पुणे (ता. पुरंदर) : गांव में जलसंचयन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे कडजाई बांध के गहरीकरण कार्य की शुरुआत भारत फोर्ज कंपनी के माध्यम से की गई। कंपनी की मैनेजर लीना देशपांडे ने स्वयं उपस्थित रहकर नारियल फोड़कर कार्य का शुभारंभ किया। 🌊
उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए लीना देशपांडे ने कहा कि शिवरी गांव में पानी की समस्या को ध्यान में रखते हुए बांध का गहरीकरण समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा। साथ ही, गांव के अन्य स्थानों पर जहां गहरीकरण की आवश्यकता है, वहां भी कंपनी की ओर से कार्य करने की तैयारी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत फोर्ज कंपनी केवल जलसंचयन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिवरी गांव के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी:
गांव की सड़कों का सुधार 🚧
जिला परिषद स्कूल की समस्याओं का समाधान 🏫
महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष उपक्रम 👩👩👧👧
वृक्षारोपण अभियान और पर्यावरण संरक्षण 🌱
इस कार्यक्रम में जलदूत सागर तात्या काळे और जयदीप लाड प्रमुख रूप से उपस्थित थे। उन्होंने भविष्य में गांव के विकास के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल, किसान और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। ग्रामवासियों की ओर से लीना देशपांडे, सागर तात्या काळे और जयदीप लाड का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। 💐
इस अवसर पर प्रमोद जगताप, सचिन कामथे, नवनाथ कामथे, ज्ञानेश्वर लिंभोरे, अश्विनी शिरसागर, मनीषा कामथे, अंजना लिंभोरे, संगिता लिंभोरे, वर्षा लिंभोरे, कविता लिंभोरे, सुवर्णा लिंभोरे, दिपाली फाळके, बाळासाहेब लिंभोरे, विकास लिंभोरे, अक्षय लिंभोरे, देवा लिंभोरे, सुजित लिंभोरे, सुनील कामथे, सुरेश लिंभोरे, राहुल लिंभोरे, प्रवीण लिंभोरे, रामचंद्र कामथे, युवराज लिंभोरे, दत्तात्रय लिंभोरे, सोमनाथ लिंभोरे, सोपान लिंभोरे, तुकाराम कांबळे, धनंजय कामथे, एकनाथ फाळके, संजय लिंभोरे, संभाजी कामथे, मयूर पेटकर, दादासाहेब लिंभोरे, प्रथमेश लिंभोरे, सेवक शिंदे सहित कई ग्रामवासी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में लीना देशपांडे ने आश्वासन दिया कि जलसंचयन, वृक्षारोपण, शैक्षणिक सुविधाओं में सुधार तथा महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में भारत फोर्ज कंपनी भविष्य में भी शिवरी गांव के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
इस पहल से कडजाई बांध में जलसंग्रहण क्षमता बढ़ेगी, जिससे गांव की खेती और पेयजल समस्या पर दीर्घकालीन सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, ऐसी उम्मीद ग्रामवासियों ने व्यक्त की है।