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कलेक्टर ने राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा हेतु कलेक्टर स्टेनो कक्ष कलेक्ट्रेट भिण्ड को कण्ट्रोल रूम स्थापित किया

प्रबंधक ई-गर्वनेंस भिण्ड को कण्ट्रोल रूम प्रभारी किया नियुक्त

कलेक्टर भिण्ड ने राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का आयोजन दिनांक 26 अप्रैल 2026 के लिये कलेक्टर स्टेनो कक्ष कलेक्ट्रेट भिण्ड को कण्ट्रोल रूम स्थापित किया है जिसका दूरभाष क्रमांक 07534231200 तथा श्री सौरभ उपाध्याय प्रबंधक ई-गर्वनेंस भिण्ड 9893310941 को कण्ट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया जाकर सहयोग हेतु कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
जिसमें प्रातः 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक श्रीमती सोनल दीक्षित सहा. ग्रेड-3 कलेक्टर कार्यालय भिण्ड, श्री संतोष यादव ऑपरेटर कलेक्टर कार्यालय भिण्ड, सुश्री मीनाक्षी तिवारी भृत्य कलेक्टर कार्यालय भिण्ड को नियुक्त किया है तथा दोपहर 02 बजे से कार्य समाप्ति तक श्री मोनेश शर्मा सहा. ग्रेड-3 कलेक्टर कार्यालय भिण्ड, श्री कुलदीप शाक्य आपरेटर, अपर कलेक्टर कार्यालय भिण्ड, श्री प्रदीप सविता भृत्य कलेक्टर कार्यालय भिण्ड को नियुक्त किया है।
जिले में परीक्षा निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराने के लिये कण्ट्रोल रूम में दिनांक 25 अप्रैल 2026 से परीक्षा समाप्ति तक से लेकर सभी परीक्षा केन्द्रों की सामग्री जमा होने तक क्रियाशील रहेंगे।
कण्ट्रोल रूम द्वारा समस्त सामग्री जमा होने के उपरांत उसकी सूचना लोकसेवा आयोग इंदौर को भी दी जावे।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Department Of Revenue, Madhya Pradesh
#भिण्ड
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एमपी ई-सेवा’ से डिजिटल गवर्नेंस को मिला सशक्त आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

56 विभागों की 1700 सेवाएँ एक ही पोर्टल पर उपलब्ध

सेवा वितरण प्रणाली हुई अधिक जवाबदेह एवं सुव्यवस्थित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ के माध्यम से प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को सशक्त आधार मिला है। इससे नागरिक सेवाएँ अब अधिक सरल, सुगम और सुलभ हुई हैं। डिजिटल तकनीक आज सुशासन की आधारशिला बन चुकी है और प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए देश में नई पहचान स्थापित कर रहा है। अब प्रदेशवासियों को विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ सहज, त्वरित और पारदर्शी रूप में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल से सेवा वितरण प्रणाली अधिक जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनी है। साथ ही नागरिकों के समय एवं संसाधनों की बचत सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2026 तक 100 प्रतिशत ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म नागरिकों, विभागों एवं सेवाओं को एकीकृत डिजिटल इको-सिस्टम में जोड़ते हुए सुशासन को और अधिक प्रभावी तथा परिणामोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

एकीकृत पोर्टल पर सभी सेवाएँ: प्रक्रिया हुई सरल

एमपी ई-सेवा पोर्टल पर विभिन्न विभागों की 1700 सेवाओं को एकीकृत कर नागरिकों को बार-बार अलग-अलग पोर्टल पर जाने और दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता समाप्त की गई है। नागरिक अब eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप के माध्यम से पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस ट्रैकिंग और अनुमोदन जैसी सभी सुविधाएँ एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और फेसलेस बनाई गई है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है।

समग्र पोर्टल से एकीकरण: ऑटो-वेरिफिकेशन की सुविधा

‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8 अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9 अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। इससे ऑटो-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को सक्षम बनाया गया है। इससे पात्रता निर्धारण स्वतः हो जाता है और अनावश्यक देरी व दोहराव समाप्त होता है। पोर्टल की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड करने की आवश्यकता नहीं रहती।एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज आगे की सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं।

सुगम, सुरक्षित एवं नागरिक केंद्रित ‘ऐप-डिज़ाइन’

एमपी ई-सेवा पोर्टल को मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण के साथ विकसित किया गया है। इसमें बहुभाषीय सुविधा के साथ दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष डिज़ाइन किया गया है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के नागरिक आसानी से इसका उपयोग कर सकें। प्लेटफ़ॉर्म पर अब तक 2 लाख 14 हजार से अधिक ट्रांसेक्शन दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 3 हजार 446 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 1 लाख 64 हजार 600 से अधिक ट्रैक/डाउनलोड गतिविधियाँ और 45 हजार 954 समग्र पात्रता जांचें की गई हैं।

