बढ़ती गर्मी का कहर: हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
बुढ़ार: जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि थोड़ी सी लापरवाही भी हीट स्ट्रोक (लू) का कारण बन सकती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है।
हीट स्ट्रोक की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है और शरीर स्वयं को ठंडा रखने में असमर्थ हो जाता है। इसमें तेज बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीते रहें, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
यदि किसी को लू लग जाए तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियों का पालन करने की अपील की है ताकि हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सके।