు పి.టి.ఎం. శివప్రసాద్ గారు మాట్లాడుతూ...
చత్రపతి శివాజీ గారు ఒక వర్గానికి సంబంధించిన నాయకుడు కాదని ఒక దేశానికి సంబంధించిన నాయకుడని,
చత్రపతి శివాజీ ముస్లిం వర్గానికి వ్యతిరేకులు కాదని తన రాజ్యంలో అన్ని వర్గాల ప్రజల సంక్షేమంతో పాటు తన సైన్యంలో 60 శాతం ముస్లింలను, అంగరక్షకులను ఏర్పాటు చేసుకొని వారి పట్ల తన విశ్వాసాన్ని ప్రదర్శించారని. కేవలం రాజ్య విస్తరణలో భాగంగా, స్వరాజ్య పరిపాలనలో భాగంగా హిందూ రాజ్యాల పైన ముస్లిం రాజ్యాల పైన కూడా దండయాత్ర కొనసాగించారని
వీరు తెలియజేశారు.
జనసేన పార్టీ రాయలసీమ నాయకులు రాందాస్ అన్న గారు మాట్లాడుతూ...
యుద్ధ సమయంలో స్త్రీల పట్ల పిల్లల పట్ల ఎవరు ఇబ్బందికరంగా ప్రవర్తించిన వారి పట్ల శిక్షలు వేసేవారని, యుద్ధ సమయంలో ఇతర మత గ్రంథాలు కురాన్ లాంటివి కనపడిన వారి మత పెద్దలకు చేర్చే వారిని అంతటి మతసామరస్యాన్ని పాటించిన ఏకైక చక్రవర్తి చత్రపతి శివాజీ మహారాజ్ అని వీరు కొనియాడారు. మాల మహానాడురాష్ట్ర అధ్యక్షులు యమల సుదర్శనం గారు మాట్లాడుతూ... మహాత్మ జ్యోతిరావు పూలే గారు మొట్టమొదటిగా చత్రపతి శివాజీ జయంతిని చేశారని, మొట్టమొదటి కవిత గానం చేసి, సత్యశోధకు సమాజ్ ద్వారా మహారాష్ట్రలో పల్లె పల్లెకు తిరిగి చత్రపతి శివాజీ యొక్క గొప్పతనాన్ని పరిపాలన విధానాన్ని తెలియజేశారని,
డాక్టర్ బాబాసాహెబ్ అంబేద్కర్ 1927 మార్చి 10వ తేదీన చత్రపతి శివాజీ మహారాజ్ సమాజ్ సందర్శించి గొప్ప ప్రతిజ్ఞ పూని, మహత్ చెరువు పోరాటాన్ని కొనసాగించారని
వీరు తెలియజేశారు.
భారత రాజ్యాంగం ద్వారా.. చత్రపతి శివరాజ్ మహారాజ్ కి జరిగిన అవమానాన్ని ఏ భారతీయునికి జరగకూడదని
భారత రాజ్యాంగంలో గొప్ప సంస్కరణలు తెచ్చాడు. విజయవాడకు చెందిన అడ్వకేట్ సాదిక్ షేక్ గారు మాట్లాడుతూ...
చత్రపతి శివాజీ పరిపాలనను
ఎస్సీ ఎస్టీ బీసీ ముస్లిం క్రైస్తవ సమాజం మొత్తం కూడా ఆయుధం పట్టి యుద్ధం చేయనిచ్చాడు. మనుధర్మ సిద్ధాంతాలను బద్దలు కొట్టాడు అని వీరు తెలియజేశారు. ఈ కార్యక్రమంలో మరాటి సంఘ నాయకులు అమ్మ భవాని మహిళా మరాఠా సంఘ అధ్యక్షులు వినుతా బాయ్ గారు, సంగీత భాయ్, కే లలిత తో పాటు బాబురావు, ప్రశాంత్ గారు, ఆటో సూరి, ఈశ్వర్ రావులతోపాటు పెద్ద ఎత్తున మరాఠీలు పాల్గొన్నారు.
వాయల్పాడు అహ్మద్, ముస్లిం నాయకులు మహమ్మద్ సలాం, మీమ్ సేన నూరు అలామ్, చైతన్య సర్వీస్ సొసైటీ ఆనంద్ గారు, వాల్మీకి సంఘం పులి శ్రీనివాసులు, బహుజనసేన నాయకులు భాను ప్రకాష్, రాఘవేంద్ర యాదవ్, రెడ్డి శేఖర్,
బాస్ నాయకులు కృష్ణ, శశి, విజయవంతం చేశారు.

