जोधपुर: कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर रिपोर्ट
जोधपुर: महेश पंडित के अनुसार, 1947 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार 2013 तक चरम पर रहा। हर सरकारी कर्मचारी बिना कानून की चिंता किए रिश्वत लेता था, जिससे जनता काफी परेशान थी। सरकारी कार्य बिना रिश्वत के संभव नहीं होते थे और शिकायत करने पर भी भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा नहीं जाता था। कई बार पकड़े गए अधिकारी रिश्वत लेकर छोड़ दिए जाते थे।
महेश पंडित ने बताया कि उस समय सरकारी कर्मचारी न केवल सैलरी लेते थे बल्कि रिश्वत भी लेते थे, कई बार कर्मचारी की सैलरी बैंक में पहुंचती थी बिना वे कार्यालय गए। कांग्रेस के समय सरकारी कार्य केवल कागजों में होते थे और वास्तविक काम किसी प्रकार से नहीं होता था। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में डिजिटलकरण के कारण रिश्वत और भ्रष्टाचार पर काफी नियंत्रण पाया गया और अधिक से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा गया। इस कारण जनता भाजपा मोदी सरकार को वोट करती है।