टाटानगर ट्रैफिक चेक पोस्ट पर हंगामा, विधायक संजीव सरदार ने ट्रैफिक पुलिस को लगाई फटकार
जमशेदपुर में ट्रैफिक जांच अभियान के दौरान एक बार फिर ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई। इस बार मामला पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार से जुड़ने के बाद काफी चर्चा में है।
जानकारी के अनुसार पोटका विधानसभा क्षेत्र के एक शिक्षक अपने बेटे के साथ ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान टाटानगर स्टेशन के समीप बने ट्रैफिक चेक पोस्ट पर हेलमेट जांच अभियान चलाया जा रहा था। जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने शिक्षक के बेटे को रोक लिया और नियम उल्लंघन के आरोप में 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। बताया जा रहा है कि वाहन के सभी दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन मूल कागजात की जगह केवल फोटोकॉपी होने को लेकर कार्रवाई की गई।
इधर विधायक संजीव सरदार एक कार्यक्रम के सिलसिले में बागबेड़ा क्षेत्र में मौजूद थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने फोन पर ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारियों से बात कर युवक को छोड़ने और मामले को देखने की बात कही। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने विधायक से कहा कि वे डीएसपी स्तर के अधिकारी से आकर बात करें।
इसके बाद विधायक संजीव सरदार अपने समर्थकों और सहयोगियों के साथ सीधे टाटानगर ट्रैफिक चेक पोस्ट पहुंच गए। मौके पर विधायक ने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई। काफी देर तक वहां गहमागहमी का माहौल बना रहा।
विधायक ने कहा कि ट्रैफिक जांच के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक जनप्रतिनिधि की बात तक को ट्रैफिक पुलिस नजरअंदाज कर सकती है, तो आम जनता के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता होगा। साथ ही उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने की नसीहत दी।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चा होती रही। कई लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में ट्रैफिक जांच अभियान के दौरान नियम पालन के नाम पर सख्ती और अभद्र व्यवहार किया जाता है।
वहीं ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।