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रामायण काल से अब तक मेरठ का इतिहास पुस्तक हेतु विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन संपन्न


मेरठ। साहित्य और संस्कृति को समर्पित कलमपुत्र काव्यकला मंच एवं पत्रिका के तत्वावधान में 23 मई 2025, शनिवार को पं. प्यारे लाल शर्मा स्मारक सभागार में साहित्यकार चरण सिंह स्वामी द्वारा लिखित एवं सम्पादित पुस्तक ‘रामायण काल से अब तक मेरठ का इतिहास’ के प्रचार-प्रसार हेतु प्रकाशन से पूर्व कवि सम्मेलन ‘मेरा गान-मेरठ की शान’ एवं विचार गोष्ठी ‘मेरठ के इतिहास के कुछ अनछुए पहलू’ का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु -

अध्यक्षता एवं संचालन -
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि सत्यपाल ‘सत्यम’ ने की। संयुक्त संचालन कवि कल्पश ‘कपलश’ एवं शिवि आशीष स्वामी ने किया।

मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि -
मुख्य अतिथि लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य श्री आर.सी. गुप्ता रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री आर.के. भटनागर (पूर्व आई.ए.एस.), श्री दिनेश जैन (हिन्दी सेवी), श्री महेश शर्मा (रिश्तों का संसार) उपस्थित रहे।

विचार गोष्ठी: मेरठ के अनछुए पहलू -
जयपाल शर्मा, पूर्व पार्षद उमेश कुमार एवं प्रदीप कुमार शर्मा ने मेरठ की शाही जामा मस्जिद, कुछ दशकों पूर्व निकले पत्थर के खण्डों, वहाँ स्थित मंदिरों तथा पुरातन मयराष्ट्र (मेरठ) की बसावट आदि के विषय में नई जानकारियाँ साझा कीं।

विशिष्टजनों की उपस्थिति -
कार्यक्रम में सर्वश्री दिवान गिरि गोस्वामी (पूर्व डीएसपी), श्री अशोक कुमार गौड़ (कहानीकार), श्री राजीव सक्सेना (अभिनेता), विनोद खन्ना (समाजसेवी) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कवि सम्मेलन: मेरा गान-मेरठ की शान -
शुभारम्भ बाल कवयित्री गुंजन स्वामी की सरस्वती वन्दना से हुआ। कवियों ने मेरठ के इतिहास एवं इसकी विशेषताओं से सम्बन्धित कविताएँ सुनाईं, जिससे श्रोताओं का मनोरंजन के साथ ज्ञानवर्धन भी हुआ।

कविता पाठ करने वाले कवि: ब्रिगेडियर रामजी विधु, सीमा गर्ग मंजरी, महेश शर्मा, कमलेश तन्हा, मुक्ता शर्मा, डॉ. शशि खन्ना, रामकुमारी, डॉ. शोभा रतूड़ी, मंगल सिंह मंगल, रामचन्द्र वैश्य, सतीश ‘सहज’, सुमन अग्रवाल, संगीत शर्मा, सरोज दुबे, चुन्नी रस्तोगी, नीलम मिश्रा, सुरेन्द्र खेड़ा, तरुण रस्तोगी, नन्दिनी रस्तोगी, सुधा शर्मा, अलका गुप्ता।

पुस्तक के विषय में -
साहित्यकार चरण सिंह स्वामी ने बताया कि लगभग 500 पृष्ठीय इस पुस्तक में रामायण काल से लेकर मेरठ के स्वतंत्रता आंदोलन, प्रमुख स्थल, साहित्यिक इतिहास, फिल्म कला का इतिहास, औद्योगिक इतिहास सहित मेरठ का अधिकतम इतिहास समाहित है।

अन्य गणमान्य उपस्थितजन
सागर स्वामी, गोलू, दिनेश तलवार, अनिल सुभाष, मुकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

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