डिजिटल गवर्नेंस में प्रदेश की सशक्त उपस्थिति

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण आकलन (एनईएसडीए) 2025 रिपोर्ट में मध्यप्रदेश ने 1752 ई-सेवाओं को मैप कर सभी 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को 100 प्रतिशत एकीकृत करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया।प्रदेश को ‘सायबर तहसील’ के लिए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार तथा ‘संपदा 2.0’ के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जो डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को दर्शाते हैं।
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भारत में ईसाई समुदाय के नेतृत्व सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ऑल इंडिया क्रिश्चियन फेलोशिप (AICF) ने Veena Masih को राष्ट्रीय अध्यक्ष (महिला विंग) नियुक्त किया है।

यह जानकारी Adv. (Hon. Rt. Rev.) Dr. Anil Massey, मानद लाइफ टाइम मेंबर, ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन, द्वारा साझा की गई। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त बनाने और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने आगे बताया कि वीना मसीह का अनुभव और समर्पण संगठन को महिलाओं के उत्थान, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व विकास में नई दिशा प्रदान करेगा।

ऑल इंडिया क्रिश्चियन फेलोशिप का उद्देश्य देशभर में एकता को बढ़ावा देना, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना तथा सामाजिक एवं आध्यात्मिक विकास को आगे बढ़ाना

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100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान: उच्च जोखिम समूहों की शत-प्रतिशत एक्स-रे स्क्रीनिंग पर जोर

100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत समीक्षा बैठक का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय के निर्देशानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महामाया में किया गया। बैठक में अभियान की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
डॉ. धर्मेन्द्र गुप्ता ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी उच्च जोखिम वाले समूहों—जैसे रैन बसेरा, छात्रावास, वृद्धाश्रम, स्लम बस्तियाँ तथा वे क्षेत्र जहाँ टीबी मरीजों की संख्या अधिक है—में विशेष आरोग्य स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इन शिविरों में अधिक से अधिक संभावित मरीजों की पहचान हेतु एक्स-रे स्क्रीनिंग एवं सीबीनेट जांच कराई जाए, ताकि निर्धारित 100 दिनों में सभी वार्डों एवं सघन क्षेत्रों का पूर्ण कवरेज हो सके।
जिला कार्यक्रम समन्वयक (DPC) बृजेश सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि जिले के 206 उच्च जोखिम वाले गांवों में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप (बीपी), एक्स-रे जांच तथा कुपोषण की पहचान हेतु बीएमआई परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही अधिक से अधिक टीबी रोगियों की खोज कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि संभावित टीबी रोगियों के परिवारजनों की सघन जांच के माध्यम से छिपे हुए संक्रमण (लैटेंट टीबी) की पहचान कर समय पर उपचार की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
बैठक में एएनएम, सुपरवाइजर, आशा कार्यकर्ता सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महामाया का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रकाश राज ने हाल ही में रामायण को लेकर एक विवादित टिप्पणी की।
उन्होंने कथित तौर पर कहा कि राम और लक्ष्मण ने रावण के बाग से फल चुराए थे, और इसी तरह की बातें जोड़ते हुए एक अलग व्याख्या पेश की।
यही नहीं, उनके बयान में खान-पान से जुड़े संदर्भ (बीफ आदि) का ज़िक्र भी बताया जा रहा है, जिसने विवाद को और भड़का दिया।
इन टिप्पणियों के बाद कई संगठनों और लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया।
इसी के चलते प्रकाश राज के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है।
सोशल मीडिया पर भी भारी आक्रोश देखने को मिला—कुछ लोग इसे अपमान बता रहे हैं, तो कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला कह रहे हैं।
प्रकाश राज अक्सर अपने बेबाक और राजनीतिक विचारों के लिए जाने जाते हैं।
बताया जा रहा है कि इस बार भी उन्होंने रामायण की एक वैकल्पिक या व्यंग्यात्मक व्याख्या पेश की, जिसमें उन्होंने समाज और राजनीति पर सवाल उठाने की कोशिश की।
ये पहली बार नहीं है जब प्रकाश राज ऐसे विवादों में आए हों।
पहले भी उनके बयान कई बार चर्चा और आलोचना का कारण बने हैं—खासकर धर्म और राजनीति को लेकर।

#prakashraj #ramayana #bollywoodcutuncut #bollywoodcelibrity #trending

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मुरैना नगर को मिलेगा नया सौंदर्य: डिवाइडरों पर होगा पौधरोपण

