अखंड मजबूत आदर्श भारत निर्माण स्थापित करने हेतु प्रथम नेतृत्व का संकल्प या देश हम सब मिलकर जीता है
अखंड मजबूत आदर्श भारत निर्माण स्थापित करने हेतु प्रथम नेतृत्व का संकल्प या देश हम सब मिलकर जीता है और हम सब मिलकर चलाएंगे । सभी लोगों का प्रतिनिधित्व आधार पर प्रत्येक स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करना लेकिन आज तक ऐसी कोई स्थित स्थापित नहीं हो पाई है हम अलग-अलग तरीके से कहीं आरक्षण के लिए कहीं कल कारखानों में कार्य के लिए कहीं पेंशन के लिए आम लड़ाई का हिस्सा बनकर रह गए जबकि एक ऐसी व्यवस्था सिस्टम है जो आजाद भारत के समय संविधान बनने पर चुप रही और विरोध करती रही आज धीरे-धीरे विधायिका न्यायपालिका और कार्यपालिका कल कारखाने कॉलेज विद्यालय सेवा सुरक्षा आज सभी स्तरों पर प्रत्येक व्यक्ति में ऐसी स्थिति बन गई है कि इस देश में जो सिस्टम है /व्यवस्था है भेदभाव का उसे बनाए रखना अछूत पिछड़ा और सवर्ण में ब्राह्मण श्रेष्ठ रहे। बाबा साहब उस समय भी आजादी के संघर्ष में लोगों की उस अव्यवस्था को भी व्यवस्थित करने में संघर्ष को जारी रखा जो संविधान में दिखाई तो दिया लेकिन अभी तक लागू नहीं हो पाया आज देश में इस जात धर्म के कारण मनुवाद या ब्राह्मणवाद या आर्थिक सिस्टम लोगों को अलग-अलग बांट के जुर्म अत्याचार ही लोगों का आधार बन गया एक जुर्म करता है दूसरा उस जुर्म के खिलाफ आवाज उठाता है लेकिन जहां से जुर्म अत्याचार पैदा होता है । इस अमानवीय भेदभाव के तहत उसको नजरअंदाज सभी कर रहे हैं वह डिप्रेस्ड क्लास में जो थोड़ा सा बड़ा हो गया है शिक्षा या पद में या धन में वह अपने आप को उस आव्यवस्था में सुरक्षित समझता है। देश में इस व्यवस्था के खिलाफ एक बड़ा हथियार बना है जो बाबा साहब ने उसका शोध किया था और प्रत्येक संघर्ष/लड़ाई में लागू किया गया है चाहे गोलमेज की कॉन्फ्रेंस रही हो, उसमें भी प्रतिनिधित्व की बात को रखा जिसके कारण से इस देश में उस आव्यवस्था के लोग धैर्य खो दिया बाबा साहब को देश विरोधी भी अंग्रेजों के सहयोगी समझने लगे लेकिन यह बात नहीं थी अगर आपको अधिकारों या देश के हिस्सेदार बनना है। तो भागीदारी सिद्धांत को लागू करें और राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन के स्ट्रक्चर को विशेष रूप से महत्व दें और उसको समझाना ही नहीं उसे लागू करना है तो इस देश के प्रत्येक आव्यवस्था का स्थान खत्म होगा इस देश में जो मानवता के खिलाफ है जो बाधक है चाहे वह मनुवाद या ब्राह्मणवाद या आरएसएस हो इनको रोकने में असमर्थ हो जाएंगे प्रत्येक व्यक्ति उसे तकनीकी सिस्टम के आधार पर रजिस्ट्रेशन करना होगा जब आप रजिस्टर्ड हो जाओगे आप में नागरिकता स्वयं प्रमाणित हो जाएगी और इस देश में गरीबी का आधार खत्म होगा आप योग्य शिक्षित हो जाएगे सबको कार्य रोजगार न्यूनतम वेतन के साथ सबको पेंशन न्यूनतम सबको स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वाभिमान आपके जीवन का हिस्सा बनेगा देश में जाति धर्म आधारित अलग-अलग होते हुए भी बंधुत्व भाईचारा निर्मित होगा या देश अखंड मजबूत आदर्श भारत के रूप में स्थापित होगा अर्थात विश्व गुरु का स्थान प्राप्त कर लेगा इस कार्य को केवल इस देश के अंबेडकराइज आधारित व्यक्ति कर सकता है दूसरा करते हुए भी नहीं करेगा क्योंकि देश में वह श्रेष्ठता का आधार बना हुआ है लेकिन वह श्रेष्ठ नहीं हो पता है केवल आतंक भ्रष्टाचार बलात्कार हिंसक बन जाता है आज पूरे देश में आस्था आधारित स्थलों पर कब्जा है,हो रहा है झूठ और काल्पनिक हाथी के सर में इंसान का सर कल्पना को सर्जरी कर रूप बताते हैं इसी तरह की कल्पनाएं करके समाज को गुमराह करते चले आ रहे हैं और हम अशिक्षित आयोग्य उनकी उन बातों का और उन विचारो का हिस्सा बनते जा रहे हैं जागो या देश हमारा है सब की भागीदारी है अपना हिस्सा लेने के लिए तैयार हो जाओ आपको हिस्सा मिलेगा आपकी गरीबी दूर होगी आपको शिक्षत, स्वास्थ्य और सम्मान सब कुछ आपको मिलेगा इस देश की प्रत्येक संस्थानों में आपके हिस्सेदारी होगी बाबा साहब का स्वपना तभी साकार होगा। धन्यवाद साथियों जय भीम साधुवाद।