logo
(Trust Registration No. 393)
AIMA MEDIA
logo

ચાણસ્મા પંથકમાં અખાત્રીજનું મંગલ પર્વ: ખેડૂતોએ ઉગમણી દિશામાં હળ હાંકી કૃષિ વર્ષના શુકન કર્યા.....

આજે અખાત્રીજ એટલે કે અક્ષય તૃતીયાના પવિત્ર દિવસે ચાણસ્મા પંથકમાં ખેડૂતો દ્વારા નવા કૃષિ વર્ષના શુભારંભ તરીકે ‘હલોતરા’ (હળ ખેડવા)ના શુકન કરવામાં આવ્યા હતા. તારીખ ૨૦/૪/૨૦૨૬ ને સોમવારના રોજ પરોઢિયેથી જ ગામના સીમ વિસ્તારમાં ભક્તિમય અને ઉત્સાહભર્યું વાતાવરણ જોવા મળ્યું હતું.
વહેલી સવારે ખેડૂતો પોતપોતાના ખેતરે પહોંચ્યા હતા અને પરંપરાગત રીતે હળનું પૂજન કર્યું હતું. જ્યોતિષશાસ્ત્ર અને લોકવાયકા મુજબ, આજે ખેડૂતોએ ઉગમણી દિશા તરફ હળ હાંકીને વાવણીના શુકન કર્યા હતા. સોમવારનો દિવસ અને અખાત્રીજનું વણજોયું મુહૂર્ત હોવાથી ખેડૂતોમાં આગામી ચોમાસું સારું રહે અને પાક મબલખ ઉતરે તેવી આશા જોવા મળી હતી.
ખેડૂત અગ્રણીઓના જણાવ્યા મુજબ, અખાત્રીજ પર ઉગમણી દિશામાં હળ ચલાવવું એ સમૃદ્ધિનું પ્રતિક માનવામાં આવે છે. ખેતરોમાં ગોળ-ધાણા વહેંચીને પરસ્પર મોં મીઠા કરાવી સૌએ કુદરત પાસે સારા વરસાદની પ્રાર્થના કરી હતી. આ સાથે જ આજથી ખેતીકામ માટેના નવા વર્ષનો વિધિવત પ્રારંભ થયો છે.

રિપોર્ટર મુકેશ પિત્રોડા ચાણસ્મા

0
3 views    0 comment
0 Shares

जमशेदपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि रात के समय चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने एक बुलेट बाइक को जब्त करने की कोशिश की, लेकिन हैंडल लॉक होने के कारण बाइक को स्टार्ट नहीं कर सके। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने डंडे के सहारे चार लोगों की मदद से बाइक उठाकर थाने पहुंचाया।

थाने में बाइक मालिक को एक कागज की पर्ची दी गई, जिसमें तारीख और कुछ विवरण लिखे गए थे। इस “हाथ से लिखी पर्ची” को लेकर अब सवाल उठ रहा है कि आखिर यह किस प्रकार का चालान है।

क्या कागज पर लिखकर चालान काटना वैध है?

जानकारों के अनुसार, झारखंड में ट्रैफिक चालान का मुख्य सिस्टम अब ई-चालान (डिजिटल चालान) है, जिसमें वाहन का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होता है और चालान की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहती है।

लेकिन इसके बावजूद कुछ परिस्थितियों में ऑफलाइन चालान (मैनुअल चालान) भी काटा जा सकता है, जैसे:

जब नेटवर्क या मशीन उपलब्ध न हो

मौके पर वाहन जब्त किया गया हो

दस्तावेजों की जांच के बाद केस को थाने या कोर्ट में भेजना हो

ऐसी स्थिति में पुलिस एक “सीजर स्लिप / रसीद / नोटिस” देती है, जो असल में चालान की प्राथमिक पर्ची होती है, न कि अंतिम जुर्माना रसीद।

पर्ची में क्या होता है?

इस तरह की हाथ से लिखी पर्ची में आमतौर पर ये चीजें होती हैं:

वाहन नंबर

तारीख और समय

किस नियम का उल्लंघन हुआ

थाना या अधिकारी का नाम

यह पर्ची आगे की कार्रवाई (जुर्माना या कोर्ट केस) के लिए आधार होती है।

असली चालान कब माना जाएगा?

जब चालान ई-चालान सिस्टम में दर्ज हो

या कोर्ट द्वारा जुर्माना तय किया जाए

या आधिकारिक रसीद (मशीन/प्रिंटेड) मिले

झारखंड पुलिस का ऑनलाइन सिस्टम भी उपलब्ध है, जहां चालान रिकॉर्ड डिजिटल रूप में देखा और भरा जा सकता है।

विवाद क्यों खड़ा हुआ?

इस मामले में विवाद के मुख्य कारण हैं:

बाइक को जबरन उठाकर ले जाना

मौके पर स्पष्ट चालान न देना

केवल हाथ से लिखी पर्ची देना

लोगों का कहना है कि अगर ई-चालान सिस्टम लागू है, तो फिर “कागज वाली पर्ची” क्यों दी जा रही है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

कानूनी दृष्टि से:

मैनुअल पर्ची देना पूरी तरह अवैध नहीं है

लेकिन उसमें पारदर्शिता और स्पष्टता जरूरी है

वाहन मालिक को बाद में पूरा चालान विवरण मिलना चाहिए

निष्कर्ष
जमशेदपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डिजिटल युग में भी मैनुअल चालान प्रणाली क्यों जारी है।

हाथ से लिखी पर्ची आमतौर पर सीजर या नोटिस स्लिप होती है, लेकिन यदि इसके आधार पर आगे कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं बनता, तो यह प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ सकती है।

👉 ऐसे मामलों में वाहन मालिक को सलाह दी जाती है कि:

अपना चालान ऑनलाइन जरूर चेक करें

पर्ची की फोटो/कॉपी संभालकर रखें

जरूरत पड़े तो पुलिस या कोर्ट से जानकारी लें

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

தமிழ்நாடு மற்றும் அனைத்து மாவட்டங்களிலும் பெரிய, பெரிய ஹோட்டல்களிலும் ரிசார்ட்களிலும் வியாபார கருத்தரங்கு என்ற பெயரில் பல அப்பாவி மக்களை அந்த நிறுவனத்தின் ஏஜென்ட்களின் மூலம் நன்கு மூளைச்சலவை செய்து அவர்களை பல்வேறு ஆசை வார்த்தைகளை கூறி லட்சக்கணக்கில் பணத்தை பெற்றுக் கொண்டு, அவர்கள் இலக்கு வந்தவுடன் வெவ்வேறு விதமான பெயர்களில் நிறுவனங்களின் பெயர்களை மாற்றி, பல கோடிகளை வசூல் செய்து ஏமாற்றி வருகின்றனர். அவர்கள் அழைத்து வந்த நபரிடம் கேட்டால் நான் என்ன செய்ய, எனது பணமே லட்சக்கணக்கில் போய் விட்டது நான் என்ன செய்ய என்று சாக்கு போக்கு சொல்லி ஏமாற்றி வருகின்றனர்! இது போன்ற சம்பவங்களுக்கு தீர்வு ஏதும் இல்லையா? இது போன்ற டுபாக்கூர் நிறுவனங்கள் ஏராளம்! அனைத்து மாவட்டங்களிலும் குறிப்பாக சென்னை, திருச்சி, கோவை, மதுரை, தேனி, நாகர்கோவிலில், விருதுநகர், மற்றும் பாண்டிச்சேரி போன்ற இடங்களில் இந்த டுபாக்கூர் நிறுவன ஏஜென்ட் கள் ஹாயாக வலம் வந்து கொண்டு இருக்கின்றனர்...இவர்களை இனம் கண்டு கடுமையான நடவடிக்கை எடுக்க வேண்டும்! இந்த விஷயத்தில் அரசும், அந்தந்த மாவட்ட ஆட்சியர்கள் மற்றும் காவல்துறை அதிகாரிகள், மற்றும் சைபர் குற்றப்பிரிவு போலீசார் விசாரணை நடத்தி இவர்கள் மீது கடுமையாக நடவடிக்கை எடுக்க வேண்டும் என்று பாதிக்கப்பட்ட மக்கள் சார்பாக கோரிக்கை விடுத்துள்ளனர்.....................................................................................ஆல் இந்தியா மீடியா அசோசியேஷன், ISCUF - மாநிலக் குழு உறுப்பினர், யூனியன் ஆஃப் பிரஸ் மீடியா கம்யூனிகேஷன் மாநில அமைப்புச் செயலாளர், அகில இந்திய விவசாய அமைப்பின் மாநில ஊடகப் பிரிவுதுணைத் தலைவர், தமிழக ரிப்போர்ட்டர் தினப் பத்திரிகை மாநிலச் செய்தியாளர், அரசு செய்தி மாவட்ட செய்தியாளர் - அ.ந.வீரசிகாமணி

0
0 views    0 comment
0 Shares

1
0 views    0 comment
0 Shares

पटना, बिहार | 20 अप्रैल 2026

बिहार में सरकारी कर्मचारियों के वेतन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में आई देरी को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि भुगतान प्रक्रिया जारी है और देरी का कारण तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलू हैं। इस बीच विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं, जिससे मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

राज्य के विभिन्न जिलों में कर्मचारियों और पेंशनधारियों के बीच भुगतान को लेकर प्रतीक्षा की स्थिति देखी जा रही है। हालांकि किसी बड़े स्तर के आंदोलन या व्यवस्थित विरोध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर निर्भर वर्ग—बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग—ने समय पर भुगतान की आवश्यकता जताई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा भुगतान प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए हैं और कोषागार स्तर पर कार्यवाही जारी है।

मुख्य बिंदु:

• सरकार द्वारा भुगतान प्रक्रिया जारी रहने की पुष्टि
• देरी को तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से जोड़ा गया
• लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश
• विपक्ष द्वारा वित्तीय प्रबंधन पर सवाल

राज्य सरकार के अनुसार बिहार की वित्तीय स्थिति स्थिर है और सभी भुगतान चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है।

विपक्ष ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है और इसे प्रशासनिक दक्षता से जोड़कर सवाल उठाए हैं।

स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों और लाभार्थियों ने समयबद्ध भुगतान की अपेक्षा व्यक्त की है।

यह मुद्दा राज्य की राजनीति में एक संवेदनशील विषय के रूप में उभर रहा है, क्योंकि यह सीधे सरकारी कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा पर निर्भर वर्गों से जुड़ा है।

सामाजिक दृष्टि से, भुगतान में देरी का प्रभाव उन वर्गों पर अधिक पड़ता है जो नियमित सहायता पर निर्भर रहते हैं।

आर्थिक रूप से, यदि देरी लंबी होती है तो स्थानीय स्तर पर उपभोग और बाजार गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

वित्तीय वर्ष के अंत में भुगतान प्रक्रियाओं में धीमापन एक सामान्य प्रशासनिक स्थिति मानी जाती है, जब खातों का समायोजन और व्यय का सत्यापन किया जाता है।

राज्य सरकार द्वारा हाल के वर्षों में वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं, जिससे प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और सख्त हुई हैं।

तथ्य संक्षेप:

• भुगतान प्रक्रिया सरकार के अनुसार जारी
• देरी के कारण: तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं
• DBT प्रणाली के माध्यम से भुगतान व्यवस्था लागू

सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार, आने वाले समय में लंबित भुगतान पूरे किए जाने की संभावना है।

यदि प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होती है, तो स्थिति सामान्य हो सकती है, अन्यथा यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बन सकता है।

बिहार में वेतन और पेंशन भुगतान को लेकर उत्पन्न स्थिति प्रशासनिक प्रक्रिया और राजनीतिक बहस दोनों का केंद्र बन चुकी है। उपलब्ध आधिकारिक बयानों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षाएं बनी हुई हैं।

समय पर भुगतान सुनिश्चित करना ही इस पूरे मामले में विश्वास बनाए रखने की सबसे महत्वपूर्ण कसौटी होगी।


विशेष संवाददाता: सुमित कुमार (SKGRP)
स्थान: भोजपुर, बिहार

0
331 views    0 comment
0 Shares

ગુજરાતની સ્થાનિક સ્વરાજ્ય ચૂંટણીમાં ઓપન કેટેગરી સાથે અન્યાયના આક્ષેપ
સીટ ફાળવણીમાં અસંતુલન સામે નારાજગી, પારદર્શિતા અને સમાન તકની માંગ
પ્રેસ નોટ:
ગુજરાતમાં યોજાનારી સ્થાનિક સ્વરાજ્યની ચૂંટણીને લઈને ઓપન કેટેગરીમાં આવતા વર્ગોમાં અસંતોષનો માહોલ જોવા મળી રહ્યો છે. સીટ ફાળવણીમાં ઓપન કેટેગરીને નહીવત પ્રતિનિધિત્વ મળ્યું હોવાના આક્ષેપો સામે આવી રહ્યા છે.
ચર્ચાઓ દરમિયાન કેટલાક વર્ગો દ્વારા એવું પણ કહેવાઈ રહ્યું છે કે રાજકીય પક્ષો ખાસ કરીને OBC, ST અને SC વર્ગોને પ્રાથમિકતા આપી રહ્યા છે, જેના કારણે ઓપન કેટેગરીના મતદારો અને કાર્યકરોમાં અસમાનતાનો ભાવ ઉભો થયો છે.
કેટલાક લોકો દ્વારા આક્ષેપ કરવામાં આવી રહ્યો છે કે વર્તમાન રાજકીય વ્યૂહરચના “સામાજિક સમીકરણ” પર આધારિત છે, જેનાથી ઓપન વર્ગને અવગણવામાં આવી રહ્યો છે. આ પરિસ્થિતિમાં ઓપન કેટેગરીના લોકો હવે વૈકલ્પિક રાજકીય વિકલ્પો અંગે વિચારણા કરી રહ્યા હોવાનું પણ જાણવા મળે છે.
સાથે સાથે, ભ્રષ્ટાચારને લઈને પણ ગંભીર આક્ષેપો ઉઠાવવામાં આવ્યા છે. લોકોનો એવો મત છે કે સરકારી કામકાજમાં પારદર્શિતાનો અભાવ છે અને સામાન્ય કામ માટે પણ વધુ ખર્ચ કરવો પડે છે. જેના કારણે સામાન્ય નાગરિકોમાં અસંતોષ વધતો જાય છે.
ખેડૂતોને લઈને પણ ચિંતા વ્યક્ત કરવામાં આવી છે. વિકાસના નામે જમીન અધિગ્રહણ પ્રક્રિયામાં યોગ્ય વળતર અને ન્યાય ન મળતા ખેડૂતોમાં રોષ છે. કેટલીક જગ્યાએ સરકારી સોદાઓને લઈને પણ પ્રશ્નો ઉભા થયા છે.
આ તમામ મુદ્દાઓને ધ્યાનમાં રાખીને, નાગરિકો દ્વારા સમાનતા, પારદર્શિતા અને ન્યાયપૂર્ણ નીતિઓની માંગ કરવામાં આવી રહી છે.

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

1
0 views    0 comment
0 Shares

AABHUSHAN WORLD NEWS: पटना, 19 अप्रैल: राजधानी Patna के रामकृष्ण नगर इलाके में अक्षय तृतीया के मौके पर दिनदहाड़े एक ज्वेलरी शॉप में हथियारबंद अपराधियों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार 4–5 बदमाश बाइक से पहुंचे और हेलमेट पहनकर दुकान में घुस गए। उन्होंने पिस्टल के बल पर दुकानदार, कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया तथा करीब ₹20 लाख के सोने-चांदी के गहने लूटकर फरार हो गए। विरोध करने पर दुकानदार को मारपीट कर घायल भी कर दिया गया।
घटना की पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक लुटेरों ने पहले से रेकी कर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है और लगातार छापेमारी की जा रही है।
Aabhushan World की सलाह: त्योहारों के दौरान ज्वेलरी दुकानों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, जैसे एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम, प्रशिक्षित गार्ड और लोकल पुलिस के साथ बेहतर समन्वय, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

1
0 views    0 comment
0 Shares

1
0 views    0 comment
0 Shares

*बदनावर -धार : AIMA Social Media Activist /Journalist
Raju Gajbhiye ×

*ज्ञानदीप मंडल का जीव दया प्रकल्प: पशु-पक्षियों के लिए जल सेवा का सराहनीय अभियान×

बदनावर,
मानव सेवा के साथ-साथ जीव दया की भावना को साकार करते हुए ज्ञानदीप मंडल द्वारा नगर में निरंतर सेवा कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गत रविवार को मंडल द्वारा पक्षियों के लिए सकोरे (जलपात्र) वितरित किए गए थे, वहीं इस रविवार को नगर के चिन्हित स्थानों पर पशुओं के लिए सुलभ जल उपलब्ध कराने हेतु चाठिये रखे गए।
मंडल के संस्थापक अध्यक्ष श्री विजय बाफना ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्था द्वारा विभिन्न परोपकारी गतिविधियाँ दानदाताओं के सहयोग से संचालित की जाती हैं। इसके अंतर्गत घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे मरीजों को पेशेंट केयर बेड, वॉकर, व्हीलचेयर, ऑक्सीजन सिलेंडर सहित अन्य आवश्यक मेडिकल उपकरण निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे मरीज घर पर ही बेहतर उपचार प्राप्त कर सकें। नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरण अभियान, दुर्घटना बचाव हेतु ट्रेक्टर ट्रालियों पर रेडियम लगाने जैसे सामाजिक दायित्व के प्रकल्प किये जाते है उन्होंने बताया कि परोपकार के प्रकल्प में संस्था द्वारा शीत ऋतु में निर्धन परिवारों के लिए ऊनी वस्त्र संग्रहण एवं वितरण का कार्य भी करती है, वहीं ग्रीष्म ऋतु में पिछले पाँच वर्षों से लगातार पक्षियों के लिए सकोरे पशुओं के लीये 50 चाठिये रखे गये हैं। इसी क्रम में इस वर्ष भी नगर के विभिन्न स्थानों को चिन्हित कर चाठिये रखे गए हैं, जिनमें नगर के सेवाभावी नागरिक नियमित रूप से पानी भरकर पशुओं के लिए जल की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं।
इस सेवा कार्य में इस बार प्रमुख सहयोगी के रूप मे श्री दिलीप कुमार शुभम जी.संघवी परिवार एवं जैन सोशल ग्रुप वर्द्धमानपुर का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के दौरान अर्जुन सिंह पंवार, हेमराज पंवार, अशोक लोढ़ा, दिनेश हरोड़, ईश्वरलाल जोशी, पवन पाटोदी, मुकेश आर्य, वैभव चौरड़िया, विक्रम सिंह चौहान सहित जैन सोशल ग्रुप के पियूष सोनी, अनिल मुणत, कमल वोहरा, संदीप वरमेचा, विकास सिसोदिया, संयोग संघवी, संजय कर्णावत एवं संजय चोपड़ा आदि उपस्थित रहे।
ज्ञानदीप मंडल के जीव दया प्रकल्प के इस वर्ष के संयोजक चेतन रांका ने सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों एवं दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा समाज से इस प्रकार के सेवा कार्यों में अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया। उक्त जानकारी मंडल के सचिव प्रदीप पाण्डेय ने दी।

0
0 views    0 comment
0 Shares


गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?”
यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है।
जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं।
भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है।
यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की।
यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता।
थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें।
यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है।
जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।

2
23 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

1
29 views    0 comment
0 Shares

1
5 views    0 comment
0 Shares

झालावाड़| नगरपरिषद झालावाड़ में आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई है।
कांग्रेस नेता ओम पाठक, सेवादल अध्यक्ष नन्दसिंह राठौड़, नफीस शेख, फारूख अहमद, आमिर खान और नफीस खान सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूचियों का अवलोकन किया। जांच के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सूची वार्ड परिसीमन के निर्धारित आधार पर तैयार नहीं की गई है। नेताओं के अनुसार कई वार्डों में मोहल्लों को गलत तरीके से अन्य वार्डों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि परिसीमन के अनुसार उनकी स्थिति अलग वार्डों में होनी चाहिए थी। इसे लेकर कांग्रेस ने जिला प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे को लेकर वार्ड स्तर पर दावे और आपत्तियां भी प्रस्तुत की जाएंगी, ताकि मतदाता सूची को सही परिसीमन के अनुरूप संशोधित किया जा सके।

Aima media jhalawar

1
5 views    0 comment
0 Shares

13
458 views    0 comment
0 Shares

क्षेत्र के आदाखेड़ी गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह नया भवन 50 लाख रुपए की लागत से बनेगा, क्योंकि पुराना भवन जीर्ण-शीर्ण हो चुका था। इस मंदिर में ग्रामीणों को दवाइयां, बीपी, शुगर और अन्य जांच की सुविधाएं मिलेंगी।
इस कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष नारायण सिंह सिसोदिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने आयुष्मान भारत योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस आरोग्य मंदिर के बनने से ग्रामवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया। इस अवसर पर बालु सिंह, अर्जुन सिंह, मानसिंह, गोवर्धनसिंह, प्रेम सिंह, गोर्धन सिंह, शिवसिंह, रामलाल पटेल, सीएचओ तरुण जैन, एएनएम प्रेम कुमारी और कार्यकर्ता सुमित्रा जैन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
Aima media jhalawar

1
7 views    0 comment
0 Shares

मऊ बोरदा ग्राम पंचायत में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। जल जीवन मिशन के तहत स्थापित मोटर पंप पिछले चार दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण गांव में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
नलों में पानी न आने से ग्रामीणों को दूर-दराज के कुओं और अन्य जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। तपती गर्मी में पानी के लिए प्रतिदिन संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम रजतकुमार विजयवर्गीय ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने पीएचईडी विभाग और ग्राम पंचायत को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द खराब मोटर पंप को ठीक करवाकर गांव में पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में उन्हें ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

Aima media jhalawar

1
5 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

1
7 views    0 comment
0 Shares

0
7 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

भोकरदन तालुक्यातील शेलूद येथील रहिवासी भीमराव मारुती बारोटे यांचे दुःखद निधन झाले. त्यांच्या निधनाची बातमी समजताच गावात शोककळा पसरली आहे.

भीमराव बारोटे हे शांत, मनमिळावू आणि सामाजिक स्वभावाचे व्यक्तिमत्त्व म्हणून ओळखले जात होते. गावातील अनेक सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमांमध्ये त्यांचा सक्रिय सहभाग असायचा. त्यांच्या निधनामुळे शेलूद गावाने एक जिव्हाळ्याचा माणूस गमावला आहे.

त्यांच्या पश्चात कुटुंबीय, नातेवाईक आणि मित्रपरिवार असा मोठा परिवार आहे. गावातील नागरिकांनी त्यांच्या निधनाबद्दल हळहळ व्यक्त केली असून बारोटे कुटुंबीयांप्रती शोकसंवेदना व्यक्त केल्या आहेत.