2.30 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि नगर निगम मुरैना क्षेत्र में लगभग 10 किलोमीटर लंबे डिवाइडरों पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही ए.बी. रोड फ्लाईओवर के नीचे आकर्षक कलर पेंटिंग, वर्टिकल गार्डन एवं आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे शहर की सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इन विकास कार्यों के लिए बेरियर चौराहा पर 2.30 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन किया गया।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, प्रभारी कलेक्टर श्री कमलेश कुमार भार्गव, प्रभारी आयुक्त नगर निगम श्री एल.एस. डोडिया, समाजसेवी श्री कमलेश कुशवाह, पूर्व विधायक श्री बलवीर डंडोतिया, डॉ. योगेशपाल गुप्ता, श्री अनिल गोयल सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री तोमर ने नागरिकों से अपील की कि शहर की सीवर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी लोग सहयोग करें। विशेष रूप से पशुपालकों से आग्रह किया गया कि वे सीवर लाइन में गोबर न डालें, क्योंकि इससे लाइन जाम होने की समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर मुरैना के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
कार्यक्रम को महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी ने भी संबोधित किया।
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#JansamparkMP #Morena #Morena2026

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नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली-NCR में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में तेजी से उभर रही Lets Transport ने अपनी सशक्त सेवाओं और विश्वसनीयता के बल पर नंबर-1 लॉजिस्टिक कंपनी के रूप में पहचान स्थापित कर ली है। कंपनी ने न केवल दिल्ली-NCR में बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में भी अपने कार्य संचालन के जरिए अलग मुकाम हासिल किया है।
उद्योग जगत में Lets Transport की बढ़ती साख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स और FMCG कंपनियां इसकी सेवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं। Avery Dennison, Bisleri International, Zepto, Swiggy, Blinkit और Metro Cash & Carry जैसी अग्रणी कंपनियों ने Lets Transport के साथ जुड़कर अपनी लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं को सुदृढ़ किया है।
कंपनी द्वारा समयबद्ध डिलीवरी, अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग और पारदर्शी संचालन प्रणाली को विशेष महत्व दिया जा रहा है। यही कारण है कि ग्राहकों का विश्वास लगातार मजबूत होता जा रहा है और कंपनी का नेटवर्क भी तेजी से विस्तार कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में ई-कॉमर्स सेक्टर के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स सेवाओं की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में Lets Transport जैसी कंपनियां अपनी गुणवत्ता, दक्षता और भरोसेमंद सेवाओं के चलते बाजार में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
भविष्य की योजनाओं पर नजर डालें तो कंपनी आने वाले समय में अपने नेटवर्क को और विस्तारित करने के साथ नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है, जिससे ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।

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दिवा (ठाणे) : दिवा के पूर्वी इलाके में महिला को सड़क पर गाली-गलौज, पिटाई और धमकाने की गंभीर घटना सामने आई है। संबंधित महिला ने मुंब्रा थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
दिवा पूर्व के दत्तनगर इलाके में रह रही है शिकायतकर्ता महिला (उम्र 33) इनकी जानकारी के अनुसार ये लोग 14 अप्रैल 2026 को रात 8 बजे के आसपास एकविरा ढाबा क्षेत्र में सब्जी लेने बाजार गए थे। इस बार मोतीराम दळवी और उनके परिवार की महिलाओं ने ब्लॉक कर दिया अपमानजनक बयान।
उसके बाद मोतीराम दळवी के परिवारों ने शिकायतकर्ता महिला के बाल पकड़कर सिर, गाल और पेट पर हाथ डालकर पीटा। इसी तरह मोतीराम दळवी द्वारा बदसलूकी के आरोप की भी शिकायत की गई है। शिकायत में बताया गया है कि घटना के कारण महिला का अब्रू भी खतरे में था।
इस बीच, घटना के बाद शिकायतकर्ता महिला पुलिस स्टेशन पर यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने धमकी दी है कि "शिकायत करने पर लड़की और पति को मारने" की। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इलाके में हुई इस घटना से नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है।

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ନୂଆଦିଲ୍ଲୀ:
ଲୋକସଭାରେ ସମ୍ବିଧାନ (୧୩୧ତମ ସଂଶୋଧନ) ବିଲ୍‌ ନାକଚ ହେବା ପରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ଦେଶବାସୀଙ୍କୁ ସମ୍ବୋଧିତ କରିଛନ୍ତି। ନିଜର ଅଭିଭାଷଣରେ ସେ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଭାବୁକ ହେବା ସହ ଏହି ବିଲ୍ ପାସ୍ ନହୋଇ ପାରିବା ଦେଶର ଗଣତନ୍ତ୍ର ପାଇଁ ଏକ ଦୁଃଖଦ ଦିନ ବୋଲି ଅଭିହିତ କରିଛନ୍ତି।
୧. ଭଉଣୀମାନଙ୍କୁ କ୍ଷମା ମାଗିଲେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ
ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ତାଙ୍କ ସମ୍ବୋଧନର ଆରମ୍ଭରେ ଦେଶର ମା’ ଓ ଭଉଣୀମାନଙ୍କୁ ସିଧାସଳଖ କ୍ଷମା ମାଗିଥିଲେ। ସେ କହିଥିଲେ, "ଆଜି ମୁଁ ମୋର କୋଟି କୋଟି ଭଉଣୀଙ୍କୁ କ୍ଷମା ମାଗୁଛି। ଆପଣଙ୍କ ସ୍ୱପ୍ନ ଆଉ ପାଦେ ଦୂରରେ ଥିଲା, କିନ୍ତୁ କିଛି ଦଳଙ୍କ ନକାରାତ୍ମକ ମନୋଭାବ ଯୋଗୁଁ ଏହା ସଂସଦରେ ଅଟକିଗଲା। ଏହି ବିଲ୍ ନାକଚ ହେବା କେବଳ ସରକାରଙ୍କ ପାଇଁ ନୁହେଁ, ବରଂ ନାରୀ ଶକ୍ତିଙ୍କ ଆଶା ଆକାଂକ୍ଷା ଉପରେ ଏକ ପ୍ରହାର।"
୨. ବିରୋଧୀଙ୍କୁ କଡ଼ା ସମାଲୋଚନା
କଂଗ୍ରେସ, ଟିଏମସି, ଡିଏମକେ ଏବଂ ସମାଜବାଦୀ ପାର୍ଟି ଭଳି ବିରୋଧୀ ଦଳଙ୍କୁ ଟାର୍ଗେଟ୍ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଛନ୍ତି ଯେ, ଯେତେବେଳେ ସଂସଦରେ ବିଲ୍‌ଟି ହାରିଗଲା, ସେତେବେଳେ ବିରୋଧୀ ସଦସ୍ୟମାନେ ଟେବୁଲ ବାଡ଼େଇ ଖୁସି ମନାଉଥିଲେ। ସେ କହିଥିଲେ, "କଂଗ୍ରେସ ସର୍ବଦା ସଂସ୍କାର ବିରୋଧୀ। ଜିଏସଟି ହେଉ କିମ୍ବା ଡିଜିଟାଲ୍ ପେମେଣ୍ଟ, ସେମାନେ ସବୁବେଳେ ବାଧା ସୃଷ୍ଟି କରିଛନ୍ତି। ଆଜି ସେମାନଙ୍କର ନାରୀ-ବିରୋଧୀ ଚେହେରା ଦେଶବାସୀଙ୍କ ସାମ୍ନାକୁ ଆସିଯାଇଛି।"
୩. "ଲଢ଼େଇ ଜାରି ରହିବ"
ବିଲ୍‌ଟି ଆବଶ୍ୟକୀୟ ଦୁଇ-ତୃତୀୟାଂଶ ସଂଖ୍ୟାଗରିଷ୍ଠତା ହାସଲ କରିବାରେ ବିଫଳ ହୋଇଥିଲେ ମଧ୍ୟ ସରକାର ହାର ମାନିବେ ନାହିଁ ବୋଲି ପିଏମ୍ ମୋଦୀ ପ୍ରତିଶ୍ରୁତି ଦେଇଛନ୍ତି। ସେ କହିଛନ୍ତି, "ଏହା କେବଳ ଏକ ବିଲ୍ ନୁହେଁ, ଏହା ଥିଲା ମାତୃଶକ୍ତିଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ 'ମହାଯଜ୍ଞ'। ମୁଁ ପ୍ରତିଶ୍ରୁତି ଦେଉଛି ଯେ ସରକାର ସବୁ ଆଇନଗତ ବାଧାବିଘ୍ନ ଦୂର କରିବେ ଏବଂ ମହିଳାଙ୍କୁ ସେମାନଙ୍କର ୩୩% ପ୍ରତିଶତ ହକ୍ ନିଶ୍ଚିତ ଦେବେ।"
୪. ବିଲ୍‌ର ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ପ୍ରସ୍ତାବ
ଏହି ସମ୍ବିଧାନ ସଂଶୋଧନ ବିଲ୍‌ରେ କ’ଣ ଥିଲା, ସେ ନେଇ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଦେଶବାସୀଙ୍କୁ ଅବଗତ କରାଇଥିଲେ:
ଆସନ ସଂଖ୍ୟା ବୃଦ୍ଧି: ଲୋକସଭା ଆସନକୁ ୫୪୩ରୁ ୮୧୬କୁ ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ପ୍ରସ୍ତାବ ଥିଲା।
୨୦୨୯ ନିର୍ବାଚନ ପାଇଁ ଲକ୍ଷ୍ୟ: ନୂଆ ଜନଗଣନା ପାଇଁ ଅପେକ୍ଷା ନକରି ୨୦୧୧ ଜନଗଣନା ଆଧାରରେ ତୁରନ୍ତ ସଂରକ୍ଷଣ ଲାଗୁ କରିବାକୁ ସରକାର ଚାହୁଁଥିଲେ।
ନିଷ୍କର୍ଷ:
ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଏହି ସମ୍ବୋଧନ ଦର୍ଶାଉଛି ଯେ ମହିଳା ସଂରକ୍ଷଣ ପ୍ରସଙ୍ଗ ଆଗାମୀ ଦିନରେ ଦେଶର ରାଜନୀତିରେ ଏକ ବଡ଼ ପ୍ରସଙ୍ଗ ହେବାକୁ ଯାଉଛି। ବିଲ୍‌ର ପରାଜୟକୁ ସେ ବିରୋଧୀଙ୍କ 'ନାରୀ-ବିଦ୍ୱେଷୀ' ମନୋଭାବ ବୋଲି କହି ଜନତାଙ୍କ ଅଦାଲତକୁ ଯିବାକୁ ପ୍ରସ୍ତୁତ ବୋଲି ସୂଚନା ଦେଇଛନ୍ତି।
ରିପୋର୍ଟ: ନିଜସ୍ୱ ପ୍ରତିନିଧି, ନୂଆଦିଲ୍ଲୀ।