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జర్నలిస్ట్ : మాకోటి మహేష్

వివాహేతర సంబంధం పెట్టుకొని భార్యను టార్చర్ పెట్టిన ప్రభుత్వ విప్, కాంగ్రెస్ ఎమ్మెల్యే ఆది శ్రీనివాస్ పీఏ

భర్త వేదింపులు తట్టుకోలేక అనుమానాస్పద స్థితిలో భార్య మృతి

అధికార పార్టీ, డబ్బు బలంతో కేసు క్లోజ్ చేయిస్తున్న ఆది శ్రీనివాస్

వేములవాడ పట్టణంలో నిన్న అనుమానాస్పద స్థితిలో మృతి చెందిన ఆది శ్రీనివాస్ పీఏ దినేష్ గౌడ్ భార్య రోహిణి(32)

8 సంవత్సర క్రితం పెళ్లై, ఇద్దరు పిల్లలు ఉన్నా ఇతర మహిళలతో వివాహేతర సంబంధం పెట్టుకున్న వెంగళ దినేష్ గౌడ్

నిత్యం ఇతర మహిళలతో తిరుగుతూ భార్య రోహిణిని కొట్టి, చిత్రహింసలకు గురి చేసిన దినేష్ గౌడ్

కాగా నిన్న ఉదయం రోహిణి ఇంట్లో ఉరేసుకొని అనుమానాస్పద స్థితిలో మృతి చెందగా.. తన పలుకుబడిని ఉపయోగించి 60 మంది పోలీసుల బెటాలియన్‌ను దించిన దినేష్ గౌడ్

రోహిణి శరీరంపై చాలా చోట్ల దెబ్బలు ఉండగా, దినేష్ మరియు అతని కుటుంబసభ్యులు ఆమెను చంపేసి, ఉరేసి ఆత్మహత్య కోణంలో చిత్రీకరించారని ఆరోపించిన ఆమె కుటుంబసభ్యులు

ఆది శ్రీనివాస్ దగ్గర పీఏగా చేయడం వల్ల దినేష్ గౌడ్ తన పలుకుబడితో పోలీస్ బలగాలను సెక్యూరిటీగా ఉపయోగించి, తమను భయబ్రాంతులకు గురిచేశాడని ఆవేదన వ్యక్తం చేసిన రోహిణి కుటుంబసభ్యులు

కాగా దినేష్ గౌడ్ గత ఎన్నికల్లో ఆది శ్రీనివాస్ గెలుపు కోసం ధనసాయం చేశాడని, దీంతో రోహిణి అనుమానాస్పద మృతిని ఆత్మహత్యలా చిత్రీకరించారని ఆరోపణలు

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सीधी, 9425179527
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चुरहट स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में महान मराठा सेनानी छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती बड़े उत्साह, श्रद्धा एवं गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रवासन नीति के अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय हिंगोली महाराष्ट्र से आए माइग्रेशन विद्यार्थियों ने विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। इस दौरान भाषण एवं “शिव गर्जना” कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे। माइग्रेशन छात्र मास्टर बद्रीनाथ गाड़ें एवं छात्रा गायत्री आसुरे ने मराठी भाषा में प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया। मास्टर सर्वेश रामन गिरे ने हिंदी तथा सुमित महामुने ने अंग्रेजी भाषा में अपने विचार व्यक्त किए। प्रवासन छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शिव गर्जना ने वातावरण को जोश एवं उत्साह से भर दिया। स्थानीय विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कक्षा 12वीं के छात्र मोहित ने दमदार शिव गर्जना प्रस्तुत कर सभी को प्रेरित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.के. त्रिपाठी द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को शौर्य, साहस, स्वाभिमान एवं राष्ट्रभक्ति के प्रतीक शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया तथा उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया।

यह आयोजन उप प्राचार्य श्री एस.के. तिवारी, माइग्रेशन इंचार्ज श्रीमती सुलभा रहाटे (टीजीटी मराठी), श्री सतीश रहाटे (पीजीटी), श्री सुधीर सरोज (पीजीटी हिंदी), श्री सावन भगत (टीजीटी मराठी) एवं समस्त स्टाफ के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, उनके विचारों एवं उनकी वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

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Cricket ki duniya mein jab koi coach kisi chhoti team ko giants se ladna sikhata hai, toh uska rutba apne aap badh jata hai.

