सराहां का 'चक्रव्यूह': जिला परिषद चुनाव में 30 साल में नहीं टूटा बीजेपी-निर्दलीय का कब्जा, कांग्रेस खाता खोलने को बेताब
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*1995 से आज तक नहीं खुला कांग्रेस का खाता, बीजेपी-निर्दलीय में ही सिमटा मुकाबला*
सराहां 24 मई हिमाचल प्रदेश के जिला परिषद चुनाव में जिला सिरमौर के पछाद ब्लॉक का * वार्ड नंबर 14 सराहां वार्ड* सबसे दिलचस्प मुकाबले वाला वार्ड बन गया है। इस बार भाजपा-कांग्रेस,देवभूमि पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के अलावा एक निर्दलीय उम्मीदवार के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है।गोरतलब है कि इस वार्ड के 30 साल के इतिहास मे कांग्रेस को एक भी जीत नहीं मिली सराहां वार्ड से आज तक कांग्रेस का कोई भी आधिकारिक उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सका है*। इस वार्ड का चुनावी सफर इस प्रकार रहा वर्ष 1995 मे राजेश्वरी शर्मा *निर्दलीय* उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतीं वर्ष 2000 राजेश्वरी शर्मा फिर *निर्दलीय* जीतीं। भाजपा के बलदेव भंडारी दूसरे स्थान पर रहे l वर्ष 2005 भाजपा की दयाल प्यारी विजयी हुईं l वर्ष 2010 मे भाजपा की ललिता देवी ने जीत दर्ज की वर्ष 2015 मे दयाल प्यारी ने दूसरी बार जिला परिषद सदस्य बनकर जीत हासिल की वही 2020 मे नीलम देवी *निर्दलीय* उम्मीदवार के रूप में वार्ड से जीतीं l
इस बार का समीकरण इस तरह बन रहा है l इस बार भाजपा से बलदेव भंडारी आधिकारिक उम्मीदवार हैं, वहीं कांग्रेस से सूर्याकांत सेवल मैदान में हैं।देवभूमि पार्टी से भूतपूर्व सैनिक सुरेंदर मोहन उमीदवार है l लेकिन *निर्दलीय उम्मीदवार अजय शर्मा* के आने से मुकाबला रोचक बन गया है।देखना होगा*: क्या इस बार भाजपा और निर्दलीय के बीच कड़ा मुकाबला होगा या कांग्रेस अपना खाता खोल पाएगी? या फिर निर्दलीय उम्मीदवार चौथी बार जीतकर इतिहास रचेगा?
सराहां वार्ड में कुल 6 बार चुनाव हुए, जिसमें *3 बार निर्दलीय और 3 बार भाजपा* जीती है। कांग्रेस का सूखा आज भी बरकरार है।
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