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पुणे जिल्हा रिपोर्टर. शिरूर शहरातील काची आळी परिसरातील कु. सुजित सुनील कनिच्छे यांचा 18 वा वाढदिवस मोठ्या जल्लोषात साजरा करण्यात आला. वाढदिवसाच्या कार्यक्रमाला शिरूर नगरपरिषदेचे विद्यमान नगरसेविका श्रीमती.संगीता महेंद्र मल्लाव व शंतनू महेंद्र मल्लाव ( पुणे जिल्हा फिशरमेन ) श्री.अमोल दिलीप काची ( मामा ), नानी, आत्या, काका, काकू, भाऊ, बहीण,गोपीचंद इंडूशेठ काची, श्री.सुरेश दादूराम मल्लाव माजी पोलीस निरीक्षक मुंबई भारतीय जनवादी पार्टी चे प्रदेशाध्यक्ष श्री.अनिल मल्लाव व भारतीय जनवादी पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी समिती श्री. बबन चंदर कनिच्छे हे मुलाचे आजोबा होत, भारतीय जनवादी पार्टी महाराष्ट्र प्रदेश संघटन सचिव योगेश डोळस, व पुणे जिल्ह्याचे जिल्हाध्यक्ष श्री. लक्ष्मण मल्लाव व शिरूर तालुका युवा मोर्चा अध्यक्ष सचिन मल्लाव व इतर पदाधिकारी व सदस्य,इतर मल्लाव समाज, व मित्र परिवार आई - वडील व
नातेवाईक उपस्थित होते.
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वर्षाचे 365 दिवस
महिन्याचे 30 दिवस
आठवड्याचे 7 दिवस
आणि माझा आवडता दिवस
तो म्हणजे तुझा वाढदिवस
🥳💕 वाढदिवसाच्या खूप साऱ्या शुभेच्छा. 💕🥳

तुमच्या कीर्तीचा लख्ख उजेड व्हावा
तुमचा आनंद गगनात न समावा
असंच सुख समाधान तुमच्या पदरात पडत राहो
तुमचा हा वाढदिवस जल्लोषात साजरा व्हावा
वाढदिवसाच्या हार्दिक शुभेच्छा"🎂🎂🎂🎂💐💐💐💐💐💐💐💐

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राहुल गांधी एकता संगठन ऑल इंडिया

आप सभी देशवासियों को राहुल गांधी एकता संगठन ऑल इंडिया की और से भगवान परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

भगवान विष्णु के छठवें अवतार > भगवान परशुराम जी की जयंती की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। तप, पराक्रम, ज्ञान व न्याय की प्रतिमूर्ति भगवान परशुराम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और सबको खुशहाली व स्वास्थ्यपूर्ण जीवन का आशीष दें।
शुभ कामनाएं देते हैं राहुल गांधी एकता संगठन ऑल इंडिया सभी सदस्य

RAHUL GANDHI EKTA SANGATHAN ALL INDIA

राहुल गांधी एकता संगठन ऑल इंडिया

NATIONAL PRESIDENT
KULDEEP SINGH
(M) 75268 00039

NATIONAL VICE CHAIRMAN & ADVISOR INCHARGE PRAVIN JAIN (M) 7021751585

NATIONAL SPOKEN MIDEA & VICE PRESIDENT SUNEEL KUMAR KHANNA
(M) 8847012729

NATIONAL GENERAL SECRETARY KEWAL CHAND
(M) 9041487589

NATIONAL SECRETARY BALJEET SINGH ATWAL (M) 78140 62368

NATIONAL CHAIRMAN & WORKING PRESIDENT MOHAMMED MIZBA.D.S
(M) 93666 56007

SHABNAM ANSARI STATE RAJASTHAN PRESIDENT MAHELA WING
(M) 96028 07140

NATIONAL VICE PRESIDENT MAHILA WING BIMLA DEVI JAYA
(M) 98183 88624

राहुल गांधी एकता संगठन ऑल इंडिया की आवाज़
AIMA MEDIA
REPORTER
SUNEEL KUMAR KHANNA
(M) 8847012729