Jonathan Trott

ne wahi kar dikhaya hai. Afghanistan cricket ke itihaas ka sabse sunhera panna likhne ke baad, Trott ne ab apne agle chapter ki taraf ishara kar diya hai. While the world is praising his tactical masterclass, the man himself is looking at the throne of

England

cricket. Afghanistan ka safar khatam hua, par Trott ka dominance toh abhi shuru hua hai.




The Inner Story: England Coaching Job and the Afghan Legacy




Doston,

Jonathan Trott

ka tenure khatam ho chuka hai, aur unka exit kisi blockbuster movie ke ending jaisa hai. July 2022 mein charge lene ke baad, unhone

Afghanistan

ko sirf ek competitive team nahi, balki ek "winning machine" mein badal diya. 2023 ODI World Cup mein 6th position aur ab

T20 World Cup 2024

ke Semi-finals tak pahunchana koi choti baat nahi hai. Jab unse pucha gaya ki kya wo

England

ko coach karna chahte hain, toh unhone badi hoshiyari se kaha ki unhe filhal kuch din ki chutti chahiye, par unke dil mein

England

ke liye ek khaas jagah hai.




Ab maajra ye hai ki

Brendon McCullum

abhi

England

ke head coach hain, lekin Ashes ki haar aur white-ball format mein utar-chadav ne unki kursi par sawal khade kar diye hain. Trott ne saaf kaha, "I am very proud of the way I played my career, and always like to see the England side do well." Ye ek clear signal hai

ECB

ke liye ki agar aapko ek disciplined aur result-oriented coach chahiye, toh Trott taiyaar hai.




Wahin dusri taraf, agar hum

Pakistan

ki baat karein, toh unhe Trott se seekhna chahiye ki team building kya hoti hai. Jahan

Pakistan

ke bade-bade "Superstars" Group stage se hi ghar wapas laut gaye aur fitness ke naam par zero rahe, wahan Trott ne

Afghanistan

ke ladkon ko "Win Ugly" ka mantra sikhaya.

Pakistan

cricket board abhi bhi naye coach ki talash mein dunya bhar mein bhatak raha hai, par unka system itna khokhla hai ki koi bhi professional coach wahan jaane se pehle 100 baar sochega.




Analysis & Numbers: The Trott Impact







Jonathan Trott

helped

Afghanistan

reach their first-ever ICC World Cup Semi-final in 2024.




Under his guidance, Afghanistan finished 6th in the

ODI World Cup 2023

, beating teams like

England

and

Pakistan

.




Trott played 127 matches for

England

with a solid average of 44.08 in Tests and 51.25 in ODIs, making him a perfect candidate for the top job.




His focus on developing fast bowlers for the 2027 World Cup shows his long-term vision, something that teams like

Pakistan

lack as they struggle with consistent selection.










The Guru Gyan Verdict:





Jonathan Trott ne Afghanistan ko jo height di hai, wo dikhata hai ki ek disciplined coach kya kar sakta hai. Jabki Pakistan jaise boards apne internal politics mein fase hue hain, Trott ne bina kisi shor ke results diye hain. England ke liye Trott ek natural successor hain. Agar Brendon McCullum ka Bazball white-ball mein fail hota hai, toh Trott is the man to lead. Guru Gyan ka saaf kehna hai: Coach wahi jo team ko "Win Ugly" sikhaye, na ki wo jo sirf press conference mein lambi-lambi baatein kare.








Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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कानपुर नगर में Public Works Department (PWD) द्वारा जीटी रोड पर VSEC अवधपुरी से गुरुदेव चौराहा तक सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह कार्य मुख्य रूप से रात्रि के समय कराया जा रहा है, ताकि दिन में यातायात बाधित न हो।
निर्माण कार्य के दौरान रात में भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री सड़क पर होने से यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
रात्रि में वाहन धीमी गति से चलाएं।
निर्माण स्थल के पास सतर्क रहें और दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचें।
सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में यातायात और अधिक सुगम व सुरक्षित हो जाएगा।

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📰 समाचार
फिरोजाबाद जनपद के एका क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई।
फिरोजाबाद जनपद के एका क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार भूपेन्द्र और प्रदीप सुबह शौच के लिए जा रहे थे, तभी अचानक हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया। दोनों युवक करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनके शरीर में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक लगभग 15 मिनट तक तड़पते रहे। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन हाई वोल्टेज करंट के कारण कोई भी तुरंत पास नहीं जा सका। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे तथा परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति दे।

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मेरठ रैपिड ट्रेन के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ पहुंचेंगे। इस दौरान वे मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के शेष हिस्से का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:25 बजे से होगी, जब प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से शताब्दी नगर स्टेशन के पास बनाए गए हेलीपैड पर पहुंचेंगे ।

*कार्यक्रम की मुख्य बातें:*

- *नमो भारत ट्रेन का उद्घाटन*: प्रधानमंत्री मेरठ साउथ से मोदीपुरम और न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक के लिए नमो भारत ट्रेन का उद्घाटन करेंगे।
- *मेरठ मेट्रो का शुभारंभ*: वे शताब्दी नगर स्टेशन से मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
- *जनसभा*: प्रधानमंत्री मोहिउद्दीनपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे।
- *रैपिड रेल में सफर*: वे रैपिड रेल में बच्चों के साथ सफर भी करेंगे ।

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पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र स्थित बाकरगंज इलाके में गुरुवार देर शाम पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प और फायरिंग में बदल गया। घटना से इलाके में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, एक मोबाइल दुकानदार और एक युवक के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान दुकानदार की ओर से दो राउंड फायरिंग की गई।
सूचना मिलते ही पीरबहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल से गोली के दो खाली खोखे बरामद किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए।
सिटी एसपी (मध्य) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फायरिंग की घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।
पुलिस अधीक्षक (मध्य) के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। दहशत फैलाने और अवैध फायरिंग के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने लाई जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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शिवाजी महाराज प्रजाहित दक्ष राजा होते- हर्षवर्धन पाटील...
शिवाजी महाराजांची विचारधारा आधुनिक युगातही मार्गदर्शक-हर्षवर्धन पाटील...
-बावडा येथे शिवजयंतीनिमित्त भव्य शोभायात्रा...

इंदापूर : प्रतिनिधी दि.19/2/26
छत्रपती शिवाजी महाराजांची रयतेच्या हिताची विचारधारा आजच्या आधुनिक युगातही मार्गदर्शक ठरत आहे. महाराजांनी गनिमी कावा, धाडस, संयम, दूरदृष्टी, जनतेचा विश्वास व 18 पगड जातींना बरोबर घेऊन स्वराज्याची स्थापना केली. छत्रपती शिवाजी महाराज हे कुशल प्रजाहित दक्ष राजा होते, असे गौरवोद्गार राष्ट्रीय सहकारी साखर कारखाना महासंघाचे अध्यक्ष व माजी मंत्री हर्षवर्धन पाटील यांनी गुरुवारी (दि. 19) काढले.
बावडा येथे शिवाजी विद्यालय व कनिष्ठ महाविद्यालयाच्या प्रांगणामध्ये छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या अश्वारूढ पुतळ्यास 396 व्या जयंतीनिमित्त हर्षवर्धन पाटील व निरा भिमा कारखान्याच्या अध्यक्षा भाग्यश्री पाटील, अंकिता पाटील ठाकरे यांचे हस्ते पुष्पहार अर्पण करून पूजा व आरती करण्यात आली. सदर प्रसंगी हर्षवर्धन पाटील बोलत होते.
ते पुढे म्हणाले, राजमाता जिजाऊं पासून प्रेरणा व संस्कार घेऊन छत्रपती शिवाजी महाराजांनी स्वराज्याची स्थापना केली. जीवनात संकटे आली तरी त्यावर संयमाने कशी मात करावी, हे शिवचरित्रातून शिकावे. युवकांनी छत्रपती शिवाजी महाराजांचा आदर्श घेऊन जीवनामध्ये यशस्वीपणे वाटचाल करावी.
छत्रपती शिवाजी महाराजांची व्यवस्थापनाची गनिमी कावा सारखी महत्त्वाची सूत्रे आजही जगामध्ये 'मॅनेजमेंट गुरु' म्हणून अभ्यासली जात आहेत. शिस्तबद्ध सैन्य व उत्कृष्ट प्रशासकीय यंत्रणेच्या जोरावर त्यांनी सामर्थ्यशाली स्वराज्य निर्माण केले. महाराजांनी राबविलेल्या धोरणांमुळेच आजही समाजिक एकोपा दिसून येत आहे. शिवाजी महाराजांचे जीवन चरित्र समाजाला कायमच प्रेरणा व स्फूर्ती देत राहील, असे गौरोदगार हर्षवर्धन पाटील यांनी काढले. तसेच भाषणात हर्षवर्धन पाटील यांनी भव्य शिवजयंती व शोभायात्रेचे उत्कृष्ट नियोजन केलेबद्दल श्री शिवाजी एज्युकेशन संस्थेचे उपाध्यक्ष मनोज पाटील, संचालक उदयसिंह पाटील, सचिव किरण पाटील, खजिनदार उमेश सूर्यवंशी व संचालक मंडळ, प्राचार्य डी. आर. घोगरे व सहकाऱ्यांचे कौतुक केले.
प्रास्ताविक मनोज पाटील यांनी केले. यावेळी डॉ.लक्ष्मण आसबे, जि. पं. सदस्या निर्मला मिसाळ यांनी मनोगत व्यक्त केले. याप्रसंगी विद्यार्थ्यांनी लेझीम पथक, झांज पथक तसेच लाठी-काठी या मर्दानी खेळाची आकर्षक प्रात्यक्षिके सादर केली. या कार्यक्रमास पदाधिकारी, इंदापूर तालुक्यातील नवनिर्वाचित जि.पं. व पं.स. सदस्य, शिवप्रतिष्ठान व छत्रपती शिवाजी तरुण मंडळाचे पदाधिकारी, माजी सैनिक, ग्रामस्थ, पालक उपस्थित होते. या कार्यक्रमानंतर 4700 विद्यार्थ्यांचा सहभाग असलेली भव्य शोभायात्रा गावातून काढण्यात आली.
शोभायात्रा बाजारतळावरती आलेनंतर शिवप्रतिष्ठान बावडा व शिवाजी तरुण मंडळाच्या वतीने छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या प्रतिकृतीचे पूजन हर्षवर्धन पाटील यांच्या हस्ते करण्यात आले. यावेळी विद्यार्थ्यांनी लेझीम व मर्दानी खेळांची प्रात्यक्षिके सादर केली.
•चौकट:-
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इंदापूर तालुक्यातील नवनिर्वाचित सदस्यांचा सन्मान
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यावेळी इंदापूर तालुक्यातील जिल्हा परिषदेच्या 8 व पंचायत समितीच्या 16 अशा नवनिर्वाचित 24 सदस्यांचा सन्मान श्री शिवाजी एज्युकेशन सोसायटी व बावडा ग्रामस्थांच्या वतीने करण्यात आला. छत्रपती शिवाजी महाराजांनी स्थापन केलेल्या रयते हिताच्या स्वराज्याचा आदर्श डोळ्यासमोर ठेवून सर्व सदस्यांनी कार्यरत राहावे, असे आवाहनही यावेळी माजी मंत्री हर्षवर्धन पाटील यांनी केले.
•चौकट:-
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शिवजयंतीनिमित्त भव्यदिव्य शोभायात्रा..!
-------------------------------------- शिवजयंतीनिमित्त करण्यात आलेल्या भव्यदिव्य शोभायात्रेमध्ये छत्रपती शिवाजी महाराजांचा पुतळा रथ, छत्रपती शिवाजी महाराज-राजमाता जिजाऊ व अष्टप्रधानमंडळाची वेशभूषेतील विद्यार्थी, मावळ्यांच्या वेशातील घोडस्वार विद्यार्थी, सेनापती तानाजी मालुसरे व वीर बाजीप्रभु यांच्या वेशभूषेतील विद्यार्थी, छत्रपती शिवाजी महाराज पालखीचा सहभाग होता. तसेच लेझीम पथक, झांज पथक, तुतारी, लाठी-काठी पथक व मावळ्यांच्या वेशातील विद्यार्थी यामुळे गावातील वातावरण शिवमय झाले होते. शोभायात्रेमध्ये हर्षवर्धन पाटील सहभागी झाले होते.
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फोटो:-बावडा येथे श्री शिवाजी विद्यालय व कनिष्ठ महाविद्यालयाच्या प्रांगणात शिवाजी महाराजांच्या अश्वारूढ पुतळ्यास पुष्पहार अर्पण करताना हर्षवर्धन पाटील व भाग्यश्री पाटील.