1
7 views    0 comment
0 Shares


संगमनेर | प्रतिनिधि

आज के बढ़ते प्रतिस्पर्धात्मक दौर में जहां नौकरी के अवसर सीमित होते जा रहे हैं, वहीं रियांश मल्टी ट्रेड प्रायव्हेट लिमिटेड कंपनी युवाओं, महिलाओं और सभी वर्ग के लोगों के लिए एक नया रास्ता खोल रही है। कंपनी के माध्यम से लोग कम निवेश में अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।

कंपनी के मार्गदर्शन में सीएमडी श्री मधुकर जी जाधव सर, एमडी पूजा जाधव मैम तथा कंपनी के प्रेरणास्रोत डबल कोहिनूर दत्ताजी मांडे सर के नेतृत्व में हजारों लोग सफलता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

कंपनी द्वारा संचालित डायरेक्ट सेलिंग और नेटवर्क मार्केटिंग मॉडल के जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, समय-समय पर आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम, लीडरशिप डेवलपमेंट सेमिनार और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सेशन के माध्यम से नए सदस्यों को संपूर्ण मार्गदर्शन दिया जाता है।

कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार,
"हमारा उद्देश्य केवल लोगों को जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। यहां हर व्यक्ति को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलता है।"

रियांश मल्टी ट्रेड प्रायव्हेट लिमिटेड के साथ जुड़कर कई लोग आज आर्थिक स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहे हैं और अपने परिवार के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रहे हैं।

👉 इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
📞 मो.: 9834729088

— अपकमिंग रुबी डायरेक्टर
सुरेश खामकर

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

17
1843 views    1 comment
0 Shares

ਮੇਰਾ ਸਾਰਾ ਜੀਵਨ ਸੂਬੇ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁਧਾਰ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਸਮਰਪਿਤ - ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ
ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਵੱਲੋਂ ਹਲਕੇ ਦੇ ਵੱਖ ਵੱਖ ਪਿੰਡਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਦੇ ਦਿੱਤੇ ਗੱਫੇ
ਨੰਗਲ 19 ਅਪ੍ਰੈਲ: ਸ.ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸੂਚਨਾ ਤੇ ਲੋਕ ਸੰਪਰਕ ਵਿਭਾਗ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਾਰਾ ਜੀਵਨ ਉੱਚ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵਾਲੀ ਸਿੱਖਿਆ ਨੂੰ ਹਰ ਵਰਗ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਸਮਰਪਿਤ ਹੈ। ਉਹ ਸਕੂਲ ਆਫ਼ ਐਮੀਨੈਂਸ ਨੰਗਲ ਵਿਖੇ ਆਯੋਜਿਤ ਸਿੱਖਿਆ ਸੰਕਲਪ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰ ਰਹੇ ਸਨ, ਜੋ ਭਾਰਤ ਰਤਨ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਡਾ.ਭੀਮ ਰਾਓ ਅੰਬੇਡਕਰ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਹਾੜੇ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਸੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਯੋਗਦਾਨ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਮਾਨਤਾ ਅਤੇ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਦਾਤ ਹਨ।
ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਿੱਖਿਆ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਬਦਲਾਅ ਲਿਆਂਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਸੁਧਾਰ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਅੱਜ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲੇ ਲਈ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ਾਂ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਕੂਲਾਂ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਜੇ.ਈ.ਈ ਅਤੇ ਨੀਟ ਵਰਗੀਆਂ ਮੁਕਾਬਲੇਬਾਜੀ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰੀਖਿਆਵਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸਾਬਤ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਹੀ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਅਤੇ ਮੌਕਿਆਂ ਨਾਲ ਹਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਉੱਚਾਈਆਂ ਹਾਸਲ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ।
ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਸ.ਬੈਂਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸਮਾਗਮ ਕਿਸੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਮਕਸਦ ਲਈ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸੋਚ ਨੂੰ ਅਪਣਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਸਿੱਖਿਆ ਰਾਹੀਂ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਬਰਾਬਰੀ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਉੱਚ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਿਤ ਵੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਹੋਰ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰੇਰਣਾ ਮਿਲੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿੱਖਿਆ ਹੀ ਇੱਕ ਅਜਿਹਾ ਸਾਧਨ ਹੈ ਜੋ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਅਸਲ ਬਦਲਾਅ ਲਿਆ ਸਕਦਾ ਹੈ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਵੱਲੋਂ ਹਲਕੇ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪਿੰਡਾਂ ਅਤੇ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਲਈ ਲੱਖਾਂ ਰੁਪਏ ਦੀਆਂ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਚੰਡੇਸਰ ਲਈ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ, ਬੀਕਾਪੁਰ ਲੋਅਰ ਲਈ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ, ਬਾਸੋਵਾਲ ਐੱਸਸੀ ਧਰਮਸ਼ਾਲਾ ਲਈ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ, ਲੋਧੀਪੁਰ ਬਾਸ ਬਰੋਟੂ ਲਈ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ, ਕੁਟੀਆ ਬਾਬਾ ਜਮਨਾ ਦਾਸ ਅਜੌਲੀ ਬ੍ਰਹਮਪੁਰ ਲਈ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ, ਡਾਢੀ ਲਈ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ, ਮੀਆਪੁਰ ਹੰਡੂਰ ਲਈ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ, ਅਵਾਨਕੋਟ ਲੋਅਰ ਲਈ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਡਾ. ਭੀਮ ਰਾਓ ਅੰਬੇਡਕਰ ਸੇਵਾ ਸੁਸਾਇਟੀ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਲਈ 1 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਡਾ.ਭੀਮ ਰਾਓ ਅੰਬੇਡਕਰਦੀ ਗ੍ਰਾਂਟ ਜਾਰੀ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਰਕਮ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਸਹਾਇਕ ਸਾਬਤ ਹੋਵੇਗੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਾਕਟਰ ਸੰਜੀਵ ਗੌਤਮ, ਜ਼ਿਲਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਕਮਿੱਕਰ ਸਿੰਘ ਡਾਢੀ ਸੰਗਠਨ ਹਲਕਾ ਕੁਆਡੀਨੇਟਰ , ਦਲੀਪ ਹੰਸ ਮੈਂਬਰ ਦਲਿਤ ਬੋਰਡ ਪੰਜਾਬ, ਡਾਕਟਰ ਜੇ ਐਸ ਕਹਿਲ, ਦੀਪਕ ਸੋਨੀ ਹਲਕਾ ਕੁਆਡੀਨੇਟਰ ਸਰਦਾਰ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ , ਕਾਲਾ ਬਾਬਾ ਜਮੁਨਾ ਦਾਸ ਕੁਟਿਆ, ਬਲਦੇਵ ਰਿਟਾਇਰ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਨੇ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਡਾ.ਭੀਮ ਰਾਓ ਅੰਬੇਡਦਰ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਜੀਵਨ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਵਿਚ ਪਾਏ ਯੋਗਦਾਨ ਬਾਰੇ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਰੱਖੇ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਚਿਨ ਪਾਠਕ ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ ਨੰਗਲ, ਜਸ਼ਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਡੀ.ਐਸ.ਪੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ, ਸੁਮਿਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ ਤਹਿਸੀਲਦਾਰ, ਐੱਸਸੀ ਵਿੰਗ ਰਾਕੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਜਾਂਦਲਾਂ, ਜ਼ਿਲਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਮੈਂਬਰ ਜਸਪਾਲ ਸਿੰਘ ਢਾਹੇ, ਮਮਤਾ ਰਾਣੀ ਬਲਾਕ ਸੰਮਤ ਚੇਅਰਮੈਨ, ਬਲਾਕ ਪ੍ਰਧਾਨ ਐੱਸਸੀ ਵਿੰਗ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਬੱਗਾ, ਯੋਗਰਾਜ ਕੋਟਲਾ, ਅਮਨਦੀਪ ਧਨੇੜਾ, ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ , ਬੰਵਲਾਂ ਬੰਦਲੈਹੜੀ ,ਗਿਆਨ ਸਰਪੰਚ ਪੱਟੀ , ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ , ਹੁਸ਼ਿਆਰ ਸਿੰਘ ਸਰਪੰਚ , ਸਰਪੰਚ ਸੁਮਿਤ ਜਿੰਦਵੜੀ, ਪੰਮੂ ਢਿੱਲੋਂ ਸਰਪੰਚ, ਸੁਮਿਤ ਤਲਵਾੜਾ , ਮਨਜੋਤ ਸਿੰਘ ਰਾਣਾ , ਸੁਨੀਲ ਸੈਣੀ ਮੌਜੋਵਾਲ , ਮਸਤ ਸਿੰਘ ਬ੍ਰਹਮਪੁਰ , ਸਰਪੰਚ ਦਲੇਰ ਸਿੰਘ ਮਹਿੰਦਲੀ , ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਅਰੋੜਾ , ਧਰਮ ਸਿੰਘ ਰਾਣਾ , ਤਰਲੋਚਨ ਸਿੰਘ ਲੋਚੀ ,ਅਸ਼ੋਕ ਕੁਮਾਰ ਨੰਬਰਦਾਰ, ਸਾਹਿਲ ਆਨੰਦ , ਗੁਪਾਲ ਸ਼ਰਮਾ ਸਰਪੰਚ , ਸੇਠੀ ਰਾਮ ਸਰਪੰਚ, ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸੇਖੋ ਸਰਪੰਚ ਤੇ ਪਤਵੰਡੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿਚ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

1
57 views    0 comment
0 Shares

ਨਿਸ਼ਚੇ ਕੋਚਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਨਾਲ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਨਵੀਂ ਦਿਸ਼ਾ- ਹਰਜੋਤ ਬੈਂਸ
ਮੁਕਾਬਲੇਬਾਜੀ ਪ੍ਰੀਖਿਆਵਾਂ ਲਈ ਮੁਫ਼ਤ ਸਿਖਲਾਈ ਦਾ ਉਪਰਾਲਾ- ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ
25 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਦਾ ਮੌਕਾ, ਯੋਗ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਲਈ ਵੱਡਾ ਪਲੇਟਫਾਰਮ- ਬੈਂਸ
ਨੰਗਲ 19 ਅਪ੍ਰੈਲ: ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਮੁਕਾਬਲੇਬਾਜੀ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰੀਖਿਆਵਾਂ ਲਈ ਮਜ਼ਬੂਤ ਤਿਆਰੀ ਕਰਵਾਉਣ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਸਕੂਲ ਆਫ਼ ਐਮੀਨੈਂਸ ਨੰਗਲ ਵਿੱਚ “ਨਿਸ਼ਚੇ ਕੋਚਿੰਗ ਸੈਂਟਰ” ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਵਿਲੱਖਣ ਉਪਰਾਲੇ ਦਾ ਮੁੱਖ ਮਕਸਦ ਉਹਨਾਂ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਮੌਕਾ ਦੇਣਾ ਹੈ ਜੋ ਆਰਥਿਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹਨ ਪਰ ਉੱਚ ਸੇਵਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਦੀ ਯੋਗਤਾ ਅਤੇ ਜਜ਼ਬਾ ਰੱਖਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਮਾਹਿਰ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਮੁਕਾਬਲੇਬਾਜੀ ਪ੍ਰੀਖਿਆਵਾਂ ਲਈ ਸੁਚੱਜੀ ਅਤੇ ਨਿਯਮਿਤ ਤਿਆਰੀ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇਗੀ।
ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸ.ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਸਕੂਲ ਆਂਫ ਐਮੀਨੈਂਸ ਨੰਗਲ ਵਿਖੇ ਸਿੱਖਿਆ ਸੰਕਲਪ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਮੌਕੇ ਦਿੱਤੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਬੈਂਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਮੁੱਖ ਟੀਚਾ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਉੱਚ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵਾਲੀ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ ਲਈ ਯੋਗ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨਿਸ਼ਚੇ ਕੋਚਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਵਿੱਚ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸ਼ਾਮ 4 ਘੰਟੇ ਮੁਫ਼ਤ ਕੋਚਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਘਰੇਲੂ ਮਾਹੌਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਉੱਚ ਪੱਧਰੀ ਤਿਆਰੀ ਕਰ ਸਕਣਗੇ। ਇਹ ਉਪਰਾਲਾ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਨਵਾਂ ਮਾਡਲ ਸਾਬਤ ਹੋਵੇਗਾ।
ਇਹ ਪ੍ਰੋਗ੍ਰਾਮ ਸਕੂਲ ਆਫ਼ ਐਮੀਨੈਂਸ ਨੰਗਲ ਅਤੇ ਰਾਜ ਮਲਹੋਤਰਾ ਆਈ.ਏ.ਐੱਸ ਅਕੈਡਮੀ ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਯਤਨਾਂ ਨਾਲ ਚਲਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈਣ ਲਈ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਕਰਵਾਉਣਾ ਲਾਜ਼ਮੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੀ ਆਖਰੀ ਤਰੀਖ 25 ਅਪ੍ਰੈਲ ਨਿਰਧਾਰਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕਰ ਰਹੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਲਈ ਇਹ ਇੱਕ ਸੁਨਿਹਰਾ ਮੌਕਾ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਮੁਫ਼ਤ ਵਿੱਚ ਮਾਹਿਰਾਂ ਦੀ ਰਹਿਨੁਮਾਈ ਹਾਸਲ ਹੋਵੇਗੀ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਅਤੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਵੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਨਾਲ ਨਾ ਸਿਰਫ਼ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੇਰਣਾ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਸਗੋਂ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਹੌਸਲਾ ਵੀ ਵਧਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਇਸ ਮੌਕੇ ਦਾ ਲਾਭ ਲੈਣ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਭਵਿੱਖ ਨੂੰ ਸੁਨਹਿਰਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਮਨ ਲਗਾ ਕੇ ਮਿਹਨਤ ਕਰਨ।

17
769 views    0 comment
0 Shares

सरकार ने बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत लखीमपुर खीरी के नए जिलाधिकारी (डीएम) की नियुक्ति की है। 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अंजनी कुमार सिंह को मैनपुरी से स्थानांतरित कर लखीमपुर खीरी का डीएम बनाया गया है। वहीं, लखीमपुर खीरी की पूर्व डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को पदोन्नत कर देवीपाटन मंडल का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है।
इस प्रशासनिक फेरबदल में कुल 40 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है, जिनमें 15 जिलों के जिलाधिकारी भी शामिल हैं।
अंजनी कुमार सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से चंदौली जनपद के निवासी अंजनी कुमार सिंह का जन्म 1 अगस्त 1972 को हुआ था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर के रूप में अपना करियर शुरू किया।
वर्ष 2020 में उन्हें आईएएस अवार्ड मिला और 2014 बैच आवंटित किया गया। उस समय वे लखनऊ में एडिशनल कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व उन्होंने नगर निगम गोरखपुर में म्युनिसिपल कमिश्नर, बाराबंकी और बस्ती में जिला पंचायत सीईओ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
2 मार्च 2021 को उन्हें राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का संचालक नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने तीन साल से अधिक समय तक कार्य किया। 14 सितंबर 2024 को उन्होंने मैनपुरी के जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला था।
अंजनी कुमार सिंह अपनी सख्त और त्वरित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। मैनपुरी में जनदर्शन के दौरान एक घटना में, जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर पहुंची मां-बेटी द्वारा आत्महत्या की धमकी देने पर उन्होंने एहतियातन उन्हें पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया था। हालांकि, बाद में समझाने-बुझाने के बाद दोनों को घर भेज दिया गया।
अब लखीमपुर खीरी में उनकी तैनाती को प्रशासनिक सख्ती और कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

1
162 views    0 comment
0 Shares

1
0 views    0 comment
0 Shares

जमशेदपुर शहर के प्रतिष्ठित अस्पताल Tata Main Hospital (TMH) में गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज और बिल माफी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रबंधन के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वास्तविक स्थिति उतनी सरल नहीं है, जितनी प्रस्तुत की जा रही है।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल में रोज़ाना कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां गरीब मरीजों के भारी-भरकम बिल माफ कराने के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करना पड़ता है। उनका दावा है कि कई महीनों तक बिल माफी की प्रक्रिया रुकी रही, यह कहकर कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड की निर्धारित सीमा पहले ही पूरी हो चुकी है।

हालांकि, इसके बावजूद कई गंभीर और मानवीय मामलों में जनप्रतिनिधियों के दबाव और प्रयास के बाद ही मरीजों को राहत मिल पाई। कुछ मामलों में तो स्थिति इतनी संवेदनशील थी कि बिल माफी के बाद ही मृतक के शव को अस्पताल से रिलीज कराया जा सका। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि ऐसी परिस्थितियों में मानवीय आधार पर सहायता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अस्पताल प्रबंधन अपने स्तर पर सभी जरूरतमंदों की सहायता कर रहा है। उनका आरोप है कि जमीनी हकीकत यह है कि लगातार दबाव और हस्तक्षेप के बाद ही कई परिवारों को राहत मिलती है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या प्रबंधन को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि आम जनता को उनका अधिकार दिलाना है। जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह हैं और आगे भी इसी तरह काम करते रहेंगे।

मामले को कानूनी और सामाजिक दायित्व से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि Companies Act, 2013 की धारा 135 के तहत CSR खर्च अनिवार्य है। इसके अनुसार योग्य कंपनियों को अपने पिछले तीन वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2% सामाजिक कार्यों पर खर्च करना होता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता देना कंपनियों की जिम्मेदारी है, न कि कोई एहसान।

इसके साथ ही यह भी मुद्दा उठाया गया कि जिस जमीन पर TMH संचालित हो रहा है, वहां सरकार को प्रतीकात्मक रूप से बेहद कम टैक्स दिया जाता है। ऐसे में समाज के प्रति जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कंपनियां अपने सामाजिक और कानूनी दायित्वों का पालन नहीं करती हैं, तो वे आवाज उठाते रहेंगे और जनता का हक दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक अस्पताल या बिल माफी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कॉर्पोरेट जिम्मेदारी, सरकारी नीति और आम जनता के अधिकारों से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक बहस और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

2
0 views    0 comment
0 Shares

1
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

✍️ डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा, भोपाल
✍️ विशेष समाचार | इतिहास, उपेक्षा और वर्तमान पर सवाल
भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की जब भी चर्चा होती है, तो रानी लक्ष्मीबाई का अदम्य साहस और बलिदान हर भारतीय के मन में गर्व भर देता है। लेकिन उसी संघर्ष का एक जीवित पात्र—उनके दत्तक पुत्र दामोदर राव—इतिहास के पन्नों में लगभग भुला दिया गया।

1857 के बाद: एक राजकुमार की त्रासदी
रानी लक्ष्मीबाई की वीरगति के बाद दामोदर राव का जीवन किसी राजकुमार जैसा नहीं, बल्कि एक शरणार्थी जैसा बीता।अंग्रेजों ने उन्हें कभी झांसी का वैध उत्तराधिकारी नहीं माना। 1857 का विद्रोह के बाद उनका अस्तित्व तक सरकारी अभिलेखों से लगभग गायब कर दिया गया। रानी के बलिदान के बाद दामोदर राव अपने कुछ विश्वस्त सहयोगियों के साथ जंगलों, गांवों और अज्ञात स्थानों में भटकते रहे।
ना भोजन, ना आश्रय—गर्मी, बारिश और भूख के बीच उन्होंने जीवन बचाया।

जंगलों से कैद तक: अपनों ने भी ठुकराया
दुखद तथ्य यह है कि केवल अंग्रेजी शासन ही नहीं, बल्कि कई भारतीयों ने भी उनकी मदद से दूरी बनाई।
कहीं उन्हें “बागी” समझकर पकड़वाया गया, तो कहीं शरण देने के बदले धन और पशु तक छीन लिए गए।
आखिरकार, अंग्रेज अधिकारियों के समक्ष पेश किए जाने के बाद उन्हें जीवनदान तो मिला, लेकिन सम्मान नहीं।

पेंशन, निगरानी और गुमनामी
1860 में अंग्रेजों ने दामोदर राव को इंदौर में मात्र पेंशन पर जीवन बिताने के लिए बाध्य कर दिया।
ना राज्य, ना अधिकार—सिर्फ निगरानी और सीमित स्वतंत्रता।
• सात लाख रुपये की पारिवारिक संपत्ति नहीं लौटाई गई
• इंदौर से बाहर जाने पर प्रतिबंध
• जीवनभर अंग्रेजी निगरानी
यह एक ऐसे राजकुमार की नियति थी, जिसकी माँ ने अंग्रेजी सत्ता को खुली चुनौती दी थी।
वंश आज भी जीवित, पर पहचान गुम
दामोदर राव का जीवन 28 मई 1906 को इंदौर में समाप्त हुआ। उनके वंशज आज भी इंदौर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में “झांसीवाले” उपनाम के साथ सामान्य नागरिकों की तरह जीवन जी रहे हैं। यह विडंबना ही है कि जिनकी माँ ने स्वतंत्रता की नींव रखी, उनके वंशज गुमनामी में रह गए।

इतिहास बनाम नैरेटिव
लोकप्रिय साहित्य, जैसे सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताओं ने रानी लक्ष्मीबाई की वीरता को अमर कर दिया—जो आवश्यक भी था। लेकिन उसी के साथ दामोदर राव की वास्तविक कहानी इतिहास के मुख्यधारा विमर्श से बाहर होती चली गई।

समकालीन राजनीति पर उठते प्रश्न
यह भी एक गंभीर प्रश्न है कि क्या स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक पात्रों को पर्याप्त सम्मान मिला?
या फिर इतिहास और राजनीति ने कुछ चुनिंदा नामों को ही प्रमुखता दी? आज के राजनीतिक परिदृश्य में भी यह बहस जारी है कि:
• क्या इतिहास का संतुलित प्रस्तुतीकरण हो रहा है?
• क्या सभी स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों को समान सम्मान मिल रहा है?

इतिहास को पूर्णता से जानना जरूरी- दामोदर राव की कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस सच्चाई की प्रतीक है जिसे समय, सत्ता और समाज—तीनों ने कहीं न कहीं नजरअंदाज किया।
👉 जरूरत है कि हम इतिहास को अधूरा नहीं, बल्कि पूर्ण रूप में समझें।
👉 उन गुमनाम पात्रों को भी याद करें, जिन्होंने स्वतंत्रता की कीमत चुकाई। क्योंकि राष्ट्र केवल नायकों से नहीं, बल्कि उनके संघर्षों की पूरी कहानी से बनता है।

1
0 views    0 comment
0 Shares

0
40 views    0 comment
0 Shares

Some decisions define a nation not by what it says, but by what it delays.
Women’s reservation has become one such test.

One Law, One Nation: The Quiet Question Beneath the Noise

In a country as vast and layered as India, some debates arrive not as storms, but as mirrors. They do not merely ask what we should do—they ask who we are when we decide.

The question of women’s representation in Parliament is one such mirror.

For decades, India has lived with an imbalance so normalised that it often escapes outrage: half the population, a fraction of the seats. The passage of the Nari Shakti Vandan Adhiniyam in 2023 appeared to correct this. It was not just legislation; it was a rare moment of collective assent. Across ideological lines, Parliament spoke in one voice—women deserve a third of the space where the nation is shaped.

And yet, three years later, that voice feels suspended in air—heard, but not grounded.

Why?

Because the law that promised inclusion also carried within it a pause. It tied its own future to two processes: a Census and a delimitation exercise. In simple terms, the map of India’s democracy must first be redrawn before new seats can be reserved within it.

This is where the quiet becomes complicated.

Delimitation, overseen by bodies like the Delimitation Commission of India, is not merely a technical exercise. It is a rebalancing of representation based on population. More people, more seats. Fewer people, relatively less weight. On paper, this appears fair. In practice, it touches a deeper fault line: the uneven pace of India’s demographic transition.

Some regions controlled population growth more effectively over decades. Others grew faster. To redraw representation strictly on present numbers is to risk altering the delicate federal equilibrium that has held the Union together. It raises a question that has no easy answer: should political power follow population alone, or should it also reflect restraint and governance?

This tension was understood long ago, which is why delimitation has been frozen for decades. It is expected to resume after the next Census cycle. The 2023 law accepted this sequence. It chose patience over immediacy.

But patience is not a virtue easily sustained in politics.

In April 2026, the government moved to accelerate the process—to bring women into Parliament sooner rather than later. It proposed linking women’s reservation with a fresh delimitation exercise, potentially expanding the number of seats in the Lok Sabha and redrawing constituencies in a single sweep.

On the surface, it sounded like progress. Beneath it, however, lay a more profound transformation.

For when you redraw the map, you do not merely add seats—you redistribute influence.
This is where consensus fractured.

The opposition did not reject the principle of women’s reservation. That battle had already been won in 2023. What it resisted was the method: the bundling of reservation with a structural overhaul of representation. The concern was not simply procedural—it was existential. Would such a move tilt the balance between regions? Would it amplify some voices while softening others? Would the architecture of Indian democracy be altered in the name of inclusion?

The government, on the other hand, argued that delay itself is injustice—that a reform deferred is a reform denied, and that without delimitation, meaningful implementation is impossible.

Between these positions lies not a simple right or wrong, but a deeper unease.

Because at its core, this is not a conflict between progress and obstruction. It is a conflict between two ideas of fairness—one that seeks to correct gender imbalance immediately, and another that fears unsettling the larger equilibrium in doing so.

The failure of the government’s proposal in Parliament, and the Prime Minister’s subsequent address, brought this tension into sharper focus. Words of regret were offered, blame was assigned, and promises were made to return stronger. Yet beyond the rhetoric, the underlying question remains unresolved.

What does it mean to act justly in a system where every correction touches another imbalance?

For India, this is not a new dilemma. It has always been a civilisation negotiating multiplicity—languages, regions, faiths, aspirations—held together by an accommodation that is not written in law alone. It lives in restraint, in consultation, in the willingness to move together rather than ahead of one another.

When a reform as vital as women’s representation becomes entangled in mistrust, it signals not the failure of the idea, but the fragility of the process.

The way forward, therefore, cannot be forged through majorities alone. Numbers can pass a bill, but they cannot settle a nation.

If women’s reservation is to become a lived reality—and it must—it will require a return to the spirit that made it possible in 2023: dialogue without suspicion, reform without haste, and clarity without concealment.

This means acknowledging the concerns around delimitation openly, not dismissing them as political resistance. It means placing data, models, and timelines in the public domain, allowing all stakeholders to see not just the destination, but the path. It may even require reimagining the sequence—exploring whether parts of the reform can be implemented without waiting for the entire structure to shift at once.

Above all, it requires trust.

Because in the absence of trust, even the most well-intentioned reform begins to look like strategy. And in a democracy, perception is not a side effect—it is a force.

India stands today at a subtle crossroads. One path leads to a hurried correction—well-meaning, but contested. The other leads to a slower alignment—patient, but durable. Neither path is without cost.

But perhaps the deeper wisdom lies in recognising that the nation is not a collection of competing parts, but a single, interconnected whole. When one part is elevated, another must not feel diminished. When one imbalance is corrected, another must not be created.

The promise of women’s reservation is not merely about numbers in Parliament. It is about the idea that representation can be more complete, more reflective, more just.

To fulfil that promise, India must do what it has always done at its best—move forward, but not alone.

Because in the end, the strength of a democracy is not measured by how fast it changes, but by how deeply it holds together while doing so.

7
730 views    0 comment
0 Shares


झांसी जिले में प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। नए आदेशों के तहत कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। झांसी के नए जिलाधिकारी (DM) के रूप में गौरांग राठी को नियुक्त किया गया है। वहीं रामेश्वर सुधाकर को झांसी का मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है। इसके साथ ही झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) के उपाध्यक्ष पद पर हिमांशु गौतम को जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार, JDA के पूर्व उपाध्यक्ष आलोक यादव को शामली जिले का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इन तबादलों को प्रशासनिक दक्षता और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

1
0 views    0 comment
0 Shares

गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन गोरखपुर के तत्वाधान में सीनियर सिटीजंस पेंशनर्स का एक रोमांचक क्रिकेट मैच रेल विहार फेज 3 ग्राउंड, रामगढ़ ताल गोरखपुर में दि.18 अप्रैल को रेल विहार 3 शाखा बनाम जटेपुर शाखा, राप्ती नगर शाखा बनाम बिछिया शाखा, जाफरा बाजार शाखा बनाम बक्शीपुर शाखा के बीच खेला गया। 19 अप्रैल को बिछिया शाखा बनाम जाफरा बाजार शाखा सेमी फाइनल जिसमें जाफराबाजार शाखा टीम विजेता रही। पुनः रेल विहार 3 शाखा बनाम जाफरा बाजार शाखा फाइनल हुआ जिसमें संयुक्त रूप से दोनों टीम को विजेता घोषित किया गया।
स्वर्गीय विद्यावती पाण्डेय स्मृति कप संयुक्त रुप से विजेता टीमों के कप्तान श्री एस. पी. सिंह (रेल विहार फेज 3) एवं अरुण कुमार सरखेल (जाफराबाजार)को दिया गया तथा प्रोत्साहन कप बिछिया शाखा, बक्शीपुर शाखा, जटेपुर शाखा एवं राप्ती नगर शाखा, को मुख्य अतिथि श्री अमिय रमण तथा विशिष्ट अतिथि श्री पी एस पाण्डेय ने कार्यकारी अध्यक्ष श्री डी एम त्रिपाठी, उपाध्यक्ष श्री सुभाष चौधरी, महामंत्री श्री मुन्नी लाल गुप्ता,महामंत्री (संगठन) श्री भानु प्रकाश नारायण,महामंत्री (हित) श्री पुरुषोत्तम सिंह की उपस्थिति में प्रदान किया।मैन ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जाफराबाजार के श्री अजय दूबे एवं बेस्ट बालर का पुरस्कार रेल विहार फेज 3 के श्री प्रमोद सिंह को दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि यह क्रिकेट मैच एक अनूठा प्रयोग है जिसमें सेवानिवृत्ति सीनियर सिटीजंस ने पूरे जोश के साथ भाग लिया जो अन्य शाखाओं के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने अभी बताया की वाराणसी मंडल की टीम तथा बस्ती मंडल की टीम भी अगले मैच में खेलेगी। इतना ही नहीं सीनियर सिटीजंस महिलाओं की क्रिकेट टीम भी इस मैच में खेलने के लिए आतुर है।विशिष्ट अतिथि श्री पी एस पाण्डेय ने कहा कि इस मैच की गोरखपुर में शुरुआत पूरे देश के सीनियर सिटीजन एस के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण है जिससे वे लाभान्वित होंगे।
कार्यकारी अध्यक्ष श्री देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने मैच के आयोजक सत्य प्रकाश सिंह एवं टीम, केन्द्रीय पदाधि कारियो तथा दर्शकों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया जिनके तालियों से मैच रोमांचक बना रहा। इस आयोजन के लिए लखनऊ मंडल वाराणसी मंडल इज्जत नगर मंडल आदि के पदाधिकारी ने शुभकामनाएं व्यक्त की है।

4
52 views    0 comment
0 Shares


চেৰা বিহু অসমীয়া সমাজৰ এটা গুৰুত্বপূৰ্ণ লোক-পাৰম্পৰিক অনুষ্ঠান, যাক মূলতঃ গাঁৱৰ মানুহে একেলগে মিলি পালন কৰে। এই বিহুৰ মূল উদ্দেশ্য হৈছে সমাজত একতা, সহায়-সহযোগিতা আৰু সম্প্ৰীতি বজাই ৰখা।
🌾 পৰম্পৰা
চেৰা বিহুত “চেৰা” শব্দটোৰ অৰ্থ হৈছে একেলগে কৰা কাম। এইদিনা গাঁৱৰ মানুহে একেলগে মিলি বিভিন্ন সামাজিক কাম কৰে—
গাঁও চাফা কৰা
পথ-পথাৰ মেৰামতি কৰা
নামঘৰ বা ৰাজহুৱা স্থান পৰিস্কাৰ কৰা
গছ ৰোপণ বা গাঁও উন্নয়নৰ কাম
ইয়াৰ জৰিয়তে গাঁৱৰ মানুহৰ মাজত সহযোগিতা আৰু একতাৰ ভাৱ দৃঢ় হয়।
🎉 আয়োজন
গাঁৱৰ ডেকা-গাভৰু সকলে আগবাঢ়ি আহি এই অনুষ্ঠান আয়োজন কৰে
নামঘৰত বা গাঁৱৰ মাজত সমবেত হৈ অনুষ্ঠান আৰম্ভ কৰা হয়
কাম শেষ হোৱাৰ পাছত সকলোয়ে মিলি ভোজ-ভাত খায়
কেতিয়াবা গীত-মাত, নাচ-গানৰো আয়োজন কৰা হয়
🤝 সামাজিক গুৰুত্ব
চেৰা বিহু কেৱল উৎসৱ নহয়, ই সমাজৰ একতা আৰু সহায়-সহযোগিতাৰ এক উজ্জ্বল উদাহৰণ। এই পৰম্পৰাই মানুহক একেলগে কাম কৰিবলৈ শিকায় আৰু গাঁওখন উন্নত কৰিবলৈ অনুপ্ৰাণিত কৰে।
👉 মুঠতে, চেৰা বিহু হৈছে একতা, সম্প্ৰীতি আৰু সামাজিক দায়িত্বৰ প্ৰতীক।

24
430 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

રાજુલા પરશુરામ જયંતિ ની ભવ્ય ઉજવણી કરવામાં આવી

રાજુલા શહેરમાં દર વર્ષની માફક આ વર્ષે પણ પરશુરામ ભગવાનને જયંતી ભવ્યથી ભવ્યથી ઉજવવામાં આવી
રાજુલા પરશુરામ યુવા ગ્રુપ તેમજ સમસ્ત બ્રહ્મ સમાજ દ્વારા ભવ્ય આયોજન કરવામાં આવેલ
શોભાયાત્રા રાજુલા શહેરમાં ગાયત્રી મંદિર તળાવ કાઠેથી આ શોભાયાત્રા શરૂ કરવામાં આવી હતી જે રાજુલા શહેરના મુખ્ય મુખ્ય માર્ગો પોલીસ સ્ટેશન હોસ્પિટલ ચોક તેમજ રાજુલા માર્કેટિંગ યાર્ડ ચોક તેમજ સવિતા નગર થઈ અને આ શોભાયાત્રા ભરતનગર કોમ્યુનિટી હોલ ખાતે પૂર્ણ કરવામાં આવેલી શોભાયાત્રા પૂર્ણ થયા બાદ મહાઆરતીનું ભવ્ય આયોજન કરવામાં આવેલ તેમજ મહા આરતી બાદ બ્રહ્મુ ચોર્યાસી મહાપ્રસાદ નું ભવ્ય આયોજન કરવામાં આવેલું
આજની આ શોભાયાત્રામાં સમસ્ત બ્રહ્મસમાજ પરિવાર રાજુલા શહેરના વેપારીઓ અગ્રણીઓ તેમજ રાજુલાના પૂર્વ ધારાસભ્ય અમરીશ ડેર સહિત ના લોકો આ શોભાયાત્રામાં જોડાયા અને દર્શનનો લાભ લીધો આજની આ શોભાયાત્રામાં તમામ ભૂદેવોનો ઉત્સાહ કંઈક આજે અલગ જોવા મળ્યો સમગ્ર શોભાયાત્રા દરમ્યાન માતાઓ અને બહેનો દ્વારા રાસ ગરબાની રમઝટ બોલાવવામાં આવેલી તેમજ તમામ ભૂદેવો દ્વારા રાજુલા શહેરના માર્ગો પર હર હર મહાદેવના નારા સાથે રાજુલા શહેરની ગલીઓ ગુંજી ઉઠી હતી સમગ્ર કાર્યક્રમને સફળ બનાવવા માટે સમસ્ત બ્રહ્મ સમાજ તેમજ પરશુરામ યુવા ગ્રુપ દ્વારા ભારે જહમત ઉઠાવવામાં આવેલી

0
1 views    0 comment
0 Shares

🔳मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक (बैंड) के 679 पदों पर भर्ती हेतु आवेदन की अंतिम तिथि में वृद्धि

🔳कटनी - मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। इच्छुक एवं पात्र पुरूषअभ्यर्थी अब दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन की वेबसाईट https://iforms.mponline.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
#JansamparkMP
#CMMadhyaPradesh
#DrMohanYadav51
#udaypratapmp
#jbpcommissioner
#katni
#कटनी

10
94 views    0 comment
0 Shares

शराब माफिया पर बड़ी कार्रवाई: पटियाला में तीन रैकेट का भंडाफोड़
​पटियाला आबकारी विभाग (Excise Department) ने नकली और तस्करी की शराब के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए तीन प्रमुख गिरोहों का पर्दाफाश किया है।
​लेहल कॉलोनी में एक घर के भीतर नकली शराब बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। यहाँ 'Johnnie Walker' और 'Black Dog' जैसे महंगे और बड़े ब्रांडों की खाली बोतलों में सस्ती शराब भरी जा रही थी।
​गिरफ्तारी: मौके से अर्जुन कुमार और पुनीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। आबकारी विभाग ने मोहल्ला लातुरपुरा में छापेमारी कर राज कुमार सेठी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
​बरामदगी: पुलिस ने यहाँ से 150 बोतलें अवैध शराब बरामद की हैं।
​कुल्लेमाजरा इलाके में एक होंडा सिटी (Honda City) कार को रोका गया, जिसमें से 25 केस नकली शराब बरामद हुई। जांच में पाया गया कि बोतलों पर लगे होलोग्राम भी नकली थे।

0
104 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

16
337 views    0 comment
0 Shares

19
401 views    0 comment
0 Shares

15
459 views    0 comment
0 Shares


👉 दो अलग-अलग प्रकरणों में 02 आरोपी गिरफ्तार, चोरी गया ऑटो एवं ट्यूबवेल की केबल बरामद
👉 गुना पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगातार प्रभावी कार्यवाही करते हुए केंट थाना पुलिस ने चोरी की दो घटनाओं का सफलतापूर्वक खुलासा किया है।
👮‍♂️ घटनाओं का संक्षेप:
➡️ ऊपरी बाजार क्षेत्र से चोरी हुआ ऑटो
➡️ सकतपुर क्षेत्र से ट्यूबवेल की विद्युत केबल चोरी
🔍 पुलिस की सक्रियता:
दोनों ही मामलों में पुलिस ने तत्परता से प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की। मुखबिर तंत्र एवं तकनीकी संसाधनों की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
🚔 गिरफ्तार आरोपी:
✔️ ऑटो चोरी प्रकरण में — रामपाल यादव (जिला अशोकनगर)
✔️ केबल चोरी प्रकरण में — जितेन्द्र कुशवाह (गुना)
📦 बरामदगी:
👉 चोरी गया ऑटो
👉 ट्यूबवेल की विद्युत केबल
🏅 टीम का सराहनीय कार्य:
💬 गुना पुलिस का संदेश:
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी है—कानून के शिकंजे से बचना संभव नहीं।
#GunaPolice #PoliceSuccess #CrimeControl #MPPolice #LawAndOrder

1
0 views    0 comment
0 Shares

✍️ डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा, भोपाल
✍️ समाचार | भोपाल
राजधानी भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में दिनांक 19 अप्रैल 2026 को भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर एक भव्य एवं श्रद्धा से परिपूर्ण शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा शाम 6 बजे विनीट कुंज, कोलार से प्रारंभ होकर बीमा कुंज स्थित मानसरोवर स्कूल के सामने भव्य स्वागत एवं आरती के साथ संपन्न हुई।
कार्यक्रम में भोपाल के ब्राह्मण समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों, युवाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा का वातावरण भक्ति, उल्लास और सामाजिक एकता के रंगों से सराबोर रहा।
विशेष बात यह रही कि इस आयोजन में केवल ब्राह्मण समाज ही नहीं, बल्कि राजपूत एवं वैश्य समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई, जिससे सामाजिक समरसता और एकजुटता का सशक्त संदेश सामने आया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक जाति विशेष के नहीं, बल्कि समस्त मानवता के आराध्य हैं। वे विष्णु के अवतार हैं और उनके आदर्श समस्त समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि भगवान परशुराम की परंपरा और धर्म स्थापना की भावना ही आगे चलकर श्रीराम के रूप में और अधिक व्यापक रूप में प्रकट हुई।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और शोभायात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक ऊर्जा के साथ-साथ सामाजिक एकता का संदेश भी प्रसारित किया।

0
0 views    0 comment
0 Shares

✍️ डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा, भोपाल✍️ विशेष लेख | तथ्य, आस्था और सामाजिक विमर्शभारतीय समाज में समय-समय पर यह बहस उठती रही है कि क्या देवी-देवताओं के अवतारों को किसी जाति या वंश से जोड़ना उचित है? विशेषकर भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर यह चर्चा अक्सर विवाद का रूप ले लेती है। लेकिन जब इस विषय को धार्मिक ग्रंथों, परंपराओं और तर्क के आधार पर देखा जाए, तो कई स्थापित धारणाएँ स्वतः ही प्रश्नों के घेरे में आ जाती हैं।परशुराम: ब्रह्मचारी अवतार और ‘वंशज’ का प्रश्नशास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम आजीवन ब्रह्मचारी थे। उनका विवाह नहीं हुआ, इसलिए उनके प्रत्यक्ष वंशज होने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। वे जमदग्नि और रेणुका के पुत्र थे तथा भृगुवंश से संबंधित थे। यही कारण है कि ब्राह्मण समाज उन्हें जैविक अर्थ में नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रभाव के आधार पर अपना पूर्वज मानता है। यह संबंध रक्त से अधिक परंपरा, विचार और प्रभाव का है।कृष्ण: वंश का अंत और प्रभाव की निरंतरताइसी प्रकार श्रीकृष्ण के संदर्भ में भी तथ्य महत्वपूर्ण हैं। महाभारत के अनुसार, गांधारी के श्राप के परिणामस्वरूप यादव वंश का अंत हो गया था। इसके बावजूद, आज अनेक समुदाय स्वयं को कृष्ण से जोड़ते हैं। इसका कारण रक्त संबंध नहीं, बल्कि उनका व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव है। कृष्ण का पालन-पोषण नन्द बाबा और यशोदा के घर हुआ—जो इस बात का प्रतीक है कि संबंध केवल जन्म से नहीं, बल्कि प्रेम, संरक्षण और आस्था से भी बनते हैं।वंश बनाम प्रभाव: असली आधार क्या है?यह स्पष्ट होता है कि:• परशुराम के कोई जैविक वंशज नहीं हैं • कृष्ण का वंश पौराणिक रूप से समाप्त माना जाता है • फिर भी दोनों से जुड़ने की परंपरा आज भी जीवित है इसका कारण है—प्रभाव (Influence)।- समाज अक्सर उन्हीं से अपनी पहचान जोड़ता है, जिनका व्यक्तित्व प्रेरणादायक और प्रभावशाली रहा हो।सामाजिक मनोविज्ञान: पहचान की राजनीति- यह प्रवृत्ति केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक मनोविज्ञान का हिस्सा है। लोग अपने गौरव और पहचान को मजबूत करने के लिए महान व्यक्तित्वों से जुड़ना चाहते हैं। परंतु सवाल यह है—क्या यह जुड़ाव तथ्य पर आधारित है या केवल भावनात्मक और सामाजिक सुविधा पर?आध्यात्मिक दृष्टिकोण: सभी एक ही स्रोत से- सनातन दर्शन का मूल सिद्धांत यह कहता है कि समस्त सृष्टि विष्णु की रचना है और प्रत्येक जीव उसी परम सत्ता का अंश है। इस दृष्टिकोण से देखें तो: हर व्यक्ति ईश्वर का अंश है, न कि किसी विशेष अवतार का “एकाधिकार वंशज”।कथा और कल्पना का अंतर -लेख में उल्लिखित कृष्ण अंतिम दिनों में - उपसंहार जैसी साहित्यिक रचनाएँ धार्मिक कथाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती हैं, परंतु उन्हें ऐतिहासिक या शास्त्रीय प्रमाण नहीं माना जा सकता। उदाहरण के तौर पर “जरा बहेलिया” की कथा विभिन्न परंपराओं में अलग-अलग रूपों में मिलती है—कहीं उसे बाली का पुनर्जन्म बताया गया है, तो कहीं अन्य रूप में।निष्कर्ष: आस्था जोड़ती है, विभाजन नहीं- परशुराम और कृष्ण—दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उनकी महत्ता जाति या वंश से नहीं, बल्कि उनके कर्म, धर्म और संदेश से है। इसलिए यह अधिक उचित होगा कि हम उन्हें किसी जातीय दायरे में सीमित करने के बजाय, उनके आदर्शों को अपनाएं।क्योंकि अंततः—हर मनुष्य उसी परमपिता का अंश है, और यही सबसे बड़ा सत्य है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

🔳शिक्षा का अधिकार

🔳आरटीई के अंतर्गत चयनित स्कूलों में अब 25 अप्रैल तक अभिभावक विद्यार्थियों का करा सकेंगे एडमिशन

🔳राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यार्थियों के हित में लिया बड़ा निर्णय

🔳बढ़ाई प्रवेश तिथि,प्रवेश से मना करने पर निजी स्कूलों पर होगी कार्यवाही

🔳कटनी - शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। केंद्र ने एडमिशन की तिथि को बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित निजी स्कूलों में 25 अप्रैल तक एडमिशन ले सकेंगे। पहले प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर अभिभावकों और विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया है।

निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (ग) के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश के लिए 2 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया गया था।

-अभिभावकों की मांग पर विद्यार्थियों के हित में लिया गया निर्णय*

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा

आवंटन के बाद अभिभावकों को 3 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक अपने बच्चों का प्रवेश आवंटित विद्यालय में कराने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान जिन बच्चों ने प्रवेश नहीं लिया, उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचना भी दी गई थी। निर्धारित अवधि के दौरान अधिकांश बच्चों द्वारा प्रवेश प्राप्त कर लिया गया। हालांकि कुछ पालकों द्वारा अवगत कराया गया कि विभिन्न कारणों से निर्धारित अंतिम तिथि तक अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा सके, जबकि वे अपने बच्चे का प्रवेश कराना चाहते है। अभिभावकों की मांग व विद्यार्थियों के हित को देखते हुए अब प्रथम चरण में आवंटित विद्यालय में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि को 15 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 25 अप्रैल 2026 कर दी गई है।

*प्रवेश से मना करने पर निजी स्कूलों पर होगी कार्यवाही*

राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक ने जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी पालक द्वारा यह शिकायत प्राप्त होती है कि उनके बच्चे को आवंटित निजी विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, तो इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। संबंधित विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (BRC) और जिला परियोजना समन्वयक (DPC) मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए संबंधित अशासकीय विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करेंगे। साथ ही संबंधित बच्चे को आवंटित विद्यालय में प्रवेश मिल जाए यह भी सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की दैनिक समीक्षा भी दिए गए हैं, जिससे कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे।
#JansamparkMP
#CMMadhyaPradesh
#DrMohanYadav51
#udaypratapmp
#jbpcommissioner
#katni
#कटन

20
935 views    0 comment
0 Shares

20 Apr 2026 01:23 AM

Eight children killed at home in US domestic violence shooting, police say

The gunman was fatally shot by officers after carjacking a nearby vehicle and going on a shooting spree.


Mourners gather after children, with ages ranging from 1 to 14, were killed in a mass shooting incident described as domestic violence, in Shreveport, Louisiana, US on Apr 19, 2026. (Photo: Reuters/Kevin Bartram)

A gunman killed eight children, with ages ranging from one to 14, in a mass shooting on Sunday (Apr 19) at a house in Shreveport, Louisiana, in an incident described as domestic violence before police fatally shot him in a vehicle chase, local authorities said.

The bodies of seven children were found inside the house, while the eighth was shot while attempting a rooftop escape, Shreveport Police Department spokesperson Christopher Bordelon told local TV station KTBS. The suspect had children who lived at the home, police said.

Preliminary information indicated the events began when the suspect shot a woman and then went a few blocks away to the home where the children lived, according to a Facebook post from the Shreveport police.

Bordelon told KTBS that there was an "incredibly gruesome" crime scene.

Police have identified the suspect as Shamar Elkins, Leigh Anne Evensky, director of communications for the Shreveport mayor's office, told Reuters.

The incident occurred after 6am on Sunday, Bordelon told reporters. At least 10 people were shot, Bordelon said, but did not provide details on the status of surviving victims.

The suspect carjacked a vehicle after the shootings and was killed when police fired at the vehicle during a chase that went into neighbouring Bossier Parish, Bordelon said. Louisiana State Police are investigating the officer-involved shooting of the man, spokesperson Kate Stegall said.

"This is a tragic situation, maybe the worst tragic situation we've ever had," Shreveport Mayor Tom Arceneaux said.

A comprehensive domestic violence centre is being established by the Caddo Parish sheriff, which the mayor's office is working to support, Arceneaux later told Reuters.

At a news conference, Louisiana state Senator Sam Jenkins, whose district includes much of Shreveport, said the shooting underscores the need for more resources to combat domestic violence.

"If we have someone with a history of domestic violence, let's make sure that those resources, that intervention is there on a continuous and consistent basis, hopefully to avoid what we've seen here today," Jenkins said.

Reuters was unable to immediately determine whether Elkins had such a history.

US House of Representatives Speaker Mike Johnson, a Shreveport native, on social media called the shooting a "heartbreaking tragedy". Louisiana Governor Jeff Landry said on social media that he and his wife were "praying for everyone affected".

Not including Sunday's incident in Shreveport, the Gun Violence Archive lists at least 119 mass shootings in the US this year, resulting in 117 deaths, including 79 children, and 458 people injured.

The archive defines a mass shooting as an incident in which at least four people, not including the shooter, are injured or killed by gunfire. The US had 407 mass shootings last year, according to archive data.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

0
0 views    0 comment
0 Shares

20 Apr 2026 01:23 AM

Eight children killed at home in US domestic violence shooting, police say

The gunman was fatally shot by officers after carjacking a nearby vehicle and going on a shooting spree.


Mourners gather after children, with ages ranging from 1 to 14, were killed in a mass shooting incident described as domestic violence, in Shreveport, Louisiana, US on Apr 19, 2026. (Photo: Reuters/Kevin Bartram)

A gunman killed eight children, with ages ranging from one to 14, in a mass shooting on Sunday (Apr 19) at a house in Shreveport, Louisiana, in an incident described as domestic violence before police fatally shot him in a vehicle chase, local authorities said.

The bodies of seven children were found inside the house, while the eighth was shot while attempting a rooftop escape, Shreveport Police Department spokesperson Christopher Bordelon told local TV station KTBS. The suspect had children who lived at the home, police said.

Preliminary information indicated the events began when the suspect shot a woman and then went a few blocks away to the home where the children lived, according to a Facebook post from the Shreveport police.

Bordelon told KTBS that there was an "incredibly gruesome" crime scene.

Police have identified the suspect as Shamar Elkins, Leigh Anne Evensky, director of communications for the Shreveport mayor's office, told Reuters.

The incident occurred after 6am on Sunday, Bordelon told reporters. At least 10 people were shot, Bordelon said, but did not provide details on the status of surviving victims.

The suspect carjacked a vehicle after the shootings and was killed when police fired at the vehicle during a chase that went into neighbouring Bossier Parish, Bordelon said. Louisiana State Police are investigating the officer-involved shooting of the man, spokesperson Kate Stegall said.

"This is a tragic situation, maybe the worst tragic situation we've ever had," Shreveport Mayor Tom Arceneaux said.

A comprehensive domestic violence centre is being established by the Caddo Parish sheriff, which the mayor's office is working to support, Arceneaux later told Reuters.

At a news conference, Louisiana state Senator Sam Jenkins, whose district includes much of Shreveport, said the shooting underscores the need for more resources to combat domestic violence.

"If we have someone with a history of domestic violence, let's make sure that those resources, that intervention is there on a continuous and consistent basis, hopefully to avoid what we've seen here today," Jenkins said.

Reuters was unable to immediately determine whether Elkins had such a history.

US House of Representatives Speaker Mike Johnson, a Shreveport native, on social media called the shooting a "heartbreaking tragedy". Louisiana Governor Jeff Landry said on social media that he and his wife were "praying for everyone affected".

Not including Sunday's incident in Shreveport, the Gun Violence Archive lists at least 119 mass shootings in the US this year, resulting in 117 deaths, including 79 children, and 458 people injured.

The archive defines a mass shooting as an incident in which at least four people, not including the shooter, are injured or killed by gunfire. The US had 407 mass shootings last year, according to archive data.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

🔳बाल विवाह कराने, सहयोग देन वाले व्‍यक्ति, संस्‍था व संगठन को दो वर्ष तक कारावास और 1 लाख रूपये के जुर्माना या दोनों का है प्रावधान

🔳कटनी - जिले में अक्षय तृतीया पर्व एवं अन्‍य विवाह मुहूर्तों पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर एक सशक्‍त, समन्वित और बहुस्‍तरीय व्‍यापक कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए विकासखंड स्‍तर पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम की अध्‍यक्षता में 6 सदस्‍यीय बाल विवाह रोकथाम दल गठित किया गया है।

कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाल विवाह निगरानी समितियां और कोर ग्रुप बाल विवाह संबंधी गतिवधियों पर सख्‍त नजर रखें। उन्‍होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है। समाज में इस कुप्रथा का स्‍वरूप बहुत ही भयावह है। कलेक्‍टर श्री तिवारी ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज से भी आगे आने और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। उन्‍होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम सहित संबंधित एसडीएम और महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को भी दी जा सकती है।

कलेक्‍टर ने ताकीद किया कि प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम के लिए सजग और मुस्‍तैद है। बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 की धारा 9,10,11 एवं 13 के तहत बालविवाह कराने, सहयोग देने वाले व्‍यक्ति, व्‍यक्तियों , संस्‍था, सामाजिक संगठन के लिए दो वर्ष तक कारावास अथवा एक लाख रूपये का जुर्माना या दोनो का प्रावधान है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास ने हलवाई, प्रेस करने वाले, कैटरर्स, धर्मगुरू, समाज के मुखिया, बैंड बाजा वाले, घोड़ी वाले और ट्रांसपोर्टर आदि से भी अनुरोध किया है कि वे बाल विवाह करने और कराने वालों को अपनी सेवायें कदापि प्रदान नहीं करें, अन्‍यथा वे भी बाल विवाह के सहयोगी माने जायेंगें और बाल विवाह रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत विधि संगत धाराओं के तहत कार्यवाही के दायरे में आ जायेंगें।

बाल विवाह मुक्‍त भारत पोर्टल

महिला बाल विकास मंत्रालय द्वारा बाल विवाह मुक्‍त भारत अभियान की शुरूआत की गई है। इसके तहत बाल विवाह मुक्‍त भारत पोर्टल बनाया गया है। यह पोर्टल एक ऐसा अभिनव ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को बाल विवाह की घटनाओं की रिपोर्ट करने, शिकायत दर्ज करने और देशभर में बाल विवाह निषेध अधिकारियों के बारे में जानकारी प्रदान करने में सक्षम बनाता है। हेल्पलाइन नंबर 181, 1098, 100 और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल (https://stopchildmarriage.wcd.gov.in) का पर भी सूचना या जानकारी दर्ज कराई जा सकती है।
#JansamparkMP
#CMMadhyaPradesh
#DrMohanYadav51
#udaypratapmp
#jbpcommissioner
#katni
#कटनी

43
1084 views    0 comment
0 Shares

फतेहपुर संवाददाता।
उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद फतेहपुर जिले को नई जिलाधिकारी मिल गई हैं। वर्ष 2015 बैच की तेजतर्रार आईएएस अधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने जिले की कमान संभाल ली है। अमरोहा में अपने सख्त प्रशासनिक तेवर और त्वरित निर्णय क्षमता के लिए चर्चित रहीं निधि गुप्ता वत्स से अब फतेहपुर की जनता को बेहतर प्रशासन और तेज विकास की उम्मीदें हैं।
क्या बदलेगा फतेहपुर में?
नई जिलाधिकारी अपनी ‘क्विक डिसीजन’ मेकिंग और सख्त कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। अमरोहा में उन्होंने भ्रष्टाचार और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई कर प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया था। माना जा रहा है कि फतेहपुर में भी प्रशासन जल्द ही एक्शन मोड में नजर आएगा।
फील्ड पर रहने वाली अधिकारी
निधि गुप्ता वत्स कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय सीधे मौके पर पहुंचकर कार्यों की हकीकत जांचने के लिए जानी जाती हैं। सड़क, नाली और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उनकी सख्ती पहले ही चर्चा में रह चुकी है। घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने वाले ठेकेदारों पर उनकी पैनी नजर रहती है।
सफाई व्यवस्था और सिस्टम पर फोकस
जिले की सफाई व्यवस्था, सरकारी दफ्तरों की समयबद्ध कार्यप्रणाली और जनसेवा को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है। नगर निकायों की सफाई व्यवस्था की सीधी मॉनिटरिंग के संकेत भी मिल रहे हैं।
अमरोहा का चर्चित मामला
अमरोहा में नाला निर्माण की शिकायत मिलने पर उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर फीता डालकर पैमाइश कराई थी। इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया था और कई जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई थी।
इन व्यवस्थाओं में आएगी तेजी
-लंबित विकास परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा कराने पर जोर।
-जनसुनवाई में शिकायतों का त्वरित निस्तारण।
-नगर पालिका व नगर पंचायतों की सफाई व्यवस्था की निगरानी।
-प्रशासन और पुलिस के बेहतर तालमेल से कानून व्यवस्था मजबूत करना।
अमरोहा से फतेहपुर तक
बताया जा रहा है कि अमरोहा में बेहतर प्रशासनिक प्रदर्शन और सख्त कार्यशैली को देखते हुए शासन ने उन्हें फतेहपुर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, निवर्तमान जिलाधिकारी को शासन ने नई तैनाती दे दी है।
नई जिलाधिकारी के आगमन से जिले में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने और विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

0
135 views    0 comment
0 Shares

20 Apr 2026 03:30 AM

US seizes Iranian cargo ship as Tehran rejects a second round of peace talks

"We have full custody of their ship, and are seeing what's on board!" says US President Donald Trump, adding that US forces blew a hole in the vessel's engine room.

In this screengrab taken from footage posted on X by the US Central Command, the Iranian-flagged cargo ship the Touska is seen as it is intercepted by the US Navy vessel the USS Spruance on Apr 19, 2026. (Image: X/CENTCOM)

WASHINGTON: The United States said on Sunday (Apr 19) that it had seized an Iranian cargo ship that tried to run its blockade and Iran said it would retaliate, raising the possibility that the ceasefire between the two countries might not last for even the two days it is set to remain in force.

Efforts to build a more lasting peace in the region likewise appeared to be on shaky ground, as Iran said it would not participate in a second round of negotiations that the US had hoped to kick off before the ceasefire expires on Tuesday.

A weeks-long blockade of shipping that has driven global oil prices higher likewise might remain in place.

The US has maintained a blockade of Iranian ports, while Iran has lifted and then reimposed its own blockade of the Strait of Hormuz, which, before the war began almost two months ago, handled roughly one-fifth of the world's oil supply.


The US military said on Sunday it had fired on an Iranian-flagged cargo ship, as the vessel sailed toward Iran's Bandar Abbas port.

"We have full custody of their ship, and are seeing what's on board!" President Trump wrote on social media.

Trump posted on Truth Social that after the Iranian vessel, the Touska, ignored warnings to stop, the guided missile destroyer USS Spruance "stopped them right in their tracks by blowing a hole in the engine room".

The Spruance fired several rounds from a five-inch calibre gun to disable the Iranian ship's propulsion after directing it "to evacuate its engine room", US Central Command (CENTCOM) said in a post on X, accompanied by a short video showing rounds fired at a vessel in the distance after the warning.

CENTCOM said US forces have directed 25 commercial vessels to turn around or return to an Iranian port since the US blockade began.

Iran's top joint military command, Khatam al-Anbiya, accused the US of violating the countries' ceasefire by firing at one of Iran's commercial ships in the Gulf of Oman, vowing to retaliate.

State media quoted a Khatam al-Anbiya spokesperson as saying early on Monday that the vessel was en route from China to Iran.

"We warn that the armed forces of the Islamic Republic of Iran will soon respond and retaliate against this armed piracy by the US military," the spokesperson said.

Iranian state media also reported that Tehran had rejected new peace talks, citing the ongoing blockade, threatening rhetoric, and Washington's shifting positions and "excessive demands".

"One cannot restrict Iran's oil exports while expecting free security for others. The choice is clear: either a free oil market for all, or the risk of significant costs for everyone," Iran's First Vice President Mohammadreza Aref wrote on social media.

Trump had earlier warned Iran that the US would destroy every bridge and power plant in Iran if Tehran rejected his terms, continuing a pattern of such threats throughout the war.

Iran has said that if the US were to attack its civilian infrastructure, it would hit power stations and desalination plants of Gulf Arab neighbours.

Brent crude futures jumped about 7 per cent to US$96.85 a barrel and S&P 500 futures fell about 0.9 per cent in early Asian trading, as investors dealt with conflicting messages about the war.

PREPARING FOR TALKS THAT MIGHT NOT HAPPEN
Trump said his envoys would arrive in Islamabad on Monday evening, one day before a two-week ceasefire ends.

A White House official had said the US delegation would be headed by Vice President JD Vance, who led the war's first peace talks a week ago, and also include Trump's envoy Steve Witkoff and son-in-law Jared Kushner. Trump had separately told ABC News and MS Now that Vance would not go.

Pakistan, which has served as the main mediator, appeared to be preparing for the talks. Two giant US C-17 cargo planes landed at an air base on Sunday afternoon, carrying security equipment and vehicles in preparation for the US delegation's arrival, two Pakistani security sources said.

Municipal authorities in the capital city of Islamabad halted public transport and heavy-goods traffic through the city. Barbed wire was rolled out near the Serena Hotel, where last week's talks were held. The hotel told all guests to leave.

The apparent diplomatic setback could set the stage for a renewed surge in oil prices when markets reopen after the weekend.

Now in its eighth week, the war has created the most severe shock to global energy supplies in history, sending oil prices surging because of the de facto closure of the strait.

Thousands of people have been killed by US-Israeli strikes on Iran and in an Israeli invasion of Lebanon conducted in parallel since the war began on Feb 28. Iran responded to the attacks with missiles and drones against its Arab neighbours that host US bases.

Iran's parliament speaker, Mohammad Baqer Qalibaf, who has led Iran's side in the talks, had earlier said the two sides had made progress but were still far apart on nuclear issues and the strait.

European allies, repeatedly criticised by Trump for not aiding his war effort, worry that Washington's negotiating team is pushing for a swift, superficial deal that would require months or years of technically complex follow‑on talks.

Iran’s semi‑official Tasnim news agency reported that two liquefied petroleum gas tankers that attempted to transit the strait were turned back by Iran’s armed forces on Saturday. One of the tankers - the Angola‑flagged LPG tanker G Summer - later exited the Gulf on a second attempt, according to MarineTraffic vessel tracking data.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

0
0 views    0 comment
0 Shares

🔳मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बड़वारा में हुआ सामूहिक विवाह का भव्य आयोजन, 99 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

🔳कटनी - जनपद पंचायत बड़वारा परिसर में रविवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कुल 100 जोड़ों का चयन किया गया था, जिनमें से 99 जोड़े कार्यक्रम में उपस्थित होकर विवाह बंधन में बंधे, जबकि 1 जोड़ा अनुपस्थित रहा।

कार्यक्रम में सामाजिक समरसता और सद्भाव का सुंदर उदाहरण देखने को मिला, जहां 99 जोड़ों में से 98 जोड़ों का विधिवत हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न हुआ। वहीं 1 जोड़े का निकाह मुस्लिम परंपरा के अनुसार कराया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह रहे। उनके साथ जनपद पंचायत बड़वारा की अध्यक्ष श्रीमती सुधा जायसवाल, उपाध्यक्ष श्री रामसेवक दुबे, मंडल अध्यक्ष श्री अजय सोनी, श्री अनुराग गुप्ता एवं श्री विजय गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि मंच पर उपस्थित रहे।

इसके अलावा ग्राम पंचायत बड़वारा की सरपंच श्रीमती सुनैना बाई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रभावती तेकाम, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजीत सिंह परिहार, खंड पंचायत अधिकारी श्री उदयभान सिंह दाहिया, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्री उदयराम बैगा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ अजीत सिंह ने किया। आयोजन स्थल पर विवाह की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। जिससे नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने का कार्य किया जा रहा है। इस तरह के सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समानता, भाईचारे और सामूहिकता की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।
#JansamparkMP
#CMMadhyaPradesh
#DrMohanYadav51
#udaypratapmp
#jbpcommissioner
#katni
#कटनी

30
972 views    0 comment
0 Shares

*जवळपास सर्वच वर्तमानपत्रांनी आज महिला आरक्षण विधेयक नामंजूर अशी पहिल्या पानावर हेडलाइन दिली आहे, फक्त ‘द हिंदू’ वगळता. ‘द हिंदू’मध्ये मात्र असे म्हटले आहे की संवैधानिक सुधारणा (Constitutional Amendment) विधेयक नामंजूर. खरी बातमी हीच होती*

*बाकी गेल्या १२ वर्षांपासून माध्यमे खोटे पेरण्याचे काम यशस्वीरित्या अविरत करत आहेत, यात दुमत नाही. मुळात सरकार महिला आरक्षणाच्या नावाखाली दिलीमिटेशन म्हणजेच लोकसभेतील जागांची पुनर्रचना करणार होते. सोप्या भाषेत सांगायचे झाले तर, लोकसभेच्या जागा ५४३ वरून ८५० पर्यंत वाढणार होत्या*

*लोक थोडी शहाणी झाली आहेत. गेल्या बारा वर्षांत जे पेरले गेले, ते आता उगवत आहे.सरकारबद्दल नाराजी वाढत आहे*

*खासदारांची संख्या २४० वर आली असून, बहुमत असणारे सरकार हे इतर पक्षांच्या साहाय्याने चालत आहे. हे असेच सुरू राहिले तर येणाऱ्या निवडणुका जिंकणे कठीण आहे. त्यावर उपाय म्हणून लोकसभेतील जागा वाढवणे, मतदारसंघांची पुनर्रचना करणे आणि आपल्याला हवे तसे मतदारसंघ रचणे, यासाठीच ही घटनादुरुस्ती होती*

*उत्तर भारतात लोकसंख्या भरमसाट वाढली आहे. सगळ्याच बाबतीत, गायपट्टा मागास आहे. गेल्या १२ वर्षांत भारतीय जनता पार्टीने हिंदू-मुस्लिम अजेंडा वापरून आणि दबावाचे राजकारण करून आपले वर्चस्व इथे निर्माण केले आहे. तर मुळात इथेच डीलीमिटेशन करून लोकसभेच्या जागा वाढवत, येणाऱ्या निवडणुका जिंकून सत्तेचा अमरपट्टा गळ्यात घालण्याचा केविलवाणा प्रयत्न मोदी सरकार ने केला*

*दक्षिणेत लोक पुरोगामी विचारसरणीचे आहेत. लोकसंख्या नियंत्रण, शिक्षण, रोजगार आणि विकास यात ते अग्रेसर आहेत. त्याच फळ म्हणून त्यांना लोकसभेत जागा कमी मिळतील, असं नाही तर भारतीय जनता पार्टी दक्षिणेत जागा जिंकत नाही म्हणून तिथे जागा वाढवण्यात आल्या नाहीत*

*या सगळ्यात महाराष्ट्र आणि इथले राजकारणी कुठेच दिसले नाहीत. एकेकाळी “दिल्लीचे तख्त राखतो, महाराष्ट्र माझा” असे म्हणणारे आम्ही, आज महाराष्ट्राची स्थिती दिल्लीसमोर झुकलेली आहे. मुळात अशा वेळी आपली बाजू भक्कमपणे मांडणे गरजेचे होते, मात्र तसे होताना दिसले नाही*

*महाराष्ट्रातील नेते चिडीचूप होते आहेत आणि राहतील*
*बाकी पाच राज्यांच्या निवडणुका असताना विशेष अधिवेशन बोलावून, महिला आरक्षणाच्या नावाखाली घटनादुरुस्ती विधेयक आणण्याचे कारण काय असेल? ७.४५ ला मतदान झाले, विधेयक पडले आणि ८ वाजता भारतीय जनता पार्टीच्या खासदारांच्या हातात विरोधी पक्षाविरुद्ध बॅनर होते. संसदेत आंदोलन चालू होते. किती फास्ट आहे सगळं! संसदेत १५ मिनिटांत बॅनर पोहोचले की आधीच सगळी स्क्रिप्ट लिहिली होती?*

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

0
347 views    0 comment
0 Shares

ਲਹਿਰਾਗਾਗਾ, 19 ਅਪ੍ਰੈਲ (ਸੁਰੇਸ਼ ਜਵਾਹਰ ਵਾਲਾ) ਸਥਾਨਕ ਬ੍ਰਾਹਮਣ ਸਮਾਜ ਵੱਲੋਂ ਭਗਵਾਨ ਸ੍ਰੀ ਪਰਸ਼ੂਰਾਮ ਜਯੰਤੀ ਬੜੀ ਸ਼ਰਧਾ ਅਤੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਮਨਾਈ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਬਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ ਨੇ ਸਮਾਗਮ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ।
ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਮੱਥਾ ਟੇਕਿਆ ਅਤੇ ਇਲਾਕੇ ਦੀ ਖੁਸ਼ਹਾਲੀ ਲਈ ਅਰਦਾਸ ਕੀਤੀ। ਆਪਣੇ ਸੰਬੋਧਨ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਨੁੱਖਤਾ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਕੋਈ ਧਰਮ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕਰਨਾ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਚਾ ਫਰਜ਼ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਲੋਕ-ਹਿੱਤ ਲਈ ਨਿਰੰਤਰ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਰੇ ਧਰਮਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਪੂਰੀ ਸ਼ਰਧਾ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਰੱਖਦੀ ਹੈ।
ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਭਗਵਾਨ ਸ੍ਰੀ ਪਰਸ਼ੂਰਾਮ ਜੀ ਨੂੰ ਭਗਤੀ ਅਤੇ ਸ਼ਕਤੀ ਦਾ ਪ੍ਰਤੀਕ ਦੱਸਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਅਨਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਖੜ੍ਹੇ ਹੋਣ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਅੱਜ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਹੋਰ ਵੀ ਵੱਧ ਪ੍ਰਸੰਗਿਕ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਧਾਰਮਿਕ ਸਮਾਗਮ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਏਕਤਾ, ਭਾਈਚਾਰੇ ਅਤੇ ਸਾਂਝੀਵਾਲਤਾ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਅਹਿਮ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹਨ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਲੋਕਾਂ, ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਭਾਰਤ ਦੀ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਅਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਵਿਰਾਸਤ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਲਈ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਵੀ ਅਜਿਹੇ ਸਮਾਗਮ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਦੁਹਰਾਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਉਪਰਾਲੇ ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਅਮੀਰ ਇਤਿਹਾਸ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣ ਵਿੱਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸਾਬਤ ਹੁੰਦੇ ਹਨ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਸ਼ੀਸ਼ਪਾਲ ਆਨੰਦ, ਆਮ ਆਦਮੀ ਦੇ ਦੀਪਕ ਜੈਨ, ਹੁਣ ਮੰਤ ਧਾਮ ਦੇ ਸੰਸਥਾਪਕ ਸਤੀਸ਼ ਡੈਰੀ ਵਾਲੇ, ਜੀਪੀਐਫ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸੰਜੀਵ ਕੁਮਾਰ ਰੋਡਾ ਸਮੇਤ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਅਤੇ ਇਲਾਕਾ ਨਿਵਾਸੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।

0
134 views    0 comment
0 Shares

ਲਹਿਰਾਗਾਗਾ, 19 ਅਪ੍ਰੈਲ (ਸੁਰੇਸ਼ ਜਵਾਹਰ ਵਾਲਾ) ਸਥਾਨਕ ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਸ਼੍ਰੀ ਸ਼ਿਵ ਦੁਰਗਾ ਮੰਦਰ ਕਮੇਟੀ ਲਹਿਰਾਗਾਗਾ ਵੱਲੋਂ ਭਗਵਾਨ ਪਰਸ਼ੂਰਾਮ ਜੀ ਦੀ ਜੈਯੰਤੀ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਖੂਨਦਾਨ ਅਤੇ ਮੈਡੀਕਲ ਕੈਂਪ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਹ ਕੈਂਪ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਸੰਗਰੂਰ ਦੀ ਮੈਡੀਕਲ ਟੀਮ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ।
ਕੈਂਪ ਵਿੱਚ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਐਡਵੋਕੇਟ ਬਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ, ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ਼੍ਰੀਮਤੀ ਕਾਂਤਾ ਗੋਇਲ ਅਤੇ ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਸਨਮੀਕ ਸਿੰਘ ਹੈਨਰੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਮੰਤਰੀ ਗੋਇਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕੈਂਪ ਮਾਨਵਤਾ ਦੀ ਸੇਵਾ ਦਾ ਵਧੀਆ ਉਦਾਹਰਨ ਹਨ ਅਤੇ ਖੂਨਦਾਨ ਦੀ ਇੱਕ ਬੋਤਲ ਵੀ ਕਿਸੇ ਦੀ ਕੀਮਤੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬਚਾ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਦਰ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਕਾਰਜਾਂ ਦੀ ਭਰਪੂਰ ਪ੍ਰਸ਼ੰਸਾ ਕੀਤੀ।
ਕੈਂਪ ਦੌਰਾਨ ਹੱਡੀਆਂ ਦੇ ਰੋਗਾਂ ਦੇ ਮਾਹਿਰ ਡਾਕਟਰ ਗਗਨਦੀਪ ਵੱਲੋਂ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦਾ ਮੁਫ਼ਤ ਚੈੱਕਅਪ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।
ਮੰਦਰ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਸ਼ਵਨੀ ਸ਼ਰਮਾ (ਅੱਛੀ), ਪੁਜਾਰੀ ਮੋਨੂੰ ਸ਼ਰਮਾ ਅਤੇ ਮਾਸਟਰ ਸੁਦਰਸ਼ਨ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਅੰਨਪੂਰਨਾ ਰਸੋਈ ਵੀ ਚਲ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਵੇਰੇ ਅਤੇ ਸ਼ਾਮ ਗਰੀਬ ਅਤੇ ਲੋੜਵੰਦ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮੁਫ਼ਤ ਭੋਜਨ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਪ੍ਰੈਸ ਕਲੱਬ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਨਿਲ ਜੈਨ, ਰਾਜ ਸਿੰਗਲਾ, ਸਤਵਿੰਦਰ ਸ਼ਰਮਾ, ਚੇਅਰਮੈਨ ਦੀਪੂ ਗਰਗ, ਕੌਂਸਲਰ ਐਡਵੋਕੇਟ ਰਜਨੀਸ਼ ਗੁਪਤਾ, ਜੀਪੀਐਫ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸੰਜੀਵ ਕੁਮਾਰ ਰੋਡਾ, ਹਨੁਮੰਤ ਧਾਮ ਸੇਵਾ ਸੁਸਾਇਟੀ ਦੇ ਸੰਸਥਾਪਕ ਸਤੀਸ਼ ਗੋਇਲ ਡੇਰੀ ਵਾਲੇ, ਚੇਅਰਮੈਨ ਸ਼ੀਸ਼ਪਾਲ ਆਨੰਦ, ਸੁਭਾਸ਼ ਜਿੰਦਲ, ਅਗਰਵਾਲ ਸਭਾ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ਼ੀਸ਼ਪਾਲ ਗਰਗ, ਰਤਨ ਸ਼ਰਮਾ ਸਮੇਤ ਮੋਤਵਰ ਤੇ ਹੋਰ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।

0
0 views    0 comment
0 Shares

कारधा केंद्रांर्गत येणाऱ्या जिल्हा परिषद प्राथमिक शाळा खमारी ​जिल्हा परिषद शाळेत डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती साजरी

विलास केजरकर भंडारा.