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छत्तीसगढ़ के सक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या: एक बड़ी चुनौतीसक्ति, छत्तीसगढ़: सक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या एक बड़ी चुनौती बन गई है। रात में बिजली गायब हो जाती है, जिससे लोगों को बहुत परेशानी होती है। सोटे समय में बिजली न होने से लोगों को मचरों और गर्मी से बहुत परेशानी होती है।*छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या: एक बड़ी चुनौती*छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या एक बड़ी चुनौती बन गई है। रात में बिजली गायब हो जाती है, जिससे लोगों को बहुत परेशानी होती है। सोटे समय में बिजली न होने से लोगों को मचरों और गर्मी से बहुत परेशानी होती है।दिनभर काम करके थक जाने वाले ग्रामीण रात में आराम नहीं कर पाते हैं, क्योंकि बिजली की अनियमितता के कारण उन्हें परेशानी होती है। गर्मियों में तो यह समस्या और भी बढ़ जाती है, जब बिजली की मांग बढ़ जाती है और लोगों को बिजली के बिना रहना पड़ता है।सरकार को इस समस्या का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बिजली की सुविधा मिल सके। बिजली की सप्लाई बढ़ा

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मंदिर परिसर में धर्मगुरुओं ने ली शपथ, प्रशासन और NGO का अनूठा संयुक्त प्रयास,

विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

अक्षय तृतीया —
वह पर्व जिसे हिंदू परंपरा में "अबूझ मुहूर्त" कहा जाता है,
यानी जिस दिन बिना पंचांग देखे विवाह जैसे शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
लेकिन इसी "अबूझ मुहूर्त" की आड़ में सदियों से एक अभिशाप भी पलता रहा है — बाल विवाह।

इस कुरीति की काली छाया को मिटाने के लिए इस वर्ष अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) से ठीक एक दिन पूर्व, शनिवार 18 अप्रैल को गया जिले के मानपुर प्रखंड अंतर्गत कईया पंचायत के तेतरिया पंचमुखी मंदिर परिसर में एक ऐतिहासिक पहल की गई।

महिला एवं बाल विकास निगम, गया और प्रयास जेएसी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में धार्मिक गुरुओं, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों ने एक साथ बाल विवाह न करने और न होने देने का संकल्प लिया। जो बात इस आयोजन को विशिष्ट बनाती है, वह यह है कि यह शपथ किसी सरकारी दफ्तर में नहीं, बल्कि मंदिर के प्रांगण में — धार्मिक प्रतीकों के साथ — ली गई।
यह एक स्वागतयोग्य रणनीतिक बदलाव है। जब पुजारी और धर्मगुरु स्वयं बाल विवाह न कराने की शपथ लेते हैं, तो सामाजिक संदेश कानूनी दंड से कहीं अधिक गहरा उतरता है।

कानून क्या कहता है?
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार लड़की के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष निर्धारित है।
इस कानून में विशेष रूप से अक्षय तृतीया जैसे पर्वों पर जिला मजिस्ट्रेट को बाल विवाह रोकने की विशेष शक्तियाँ दी गई हैं।
कानून का उल्लंघन करने पर 2 वर्ष तक कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। यह दंड केवल माता-पिता पर नहीं, बल्कि विवाह में शामिल पंडित, बैंड-बाजे वाले, सजावट करने वाले और समारोह स्थल प्रदाता — सभी पर लागू होता है।

संकल्प की शक्ति:
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ. रश्मि वर्मा ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष अक्षय तृतीया पर किसी भी बाल विवाह की शिकायत मिलने पर तत्काल कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
प्रयास संस्था के जिला समन्वयक देवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि धर्मगुरुओं को विशेष रूप से बाल विवाह न संपन्न कराने की शपथ दिलाना इस अभियान की रणनीतिक धुरी है।
यह दृष्टिकोण सराहनीय है, क्योंकि ग्रामीण समाज में पुरोहित और धर्मगुरुओं की स्वीकृति बिना कोई भी विवाह नहीं होता।

बड़ा सवाल: क्या संकल्प काफी है?
शपथ और कार्यशाला समाज को जगाने का पहला कदम हैं, परंतु पर्याप्त नहीं।
गया जैसे जिले में आज भी ग्रामीण इलाकों में कम उम्र में विवाह की परंपरा जड़ें जमाए है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार 20-24 वर्ष की 23 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 वर्ष से पहले हो जाती है।
प्रशासन को चाहिए कि कार्यशालाओं के साथ-साथ निगरानी तंत्र, ग्राम-स्तरीय बाल संरक्षण समितियों की सक्रियता और शिकायत तंत्र को भी मजबूत किया जाए। धर्म और कानून का यह संयुक्त मोर्चा तभी सफल होगा जब जमीनी क्रियान्वयन भी उतना ही दृढ़ हो।
कईया पंचायत के मुखिया विजय ठाकुर, मंदिर के पुजारी रविंद्र कुमार पाण्डेय, जिला मिशन समन्वयक सुशांत आनंद और प्रयास संस्था के कार्यकर्ता गौतम परमार, विनोद कुमार, प्रियंका कुमारी, मोहम्मद आलमगीर सहित सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति यह सिद्ध करती है कि समाज बदलाव के लिए तैयार है।

