नेपाल, श्रीलंका और भारत की Gen-Z की राजनीतिक सक्रियता बढ़ी
दक्षिण एशिया: नेपाल, श्रीलंका और भारत की Gen-Z अब केवल मनोरंजन और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर खुलकर आवाज उठा रही है। नेपाल में 2025–26 के युवा आंदोलनों ने सरकार को चुनौती दी और सोशल मीडिया प्रतिबंध, भ्रष्टाचार व बेरोजगारी के खिलाफ डिजिटल आंदोलन खड़ा किया, जिसे “Gen-Z लोकतांत्रिक क्रांति” कहा गया।
नेपाल की युवा पीढ़ी ने सोशल मीडिया को राजनीतिक चेतना का हथियार बनाया और प्रतिबंधों के विरोध में सड़कों पर उतरी। श्रीलंका में आर्थिक संकट ने युवा सोच बदली और "अरगलाया" आंदोलन के माध्यम से भ्रष्टाचार व सत्ता केंद्रीकरण के खिलाफ आवाज उठाई गई। भारत में Gen-Z बेरोजगारी, महंगाई, मीडिया स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर चर्चा कर रही है, जिसमें "Cockroach Janta Party" जैसे डिजिटल अभियान शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पीढ़ी पारदर्शिता, डिजिटल स्वतंत्रता, संवैधानिक शक्ति, रोजगार, भ्रष्टाचार विरोध और जवाबदेह शासन को प्राथमिकता दे रही है।