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आज 23 मई 2026 को आदिवासी सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में, 24 में 2026 को दिल्ली में आयोजित जनजाति सांस्कृतिक समागम कार्यक्रम का कोल्हान के मुख्यालय चाईबासा शहर में विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों के द्वारा सामाजिक बहिष्कार सह विरोध प्रदर्शन किया गया।



आज 23 मई 2026 को आदिवासी सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में, 24 में 2026 को दिल्ली में आयोजित जनजाति सांस्कृतिक समागम कार्यक्रम का कोल्हान के मुख्यालय चाईबासा शहर में विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों के द्वारा सामाजिक बहिष्कार सह विरोध प्रदर्शन किया गया।

संयोजक रमेश गहराई ने कहा कि यह कार्यक्रम मूल रूप से आदिवासी विरोधी संगठन के द्वारा आदिवासी सोच को समाप्त करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। समागम कार्यक्रम का आयोजन "जनजाति सुरक्षा मंच" के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है जो की संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) परिवार द्वारा संचालित है। संघ परिवार हमेशा से आदिवासियों को वनवासी या जनजाति कहकर ही संबोधित करता है, साथ ही हम आदिवासीयों को सरना-सनातन एक है जैसे शब्दों से जोड़ते आया है। यहां किसी से छुपा नहीं है कि "जनजाति सुरक्षा मंच" और "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ" को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का संरक्षण प्राप्त है और पूरे देश में भाजपा को किस तरह से जाति और धर्म की राजनीति कर रही है ये भली भांति सब जानते हैं।



साधु होने कहा कि जल जंगल जमीन की लड़ाई में भाजपा (BJP) कभी सामने नहीं आती, बल्कि सिर्फ जाति और धर्म में राजनीति करके अपना वोट बैंक तैयार करती है। ऐसे ही वोट बैंक तैयार करने के लिए विभिन्न राज्यों से सीधे-साधे भोले-भाले आदिवासियों को दिल्ली में आयोजित "जनजाति सांस्कृतिक समागम" कार्यक्रम ले जाया जा रहा है। ताकि भविष्य के चुनाव को प्रभावित करने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जा सके।



आदिवासी समाज से जो कोई व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी में शामिल हैं वे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से आयोजन को सहयोग कर रहे हैं। सूत्रों से जानकारी के मुताबिक "जनजाति सांस्कृतिक समागम" कार्यक्रम आयोजित करने में भाजपा से जुड़े कई बड़े-बड़े नेताओं के नाम हैं मगर आदिवासी समाज के कुछ युवा नेताओं को आगे करके, आदिवासियों को दिल्ली ले जाया जा रहा है। ऐसी गतिविधियों से आदिवासियों में आपसी विवाद की स्थिति भी पैदा हो रही है।



वर्तमान में भाजपा की केंद्र सरकार है, ऐसे में बुनियादी जरूरत और वास्तविक मुद्दों से भटकाकर, सिर्फ और सिर्फ धर्म की राजनीति कर रही है और आदिवासियों को आपस में उलझाकर,इसी तरह से भटका कर रखना चाहती है। जिन कारणों से सोशल मीडिया में देख सकते हैं किस कदर "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) और Gan Z हावी है।



यह आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है इसलिए कोल्हान सहित झारखंड के अलावे पूरे देश भर के प्रमुख आदिवासी समुदाय/संस्था/संगठन के ओर से "जनजाति सांस्कृतिक समागम" कार्यक्रम का बहिष्कार किया जा रहा है।



आज के सामाजिक बहिष्कार का विरोध प्रदर्शन में संयोजक रमेश जेराई, साधु हो, प्रकाश पुरती, गणेश पाट पिंगुवा, हिरामनी देवगम, सागर सिंकु, बिष्णु मिंज, दमयंती सिंकु, यदुनाथ तियु, चंद्रमोहन बिरूवा, बामिया बारी, सनी संदीप देवगन, रेयांश सामाड उदय सिंह बारी, नीतु देवगम एवं अन्य कई आदिवासी सामाजिक संगठन के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित हुए। photo Credit : Sandhu Ho.

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