जुन्नारदेव में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी निलंबित — अवैध वसूली के आरोप पाए गए सही, कलेक्टर की सख्त कार्रवाई
‼️जुन्नारदेव में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी निलंबित — अवैध वसूली के आरोप पाए गए सही, कलेक्टर की सख्त कार्रवाई‼️जुन्नारदेव से 🖋️ सूरज विश्वकर्मा की रिपोर्ट....छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव — जिला प्रशासन ने शासकीय कार्यों में भ्रष्ट आचरण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए विकासखंड जुन्नारदेव के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी रविन्द्र कुमरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेन्द्र नारायन द्वारा प्राप्त शिकायतों तथा मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर की गई जांच के बाद की गई है।🔹 शिकायत पर हुई उच्चस्तरीय जांचशिकायतकर्ता अश्विन गोदवानी द्वारा लगाए गए आरोपों पर कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त कलेक्टर से विस्तृत जांच कराई। स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों ने भी इस मामले को और गंभीरता दी।जांच प्रतिवेदन के अनुसार, रविन्द्र कुमरे पर निम्न गंभीर आरोप सिद्ध हुए—उचित मूल्य की दुकान की जांच एवं सकारात्मक रिपोर्ट देने के बदले अवैध धनराशि की मांगमशीन उपलब्ध कराने और अन्य शासकीय कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए बार-बार पैसों की मांगशिकायतकर्ता पर दबाव बनाने के लिए लाइसेंस निरस्त करने या प्रतिकूल रिपोर्ट भेजने की धमकीविभिन्न किस्तों में लगभग ₹25,000/- की अवैध राशि प्राप्त करना🔸 साक्ष्य ने पुख्ता किए आरोपजांच के दौरान प्राप्त प्रमुख साक्ष्य:व्हाट्सऐप चैटUPI लेनदेन के प्रमाण:₹10,000/- (दिनांक 21 जुलाई 2025)₹5,000/- (दिनांक 15 सितंबर 2025)अतिरिक्त कलेक्टर की रिपोर्ट में इन आरोपों को “गंभीर एवं शासकीय सेवक के आचरण के विपरीत” बताया गया है।🔹 कलेक्टर ने माना आचरण नियमों का उल्लंघनकलेक्टर हरेन्द्र नारायन ने रविन्द्र कुमरे के आचरण को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन माना है।इसके आधार पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।🔸 निलंबन अवधि के दौरान व्यवस्थानिलंबन अवधि में अधिकारी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, अमरवाड़ा रहेगा।उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।जुन्नारदेव विकासखंड का प्रभार सुमित चौधरी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी परासिया को अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है।🔹 प्रशासन का सख्त संदेशइस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय सेवाओं में अनियमितता और अवैध वसूली किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।