टिप्पणी:
पंचमुखी मंदिर के प्रांगण में उठी यह आवाज़ महज एक कार्यशाला की गूंज नहीं है — यह एक सभ्य समाज की पुकार है।
जब धर्म और कानून मिलकर बचपन की रक्षा का संकल्प लेते हैं, तो उम्मीद जगती है कि आने वाली अक्षय तृतीया पर गया जिले में कोई बच्चा जबरन विवाह की बेड़ियों में नहीं जकड़ा जाएगा।

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🍛 गरीबों का सहारा बनी दीनदयाल रसोई, पांढुर्णा में सस्ती थाली से मिल रहा पोषण

पांढुर्णा | जरूरतमंदों और श्रमिक वर्ग के लिए राहत बनकर उभरी दीनदयाल रसोई योजना, जहां बेहद कम कीमत में पौष्टिक और ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

#दीनदयाल_रसोई के माध्यम से शहर के गरीब, मजदूर, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर भरपेट भोजन मिल रहा है। यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए सहारा बनी है, जो रोजाना महंगे भोजन का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं।

🍽️ सस्ती थाली, बेहतर पोषण

यहां मिलने वाली थाली में—

ताजा और स्वच्छ भोजन

संतुलित पोषण का ध्यान

नियमित गुणवत्ता जांच


सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे लोगों को कम कीमत में भी बेहतर आहार मिल सके।

👴 वृद्धों को मिला सम्मान

इस योजना ने खासकर वृद्ध और असहाय लोगों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

🤝 सामाजिक सुरक्षा की मजबूत पहल

दीनदयाल रसोई योजना न सिर्फ भूख मिटाने का कार्य कर रही है, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्गों को आत्मसम्मान और सुरक्षा भी प्रदान कर रही है।


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संदेश साफ: कोई भी भूखा न रहे—इसी उद्देश्य के साथ पांढुर्णा में दीनदयाल रसोई लगातार जरूरतमंदों का सहारा बन रही है।

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मरसा ग्राम में [दिनांक]: समाज के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने और उन्हें मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है कि पीड़िता ने तंग आकर मौत को गले लगाने (आत्महत्या) का प्रयास किया। गनीमत रही कि समय रहते परिजनों को इसकी भनक लग गई और एक बड़ी अनहोनी टल गई।
​सुनियोजित तरीके से बदनाम करने का षड्यंत्र:
पीड़ित महिला के पति सुभाष पासवान, जो 'ऑल इंडिया मीडिया संगठन' के सदस्य और मीडिया प्रभारी हैं, ने बताया कि गांव के ही मरसा ग्राम के कुछ असामाजिक तत्वों और कुछ कथित रिश्तेदारों द्वारा उनकी पत्नी के खिलाफ सुनियोजित तरीके से अभद्र टिप्पणी की जा रही थी। आरोप है कि ये लोग समाज में उनके प्रति झूठी अफवाहें फैलाकर उनका चरित्र हनन कर रहे थे।
​मानसिक तनाव ने मजबूर किया खौफनाक कदम उठाने पर:
लगातार हो रही बदतमीजी और समाज में हो रही बदनामी से पीड़िता गहरे सदमे और मानसिक तनाव में चली गई। इसी मानसिक उत्पीड़न के कारण आज उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की। वर्तमान में पीड़िता की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।
​पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग:
इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर काफी रोष है। मीडिया संगठन और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अफवाह फैलाने वाले और महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले उन 'सफेदपोश' चेहरों को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़िता के परिवार ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है।
फाइल फोटो

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#गेहूं_उपार्जन केंद्र मेहता का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, किसान दीपचंद का सम्मान कर किया प्रोत्साहित

#सिवनी/ कलेक्टर श्रीमती #नेहा_मीना ने घंसौर विकासखंड के प्रवास के दौरान गेहूं उपार्जन केंद्र मेहता का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपार्जन प्रक्रिया, तौल व्यवस्था, किसानों के पंजीयन, भुगतान की स्थिति एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने केंद्र में गेहूं लेकर पहुंचे किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। इस दौरान उन्होंने किसान श्री दीपचंद से चर्चा करते हुए उनकी उपज एवं उपार्जन प्रक्रिया के अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा पुष्पमाला पहनाकर उनका सम्मान कर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि किसान हमारी प्राथमिकता हैं और उपार्जन केंद्रों पर उन्हें सम्मानजनक एवं सुगम व्यवस्था मिलना सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी घंसौर श्री बिसन सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पर्याप्त तिरपाल, पेयजल, छाया, तौल मशीनों की सुचारु व्यवस्था तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने उपार्जन कार्य में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #seoni

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🚨 9 माह से वेतन लंबित: आशा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