भंडारा:- कारधा केंद्रांर्गत येणाऱ्या जिल्हा परिषद प्राथमिक शाळा खमारी बुटी येथे भारतीय राज्यघटनेचे शिल्पकार भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांची १३५ वी जयंती मोठ्या उत्साहात व गौरवपूर्ण वातावरणात साजरी करण्यात आली.
​कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी सहाय्यक शिक्षिका सौ. सुनीता भांबोरे होत्या. प्रमुख अतिथी म्हणून शाळेचे मुख्याध्यापक केशव लेदे, गणेश गभणे, कोरचे, करणायाके प्रामुख्याने उपस्थित होते.
​यावेळी आयोजित भाषण स्पर्धेत शाळेतील विद्यार्थी व विद्यार्थिनींनी मोठ्या संख्येने सहभाग घेतला. लहानग्या वक्त्यांनी डॉ. बाबासाहेबांच्या जीवनातील संघर्ष, त्यांचे शैक्षणिक कार्य आणि संविधानाचे महत्त्व यावर आपल्या ओघवत्या भाषणातून प्रकाश टाकला. 'शिका, संघटित व्हा आणि संघर्ष करा' हा मंत्र विद्यार्थ्यांनी आपल्या भाषणातून उपस्थितांपर्यंत पोहोचवला.
​कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी सौ. भांबोरे यांनी आपल्या भाषणात डॉ. बाबासाहेबांच्या विचारांचे पालन करण्याचे आवाहन केले. मुख्याध्यापक केशव लेदे यांनी डॉ. बाबासाहेबांच्या अष्टपैलू व्यक्तित्वाचा परिचय करून देत विद्यार्थ्यांना शिक्षणाची जिद्द बाळगण्याचा संदेश दिला. गभणे, कोरचे आणि करणायके यांनीही विद्यार्थ्यांना मार्गदर्शन करून त्यांचे कौतुक केले.
विद्यार्थ्यांनी दिलेल्या 'जय भीम' च्या जयघोषाने संपूर्ण शाळा परिसर दुमदुमून गेला होता. शेवटी सर्व उपस्थित विद्यार्थ्यांना अल्पोपाहार देऊन कार्यक्रमाची सांगता करण्यात आली.
कार्यक्रमाच्या यशस्वी करण्यासाठी शाळेतील स्वयंपाकी मदतनीस अस्मिता तांडेकर, पंचफुला मोहतुरे व शाळेतील सर्व शिक्षक वृंद आणि कर्मचाऱ्यांनी विद्यार्थी विद्यार्थिनी सहकार्य केले.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

2
337 views    0 comment
0 Shares

39
3187 views    0 comment
1 Shares

🔳मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत उद्योग और व्यवसाय के लिए मिलेगा 50 लाख तक का ऋण

🔳कटनी - जिले के बेरोजगार युवाओं के स्वरोजगार के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कटनी द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना संचालित की जा रही है। जिसमें समस्त आवेदक पात्रता अनुसार आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

इस योजना के अंतर्गत खुदरा व्यवसाय एवं सेवा व्यवसाय हेतु 50 हजार रूपये से लेकर 25 लाख रूपये तक की और उद्योग (विनिर्माण) हेतु 50 हजार रूपये से लेकर 50 लाख रूपये तक की औद्योगिक इकाईयां स्थापित की जा सकेंगी। योजनान्तर्गत राज्य शासन द्वारा हितग्राहियों को वितरित ऋण के सबंध में 3 प्रतिशत की दर से अधिकतम 7 वर्ष तक ब्याज अनुदान दिया जाता है। साथ ही योजनान्तर्गत ऋण ग्रारंटी शुल्क प्रचलित दर पर अधिकतम 7 वर्षों तक प्रतिपूर्ति के रूप में देय होती है।

पात्रता एवं शर्ते

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ लेने हेतु आवेदक को मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है। साथ ही ऐसे युवा जो न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण हों एवं उनकी आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य हो एवं वार्षिक आय 12 लाख से कम हो, आवेदन कर सकते हैं।

इच्छुक युवा परियोजना प्रतिवेदन, आधार कार्ड, समग्र आईडी, फोटो, बैंक पासबुक, कोटेशन, पेनकार्ड आदि समस्त दस्तावेजों के साथ एमपी ऑनलाइन से आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
#JansamparkMP
#CMMadhyaPradesh
#DrMohanYadav51
#udaypratapmp
#jbpcommissioner
#katni
#कटनी

31
727 views    0 comment
0 Shares

काठमांडू, 19 अप्रैल नेपाल सरकार के उस फैसले को लेकर सियासी और जनस्तर पर विरोध तेज हो गया है, जिसमें भारत से 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान के आयात पर अनिवार्य सीमा शुल्क (कस्टम) लगाने का प्रावधान किया गया है। सत्ताधारी दल के सांसदों ने ही इस निर्णय पर असंतोष जताया है और इसे आम जनता के लिए परेशानी बढ़ाने वाला कदम बताया है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसदों ने कहा कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर सीमावर्ती इलाकों के लोगों पर पड़ रहा है, जहां भारत-नेपाल के बीच रोजमर्रा के सामान का आदान-प्रदान आम बात है। इस मुद्दे को लेकर रविवार को आरएसपी के कुछ सांसदों ने गृह मंत्री सुदन किराती से मुलाकात कर फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।

मधेश से सांसद तपेश्वर यादव ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच “रोटी-बेटी” का ऐतिहासिक रिश्ता रहा है, लेकिन इस तरह के सख्त नियम आम लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तस्करी पर रोक जरूरी है, लेकिन व्यक्तिगत उपयोग के लिए सामान लाने वाले नागरिकों को परेशान करना उचित नहीं है।

सिराहा-2 से सांसद शिवशंकर यादव ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों को हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तस्करी रोकने के लिए सख्ती जरूरी है, लेकिन हर क्षेत्र में एक जैसा नियम लागू करने से आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से नीति में लचीलापन लाने और आम लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देने की मांग की।

इस बीच, काठमांडू के मैतीघर में मधेशी युवाओं के एक समूह ने इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह कदम मधेशी क्षेत्रों को कमजोर करने की साजिश है और सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।

सांसदों और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीमा पर निगरानी कड़ी होनी चाहिए और नशीले पदार्थों व अवैध धन के प्रवाह पर सख्त नियंत्रण जरूरी है, लेकिन घरेलू उपयोग के सामान पर राहत दी जानी चाहिए ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

0
3249 views    0 comment
0 Shares

​जिल्हा परिषद शाळा खमारी येथे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती उत्साहात साजरी

​खमारी (प्रतिनिधी):

स्थानिक जिल्हा परिषद प्राथमिक शाळा, खमारी येथे दि. १४ एप्रिल २०२६ रोजी भारतीय राज्यघटनेचे शिल्पकार भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांची जयंती अत्यंत उत्साहात आणि गौरवपूर्ण वातावरणात साजरी करण्यात आली. या निमित्ताने विद्यार्थ्यांसाठी विशेष भाषण स्पर्धेचे आयोजन करण्यात आले होते.
​मान्यवरांची उपस्थिती
​कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी सौ. सुनीता भांबोरे मॅडम होत्या. प्रमुख अतिथी म्हणून शाळेचे मुख्याध्यापक मा. केशव लेदे सर, तसेच मा. गणेश गभणे सर, कोरचे सर आणि करणायाके मॅडम प्रामुख्याने उपस्थित होते. तसेच शाळेतील स्वयंपाकी मदतनीस अस्मिता तांडेकर व पंचफुला मोहतुरे यांचीही याप्रसंगी उपस्थिती लाभली.
​भाषण स्पर्धेतून व्यक्त झाला भीमाचा गौरव
​यावेळी आयोजित भाषण स्पर्धेत शाळेतील विद्यार्थी व विद्यार्थिनींनी मोठ्या संख्येने सहभाग घेतला. लहानग्या वक्त्यांनी डॉ. बाबासाहेबांच्या जीवनातील संघर्ष, त्यांचे शैक्षणिक कार्य आणि संविधानाचे महत्त्व यावर आपल्या ओघवत्या भाषणातून प्रकाश टाकला. 'शिका, संघटित व्हा आणि संघर्ष करा' हा मंत्र विद्यार्थ्यांनी आपल्या भाषणातून उपस्थितांपर्यंत पोहोचवला.
​मान्यवरांचे मार्गदर्शन
​कार्यक्रमाचे अध्यक्ष सौ. भांबोरे मॅडम यांनी आपल्या भाषणात डॉ. बाबासाहेबांच्या विचारांचे पालन करण्याचे आवाहन केले. मुख्याध्यापक केशव लेदे सरांनी बाबासाहेबांच्या अष्टपैलू व्यक्तित्वाचा परिचय करून देत विद्यार्थ्यांना शिक्षणाची जिद्द बाळगण्याचा संदेश दिला. गभणे सर, कोरचे सर आणि करणायके मॅडम यांनीही विद्यार्थ्यांना मार्गदर्शन करून त्यांचे कौतुक केले.
​कार्यक्रमाच्या यशस्वीतेसाठी शाळेतील सर्व शिक्षक वृंद आणि कर्मचाऱ्यांनी विशेष परिश्रम घेतले. विद्यार्थ्यांनी दिलेल्या 'जय भीम' च्या जयघोषाने संपूर्ण शाळा परिसर दुमदुमून गेला होता. शेवटी सर्व उपस्थित विद्यार्थ्यांना अल्पोपाहार देऊन कार्यक्रमाची सांगता करण्यात आली.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

0
0 views    0 comment
0 Shares

🔳अवैध शराब पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8 प्रकरण दर्ज

🔳विजयराघवगढ़ क्षेत्र में सघन दबिश, हजारों रुपए की मदिरा जब्त

🔳कटनी - जिले में अवैध मदिरा के क्रय-विक्रय एवं परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विजयराघवगढ़ वृत्त क्षेत्रांतर्गत विशेष अभियान चलाकर म.प्र. आबकारी अधिनियम के तहत 8 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं।

जिला आबकारी अधिकारी विभा मरकाम ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन एवं जनशिकायतों के आधार पर आबकारी कंट्रोल रूम प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मंशाराम उइके के नेतृत्व में टीम ने ग्राम भैंसवाही, जंगलपुरैनी, रजरवारा नंबर-1, गुड़ेहा, खरखरी एवं रजरवारा नंबर-2 सहित विभिन्न गांवों में सघन गश्त और दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान 105 पाव प्लेन मदिरा, 52 पाव मसाला मदिरा, 18 पाव गोवा व्हिस्की तथा 19 केन बीयर बरामद कर जब्त की गई। जब्त मदिरा की कुल कीमत लगभग 18 हजार 540 रुपए आंकी गई है।

इस कार्रवाई में आबकारी उप-निरीक्षक केशव उइके, उप-निरीक्षक आंचल प्रजापति एवं आबकारी आरक्षक चंद्र प्रकाश त्रिपाठी सहित अन्य अमले की सक्रिय भूमिका रही।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध मदिरा के विरुद्ध इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
#JansamparkMP
#CMMadhyaPradesh
#DrMohanYadav51
#udaypratapmp
#jbpcommissioner
#katni
#कटनी

33
932 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और निकट भविष्य में समाधान की कोई स्पष्ट संभावना नजर नहीं आ रही। जैसे-जैसे दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत करीब आ रही है, अविश्वास और मतभेद और गहराते दिख रहे हैं।

ईरान ने अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म नहीं करता और अपनी सेना वापस नहीं बुलाता, तब तक जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने का सवाल ही नहीं उठता। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने अल जजीरा और सीबीएस न्यूज के हवाले से कहा कि अमेरिका के साथ आमने-सामने बातचीत की अगली तारीख अभी तय नहीं हुई है। उन्होंने वाशिंगटन के रुख को ‘जिद्दी’ बताते हुए आलोचना की।

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक कोई समझौता नहीं होता, तब तक ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। उनका कहना है कि अमेरिका किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।

ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर ही किसी समझौते को स्वीकार करेगा और अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने भी माना कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अंतिम समझौता अभी दूर है।

इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया है और चेतावनी दी है कि अमेरिकी प्रतिबंध जारी रहने तक इस मार्ग से पारगमन बंद रहेगा। हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्रिटिश सेना ने एक टैंकर पर ईरानी गनबोट्स द्वारा फायरिंग की पुष्टि की है। भारत ने भी कहा है कि उसके दो जहाजों को हमले का निशाना बनाया गया।

उधर, दक्षिण लेबनान में भी संघर्ष की खबरें सामने आ रही हैं, जहां सैन्य गतिविधियों के दौरान हताहत हुए हैं। फ्रांस समेत कई देशों ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है।

कुल मिलाकर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर मध्य-पूर्व के अन्य हिस्सों तक बढ़ता यह तनाव वैश्विक शांति और व्यापार दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

3
3262 views    0 comment
0 Shares

धाबेटेकडीतील बिबट्याच्या दहशतीला पूर्णविराम!
दुसरा बिबटही जेरबंद, वन विभाग व शीघ्र बचाव दलाची संयुक्त कारवाई

विलास केजरकर भंडारा.

भंडारा:- अर्जुनी मोरगाव तालुक्यातील आदर्श धाबेटेकडी परिसरात गेल्या काही दिवसांपासून दोन बिबट्यांनी प्रचंड दहशत निर्माण केली होती. त्यातील एका बिबट्याला जेरबंद केल्यानंतर दुसर्‍या बिबट्याने धुमाकूळ घातला होता. त्यामुळे नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण पसरले होते.
आज रविवारी १९ एप्रिल २०२६ ला पहाटे सुमारे ५ वाजेच्या सुमारास वन विभाग व शीघ्र बचाव पथक यांच्या संयुक्त कारवाईने दुसर्‍या बिबट्यालाही जेरबंद करून विबट्याच्या दहशतीला पुर्णविराम लावले आहे. त्यामुळे नागरिकांनी सुटकेचा श्वास घेतला आहे.
सविस्तर वृत्त असे की, धाबेटेकडी /आदर्श परिसर जंगल शिवाराला लागून आहे. गेल्या आठवड्यात १० एप्रिल २०२६ ला एका बिबट्याने सहा वर्षीय बालकाला घराच्या अंगणातून उचलून नेत ठार केल्याची घटना घडली होती. या घटनेमुळे संपूर्ण परिसरात भीतीचे वातावरण निर्माण झाले होते. यावर वन विभागाने परिसरात पिंजरे लावून १४ एप्रिल ला त्या बिबट्याला जेरबंद केले होते. मात्र दुसर्‍याच दिवशी पुन्हा एका बिबट्याचे दर्शन गावकर्‍यांना झाले. त्यामुळे गावकर्‍यांमध्ये बिबट्याची दहशत कायम होती. दरम्यान वन विभागाकडून या बिबट्याला पकडण्यासाठी प्रयत्न सुरु करण्यात आले. अखेर गावकर्‍यांच्या सहकार्याने आणि वन विभागाच्या सतर्कतेमुळे आज रविवार ला पहाटे या दुसर्‍या बिबट्यालाही जेरबंद करण्यात यश आले. ही कारवाई उपवनसंरक्षक पवनकुमार जोंग तसेच नवेगाव-बांध येथील प्रकाष्ट निष्कासन अधिकारी अविनाश मेश्राम यांच्या मार्गदर्शनाखाली व अर्जुनी मोरगावचे वनपरिक्षेत्र अधिकारी राजेंद्रसिंग बहुरे यांच्या नेतृत्वात क्षेत्र सहाय्यक प्रवीण केलवतकर, वनरक्षक सतीश शेंद्रे, अमित राऊत, पुरुषोत्तम पटले यांच्यासह शीघ्र बचाव दलाच्या सदस्यांनी केली.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

5
67 views    0 comment
0 Shares

0
77 views    0 comment
0 Shares

36
798 views    0 comment
0 Shares

5
371 views    0 comment
0 Shares

0
24 views    0 comment
0 Shares

33
916 views    0 comment
0 Shares

गुजरात के खेड़ा से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आ रही है
एक मुस्लिम जेहादी परवेज अनवर खान ने एक दलित हिंदू नाबालिक लड़की को अपने प्रेम जाल में फसाया

और उसके साथ उसने संबंध बनाए और संबंध की रिकॉर्डिंग कर ली

अब उस रिकॉर्डिंग पर वह ब्लैकमेल करके अपने रिश्तेदार माहिर पठान फिर फैजान पठान तौफीक पठान साहिल पठान अयान पठान मोईन पठान और और सलमान आरिफ पठान यानी 9 दरिंदों ने 3 साल तक क्लिप को वायरल करने की धमकी देकर उस दलित हिंदू लड़की के साथ बलात्कार करते रहे

जब उस दलित हिंदू लड़की को कुछ प्रॉब्लम हुई और उसके घर वाले एक लेडी डॉक्टर के पास ले गए तब जांच में लेडी डॉक्टर को कुछ शक हुआ उसके बाद जब उस लड़की से पूछताछ की गई तब वह रोने लगी और पूरी घटना बताई

इसमें अभी तक सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं

​परवेज अनवर खान (मुख्य आरोपी)
​माहिर पठान
​फैजान पठान
​तौफीक पठान
​साहिल पठान (फरार)
अयान पठान
​मोइन पठान
​मारूफ पठान
​सलमान आरिफ खान पठान

सच में अब यह बहुत ज्यादा होता जा रहा है अब हिन्दुओ को जागना होगा एक भी दलित नेता इस दलित लडकी के घर नहीं गया जो दलित जय मीम के नारे लगाते है सारा दिन सनातन धर्म और देवी देवताओं को अपशब्द बोलते है उनकी हिम्मत नहीं एक पोस्ट भी इस जेहादी के खिलाफ लिख दे इसके खिलाफ कठोर कार्यवाई की मांग भी नहीं कर सकते है

स्वामी यशवीर महाराज

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

5
607 views    0 comment
0 Shares

11
1053 views    0 comment
0 Shares

नई दिल्ली, 19 अप्रैल। 14वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में हॉकी पंजाब (पुरुष वर्ग) और हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा (महिला वर्ग) ने कांस्य पदक जीतकर अपनी मजबूत परंपरा को फिर साबित किया।

पंजाब ने घरेलू हॉकी में लगातार प्रदर्शन करते हुए अब तक 33 पदक अपने नाम किए हैं, वहीं ओडिशा ने 26 पदक जीतकर अपनी मजबूत जमीनी व्यवस्था और प्रतिभा विकास का उदाहरण पेश किया है।

पंजाब से हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम में अहम भूमिका निभा रहे हैं, जबकि ओडिशा से अमित रोहिदास और युवा खिलाड़ी लगातार उभर रहे हैं।

दोनों राज्यों की सफलता उनके मजबूत ग्रासरूट सिस्टम, अकादमी और खिलाड़ियों की लगातार तैयार हो रही नई पीढ़ी को दर्शाती है, जो भारतीय हॉकी के भविष्य को मजबूत बना रही है।

3
2347 views    0 comment
0 Shares

32
928 views    0 comment
0 Shares

*वानाडोंगरीत कुलर चोरी, CCTV मध्ये चोर कैद… तरीही पोलिस निष्क्रिय ? नागरिकांत संताप*!

(गजानन ढाकुलकर) वानाडोंगरी : महालक्ष्मी एन्टप्राइजेस, वानाडोंगरी पशू दवाखाना जवळ गुरुवार दिनांक १६एप्रिल २०२६ रोजी सायंकाळी सुमारे ७ वाजता एका अज्ञात व्यक्तीने डोक्यात हेल्मेट घालून येत दुकानासमोर ठेवलेला कुलर उचलून नेल्याची धक्कादायक घटना घडली. संपूर्ण प्रकार दुकानातील CCTV कॅमेऱ्यात कैद झाला असूनही आरोपी अद्याप मोकाट फिरत असल्याने व्यापाऱ्यांमध्ये भीतीचे वातावरण आहे.
दुकान संचालक प्रकाश गंगाधरजी लारोकर यांनी दिनांक १७एप्रिल २०२६ रोजी MIDC Police Station Nagpur येथे लेखी तक्रार दिली. मात्र तक्रार घेतल्यानंतर पोलिसांनी “कुलर आत ठेवत चला, दुकानात सुरक्षा गार्ड ठेवा” असा मोफत सल्ला दिल्याची चर्चा आहे. सर्वात गंभीर बाब म्हणजे चोरीच्या ठिकाणी पोलिसांनी अद्याप साधी पाहणीसुद्धा केली नसल्याचा आरोप करण्यात येत आहे.

CCTV पुरावा उपलब्ध असताना देखील तपासात गती नसल्याने परिसरातील छोट्या-मोठ्या चोरट्यांची हिंमत वाढत असल्याचे नागरिक सांगत आहेत. व्यापाऱ्यांचा सवाल आहे की, जर CCTV फुटेज असूनही कारवाई होत नसेल तर सामान्य नागरिकांनी नेमके कोणाकडे न्याय मागायचा?

वानाडोंगरी परिसरात वाढत्या चोरीच्या घटनांमुळे पोलिस विभागाने तातडीने आरोपीचा शोध घेऊन कडक कारवाई करावी, अन्यथा व्यापारी व नागरिक रस्त्यावर उतरतील, असा इशारा स्थानिकांकडून देण्यात येत आहे.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

0
24 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

*पोलीस कुटुंबातील संघर्षाला यशाचे सुवर्णफळ; मिलिंद उईके यांनी मिळवली एमबीबीएस पदवी*!

(गजानन ढाकुलकर ) नागपूर शहर पोलीस खात्यात कार्यरत असलेले भाऊतुल्य मित्र श्री प्रकाशराव उईके यांच्या कुटुंबासाठी अत्यंत अभिमानाचा आणि आनंदाचा क्षण नुकताच अनुभवायला मिळाला. त्यांचे चिरंजीव डॉ. मिलिंद प्रकाशराव उईके यांनी शासकीय मेडिकल रुग्णालय येथून एमबीबीएसची पदवी यशस्वीरित्या संपादन केली. या ऐतिहासिक क्षणाचे साक्षीदार म्हणून प्रकाशराव उईके सहपरिवार उपस्थित होते आणि मुलाला अधिकृत प्रमाणपत्र प्रदान करण्यात आले. संपूर्ण कुटुंबासाठी हा क्षण अत्यंत उल्हासपूर्ण आणि भावनिक ठरला.

पोलीस खात्यात नोकरी करताना कर्तव्याच्या धावपळीत कुटुंबासाठी वेळ देणे अनेकदा कठीण होते. अशा परिस्थितीत सौ. वैशाली प्रकाशराव उईके यांनी अथक परिश्रम, त्याग आणि जिद्दीच्या जोरावर मुलाला वैद्यकीय अधिकारी बनविण्यात सिंहाचा वाटा उचलला. त्यांच्या कष्टाचे आज सोनं झाल्याची भावना उपस्थितांमध्ये होती.

या यशस्वी क्षणानिमित्त रमेश कनेरे (सेवानिवृत्त पोलीस, नागपूर शहर), स्वयंसेवक व रुग्णदूत, केंद्रीय मानव अधिकार संघटना नवी मुंबईचे नागपूर शहर प्रसिद्धी प्रमुख, तसेच सामाजिक कार्यकर्ते विकासजी मिश्रा, अमितजी यादव, प्रवीणजी शर्मा, सचिनजी शर्मा यांनी डॉ. मिलिंद यांना पुढील उज्ज्वल वाटचालीसाठी मनःपूर्वक शुभेच्छा दिल्या.
काही शुभेच्छुकांना या छोटेखानी कार्यक्रमाला प्रत्यक्ष उपस्थित राहता आले नाही, तरी त्यांनी मनापासून शुभेच्छांचा वर्षाव केला. कार्यक्रमानंतर सर्वांनी आनंद व्यक्त करत पुढील सामाजिक कार्यासाठी रवाना होत, डॉ. मिलिंद यांच्या यशाचा गौरव केला.
डॉ. मिलिंद उईके यांच्या या यशामुळे पोलीस कुटुंबातील संघर्ष, मेहनत आणि शिक्षणाची जिद्द पुन्हा एकदा समाजासमोर आदर्श ठरली आहे. संपूर्ण नागपूर शहरातून त्यांच्यावर अभिनंदनाचा वर्षाव होत आहे.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

0
36 views    0 comment
0 Shares

ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਕਨੂੰਨ ਨਹੀਂ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਸਹਾਰਾ ਲੈ ਰਹੀ।ਬਠਿੰਡਾ ਵਿਚ ਦੁੱਧ ਵੇਚਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨੇ ਐਸ ਐਸ ਪੀ ਬਠਿੰਡਾ ਨੂੰ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਕਰਵਾਈ ਹੈ ਕਿ ਚਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੰਨੀ ਸਾਬਕਾ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਨਕਲੀ ਦੁੱਧ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਵੇਚਣ ਬਾਰੇ ਵੀਡੀਓ ਜਾਰੀ ਕਰਕੇ ਦੋਧੀਆਂ ਦਾ ਨਾਮ ਬਦਨਾਮ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਧੰਦੇ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਹੈ।
ਪਰ ਹਰ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਹਰ ਬੰਦਾ ਨਿੱਤ ਕਹਿ ਰਿਹਾ ਕਿ ਨਕਲੀ ਦੁੱਧ ਵਿਕਦਾ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਦੁੱਧ ਪਨੀਰ ਖੋਆ ਵੇਚਣ ਅਤੇ ਬਣਾਉਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਹੈ । ਬਲਕਿ ਸਚਾਈ ਹੈ ਕਿ ਨਕਲੀ ਅਤੇ ਮਿਲਾਵਟੀ ਦੁੱਧ ਵਾਲੇ ਅਣਗਿਣਤ ਵਾਰ ਪਕੜੇ ਗਏ ਤੇ ਕਈਆਂ ਨੂੰ ਜੁਰਮਾਨੇ ਤੇ ਸਜ਼ਾਵਾਂ ਹੋਈਆਂ।
ਫਿਰ ਚਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੰਨੀ ਵਿਰੁੱਧ ਬਠਿੰਡਾ ਤੋਂ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਦੀ ਨਿੰਦਾ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ। ਬਲਕਿ ਜਿਸ ਨੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਕੀਤੀ ਉਸ ਵਿਰੁੱਧ ਸਰਕਾਰੀ ਮਦਦ ਲੈ ਕਿ ਮਿਲਾਵਟਾਂ ਤੇ ਪਰਦਾ ਪਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਵਿਰੁੱਧ ਕਾਰਵਾਈ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ। ਮੇਰੇ ਵੱਲੋਂ ਕਈ ਵੀਡੀਓਜ-ਲਿਖਤਾਂ ਵਿੱਚ ਦੁੱਧ ਪਨੀਰ ਖੋਆ ਵਿਚ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਮਿਲਾਵਟਾਂ ਬਾਰੇ ਲਿਖਿਆ- ਬੋਲਿਆ ਗਿਆ । ਨੌਕਰੀ ਦੌਰਾਨ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਕਾਰਵਾਈਆਂ ਵੀ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਅਤੇ ਮਿਲਾਵਟਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਹੋਰ ਸਾਥੀਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਅੱਜ ਵੀ ਕਰ ਰਹੇ । ਇਸ ਗੱਲ ਤੋਂ ਵੀ ਇਨਕਾਰ ਨਹੀਂ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਫੂਡ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ਵਲੋਂ ਮਿਲਾਵਟਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸੀਮਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਜਦੋਂ ਕਿ ਅੱਜ ਖਾਣ ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਵਟ ਕਈ ਵੱਡੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦਾ ਕਾਰਨ ਹਨ।
ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਕੰਟਰੋਲ ਬੋਰਡ ਜਿਸ ਨੇ ਧਰਤੀ ਹਵਾ , ਪਾਣੀ ਦੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਤੇ ਕੰਟਰੋਲ ਕਰਨਾ ਹੈ ਉਹ ਵੀ ਸਿਰਫ ਕਾਗਜ਼ੀ ਸ਼ੇਰ ਹੈ ਤੇ ਕਾਗਜ਼ੀ ਸ਼ੇਰ ਦੀ ਚੇਅਰਪਰਸਨ ਵੀ ਦਿੱਲੀ ਤੋਂ ਲਿਆ ਕੇ ਲਗਾਈ ਹੋਈ ਤੇ ਸਰਕਾਰ ਕਹਿੰਦੀ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਹਵਾ, ਪਾਣੀ , ਧਰਤੀ ਦੇ ਰਹੇ ।
ਬਠਿੰਡਾ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਚਾਹੀਦਾ ਕਿ ਚਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੰਨੀ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਾਡੇ ਵਰਗੇ ਹੋਰ ਸਾਥੀਆਂ ਤੇ ਵੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰੇ ਤਾਂ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਵਟਾਂ ਦੀ ਅਸਲੀਅਤ ਦਾ ਪਤਾ ਲੱਗ ਸਕੇ ਤੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਦੀ ਰਾਖੀ ਹੋ ਸਕੇ।
ਇੱਕ ਗੱਲ ਚਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੰਨੀ ਨੂੰ ਵੀ ਯਾਦ ਰੱਖਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਕਿ ਦੁੱਧ ਦੀ ਮਿਲਾਵਟ ਬਾਰੇ ਤੁਹਾਡੇ ਵਲੋਂ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਲਈ ਬਣਾਈ ਵੀਡੀਓ ਬਿਲਕੁਲ ਠੀਕ ਹੈ ਪਰ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਆਪ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸੀ ਉਸ ਸਮੇਂ ਦੁੱਧ ਦੀ ਮਿਲਾਵਟ ਰੋਕਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਕਿਹੜੇ ਕਨੂੰਨ ਅਤੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਸੀ
ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਧਰਤੀ, ਪਾਣੀ , ਹਵਾ , ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਖਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਅਨੇਕਾਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਵਟ/ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਦਾ ਦੁੱਖ ਭੋਗ ਰਿਹਾ । ਇਹਨਾਂ ਮੁੱਦਿਆਂ ਤੇ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਨਾ ਕਿ ਦਬਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ । ਵੈਸੇ ਇਹ ਗੱਲ ਵੀ ਰਿਕਾਰਡ ਵਿੱਚ ਹੈ ਕਿ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਤੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਹੀ ਸਰਕਾਰੀ ਹਮਲੇ ਹੁੰਦੇ ਆਏ , ਜਿਸ ਤੋਂ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੀ ਮੁੱਕਰ ਨਹੀਂ ਸਕਦੀਆਂ । ਇਹ ਮੇਰਾ ਨਿਜੀ ਤਜਰਬਾ ਵੀ ਹੈ ਅਤੇ ਬਹੁਤ ਵਾਰ ਪਿੰਡੇ ਤੇ ਹੰਢਾਇਆ ਪਰ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਅਤੰਕ ਤੋਂ ਨਹੀਂ ਡਰਿਆ । ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਯਾਦ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੁਸੀਂ ਅੱਜ ਕੱਲ ਅਪਣੀ ਹਰ ਕੰਮਜੋਰੀ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਪਰਦੇ ਪਾਉਣ ਅਤੇ ਦੂਜਿਆਂ ਨੂੰ ਡਰਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ , ਉਹ ਪੰਜਾਬ ਹਿਤੈਸ਼ੀ ਕਾਰਵਾਈਆਂ ਨਹੀਂ ਸਗੋਂ ਕਨੂੰਨ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਅਤੰਕ ਹੈ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਹਨੇਰੇ ਭਵਿੱਖ ਵੱਲ ਧੱਕ ਰਿਹਾ ।

3
145 views    0 comment
0 Shares

शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंर्तगत ऑनलाइन निःशुल्क प्रवेश हेतु अंतिम तिथि 25 अप्रैल

डिप्टी कलेक्टर एवं जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र भिण्ड ने बताया है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश हेतु दिनांक 02 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया गया था।
आवंटन उपरांत पालकों को दिनांक 03 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक अपने बच्चों का आवंटित विद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया था। जिन बच्चों द्वारा प्रवेश नहीं लिया गया है। उनको एस.एम.एस के माध्यम से सूचना भी प्रदान की गयी थी। उक्त अवधि में अधिकांश बच्चों द्वारा प्रवेश प्राप्त कर लिया गया है। तथापि, कुछ पालकों द्वारा अवगत कराया गया है कि वे विभिन्न कारणों से निर्धारित अंतिम तिथि तक प्रवेश नहीं ले सके, जबकि वे अपने बच्चे का प्रवेश कराना चाहते हैं।
अतः छात्र हित को दृष्टिगत रखते हुए प्रथम चरण में आवंटित विद्यालय में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर दिनांक 25 अप्रैल 2026 तक की गई है।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Department of School Education, Madhya Pradesh
#भिण्ड
#Bhind

45
908 views    0 comment
0 Shares

अटल आवास हाऊसिंग बोर्ड diprapara कोटा बिलासपुर छत्तीसगढ़ में kai मकान खाली पड़ा hai, जरुरतमंद लोगों को मकान अलॉट होने के बजाय बड़े व्यापारियों को 1 से अधिक makan अलॉट करके रखे है हाऊसिंग बोर्ड के अधिकारी लोग, जिसका, न pani का बिल na बिजली ka कनेक्शन,sab अधिकारीयों के मेहरबानी से chal raha hai, जो मकानों को रिसेल,हो, जाना था अभी तक अटका पड़ा है, जिन लोगों के नाम में मकान अलॉट है, उनका अभी तक किस्त नहीं पटा है अभी तक, क्या मनमाना चल रहा है। ऊपर से वही के लोकल ब्रोकर धड़ाधड़ मकान को बिक्री करवा रहे है, पानी का भयंकर तकलीफ है, मोटर खराब है, पाइप लाइने बंद पड़ी है, हाऊसिंग बोर्ड के बड़े अधिकारी लोग एक्शन लेने के बजाय आराम से सोए हुए है,

0
0 views    0 comment
0 Shares


उरई (जालौन)। जनपद में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर जालौन पुलिस एवं आरटीओ विभाग द्वारा लगातार सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और मार्गों पर संयुक्त टीमों द्वारा वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, अवैध दस्तावेज एवं शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। साथ ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की नियमित चेकिंग से न केवल नियमों का पालन बढ़ेगा, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी। नागरिकों ने पुलिस और आरटीओ विभाग के इस प्रयास के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। यह अभियान आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है, जिससे सड़कों पर अनुशासन और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

5
98 views    0 comment
0 Shares

बालविवाह रोखण्यासाठी नागरिकांनी समोर यावे - अशोक बेलेकर

विलास केजरकर भंडारा.

भंडारा:- टू जस्टीस व इंडियन वेल्फेअर सोसायटी भंडारा यांच्या संयुक्त विद्यमानाने अक्षय तृतीया निमित्त भंडारा जिल्ह्यामध्ये बालविवाह मुक्त अभियान राबवण्यात आले. या अभियानाचे सुरुवात संपूर्ण महाराष्ट्रात सुरूवात करण्यात आली असून आज तुमसर तालुक्यातील सिहोरा पोलीस स्टेशन अंतर्गत येणाऱ्या वाहणी, चांदपूर व सिलेगाव येथे जनजागृती करण्यात आली.
कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी इंडियन वेल्फेअर सोसायटीचे संचालक अशोक बेलेकर होते. प्रमुख पाहुणे म्हणून जिल्हा समन्वयक अमोल पाणतावने व विविध गावांतील महिला, विद्यार्थी विद्यार्थिनींनी मोठ्या संख्येने उपस्थित होत्या.
सदर कार्यक्रम टू जस्टीस व इंडियन वेल्फेअर सोसायटी भंडारा जिल्हा समन्वयक अमोल पाणतावने यांच्या माध्यमातून ग्रामीण भागात जनजागृती करण्यात आली त्याच प्रकारे लोकांना मार्गदर्शन करण्यात आले. तसेच तुमसर तालुक्यातील सिहोरा पोलीस स्टेशन अंतर्गत येणाऱ्या वाहणी, चांदपूर व सिलेगाव येथे जनजागृती रॅली काढुन विविध घोषणा देण्यात आल्या.
इंडियन वेल्फेअर सोसायटीचे संचालक अशोक बेलेकर यांनी ग्रामवासियांना शासकीय योजना व गावाच्या विकासासाठी जागृत नागरिकांनी परिसरात होत असलेल्या बालविवाह रोखण्याकरिता सातत्याने
प्रयत्न करावे. असे मार्मिक मार्गदर्शन केले.
कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन पूर्ण प्रकाश कुथेकर व प्रास्ताविक दीपमाला भालेराव यांनी केले तर उपस्थितांचे हर्ष चव्हाण आभार प्रदर्शन वैद्य सर आणि गावातील समस्त ग्रामवासी कार्यक्रमाच्या यशस्वीतेसाठी हर्ष चव्हाण व विविध गावांतील महिला बचत गट, विद्यार्थी- विद्यार्थिनींनी व समस्त ग्रामवासी यांनी सहकार्य केले.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

0
68 views    0 comment
0 Shares

जिले में कक्षा 1 से 12वीं तक की कक्षाएं अधिकतम दोपहर 12:00 बजे तक ही होंगी संचालित



गर्मी के मौसम को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने किया आदेश



जिला शिक्षा अधिकारी भिण्ड ने आदेशित किया है कि भिण्ड जिले में गर्मी के मौसम को देखते हुए छात्रों के स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा एवं आवागमन को दृष्टिगत रखकर जिला भिण्ड अन्तर्गत संचालित समस्त शासकीय/अशासकीय एमपी बोर्ड/सी.बी.एस.ई./आई.सी.एस.ई. एवं शासन द्वारा मान्यता प्राप्त समस्त विद्यालय प्री-प्राइमरी की कक्षाएं विद्यालय अपनी एवं छात्रों की सुविधानुसार अधिकतम 12:00 बजे तक साथ ही कक्षा 1 से 12वीं तक की कक्षाएं प्रातः 07:30 बजे से अधिकतम दोपहर 12:00 बजे तक ही संचालित की जावेंगी। शासन द्वारा पूर्व से निर्धारित परीक्षा आदि आवश्यक कार्यक्रम यथावत समय सारणी अनुसार संचालित रहेंगे।

उक्त आदेश 21 अप्रैल 2026 से आगामी आदेश तक प्रभावशाली रहेगा।

#CMMadhyaPradesh

#JansamparkMP

Department of School Education, Madhya Pradesh

#भिण्ड

#Bhind

50
1079 views    0 comment
0 Shares

सफलता की कहानी

“दीनदयाल रसोई” भोजन ही नहीं आत्मसम्मान भी परोसती है

ग्वालियर में दीनदयाल रसोई अब तक 59 लाख से अधिक लोगों को करा चुकी है भोजन

कहा जाता है कि भूखे को भोजन कराना ही सबसे बड़ी सेवा है, लेकिन जब यह भोजन केवल पेट न भरे बल्कि व्यक्ति के आत्म-सम्मान को भी बढ़ाए, तो वह 'जन-कल्याण' की असली मिसाल बन जाता है। मध्यप्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री दीनदयाल रसोई योजना' ग्वालियर में पिछले 9 वर्षों से इसी संकल्प को चरितार्थ कर रही है। महज 5 रुपए में दाल, चावल, सब्जी और 5 रोटियों वाला पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंद लोगों और श्रमिकों के लिए 'अन्नपूर्णा' की भूमिका निभा रही है। दीनदयाल रसोई में भोजन करने वाले जरूरतमंदों का कहना है कि यहां मिलने वाले भोजन की थाली सही मायने में “सम्मान वाली थाली” है, जिसमें हमें भोजन के साथ आत्मसम्मान भी परोसा जाता है।
ग्वालियर में “दीनदयाल रसोई” अब तक लगभग 59 हजार से अधिक जरूरतमंदों को भोजन करा चुकी है। ग्वालियर में प्रदेश सरकार द्वारा 7 अप्रैल 2017 को मुख्य बस स्टैंड पर पहली दीनदयाल रसोई शुरू की गई थी। ग्वालियर में अब कुल 8 “दीनदयाल रसोई” हो गई हैं। इनमें से चार स्थायी रसोई जो मुख्य बस स्टेण्ड, राजपायगा रोड, झांसी रोड बस स्टेण्ड व इंटक मैदान में संचालित हैं। चार चलित दीनदयाल रसोई सुबह-सुबह उन चौराहों पर दस्तक देती हैं, जहां श्रमिक काम की तलाश में जुटते हैं। यह रसोई केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ऐसे हजारों श्रमिकों, गरीब परिवारों के विद्यार्थियों और मरीजों के परिजनों के लिए एक बड़ा संबल है, जो दूसरे शहरों से ग्वालियर आते हैं।

तकनीक और स्वच्छता का संगम

इस सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रसोई में आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाता है। प्रतिदिन सुबह 5 बजे से ही 'अन्न सेवा' का कार्य प्रारंभ हो जाता है। आधुनिक मशीनों से प्रतिदिन औसतन 15,000 रोटियां तैयार की जाती हैं। प्रबंधन की कुशलता ऐसी है कि मेनू के अनुसार रोटियों और चावल की मात्रा तय की जाती है, ताकि भोजन की बर्बादी रत्ती भर भी न हो।

जरूरतमंदों को भोजन कराने सरकार और समाज साथ आए

दीनदयाल रसोई की सबसे बड़ी सफलता इसकी विश्वसनीयता है। आज स्थिति यह है कि यहाँ दानदाताओं की 7 दिन की एडवांस वेटिंग रहती है। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से अस्पतालों मसलन जयारोग्य अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर और कैंसर अस्पताल जैसे स्थानों पर मरीजों के परिजनों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
शहर के सेवाभावी नागरिक अपने जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या अपनों की स्मृति में यहाँ भोजन प्रायोजित करते हैं। त्यौहारों और विशेष अवसरों पर तो यह मांग इतनी बढ़ जाती है कि प्रबंधन को कई दिन पहले से बुकिंग संभालनी पड़ती है।
मध्य प्रदेश सरकार की इस दूरदर्शी योजना ने समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को यह विश्वास दिलाया है कि प्रदेश की सरकार उसके साथ खड़ी है। मात्र 5 रुपए में मिलने वाली यह सम्मान की थाली ग्वालियर में सेवा और सुशासन की पहचान बन चुकी है।

#gwalior
#dindayalantodayrasoi
CM Madhya Pradesh

78
1385 views    0 comment
0 Shares

*पत्रकारांच्या समस्या सोडवण्यासाठी वाईस ऑफ मीडिया पुढाकार घेणार - शशिकांत भोयर*
*तुमसरमध्ये व्हॉइस ऑफ मीडियाची महत्त्वपूर्ण बैठक संपन्न, पत्रकार भवन उभारणीवर भर*

विलास केजरकर भंडारा.

भंडारा :- जिल्ह्यातील तुमसर येथे व्हॉइस ऑफ मीडियाच्या वतीने पत्रकारांची एक महत्त्वपूर्ण बैठक उत्साहात पार पडली. शहरातील जुना बस स्टँड परिसरातील पंचशील हॉटेल येथे या बैठकीचे आयोजन करण्यात आले होते. तालुक्यातील तसेच शहरातील अनेक पत्रकार मोठ्या संख्येने उपस्थित राहिल्याने बैठकीला विशेष महत्त्व प्राप्त झाले. या बैठकीच्या अध्यक्षस्थानी व्हाईस ऑफ मीडियाचे जिल्हाध्यक्ष शशिकांत भोयर उपस्थित होते तर प्रमुख मार्गदर्शक म्हणून प्राध्यापक राहुल डोंगरे, अनिल कारेमोरे यांच्या प्रमुख मार्गदर्शनात बैठक आयोजित करण्यात आली होती.
या बैठकीत तुमसर शहरात स्वतंत्र पत्रकार भवन उभारणीचा मुद्दा प्रमुखत्वाने चर्चेला आला. पत्रकारांना सुसज्ज व कायमस्वरूपी कार्यस्थळ मिळावे, यासाठी पत्रकार भवनाची गरज असल्याचे मत उपस्थितांनी व्यक्त केले. यामुळे पत्रकारांना कामकाज सुलभ होऊन त्यांच्या व्यावसायिक कार्यक्षमतेत वाढ होईल, असा विश्वास व्यक्त करण्यात आला.
बैठकीदरम्यान पत्रकारांना सध्या भेडसावत असलेल्या विविध समस्यांवरही सविस्तर चर्चा करण्यात आली. विशेषतः पत्रकार भवनाच्या अभावामुळे निर्माण होणाऱ्या अडचणींबाबत उपस्थितांनी आपले अनुभव मांडले.
यावेळी व्हॉइस ऑफ मीडियाचे जिल्हा अध्यक्ष शशिकांत भोयर यांनी पत्रकारांच्या समस्या गांभीर्याने घेतल्या जातील, असे आश्वासन दिले. त्यांनी सांगितले की, पत्रकार भवनाच्या प्रश्नावर लवकरात लवकर तोडगा काढण्यासाठी व्हॉइस ऑफ मीडियाच्या माध्यमातून प्रयत्न केले जातील.
बैठकीचा समारोप सकारात्मक वातावरणात झाला असून पत्रकारांच्या एकजुटीमुळे लवकरच या मागण्यांना यश मिळेल, अशी अपेक्षा व्यक्त करण्यात आली. तसेच तालुक्यातील व शहरातील सर्व पत्रकारांचा व्हॉइस ऑफ मीडिया मध्ये सहभागी करून घेण्याबाबत चर्चा करण्यात आली. यामध्ये तालुक्यातील सर्व प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चे पत्रकारांचा समावेश करण्यात येणार असल्याचे सांगितले.
सदर बैठकीला अनिल कारेमोरे, तुषार पशिने, धनंजय बडवाईक, अमृतलाल चरडे, राहुल भुतांगे, राहुल डोंगरे, जीवन वनवे, राकेश श्यामकुवर, लक्ष्मीकांत वर्मा, लोकेश ठवरे प्रामुख्याने उपस्थित होते.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

3
309 views    0 comment
0 Shares

जनगणना के लिये तैनात प्रगणकों व सुपरवाइजर्स का दूसरे चरण का प्रशिक्षण शुरू

ग्वालियर जिले में जनगणना की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। स्व-गणना शुरू हो चुकी है। साथ ही जनगणना के लिए प्रगणकों एवं सुपरवाइजर को तीन सत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस क्रम में 19 अप्रैल से प्रशिक्षण का दूसरा चरण प्रारंभ हो गया, जो कि 21 अप्रैल तक चलेगा ।
ग्वालियर जिले में जनगणना के लिए तकरीबन 6 हजार कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग का रविवार से दूसरा सत्र प्रारंभ हो गया है। तृतीय चरण में 23 से 25 अप्रैल तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। इन तीनों चरण के माध्यम से शतप्रतिशत प्रगणक व सुपरवाइजर प्रशिक्षित होंगे।
ग्वालियर जिले में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान के नेतृत्व में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी जनगणना-2027 के कार्य को अंजाम देंगे। इनमें लगभग 5 हजार प्रगणक व 829 पर्यवेक्षक, 41 चार्ज अधिकारी, 42 फील्ड ट्रेनर्स, 4 मास्टर ट्रेनर्स व 9 जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं।

स्व-गणना का लाभ उठाने की अपील, दी गई जानकारी रहेगी पूर्णत: गोपनीय

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिलेवासियों से अपील की है कि ग्वालियर जिले के नागरिकों को भी स्व-गणना का अवसर मिला है, आप सब इसका लाभ उठाकर ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक अवश्य भरें। एसई वेब पोर्टल (http://se.census.gov.in) के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में कोई भी व्यक्ति जनगणना संबंधी 34 बिंदुओं में अपनी जानकारी स्वयं भर सकता है। कलेक्टर ने यह भी अपील की है किजनगणना के लिये आने वाले प्रगणकों को बेझिझक सही-सही जानकारी दें। आपके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णत: गोपनीय रहेगी। साथ ही ऐसा स्पष्ट प्रावधान है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का उपयोग साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं होगा। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिये आधार बनते हैं।
#gwalior
#jangadna2027
CM Madhya Pradesh

57
1174 views    0 comment
0 Shares

शहापूर /साजिद शेख
आदिवासी विकास विभागांतर्गत राबविण्यात येणाऱ्या रोजगाराभिमुख कौशल्य विकास प्रशिक्षण योजनेत गंभीर गैरप्रकार झाल्याचे उघड झाला आहे. बनावट उपस्थिती नोंदवून शासनाची लाखो रुपयांची फसवणूक केल्याचा धक्कादायक प्रकार समोर आला असून या प्रकरणी संबंधित प्रशिक्षण संस्थेविरोधात शहापूर पोलीस ठाण्यात गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

शबरी आदिवासी वित्त व विकास महामंडळामार्फत राज्यातील १८ ते ४५ वयोगटातील आदिवासी युवक-युवतींसाठी कौशल्य विकास प्रशिक्षण योजना राबविण्यात येत आहे. या योजने अंतर्गत ठाणे येथील ‘गौशिक टेक्नॉलॉजी एलएलपी’ या संस्थेशी ३० ऑगस्ट २०२४ रोजी सामंजस्य करार करण्यात आला होता. करारानुसार प्रशिक्षणार्थ्यांना ५७ दिवसांचे निवासी प्रशिक्षण देणे बंधनकारक होते. मात्र, या प्रशिक्षणाबाबत प्राप्त तक्रारींच्या अनुषंगाने नियुक्त करण्यात आलेल्या चौकशी समितीच्या अहवालात अनेक धक्कादायक बाबी उघडकीस आल्या आहेत. अहवालानुसार, प्रत्यक्षात प्रशिक्षण नियमितपणे न देता आठवड्यातून केवळ एकदाच, तेही मर्यादित वेळेत वर्ग घेण्यात येत होते. प्रणालीमध्ये छेडछाड करून प्रशिक्षणार्थ्यांची बनावट उपस्थिती नोंदवण्यात आल्याचेही स्पष्ट झाले आहे.

