भारत की अर्थव्यवस्था बचाने में नया कृषि व्यवसाय मॉडल महत्वपूर्ण
भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रुपये की मजबूती के लिए कृषि व्यवसाय का नया मॉडल तेजी से उभर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में केवल गेहूं-धान नहीं बल्कि "Value Added Agriculture" देश की आर्थिक ताकत बनेगा। गुजरात में डेयरी और बायोफ्यूल प्रोजेक्ट्स जैसे दूध, गोबर गैस, एथेनॉल और CBG ग्रामीण व्यवसायों के रूप में उभर रहे हैं, जो तेल आयात कम कर डॉलर पर दबाव घटाने में मदद करेंगे।
इसके अलावा, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री किसानों की आय और निर्यात को बढ़ावा दे सकती है। इस क्षेत्र में मछली पालन, पोल्ट्री और उच्च मूल्य वाली फसलों जैसे नारियल, काजू, कोको, चंदन और मसाले भी अर्थव्यवस्था के नए इंजन बन रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि कृषि के साथ प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, निर्यात, कोल्ड स्टोरेज, बायोफ्यूल और कृषि प्रौद्योगिकी भारत की वास्तविक ताकत हैं। सोशल मीडिया पर भी इस दृष्टिकोण पर चर्चा हो रही है, जहां कुछ लोग गांव की अर्थव्यवस्था को उद्योग से जोड़ने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ एथेनॉल नीति पर पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं।