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पानीपत ।  ताजा मामला नगर निगम की फाइल नंबर 3782 का है जोकि 21 जनवरी 2021 को जमा करवाई गई जिस पर की 7 महीने तक कोई कार्रवाई किसी भी अधिकारी ने करना जरूरी नहीं समझा।

जब पता किया गया तो लगभग 1 महीना पहले फाइल को गुम बता दिया गया पिछले 7 महीनो से व्यक्ति को धक्के खिलाए जा रहे हैं। जब फाइल को एक सुप्रीडेंट धर्मवीर के पास ले जाया गया। उन्होंने कहा यह फाइल तो पुरानी ही है, जबकि वार्ड क्लर्क ने फाइल गुम होने की बात कही थी। अब फाइल के बीच में लगी रजिस्ट्री को वार्ड क्लर्क नहीं मान रहे और बोलते हैं कि मैं तो अभी कुछ दिन पहले आया हूं मुझे नहीं पता है इसके बारे में। जबकि 9/8/2021 की रिपोर्ट में निगम ने लिखा कि रजिस्ट्री साथ नहीं लगी है । उपभोक्ता का कहना है की जब फाइल पूरी नहीं थी तो 21/1/2021 को जमा कैसे हो गई ? अब सवाल ये उठता है की फाइल पर पहली नोटिंग 29/7/2021 को हुई । उस अधिकारी पर अपने काम में लापरवाही जनता को धक्के खिलाना फाइल गुम का बहाना बनाना आदि की जांच करके उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है या फिर जनता इसी तरह धक्के खाती रहेगी । जब इस बारे डीएमसी जितेंद्र जी से बात की गई तो उन्होंने फाइल को पटवारी को भेजकर कार्यवाही करने को कहा । उपभोक्ता ने पहले भी इसी प्लाट के लिए नगर निगम द्वारा एनओसी ले रखी है जोकि मैनुअल है अब तहसील उस मैनुअल एनओसी को नहीं मानती । उपभोक्ता पिछले डेढ़ साल से रजिस्ट्री कराने के लिए धक्के खा रहा है मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही जब वह तहसील के कागज पूरे करता है तो इतने में निगम का नया कानून लागू हो जाता है और जब निगम के करता है तो इतने में तहसील का कोई नया कानून लागू हो जाता है उपभोक्ता ने मीडिया के माध्यम से सरकार से मांग की की उसका प्रॉपर्टी आईडी का कार्य शीघ्र किया जाए ताकि वह अपना प्लाट अपने नाम करवा सके जिसके लिए उन्होंने 25/9/19 को 22348 रुपए भरकर NOC मेमो नंबर 2167 9/10/19 को ले रखी है । उसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं हो रही ।

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