बाड़मेर: रामपूरा में भीषण जल संकट, प्रशासन बना मौन
बाड़मेर के समदड़ी तहसील के रामपूरा गांव में लगभग 2000 से 2500 की आबादी जल संकट से जूझ रही है। गर्मी के चरम दौर में पीने के पानी की सरकारी सप्लाई पूरी तरह ठप है। विक्रम संवत 2012 में बनाए गए तीन पानी के टंकियों में अब तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है, जो केवल शोपीस बनकर खड़ी हैं। भूजल खारा होने के कारण न तो इंसान और न ही पशु पानी पी पा रहे हैं, जिससे पशुपालकों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, ग्राम सेवक और पंचायत समिति ने गांव की समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया है। प्रशासन की अनदेखी के कारण गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर "राम-सागर वि.स. 2033" नाम से पानी के टांके और ढांचे का निर्माण शुरू किया है। ग्रामीण जिला कलेक्टर और SDM से तत्काल पानी की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं ताकि जल जीवन मिशन का लाभ गांव को मिल सके। ग्रामीण रुपाराम और भोलाराम से इस मुद्दे पर संपर्क किया जा सकता है।