सूडान में युद्ध और भूख से गंभीर मानवीय संकट
सूडान: अफ्रीकी देश सूडान में सरकारी सेना और अर्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेस’ के बीच पिछले कई महीनों से सत्ता संघर्ष जारी है। इस युद्ध ने देश की कृषि व्यवस्था, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय बाजार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दारफूर, खार्तूम और दक्षिण कोर्दोफान के 14 संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति नियंत्रण से बाहर बताई गई है, जहां 1,35,000 से अधिक लोग खाद्यान्न की भारी कमी का सामना कर रहे हैं।
सूडान में जारी भीषण सैन्य संघर्ष और गृहयुद्ध के कारण देश सदी की सबसे बड़ी मानवीय आपदा के कगार पर पहुंच गया है। देश की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही है और हर पांच में से कम से कम दो नागरिकों को दिन में दो वक्त का भोजन भी नहीं मिल पा रहा है। इस संकट का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ा है, जहां स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता और पौष्टिक भोजन की कमी के कारण कुपोषण ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष लगभग 8,25,000 बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार हो सकते हैं, जबकि युनिसेफ ने समय पर चिकित्सा सहायता और खाद्य आपूर्ति न मिलने पर हजारों बच्चों की भूख से मौत का खतरा जताया है।