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जब हों बच्चे जवान तो इश्क कमाना नहीं आसान। एक चढ़े सूली तो दूजा जाए श्मशान।।

होशियारपुर: 29 नवंबर,2025 (बूटा ठाकुर गढ़शंकर)
इश्क का स्वभाव जितना अंधा होता है उससे कहीं ज्यादा यह ताकतवर भी होता है। यह समाज की हर सीमा को फांदने में जरा सी भी देर नहीं करता। इतिहास हो या वर्तमान इश्क की कहानियों से भरा पड़ा है। यह ऊंच नीच, अमीर गरीब, छोटा बड़ा जहां तक कि रिश्तों की मर्यादा भी नहीं समझता। दिल को दहलाने वाली और शर्मसार कर देने वाली घटनाओं के अंजाम देखने के बावजूद भी समाज में इश्क का अवैध सफ़र आज भी जारी है, जिसके चलते हरियाणा के सिरसा जिला के एक सिकंदरपुर नामक गांव में बीती शुक्रवार की रात को दो बजे एक ऐसी घटना घटत हुई जो समाज के लिए शर्मसार भी है और दिलों को दहलाने वाली भी है।
पाला राम की पत्नि अंगूरी देवी जिसकी उम्र लगभग 48 या 50 के करीब थी उसका बेटा राज कुमार (30) शादी शुदा है जिसके तीन बच्चे भी हैं यानी कि भरा पूरा परिवार है। फिर भी उक्त अंगूरी देवी खुद के पति पाला राम के होते हुए पड़ोसी मज़दूर लेख राज (48) के प्रेम जाल में पिछले 15 साल से फंसी हुई थी। बतादें कि लेखराज भी शादी शुदा है और उसकी दिव्यांग पत्नि तोषी बाई से दो बच्चे भी हैं लेकिन दोनों के इश्क की युगलबंदी संभवतः 15 सालों के लंबे समय दौरान जग ज़ाहिर हो गई अंगूरी के पति और बेटे ने बहुत समझाया समय समय पर पंचायतें भी हुई पर दोनों का अवैध प्रेम भंग नहीं हो सका।
अब परिवार का बर्चस्व खतरे में होने लगा, समाज में आए दिन तरह तरह की बातें होने लगी और घर में भी कलह कलेश रहने लगा था। जिसका सबसे ज्यादा असर अंगूरी के बेटे राज कुमार पर पड़ा, उसके भीतर 15 साल के गुस्से की ज्वाला का गुबार बन चुका था जो घटना वाली रात को उस वक्त फट गया जब पड़ोसी लेख राज और माता अंगूरी देवी को आपत्तिजनक हालत में देखा। उसका खून खौल उठा और रौद्र रुप धारण कर दोनों को बारी बारी दुपट्टे से गला घोंट कर जान से मार दिया। इस उपरांत उसने दोनों शव अपनी पिक अप में रखे और 7 किलो मीटर दूर थाने में पहुंच गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। अब एक चढ़ेगा सूली तो दूजे गए श्मशान। दोनों परिवार बर्बाद हुए और बच्चे होंगे परेशान।

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