सौसर | स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई और जनप्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

आज सौसर विकासखंड की समस्त आशा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने बताया कि पिछले 9 महीनों से उन्हें पूर्ण वेतन प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि केंद्र सरकार और विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों के तहत मिलने वाली राशि भी लंबित है।

⚠️ आर्थिक संकट में आशा कार्यकर्ता

आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि—

उन्हें मात्र ₹4000 के मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है

बढ़ती महंगाई के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है

कई कार्यकर्ता उधार लेकर घर खर्च चला रही हैं


🏥 “स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ के साथ अन्याय”

ज्ञापन में बताया गया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला हैं, लेकिन उनके साथ वेतन को लेकर लगातार अन्याय हो रहा है। समय पर भुगतान न होने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

📞 अधिकारियों से चर्चा, कार्रवाई की मांग

इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की गई और आशा कार्यकर्ताओं का लंबित वेतन तत्काल जारी करने की मांग की गई।

🏛️ विधानसभा में उठेगा मुद्दा

स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

✊ समर्थन का भरोसा

आशा कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया गया कि उनकी इस लड़ाई में पूरा समर्थन दिया जाएगा और उनके हक के लिए लगातार आवाज उठाई जाएगी।


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मुख्य सवाल: जब स्वास्थ्य सेवाओं की नींव आशा कार्यकर्ता हैं, तो आखिर उनके हक का भुगतान कब होगा?

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🏥 स्वास्थ्य सेवाओं पर कड़ा रुख: लापरवाही पर प्रशासन सख्त, सुधार के निर्देश जारी

पांढुर्णा | स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई गई और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार सिविल अस्पताल पांढुर्णा में सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाड़े एवं सीबीएमओ डॉ. दिपेन्द्र सलामे की उपस्थिति में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

🔍 प्रमुख बिंदुओं पर हुई समीक्षा

बैठक के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया—

गर्भवती महिलाओं का पंजीयन

सिकल सेल जांच की स्थिति

टीबी स्क्रीनिंग अभियान

आईडीएसपी रिपोर्टिंग

सार्थक ऐप के माध्यम से उपस्थिति मॉनिटरिंग


⚠️ लापरवाही पर कड़ी चेतावनी

समीक्षा के दौरान जिन स्वास्थ्य संस्थानों का प्रदर्शन कमजोर पाया गया, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई। उन्हें कार्य में सुधार लाने और लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।

📊 स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

बैठक में डॉ. प्रमोद वासनिक, डॉ. राहुल नाग, डॉ. एच.आर. मलारिया, मनीष सिंह (आईएचआईपी समन्वयक), सत्यपाल जादौन, रविंद्र पराडकर (बीपीएम), सुरेश कुमार टेकाम (बीईई), अजय तिवारी (बीसीएम) एवं प्रदुम्न बिहारे (सीपीएचसी सलाहकार) सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।


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प्रशासन का स्पष्ट संदेश: स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और आमजन को बेहतर सुविधाएं देना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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12 तारीख को मयूरभंज जिले के काकबिंधा आश्रम स्कूल में ज़हरीला खाना खाने से 146 स्टूडेंट्स बीमार पड़ गए थे। इनमें से एक आदिवासी स्टूडेंट की मौत हो गई थी। आज BJD ने मृतक स्टूडेंट को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर मयूरभंज जिले में 12 घंटे तक सड़कें जाम कीं। BJD और कांग्रेस ने भी नाकेबंदी का सपोर्ट किया और हाईवे जाम कर दिए। नाकेबंदी का असर यशीपुर पर भी पड़ा। BJD और कांग्रेस के नेता और वर्कर सुबह सड़कों पर उतर आए। उन्होंने यशीपुर की मेन रोड जाम कर दी। नाकेबंदी के दौरान बाइक और एंबुलेंस को छोड़कर लगभग सभी दूसरी गाड़ियां और मोटरबाइक रोक दी गईं। उन्होंने मृतक स्टूडेंट के परिवार को 25 लाख रुपये की मदद और दूसरे बीमार स्टूडेंट्स के बेहतर इलाज की मांग की। BJP सरकार ने हमेशा आदिवासियों को वोट बैंक बनाकर उनका साथ दिया है, लेकिन आरोप है कि वह आदिवासियों को कोई सुविधा नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि BJP हमेशा आदिवासियों को नीची नज़र से देखती है। यशीपुर के पूर्व जिला परिषद ने यशीपुर में सड़क जाम कर दी। सदस्य चक्रधर हेम्ब्रम ने विरोध प्रदर्शन को लीड किया। इसी तरह, कांग्रेस के पूर्व MLA उम्मीदवार भी अपने सपोर्टर्स के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। जिला परिषद सदस्य मिनती नाइक और रारुवा ब्लॉक वाइस चेयरमैन कमला महत भी अपने सपोर्टर्स के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं और शांति से विरोध प्रदर्शन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

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