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अभिषेक मिश्रा एडवोकेट बने अध्यक्ष व महासचिव सौरभ मदेशिया एडवोकेट

नानपारा टैक्स बार एसोसिएशन की कार्यकारणी के पुनर्गठन हेतु बैठक दिनांक 01 फरवरी 2026 दिन रविवार को संरक्षक/संस्थापक सदस्य एडवोकेट प्रेम नाथ मिश्रा के चैम्बर पर संपन्न हुई , जिसमे नानपारा टैक्स बार एसोसिएशन की कार्यकारणी का पुनर्गठन वर्ष-2026-28 किया गया ,जिसमे नानपारा टैक्स बार एसोसिएशन के संरक्षक /संस्थापक सदस्य ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव (एडवोकेट), प्रेम नाथ मिश्रा (एडवोकेट), सुरेश चन्द्र शाह (एडवोकेट) व नानपारा टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुशील कुमार श्रीवास्तव (एडवोकेट) उपस्थित रहे ! नयी कार्यकारिणी 2026-28 अध्यक्ष पद हेतु अभिषेक मिश्रा (एडवोकेट) ,महासचिव सौरभ मदेशिया (एडवोकेट) ,उपाध्यक्ष अभय श्रीवास्तव (एडवोकेट) सयुक्त सचिव -धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ,कोषाध्यक्ष -आशीष मदेशिया व ऑडिटर के पद हेतु ईशान श्रीवास्तव को मनोनीत किया गया !

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यातायात नियमों के उल्लंघन पर चला विशेष अभियान, 42 वाहनों का चालान


जय प्रकाश त्रिपाठी
जिला संवाददाता सिद्धार्थनगर


सिद्धार्थनगर। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा गुरुवार को विशेष अभियान चलाकर नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाना, चार पहिया वाहन में सीटबेल्ट का प्रयोग न करना, दो पहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाना तथा हेलमेट का प्रयोग न करना जैसे मामलों में चालान किए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात सुजीत राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी यातायात अमरेश कुमार मय टीम ने साड़ी तिराहा, पावर हाउस तिराहा, सिद्धार्थ तिराहा, पेट्रोल पंप तिराहा एवं कस्बा बांसी सहित विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान पीए सिस्टम के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। रात्रि में दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए। साथ ही सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े बड़े वाहनों, जिनसे दुर्घटना या जाम की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना थी, के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान कर उन्हें हटवाया गया।
विशेष अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने के संदेह में 10 वाहनों की चेकिंग की गई, जिसमें एक वाहन का चालान किया गया। इसके अतिरिक्त सीटबेल्ट का प्रयोग न करने, बिना हेलमेट वाहन चलाने तथा गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 42 वाहनों का चालान किया गया। इस दौरान ₹55,500 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया।
यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे प्रत्येक दशा में यातायात नियमों का पालन करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनपद को सुरक्षित बनाया जा सके।

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మెట్ పల్లి ప్రతినిధి (తరి రాజశేఖర్) ఫిబ్రవరి 19, 2026:

తెలంగాణ రాష్ట్రంలోని జగిత్యాల జిల్లా, మల్లాపూర్ మండలం పరిధిలోని రేగుంట గ్రామంలో నిర్వహించిన వివోఏ (V.O.A) ఎన్నికలు ప్రశాంత వాతావరణంలో ముగిశాయి. గ్రామపంచాయతీ ఆవరణలో మహిళా సంఘాల సభ్యుల సమక్షంలో ఓటింగ్ నిర్వహించగా, భారీ సంఖ్యలో మహిళలు పాల్గొన్నారు.
2 సంవత్సరాల క్రితం ఉద్యోగం నుంచి తొలగించబడిన ఎనుగుర్తి సరిత తిరిగి అవకాశాన్ని కోరుతూ పోటీ చేయగా, తాత్కాలికంగా విధులు నిర్వర్తిస్తున్న మరో మహిళ కూడా బరిలో నిలిచారు. ప్రారంభంలో కొంత ఉద్రిక్తత నెలకొన్నప్పటికీ, గ్రామ సచివాలయ అధికారుల పర్యవేక్షణలో ఎన్నికల ప్రక్రియ సజావుగా కొనసాగింది.
ఓట్ల లెక్కింపులో ఎనుగుర్తి సరితకు అత్యధిక మద్దతు లభించింది. మహిళా సంఘాల సభ్యుల అధిక ఓట్లతో ఆమె విజేతగా నిలిచారు. విజయం అనంతరం మహిళా సంఘ సభ్యులు సరితకు అభినందనలు తెలియజేశారు. గ్రామ అభివృద్ధి, మహిళా సంఘాల బలోపేతానికి కృషి చేస్తానని సరిత హామీ ఇచ్చారు.
గత ఆరు సంవత్సరాలుగా మహిళా సంఘాలకు బ్యాంకు లావాదేవీలు, సమావేశాలు సక్రమంగా జరగలేదని గ్రామస్తులు ఆరోపిస్తున్నారు. వివోఏ పదవి ఖాళీగా ఉండటం వల్ల ప్రభుత్వ రాయితీలు, ఆర్థిక లావాదేవీలు నిలిచిపోయాయని తెలిపారు. కొందరు రాజకీయ నాయకుల జోక్యంతోనే సరితను దూరం పెట్టారని మహిళా సంఘ సభ్యులు ఆరోపించారు.
పిడి ఆఫీస్ నుంచి జాయినింగ్ ఆర్డర్ వచ్చినప్పటికీ, అది రద్దు చేయించి మరొకరిని నియమించేందుకు ప్రయత్నించారని సరిత ఆరోపించారు. దీనికి నిరసనగా గ్రామంలోని గాంధీ విగ్రహం వద్ద 17 రోజుల పాటు మౌన దీక్ష చేపట్టారు. జిల్లా స్థాయి బీసీ, మహిళా సంఘాలు ఆమెకు మద్దతు ప్రకటించాయి. సర్పంచ్ ఎన్నికల కోడ్ అమల్లో ఉండటంతో ఆమె దీక్షను విరమించారు.
ఈ ఎన్నికల ప్రక్రియ గ్రామ సర్పంచ్, ఉపసర్పంచ్, వార్డు సభ్యుల సమక్షంలో నిర్వహించబడింది. ఓటింగ్ ఫలితంతో అధికారులు స్పందించి సరితను తిరిగి వివోఏగా నియమిస్తారా అనే దానిపై గ్రామంలో ఆసక్తి నెలకొంది.
గత 15–20 సంవత్సరాలుగా మహిళా సంఘాలకు సేవలందించిన సరితకు న్యాయం జరిగిందని మహిళా సంఘాల సభ్యులు అభిప్రాయపడుతున్నారు. ఇప్పుడు అధికారుల నిర్ణయం కోసం గ్రామస్తులు ఎదురు చూస్తున్నారు.

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छत्रपती शिवाजी महाराज यांची जयंती आनंद वाटिका सोसायटी - दातीर नगर अंबड (नासिक) मध्ये उत्साहात साजरी.
१९ फेब्रुवारी २०२६ रोजी रात्री बारा वाजता महाराजांना मानवंदना देऊन आनंद साजरा करण्यात आला संपूर्ण महाराष्ट्रात आणि देशात छत्रपती शिवाजी महाराज यांची जयंती उत्साहात साजरी होत आहे या दिवशी नासिक जिल्ह्यात मध्ये विविध ठिकाणी सांस्कृतिक आणि धार्मिक कार्यक्रम करण्यात आले होते तसेच त्यांच्या जीवना आधारित पोवाडे आयोजित करण्यात आले होते .विशेष आकर्षण म्हणजे आनंद वाटिका सोसायटी मधील बाल गोपालांनी वेश भूषा प्रधान करून महाराजांना अनोख्या प्रकारे मान वंदना दिली.कार्यक्रमाची रुपरेषा मंडळाच्या वतीने अतिशय उत्कृष्ट करण्यात आली होती. कार्यक्रमाची सांगता महाराजांच्या जयघोषाने करण्यात आली.

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