याशिवाय, प्रशिक्षणासाठी अधिकृत परवानगी नसलेल्या ठिकाणी वर्ग घेण्यात आल्याचे तसेच प्रत्यक्ष कौशल्य प्रशिक्षणाऐवजी सामान्य विषयांवर वेळ घालवण्यात आल्याचे तपासात निष्पन्न झाले आहे. या गैरप्रकारातून ११ मुले आणि ४९ मुली अशा सुमारे ६० प्रशिक्षणार्थ्यांची खोटी उपस्थिती दाखवून शासनाकडून तब्बल ८ लाख १५ हजार ८८० रुपयांची रक्कम काढण्यात आल्याचा आरोप आहे.या संदर्भात नाशिक येथील शबरी आदिवासी वित्त व विकास महामंडळाचे शाखा व्यवस्थापक राजेश पवार यांनी दिलेल्या तक्रारीवरून ‘गौशिक टेक्नॉलॉजी एलएलपी’चे व्यवस्थापकीय भागीदार तुळशीदास शरद मांजरेकर यांच्यासह संबंधितांवर शहापूर पोलीस ठाण्यात गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. तक्रारीत शासन निर्णय व मार्गदर्शक सूचनांचे उल्लंघन करून प्रशिक्षण प्रक्रियेत मोठ्या प्रमाणावर अनियमितता केल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. प्रशिक्षणार्थ्यांची निवड, उपस्थिती नोंदणी आणि प्रत्यक्ष प्रशिक्षण या सर्वच टप्प्यांमध्ये नियमभंग झाल्याचे स्पष्ट झाले आहे. दरम्यान, या प्रकरणात केवळ संबंधित संस्था जबाबदार आहे की प्रशासनातील काही अधिकाऱ्यांचाही सहभाग आहे, याची सखोल चौकशी व्हावी अशी मागणी पुढे येत आहे. तसेच संबंधित अधिकाऱ्यांकडून प्रशिक्षण संस्थेवर वेळोवेळी देखरेख का करण्यात आली नाही असाही प्रश्न विचारला जात आहे. या घटनेमुळे आदिवासी युवकांसाठी राबविण्यात येणाऱ्या कौशल्य विकास योजनांच्या पारदर्शकतेवर प्रश्नचिन्ह निर्माण झाले आहे.

11
701 views    0 comment
0 Shares

1
568 views    0 comment
0 Shares

राज्य सेवा एवं वन राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इन्दौर के निर्देशानुसार राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 दिनांक 26 अप्रैल 2026 (रविवार) को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 02ः15 बजे से 04ः15 बजे तक जिला मुख्यालय मुरैना के 08 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा संपन्न कराने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर परीक्षा के नोडल एवं डिप्टी कलेक्टर श्री अरविन्द कुमार माहौर ने बताया कि 8 परीक्षा केन्द्रों पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए है। जिनमें शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज अंबाह रोड़ बड़ोखर के लिए तहसीलदार मुरैना श्री उमेश अवस्थी, शासकीय जी.डी. जैन हायर सेकेण्डरी स्कूल मुक्तिधाम रोड़ बड़ोखर के लिए प्रभारी तहसीलदार मुरैना सुश्री ज्योति लाक्षाकार, शासकीय बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल क्रमांक 02 पानी की टंकी के पास गणेशपुरा के लिए नायब तहसीलदार मुरैना श्रीमती मोहिनी साहू, शासकीय उत्कृष्ट हायर सेकेण्डरी स्कूल क्रमांक 01 मुरैना के लिए नायब तहसीलदार मुरैना श्रीमती रेखा कुशवाह, शासकीय एक्सीलेंस पीजी कॉलेज न्यू बिल्डिंग मुरैना के लिए प्रभारी तहसीलदार मुरैना श्री आशीष यशवाल, शासकीय एमएलबी कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल गर्ल्स स्कूल रोड़ मुरैना के लिए प्रभारी नायब तहसीलदार मुरैना श्री हरिविलास बिसारिया, शासकीय आईटीआई एबी रोड़ टेकरी नूरावाद के लिए तहसीलदार बानमौर श्रीमती कल्पना कुशवाह और अशासकीय सेंट मेरी स्कूल एबी रोड़ पीपरीपुरा, मुरैना के लिए नायब तहसीलदार बानमौर श्री राजेन्द्र मौर्य कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है।
इनके अलावा सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख श्रीमती लक्ष्मी निगम और नायब तहसीलदार बानमौर श्री आनंद
यादव को रिजर्व दल में नियुक्त किया है।

70
1284 views    0 comment
0 Shares

सभी आमजन और विशिष्ट जनों से अपील

जनगणना कार्य के तहत स्व गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू

कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी के निर्देश पर जिला जनगणना अधिकारी श्री अरविन्द माहौर ने सभी आमजन और विशिष्ट जनों से अपील की है कि जनगणना कार्य के तहत स्व गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। आप सभी https://se.census.gov.in लिंक पर क्लिक करके अपने परिवार की स्व गणना का कार्य पूर्ण का सकते हैं। पूरी प्रक्रिया में मात्र 5 मिनट का समय लगेगा। साथ ही अपने सभी जन पहचान, परिचित, रिश्तेदारों को भी स्वगणना के लिए प्रेरित करें। यह शासन की तरफ जन कल्याण की दिशा में नीति निर्धारण के लिए आपका योगदान रहेगा। इससे शासन की नजर में मुरैना जिले की आम जनता की तरफ से अच्छा सन्देश जाएगा।
-
#JansamparkMP #Morena #morena2026

57
1369 views    0 comment
0 Shares

फिरोजाबाद में एक महिला PCS अधिकारी और जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी (DM) के बीच की लड़ाई अब खुलेआम सामने आ गई है। टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा ने एक भावुक वीडियो जारी कर जिलाधिकारी रमेश रंजन पर भ्रष्टाचार और मानसिक उत्पीड़न के संगीन आरोप लगाए हैं।

📍 "अफसर बनकर भी सुरक्षित नहीं हूं" — तहसीलदार का दर्द
राखी शर्मा का कहना है कि प्रशासन में ईमानदारी से काम करने की उन्हें सजा दी जा रही है। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
• iPhone और iWatch की डिमांड: तहसीलदार का आरोप है कि DM ने ओएसडी के माध्यम से उनसे साढ़े सात लाख रुपये का आईफोन और एप्पल वॉच की डिमांड की। 4 नवंबर 2024 की रात आगरा का एक शोरूम विशेष रूप से खुलवाकर यह फोन खरीदा गया, जिसका बिल और सबूत उनके पास हैं।
• वेतन रोका गया: आरोप है कि भ्रष्टाचार में साथ न देने पर उनकी 8 महीने की सैलरी रोकी गई, जिसे उन्होंने कोर्ट के जरिए रिलीज कराया।
• चरित्र हनन की कोशिश: महिला अफसर ने रोते हुए बताया कि अब उनके चरित्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं और पुरानी पोस्टिंग (मथुरा) तक में उनके खिलाफ टीमें एक्टिव कर दी गई हैं।

🔥 "इंस्पेक्टर साहब, सब खत्म हो गया"
सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो/वीडियो में तहसीलदार एक पुलिस इंस्पेक्टर से बात करते हुए फूट-फूट कर रो रही हैं। उनका कहना है— "मैं भीख मांगती फिर रही हूं कि मेरी तहरीर ले लो। मुझे मेंटली हैरेस किया जा रहा है और मुझे बाहर निकलने में डर लग रहा है।" उनके पिता की तबीयत भी इस तनाव के कारण बिगड़ गई है।

🤐 DM की चुप्पी और जांच का दबाव
जहाँ एक तरफ तहसीलदार राखी शर्मा प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो के जरिए अपनी बात रख रही हैं, वहीं जिलाधिकारी रमेश रंजन ने इस पूरे मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। तहसीलदार का कहना है कि उन पर दबाव बनाने के लिए लेखपालों से उनके खिलाफ लेटरपैड पर लिखवाया जा रहा है।
💬 जनता की अदालत: प्रशासन और महिला सुरक्षा पर सवाल (कमेंट में बताएं)
1. भ्रष्टाचार की सीमा: अगर एक मजिस्ट्रेट स्तर की अधिकारी को आईफोन जैसे उपहारों के लिए प्रताड़ित किया जा सकता है, तो आम जनता की क्या बिसात? क्या इस मामले की उच्च स्तरीय जांच (CBI या SIT) नहीं होनी चाहिए?
2. कैरेक्टर असेसिनेशन: किसी भी महिला अधिकारी को दबाने के लिए 'चरित्र हनन' का रास्ता अपनाना कितना सही है? क्या यह प्रशासनिक तंत्र की कमजोरी को नहीं दर्शाता?
3. अफसरों का डर: जब एक PCS अधिकारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और सीएम से मदद मांग रही है, तो प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के दावों पर यह कैसी छाया है?
तहसीलदार राखी शर्मा के साहस को सपोर्ट करें और इस पोस्ट को शेयर करें ताकि यह आवाज मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक मजबूती से पहुँचे और निष्पक्ष जांच हो सके।

0
0 views    0 comment
0 Shares

74
1483 views    0 comment
0 Shares


📍 चंदौली/चकिया से बड़ी खबर
चकिया तहसील में इन दिनों किसानों के सामने सिर्फ फसल बचाने की चुनौती नहीं, बल्कि अपनी आवाज़ सुनाने की भी जंग छिड़ी हुई है। सिंचाई विभाग की लापरवाही अब इतनी बढ़ गई है कि किसान खेतों से निकलकर सड़कों और दफ्तरों तक प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं।
👉 किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी दफ्तरों में नदारद रहते हैं। न तो अभियंता समय पर मिलते हैं और न ही उनकी समस्याओं का कोई समाधान किया जाता है। हालात ऐसे हैं कि सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है।
💬 किसानों की सीधी चेतावनी
“अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज होगा।”
📢 किसान संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नहरों की सफाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हो रही है, जबकि खेतों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा।
🏚️ करोड़ों की लागत से बने आवास पड़े खाली!
एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है—सिंचाई विभाग के अधिकारियों के लिए बनाए गए सरकारी आवास खाली पड़े हैं। किसान सवाल उठा रहे हैं कि जब अधिकारी इन आवासों में रहते ही नहीं, तो फिर इन पर करोड़ों रुपये क्यों खर्च किए गए?
⚠️ जिम्मेदारी से बचते अधिकारी
किसानों का कहना है कि अधिकारी मौके पर जाकर समस्या देखने की बजाय दफ्तर से ही काम चला रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
👉 कुल मिलाकर, चकिया में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है और किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।

10
299 views    0 comment
0 Shares

हरदोली येथे २० एप्रिलला 'सर्वधर्मीय सामूहिक विवाह सोहळ्याचे आयोजन
माजी सरपंच सदाशिव ढेंगे यांचा स्तुत्य सामाजिक उपक्रम

विलास केजरकर भंडारा.

भंडारा : बेरोजगार संस्था' व 'सर्वधर्मीय सामूहिक विवाह सोहळा समिती' यांच्या संयुक्त विद्यमाने या उपक्रमाचे आयोजन करण्यात आले आहे. सेवा हीच ईश्वर भक्ती' या उक्तीचा प्रत्यय देणारा एक आदर्श सामाजिक उपक्रम मोहाडी तालुक्यातील हरदोली (झं) येथे पुन्हा एकदा पाहायला मिळणार आहे. येथील माजी सरपंच सदाशिव शिवाजी ढेंगे यांच्या मार्गदर्शनाखाली २० एप्रिल २०२६ रोजी 'सर्वधर्मीय सामूहिक विवाह सोहळा' भव्य स्वरूपात आयोजित करण्यात आले आहे. या सोहळ्यात गरीब व गरजू कुटुंबांसाठी हा विवाह सोहळा पूर्णपणे नि:शुल्क ठेवण्यात आला आहे.
मोहाडी तालुक्यातील हरदोली (झं) येथील लबान तांडा स्टेडियम येथे सोमवार दिनांक २० एप्रिल २०२६ ला सायंकाळी ६.१५ वाजता हा मंगल सोहळा संपन्न होणार आहे.
या उपक्रमाचे प्रमुख संयोजक तथा माजी सरपंच सदाशिव शिवाजी ढेंगे यांनी वयाच्या अवघ्या १८ व्या वर्षापासून समाजसेवेची वाट धरली. सरपंच पदावर कार्यरत असतांना त्यांनी ग्रामपंचायतीला अनेक नाविन्यपूर्ण उपक्रमांमुळे विविध पुरस्कार मिळवून दिले. त्याच काळात त्यांनी सुरू केलेल्या सामूहिक विवाह सोहळ्याची परंपरा आजही अविरत सुरू आहे. कोरोना काळाचा अपवाद वगळता या सामाजिक उपक्रमाने आठ यशस्वी वर्षांचा टप्पा पार केला असून यंदाचे दहावे वर्ष ठरणार आहे. २०१८ पासून आजपर्यंत या सामूहिक विवाह उपक्रमातून ६८ गरीब व गरजू मुलींचे कन्यादान करण्यात आले आहे. आर्थिक अडचणींमुळे विवाह कार्यात अडथळे येणाऱ्या कुटुंबांसाठी हा सोहळा मोठा दिलासा ठरत आहे. यंदाही विवाहात सहभागी होणाऱ्या जोडप्यांना संसारासाठी आवश्यक पाच भांडी व इतर साहित्य भेट देण्यात येणार आहे. तसेच उपस्थित पाहुण्यांसाठी गोड जेवण व सुलभ बैठकीची व्यवस्था करण्यात येणार आहे.
या उपक्रमासाठी समिती सदस्य पंढरीनाथ झंझाड, गजानन इलमे, इंजि. राहुल बुरडे, गुणवंत झंझाड, नाना झंझाड, संजय झंझाड, मोरेश्वर झंझाड, राजेश बुरडे, मानिक शेडे, दिगांबर झंझाड, महेंद्र झंझाड, नाणेश्वर माटे, मोरेश्वर माटे, विलास झंझाड, विक्रम गायधने, ओमराज बांते, राजू झंझाड, मदन बावणे, विक्रम डोबणे, अजय झंझाड, रवींद्र सोनटक्के, युवराज झंझाड, नवीन झंझाड, अत्ल फेंडर, गोलू माटे, विनोद जगनाडे, राजकुमार कुर्वेकर, कैलास धांडे, शशिकांत गायधने, शशिकांत झंझाड, धनलाल कंगाले, रामभाऊ बांते, दिनेश बांते, शुभम घोनमोडे, लक्समिकांत सार्वे, पराग झंझाड, नरेश झंझाड, नीलकंठ कुकडे, युवराज झंझाड राजकुमार बुराडे गोकुळ गायधने, रामा झंझाड, गुणवंत बुरडे, मंगल झंझाड व अन्य कार्यकर्ते परिश्रम घेत आहेत.
शिवाजी सुशिक्षित व कुटुंबातील मुला-मुलींचे लग्न थाटात लावून देणे आणि हजारो लोकांचे आशीर्वाद त्यांना मिळवून देणे, यातच खरे समाधान आहे. ही सामाजिक परंपरा आम्ही पुढील काळातही कायम ठेवणार आहोत.

*सदाशिव शिवाजी ढेंगे, संयोजक सामूहिक विवाह सोहळा समिती हरदोली*

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

2
14 views    0 comment
0 Shares

71
1339 views    0 comment
0 Shares

66
1385 views    0 comment
0 Shares

64
1483 views    0 comment
0 Shares



విజయనగరం జిల్లా.రాజాం.

సెయింట్ ఆన్స్ ఆసుపత్రితో అనుబంధంగా ఉన్న జీఎస్ఆర్ కార్డియాక్ సెంటర్ ఆధ్వర్యంలో సెంటి హాస్పిటల్‌లో మెగా ఉచిత వైద్య శిబిరం ఘనంగా నిర్వహించబడింది. ఈ శిబిరాన్ని రాజాం మున్సిపల్ కమిషనర్ ఏ. రామచంద్రరావు మరియు ప్రముఖ పారిశ్రామికవేత్త కొత్తా సాయి ప్రశాంత్ ప్రారంభించారు.
సీనియర్ కార్డియాలజిస్ట్ డాక్టర్ గౌరీ శంకర్ రెడ్డి మరియు రేడియాలజిస్ట్ డాక్టర్ దీపిక ఆధ్వర్యంలో నిర్వహించిన ఈ శిబిరానికి సుమారు 100 మందికి పైగా రోగులు హాజరయ్యారు. వారికి అవసరమైన వైద్య పరీక్షలు నిర్వహించి, ఆరోగ్య పరిస్థితులపై నిపుణుల సలహాలు అందించారు. అదేవిధంగా రోగులకు అవసరమైన మందులను ఉచితంగా పంపిణీ చేశారు.
ప్రస్తుతం ఈ సెంటి హాస్పిటల్‌లో 24/7 జనరల్ మెడిసిన్ డాక్టర్ అందుబాటులో ఉన్నారని నిర్వాహకులు తెలిపారు. త్వరలోనే పూర్తి సదుపాయాలతో అన్ని రకాల వైద్య సేవలను అందుబాటులోకి తీసుకురానున్నామని పేర్కొన్నారు. పరిసర ప్రాంత ప్రజలు ఈ అవకాశాన్ని వినియోగించుకోవాలని వారు కోరారు.

Mega Free Medical Camp at senthans Hospital (Amirikan Hospital)

Vizianagaram District, Rajam:

A mega free medical camp was successfully organized at Senthans Hospital in Rajam town under the aegis of GSR Cardiac Center, affiliated with St. Ann’s Hospital. The camp was inaugurated by Rajam Municipal Commissioner A. Ramachandra Rao and noted industrialist Kotta Sai Prashanth.
The camp was conducted under the supervision of senior cardiologist Dr. Gouri Shankar Reddy and radiologist Dr. Deepika. More than 100 patients attended the camp, where they were provided with necessary medical check-ups and expert health consultations. Free medicines were also distributed to the patients.
On this occasion, the organizers stated that a 24/7 general medicine doctor is currently available at Senti Hospital. They also announced that all types of medical services with full-fledged facilities will be made available soon. People from the surrounding areas were encouraged to make use of these services.

250
12260 views    0 comment
0 Shares

जौनपुर वालों के लिए बड़ी खबर! कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने उन स्कूलों को कड़ा आइना दिखाया है जो शिक्षा को व्यापार और सड़कों को खतरे का अड्डा बना चुके थे। अब 'मूली और इत्र' के इस शहर में शिक्षा की खुशबू बेदाग होगी।

🛡️ बच्चों की सुरक्षा: अब "कबाड़" नहीं बनेंगे स्कूल वाहन
जौनपुर की सड़कों पर अब कोई भी अनफिट स्कूल बस नहीं दौड़ेगी। DM ने दो टूक कहा है कि अगर गाड़ी की फिटनेस नहीं और बस में ओवरलोडिंग हुई, तो गाड़ी सीधे थाने जाएगी।
हर ड्राइवर का वेरिफिकेशन होगा।
स्कूलों को पार्किंग अंदर ही करनी होगी ताकि जाम न लगे।

💰 वसूली और कमीशनखोरी पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'
जौनपुर के अभिभावक अब आज़ाद हैं!

दुकानों की सेटिंग खत्म: अब कोई स्कूल आपको खास दुकान से महंगी ड्रेस या किताबें लेने पर मजबूर नहीं करेगा।

NCERT का जोर: किताबों के नाम पर होने वाली भारी कमीशनखोरी को रोकने के लिए NCERT किताबों पर जोर दिया गया है।

टीसी और मार्कशीट: रिजल्ट के वक्त वसूली करने वालों पर अब कानूनी चाबुक चलेगा।

⚖️ भारी जुर्माना: एक गलती और लाखों का फटका
प्रशासन ने जुर्माने का रेट कार्ड भी थमा दिया है:

पहली गलती: ₹1 लाख
दूसरी गलती: ₹5 लाख
तीसरी बार: सीधे मान्यता रद्द!

निष्कर्ष: जौनपुर के 6184 स्कूलों को अब पोर्टल पर शपथ पत्र देना होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि "शिक्षा का अधिकार (RTE)" का पालन करना ही होगा, ताकि गरीब बच्चों को भी बराबरी का मौका मिले।
#जौनपुर_अपडेट #JaunpurNews #DMJaunpur #शिक्षा_माफिया_पर_नकेल #जौनपुर_शिक्षा #UPGovernment #SchoolSafety #NoMoreFeesLoot #RTE #JaunpurCity

2
198 views    0 comment
0 Shares

82
1626 views    0 comment
0 Shares

81
1549 views    0 comment
0 Shares

71
1465 views    0 comment
0 Shares

वाराणसी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को एक निजी प्रतिष्ठान के उद्घाटन के लिए धर्मनगरी वाराणसी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरते ही उनके अनुयायियों ने 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में आचार्य ने महिला आरक्षण बिल और मातृशक्ति के महत्व पर बेबाकी से अपनी राय रखी।मातृशक्ति पर बोले धीरेंद्र शास्त्री: "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते..."
महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत की भूमि आदिकाल से ही मातृशक्ति की पूजक रही है। उन्होंने संस्कृत के श्लोक का संदर्भ देते हुए कहा, "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता"।

आचार्य ने जोर देकर कहा, "देश की असली शक्ति मातृशक्ति ही है। यदि मातृशक्ति की ताकत बढ़ेगी, तो निश्चित रूप से देश की शक्ति में भी इजाफा होगा।" उन्होंने आगे मार्मिक अंदाज में कहा, "नारी निंदा मत करो, नारी रत्न की खान है। नारी से ही नर उपजे हैं, चाहे वो ध्रुव हों या प्रह्लाद।"एयरपोर्ट से रथयात्रा तक 'बागेश्वर सरकार' का जादू
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का वाराणसी दौरा काफी संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली रहा। एयरपोर्ट से लेकर रथयात्रा स्थित कार्यक्रम स्थल तक जगह-जगह उनके अनुयायियों ने स्वागत की जोरदार तैयारी कर रखी थी। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने अपनी गाड़ी से ही हाथ हिलाकर अनुयायियों का अभिवादन स्वीकार किया। सड़कों पर खड़े हजारों भक्त अपने गुरु की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे।भक्तों का उत्साह और सुरक्षा व्यवस्था
जैसे ही आचार्य का काफिला रथयात्रा क्षेत्र में पहुंचा, पूरा इलाका 'जय श्री राम' और 'बागेश्वर सरकार की जय' के नारों से गूंज उठा। निजी प्रतिष्ठान के उद्घाटन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे, बावजूद इसके भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। आचार्य ने काशी की महिमा और यहाँ के लोगों के प्रेम की सराहना की।

6
559 views    0 comment
0 Shares

ਪਟਿਆਲਾ/ਪੰਜਾਬ: 20ਅਪਰੈਲ 2026
ਬੀਤੇ ਦਿਨ ਗੌਰਮਿੰਟ ਟੀਚਰਜ਼ ਯੂਨੀਅਨ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੂਬਾ ਆਗੂਆਂ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਸਾਂਝਾ ਪ੍ਰੈਸ ਬਿਆਨ ਜਾਰੀ ਕਰਦਿਆਂ ਸਰਕਾਰੀ ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਸਕੂਲ ਹਸਨਪੁਰ ਕੱਬਾਂ (ਬਲਾਕ ਦੇਵੀਗੜ੍ਹ) ਵਿਖੇ ਬਤੌਰ ਈ.ਟੀ.ਟੀ. ਅਧਿਆਪਕ ਅਤੇ ਬੂਥ ਨੰਬਰ 92 (ਹਲਕਾ ਸਨੌਰ) ਵਿੱਚ ਬਤੌਰ ਬੀ.ਐਲ.ਓ. ਸੇਵਾਵਾਂ ਨਿਭਾ ਰਹੇ ਸਵ: ਪ੍ਰਦੀਪ ਕੁਮਾਰ ਦੀ ਬੇਵਕਤੀ ਮੌਤ 'ਤੇ ਡੂੰਘੇ ਅਫ਼ਸੋਸ ਅਤੇ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਚਾਹਲ, ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸਸਕੌਰ , ਪ੍ਰੈਸ ਸਕੱਤਰ ਕਰਨੈਲ ਸਿੰਘ ਫਿਲੌਰ, ਸਹਾਇਕ ਪ੍ਰੈਸ ਸਕੱਤਰ ਦਿਲਦਾਰ ਭੰਡਾਲ ਨੇ ਸਾਂਝੇ ਤੌਰ 'ਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪ੍ਰਦੀਪ ਕੁਮਾਰ ਦੀ ਮੌਤ ਮਹਿਜ਼ ਇੱਕ ਇਤਫ਼ਾਕ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਡਿਊਟੀ ਦੇ ਅਥਾਹ ਮਾਨਸਿਕ ਬੋਝ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਦਬਾਅ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਹੈ।
​ਅਧਿਆਪਕ ਆਗੂਆਂ ਤੀਰਥ ਸਿੰਘ ਬਾਸੀ,ਕੁਲਦੀਪ ਪੁਰੋਵਾਲ, ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਅਮੀਵਾਲ, ਗੁਰਦੀਪ ਬਾਜਵਾ, ਰਛਪਾਲ ਸਿੰਘ ਵੜੈਚ ਨੇ ਕਿਹਾ ਡਿਊਟੀ ਦੌਰਾਨ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਪ੍ਰਦੀਪ ਕੁਮਾਰ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ 1 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਮੁਆਵਜ਼ਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ।ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਇੱਕ ਮੈਂਬਰ ਨੂੰ ਯੋਗਤਾ ਦੇ ਆਧਾਰ 'ਤੇ ਤਰਸ ਦੇ ਆਧਾਰ 'ਤੇ ਤੁਰੰਤ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ।
​ਐਸ.ਆਈ.ਆਰ. (SIR) ਅਤੇ ਹੋਰ ਆਨਲਾਈਨ ਕੰਮਾਂ ਦੇ ਨਾਂ 'ਤੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ 'ਤੇ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਨਸਿਕ ਦਬਾਅ ਪਾਉਣ ਵਾਲੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਸ਼ਨਾਖਤ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਖਿਲਾਫ ਸਖ਼ਤ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ।ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਤੋਂ ਲਏ ਜਾ ਰਹੇ ਗੈਰ-ਵਿੱਦਿਅਕ ਕੰਮਾਂ ਅਤੇ ਛੁੱਟੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਵੀ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੇ ਵਾਧੂ ਬੋਝ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਬੰਦ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ।ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 4 ਅਪ੍ਰੈਲ ਨੂੰ ਫੀਲਡ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਕਰਕੇ ਪਰਤਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਆਨਲਾਈਨ ਕੰਮ ਦੇ ਦਬਾਅ ਕਾਰਨ ਪ੍ਰਦੀਪ ਕੁਮਾਰ ਨੂੰ ਦਿਲ ਦਾ ਦੌਰਾ ਪਿਆ, ਜੋ ਬਹੁਤ ਹੀ ਮੰਦਭਾਗੀ ਘਟਨਾ ਹੈ। ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸਸਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਜਲਦੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗਾਂ 'ਤੇ ਗੌਰ ਨਾ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਦੇ ਸ਼ੋਸ਼ਣ ਨੂੰ ਨਾ ਰੋਕਿਆ, ਤਾਂ ਜਥੇਬੰਦੀ ਤਿੱਖੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹੋਵੇਗੀ। ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਸਮੂਹ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਵਿਛੜੀ ਰੂਹ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਂਟ ਕਰਦਿਆਂ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਹਮਦਰਦੀ ਪ੍ਰਗਟਾਈ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਨਾਂ ਨਾਲ ਖੇਡਣਾ ਬੰਦ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ।ਇਸ ਸਮੇਂ ਸਮੇਂ ਕੁਮਾਰ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਰੰਗੀਲਪੁਰ, ਗੁਰਮੀਤ ਬਾਜਵਾ, ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਰੰਧਾਵਾ, ਅਮਨਦੀਪ ਬਲਵਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ, ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸੁਭਾਸ਼ ਚੰਦਰ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ l

88
4417 views    0 comment
0 Shares

सूरत/गुजरात:
"अब नहीं आऊंगा दोस्त, उन्हें कह देना मैं वापस नहीं आऊंगा!"... एक श्रमिक के ये भारी शब्द आज गुजरात के सूरत रेलवे स्टेशन की उस कड़वी हकीकत को बयां कर रहे हैं, जिसने औद्योगिक गलियारों में सन्नाटा पस्रर दिया है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध और संघर्ष की आग अब भारत के किचन और कारखानों तक पहुँच चुकी है। एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत के कारण सूरत का विख्यात कपड़ा उद्योग घुटनों पर आ गया है, जिससे लाखों मजदूरों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है।
​ संकट के मुख्य कारण
​गैस का अकाल:
टेक्सटाइल इंडस्ट्री को रोजाना 15,000 सिलेंडर की जरूरत है, लेकिन आपूर्ति ठप है।
​उत्पादन में भारी गिरावट:
रोजाना होने वाला 6.5 करोड़ मीटर कपड़ा उत्पादन गिरकर 4.5 करोड़ मीटर रह गया है।
​महा-पलायन:
काम बंद होने से अब तक 3 लाख से ज्यादा यूपी-बिहार के श्रमिक शहर छोड़ चुके हैं।
​स्टेशन पर कोहराम:
सूरत के उधना स्टेशन पर हजारों की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
​भीषण गर्मी और लाठीचार्ज: उधना स्टेशन बना जंग का मैदान
​रविवार को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर जो मंजर दिखा, उसने रूह कंपा दी। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच हजारों श्रमिक यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में जगह पाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। स्थिति तब बेकाबू हो गई जब यात्रियों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और RPF को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग जान बचाने के लिए लोहे की रेलिंग फांदते नजर आ रहे हैं।
​क्यों रुक गया 'भारत का मैनचेस्टर'?
​सूरत के कपड़ा उद्योग की जान गैस सिलेंडर पर टिकी है। गैस की कमी के कारण मिलें बंद हो रही हैं, जिससे दिहाड़ी मजदूरों के पास न तो काम बचा है और न ही सिर छुपाने का किराया।
​"जब चूल्हा ही नहीं जलेगा और मशीन ही नहीं चलेगी, तो हम यहाँ रहकर क्या करेंगे?" - स्टेशन पर खड़ा एक बेबस मजदूर।
​रेलवे की सफाई
​रेलवे अधिकारी अनुभव सक्सेना के अनुसार, दोपहर तक 6 विशेष ट्रेनों से 21 हजार से ज्यादा यात्रियों को रवाना किया गया। रेलवे का कहना है कि वे अतिरिक्त ट्रेनें चला रहे हैं, लेकिन भीड़ इतनी अनियंत्रित है कि व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
​निष्कर्ष: भविष्य पर संकट के बादल
​यह केवल छुट्टियों की भीड़ नहीं, बल्कि एक आर्थिक त्रासदी है। यदि गैस संकट जल्द दूर नहीं हुआ, तो सूरत के कपड़ा उद्योग को अपूरणीय क्षति होगी। 'अब नहीं आऊंगा' कहने वाले इन मजदूरों की सिसकियां प्रशासन और सिस्टम के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं।

10
297 views    0 comment
0 Shares

आगरा में 'मुँह दिखाई' की रस्म के दौरान एक नवविवाहिता द्वारा 90 लाख रुपये की मांग करने और मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों को जिंदा जलाने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि दुल्हन ने घूँघट उठाने के बदले भारी रकम की मांग रखी और इनकार करने पर वह सारे जेवर समेटकर मायके चली गई, जिसके बाद उसके परिजनों ने ससुराल के घर को बाहर से ताला लगाकर पीएनजी गैस पाइपलाइन तोड़ दी ताकि पूरे परिवार को खत्म किया जा सके। किसी तरह जान बचाकर निकले पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने विवाहिता और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और इस खौफनाक साजिश के पीछे छिपे असली कारणों की गहन जांच में जुट गई है।

8
625 views    0 comment
0 Shares

लखनऊ: 19.04.2026; आज लखनऊ में, डोमा कॉन्फेडरेशन, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित एक सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर किया गया था।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. उदित राज (पूर्व सांसद; राष्ट्रीय अध्यक्ष, डोमा कॉन्फेडरेशन, नई दिल्ली) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता, संगठनात्मक मजबूती और दलित, OBC तथा मुस्लिम समुदायों के बीच एकजुटता की समकालीन आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।

डोमा कॉन्फेडरेशन के इस सम्मेलन में विभिन्न प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें शामिल थे:
प्रदेश अध्यक्ष – विजय बहादुर जी
प्रदेश उपाध्यक्ष – अरविंद शास्त्री जी
प्रदेश महासचिव – आचार्य भोजराज सिंह धनगर
प्रदेश सचिव (डोमा कॉन्फेडरेशन, UP) – रघुवरन सूर्यवंशी

इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेश-स्तरीय पदाधिकारियों और समर्पित कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
सम्मेलन के दौरान सामाजिक न्याय, समान अधिकारों और संगठन को मजबूत बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चाएँ हुईं, और बाबासाहेब के आदर्शों तथा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली गई।
जय भीम | जय संविधान

34
1441 views    1 comment
0 Shares

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। इस बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है।

▪️प्रमुख बिंदु:
नई दरें: इस बढ़ोतरी के बाद अब महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो गया है।

प्रभावी तिथि: यह फैसला 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा।

लाभार्थी: इस निर्णय से लगभग 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा।

वित्तीय प्रभाव: इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर सालाना लगभग ₹6,791.24 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

एरियर: कर्मचारियों और पेंशनर्स को जनवरी से मार्च 2026 तक का एरियर (बकाया) भी दिया जाएगा।

यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्वीकार किए गए फॉर्मूले के अनुसार की गई है, ताकि बढ़ती महंगाई के असर को कम किया जा सके।

#badaunharpalnews #budaunharpal #badaunharpal #UttarPradeshNews #budaun #badaun #ujhani #UttarPradesh #socialmediamarketing #badaunnews #DearnessAllowance #SalaryHike बदायूँ हर पल न्यूज़ @badaunharpalnews

1
241 views    0 comment
0 Shares

1
742 views    0 comment
0 Shares

0
165 views    0 comment
0 Shares

The Road Ahead: India’s Future Intelligent Transport Management Systems (ITMS)
​As of 2026, India is undergoing a radical shift in how it moves. Driven by the "India AI Impact" initiatives and a push for smarter urban centers, the traditional reactive approach to traffic—where police manual intervention was the primary tool—is being replaced by a predictive, data-driven Intelligent Transport Management System (ITMS).
​The future of Indian transport isn't just about wider roads; it’s about "Thinking Roads."
​1. The Core Pillars of India's ITMS (2026–2030)
​The next-generation system relies on a "Unified Mobility Stack"—often referred to as the "UPI of Transport." This framework integrates several key technologies:
​Advanced Traffic Management Systems (ATMS): Using a network of AI-enabled CCTV cameras and IoT sensors, cities like Bhopal, Delhi, and Bengaluru now use "dynamic signaling." Instead of fixed timers, signals adjust in real-time based on actual vehicle density, reducing idle time at intersections by up to 30%.
​Automatic Number Plate Recognition (ANPR): This has become the standard for "Contactless Enforcement." The system automatically identifies speed violators, red-light jumpers, and even riders without helmets or seatbelts, issuing e-challans instantly without human bias.
​V2X (Vehicle-to-Everything) Communication: On newer "Digital Highways," vehicles can communicate with the road infrastructure. For example, a car can receive an alert about a breakdown or a slippery patch 2 kilometers ahead, allowing for proactive slowing.
​2. AI-Driven Predictive Logistics
​For a logistics-heavy economy, the integration of Telematics and Predictive Analytics is a game changer.
​Proactive Forecasting: Instead of reporting a delay after it happens, AI models predict congestion based on historical data, weather, and local events.
​Green Routing: By 2026, Transport Management Systems (TMS) are prioritizing routes not just based on speed, but on carbon footprint, helping companies meet India’s ESG (Environmental, Social, and Governance) goals.
​Asset Health Monitoring: IoT sensors now monitor engine temperature, tire wear, and driver fatigue in real-time. This reduces roadside breakdowns, which are a major cause of highway bottlenecks in India.
​3. The "Smart City" Integration
​In regions like Madhya Pradesh, ITMS is being woven into the very fabric of urban planning (such as the Chhindwara Master Plan 2035).
Feature Impact on Urban Life
Emergency Vehicle Preemption Traffic lights automatically turn green for ambulances and fire trucks using GPS triggers.
Smart Parking Mobile apps connected to IoT sensors guide drivers to vacant spots, reducing "cruising" traffic.

Multimodal Integration A single digital ticket for metro, bus, and bike-sharing, facilitated by the National Common Mobility Card (NCMC).

4. Challenges and the Path Forward
​While the technology is ready, the transition faces three primary hurdles:
​Data Standardization: Different states currently use different systems. The "India Mobility Stack" aims to unify these so a vehicle tracked in Bhopal can be seamlessly managed in Mumbai.
​Cybersecurity: As vehicles become "Software-Defined," protecting the transport grid from hacking is a top priority for the Ministry of Electronics and Information Technology.
​Infrastructure Readiness: High-speed 5G/6G connectivity is essential for real-time V2X communication, requiring massive investment in roadside fiber and towers.
​Conclusion
​By 2030, the goal is for Indian transport to move from Reactive (fixing jams) to Predictive (preventing jams) and finally to Autonomous (self-managing flows). With the 2026 National ITS Policy now in motion, the dream of a "Zero-Congestion" India is no longer science fiction—it's an engineering roadmap.

6
594 views    0 comment
0 Shares

💥 गुना पुलिस द्वारा फरार आरोपियों एवं वारंटियों की धरपकड़ हेतु लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली थाना पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए लंबे समय से फरार वारंटी को गिरफ्तार किया है।
👮‍♂️ कार्रवाई का विवरण:
मारपीट के विभिन्न प्रकरणों में वांछित आरोपी अर्जुन राठौर, निवासी रशीद कॉलोनी गुना, के विरुद्ध न्यायालय द्वारा 06 अलग-अलग वारंट जारी किए गए थे। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।
📍 पुलिस की तत्परता:
दिनांक 19 अप्रैल 2026 को मुखबिर सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया।
💬 गुना पुलिस का संदेश:
फरार अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। कानून से बचना संभव नहीं।
#GunaPolice #PoliceAction #LawAndOrder #MPPolice #CrimeControl

0
266 views    0 comment
0 Shares

एनटीपीसी रिहंद में गैस का ‘खेल’! को-ऑपरेटिव एजेंसी पर कालाबाजारी के गंभीर आरोप, हफ्तों से उपभोक्ता परेशान ।।


बीजपुर (सोनभद्र) स्थानीय एनटीपीसी रिहंद परियोजना परिसर में संचालित को-ऑपरेटिव इण्डेन गैस एजेंसी एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं और व्यवसायियों ने एजेंसी संचालक पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए गैस सिलेंडरों की भारी कालाबाजारी करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बुकिंग और डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) जारी होने के बावजूद हफ्तों तक उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही, जबकि पर्दे के पीछे ऊंचे दामों पर सिलेंडरों की बिक्री की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बीजपुर क्षेत्र में भारत गैस और बभनी स्थित इंडेन गैस एजेंसी द्वारा नियमित और पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है, लेकिन एनटीपीसी को-ऑपरेटिव गैस गोदाम में लगातार “गैस नहीं है” का बहाना बनाकर उपभोक्ताओं को टरकाया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल को ही गैस बुक कराई थी और उन्हें डीएसी नंबर भी प्राप्त हो चुका है, बावजूद इसके आज तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हुई।
व्यवसायियों का कहना है कि रोजमर्रा के कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। छोटे होटल, ढाबा और अन्य व्यवसाय गैस की कमी के चलते प्रभावित हो रहे हैं। एजेंसी संचालक द्वारा बार-बार “गाड़ी नहीं आ रही है” का हवाला दिया जा रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
दबी जुबान से कई उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ एनटीपीसी कर्मियों की भी शह मिली हुई है। बताया जाता है कि को-ऑपरेटिव के तहत बड़ी संख्या में गैस कनेक्शन एनटीपीसी कर्मचारियों के नाम पर हैं। परियोजना परिसर में 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहने के कारण इन कर्मचारियों द्वारा गैस की खपत अपेक्षाकृत कम होती है। इसी का फायदा उठाते हुए एजेंसी संचालक कथित रूप से कर्मचारियों के नाम पर खुद ही बुकिंग कराता है और बाद में गैस की कृत्रिम किल्लत दिखाकर उन्हीं सिलेंडरों को बाजार में दोगुने-तिगुने दामों पर बेच देता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आसपास की अन्य एजेंसियों में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, तो केवल रिहंद को-ऑपरेटिव में ही आपूर्ति बाधित क्यों है? क्या यह महज संयोग है या फिर सुनियोजित कालाबाजारी का हिस्सा?
आक्रोशित उपभोक्ताओं ने एनटीपीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में गैस संकट और गहराता जाएगा तथा आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होगा।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर आरोप पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या वाकई उपभोक्ताओं को राहत मिल पाती है या नहीं।

0
706 views    0 comment
0 Shares



विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​राजस्थान के चिड़ावा से आई विनोद पूनिया की आत्महत्या की खबर केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि हमारी बैंकिंग व्यवस्था और ऋण प्रक्रिया की संवेदनहीनता का एक और काला अध्याय है।

31 लाख रुपये का कर्ज, डेयरी व्यवसाय में घाटा और बैंक कर्मियों का कथित मानसिक दबाव—इन सबने मिलकर एक हंसते-खेलते परिवार के मुखिया को पटरी पर आने के बजाय ट्रेन के आगे कूदने पर मजबूर कर दिया।

​व्यवस्था पर सवाल:
मृतक के पास से मिला सुसाइड नोट और परिजनों का आक्रोश सीधे तौर पर रिकवरी के उन तरीकों पर सवाल उठाता है, जो अक्सर मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख देते हैं। क्या बैंक के लिए किश्तें वसूलना किसी की जान से ज्यादा कीमती है? हालांकि बैंकों के अपने नियम होते हैं, लेकिन क्या छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए ऐसी कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जो उन्हें चरम कदम उठाने से रोक सके?

​सामाजिक और आर्थिक दबाव:
विनोद पूनिया का मामला दर्शाता है कि कैसे एक व्यक्ति जब आर्थिक रूप से टूटता है, तो वह समाज और अपनों के बीच खुद को अकेला महसूस करने लगता है। "बैंकों ने प्रेशर बना रखा है" जैसे शब्द उस असहाय स्थिति को बयां करते हैं जहाँ कानून का डर नहीं, बल्कि लोक-लाज और प्रताड़ना का डर हावी हो जाता है।

​निष्कर्ष:
चिड़ावा की यह घटना सरकारों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक अलार्म है। कर्ज माफी की घोषणाएं केवल चुनावी जुमले बनकर न रह जाएं, बल्कि धरातल पर एक ऐसा तंत्र विकसित हो जहाँ कर्जदार को 'अपराधी' नहीं बल्कि 'सहयोग का पात्र' माना जाए।

विनोद पूनिया के परिवार के लिए मुआवजा और न्याय की मांग जायज है, लेकिन सबसे जरूरी यह है कि भविष्य में किसी और 'विनोद' को अपनी व्यथा सुसाइड नोट में न लिखनी पड़े।

​समय आ गया है कि हम आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों के लिए एक संवेदनशील परामर्श केंद्र और सख्त रिकवरी गाइडलाइंस की प्रभावशीलता पर पुनर्विचार करें।

​डिस्क्लेमर: आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपके जानने वाला कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के तनाव या मानसिक संकट से गुजर रहा है, तो कृपया हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 'KIRAN' 1800-599-0019) पर संपर्क करें।

1
0 views    0 comment
0 Shares

0
65 views    0 comment
0 Shares

पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एजी कॉलोनी में 14 मार्च को बुजुर्ग शिव कुमार यादव पर हुई फायरिंग का खुलासा करते हुए पुलिस ने उनके बेटे दीपक कुमार और ससुर मिथलेश यादव समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सचिवालय एसडीपीओ 2 साकेत कुमार के नेतृत्व वाली एसआईटी की जांच में सामने आया कि करीब 5 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति और जमीन की बिक्री के पैसों को लेकर उपजे विवाद के कारण बेटों ने अपने पिता की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी दीपक की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो देसी कट्टा, कारतूस और बाइक बरामद कर ली है, जबकि इस साजिश में शामिल एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

5
933 views    0 comment
0 Shares

11
1146 views    0 comment
0 Shares



विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​मगध के धरती ओई उपजाऊ माटी हे, जइजा सिर्फ फसल ना, बल्कि शब्द अउर संवेदना के "कलमकार" उपजे हथ। हाल ही में वरिष्ठ साहित्यकार विजय कुमार दत्त जी के संस्मरण पढ़ला पर ई बात फेर से साबित हो गेल कि साहित्य के सेवा करे वाला लोग के बीच जे आदर अउर स्नेह हे, उहे आज के दौर में असल पूँजी हे।
​1. गया जी के साहित्यिक विरासत
​लेख में 'अन्तः सलिला' स्मारिका के चर्चा भेल हे। गया जी के हिंदी साहित्य सम्मेलन अउर ओइजा के विद्वान लोग, जइसे डॉ. राधानन्द सिंह, मगध के इतिहास के सिर्फ लिखलखिन ना हे, बल्कि ओकरा जीवंत रखलखिन हे। द्वापर से कलयुग तक के कवि-साहित्यकारन के विवरण जुटाना कवनो तपस्या से कम न हे। ई दस्तावेज आवे वाला पीढ़ी ला एगो "सांस्कृतिक टॉर्च" के काम करत।
​2. दुगो कवि-मन के मिलन
​जब परिखा बाबू, विजय जी के घरे पहुँच के 'बाबा' कह के संबोधन करे हथ, त ओइजा ऊंच-नीच अउर ओहदा के दीवार ढह जाए हे। परिखा बाबू के अपन झोला से स्मारिका निकालल अउर विजय जी के ओकरा स्पर्श मात्र से सुकून मिलल, ई देखावे हे कि एगो सच्चा लेखक ला "शब्द" से बढ़ के कवनो दूसरा धन ना होवे हे।
​3. टमटम अउर जीवन के दर्शन
​विजय जी के उपमा देवे के अंदाज देखिये— "जईसे चलते टमटम, एकवान एके चाबुक मे हओ... होजा हे।" ई ठेठ मगही अंदाज बतावे हे कि साहित्य जब सही हाथ में आवे हे, त बिखरल इतिहास भी एक सूत्र में बंध जाए हे।

0
0 views    0 comment
0 Shares

1
0 views    0 comment
0 Shares

0
668 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

जमशेदपुर झारखंड: आज अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के द्वारा भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव का आयोजन ब्राह्मण महासभा के केन्द्रीय कार्यालय शांति कुंज, हिल व्यू कॉलोनी, डिमना में किया गया जिसमें शहर के बहुत सारे प्रबुद्ध ब्राह्मण भाई उपस्थित हुए। महासभा के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार पांडेय ने सभी से भगवान परशुराम जी के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया एवं सभी ब्राह्मण भाइयों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से कृष्ण गोपाल दुबे, राकेश दुबे, रघुबर चौबे, जे पी मिश्रा, श्रीधर तिवारी, मंटू तिवारी, कमल दुबे, सिद्धार्थ उपाध्याय, सुनील तिवारी, पवन बिहारी ओझा, वाचस्पति पांडेय, सार्थक राज एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।
अंत में प्रसाद वितरण किया गया तथा समाज के सभी वर्गों के उत्थान में सहयोग करने एवं राष्ट्र हित में ब्राह्मणों के योगदान की सराहना की गई ।

1
0 views    0 comment
0 Shares

1
1192 views    0 comment
0 Shares