
बोर्ड ड्यूटी में अभद्रता पर शिक्षक संघ सख्त, बहिष्कार की चेतावनी
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षण ड्यूटी कर रहे परिषदीय शिक्षकों के साथ कथित अभद्र व्यवहार पर कड़ा रोष जताया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो शिक्षक बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी का बहिष्कार करने को विवश होंगे।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परीक्षाओं में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की व्यापक तैनाती की जा रही है, जिससे विद्यालयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिला अध्यक्ष मुनीश कुमार मिश्रा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गुणवत्ता सुधार के नाम पर शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं शिक्षकों को बोर्ड ड्यूटी में लगाकर स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था बाधित की जा रही है।
जिला मंत्री देवेश बाजपेई ने आरोप लगाया कि कई परीक्षा केंद्रों पर परिषद के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। प्रत्येक कक्ष में एक आंतरिक और एक बाह्य निरीक्षक की व्यवस्था के बजाय दोनों ही निरीक्षक परिषदीय विद्यालयों से लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिला शिक्षिकाओं से दोनों पालियों में ड्यूटी कराई जा रही है, जबकि उनके लिए भोजन व जलपान की समुचित व्यवस्था नहीं है।
जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र पाल प्रजापति ने बताया कि कुछ केंद्रों पर आवश्यकता से अधिक शिक्षकों को बुलाया जा रहा है, जिससे विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। वहीं, जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी ने एक मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पर महिला शिक्षिकाओं से अभद्र भाषा में बातचीत करने का आरोप लगाया और जिला विद्यालय निरीक्षक से सख्त कार्रवाई की मांग की।
संघ शाखा पुवायां अध्यक्ष अश्विनी अवस्थी ने कहा कि कई खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा आकस्मिक अवकाश आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं। व्हाट्सएप के माध्यम से अवकाश पर रोक लगाने के आदेश दिए जा रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। संघ ने मांग की है कि यदि अवकाश पर रोक संबंधी कोई आदेश जारी है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।