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बसपा एमएलसी अतर सिंह राव का होना चाहिए सम्मान

माननीय बनने से पूर्व जिन लोगों के साथ खाना पीना उठना बैठना होता है। जनप्रतिनिधि निर्वाचित हो जाने पर उन्हीं से डर क्यों। चुनाव जीतना कोई गलत बात तो है नहीं और ना ही कोई सांसद विधायक या एमएलसी किसी का बुरा करने लगता है। तो फिर कोई बड़ा खतरा हो ऐसा लगता नहीं है। फिर क्या कारण है कि नाम के आगे विधाायक एमएलसी या सांसद लगते ही सुरक्षा की जरूरत पड़ने लगती है। 

अपने देश के प्रदेशों में अपराध और अपराधियों और उनसे त्रस्त व्यक्तियों से संबंध खबरे रोज ही पढ़ने को मिलती है। ऐसे में भयमुक्त समाज की स्थापना के लिए सबसे जरूरी है कि आम आदमी में विश्वास पैदा करने हेतु सुरक्षा बल के जवानों को काम में लगाया जाए। लेकिन पता नहीं हमारे माननीय चाहते है या सरकार अथवा उनके सहयोगी जो निर्वाचित होते ही मिल जााने वाला एक एक गनर उनहें कम लगने लगता है और समय असमय किसी ना किसी रूप में कुछ लोगों या सामूहिक रूप से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जाने लगती है। 

वर्तमान में जनप्रतिनिधियों के लिए कोई बड़ा खतरा ऐसा नजर नहीं आ रहा है। उसके बावजूद सरकार द्वारा एक एक गनर माननीयों को और उपलब्ध करा दिया गया। क्योंकि खबर है कि सभी ने अतिरिक्त सुरक्षा की मांग भी की थी।
आश्चर्य तो यह है कि जीवनभर आम आदमी के बीच में घुसकर राजनीति करने में अग्रणीय झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों के उत्थान के हिमायती हमारे भैया सुनील भराला को जो वर्तमान मेें विधायक सांसद तो नहीं है लेकिन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त जरूर है को सभी माननीयों से आगे बढ़कर दो अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए लेकिन यहां सबसे बड़ी बात जो देखने को मिल रही है वो यह है कि सबने सुरक्षा मांगी और उन्हें एक एक गनर मिल गया लेकिन बसपा एमएलसी और विधानपरिषद में इस दल के नेता अतर सिंह राव को अतिरिक्त गनर नहीं दिया गया जो चर्चा का विषय बना हुआ है।

 अगर उन्होंने मांगा नहीं तो बढ़िया और अगर सरकार को लगा कि उन्हें कोई खतरा नहीं है तो यह सोने में सुहागा। वर्तमान समय में अगर यह दोनों ही बाते सहीं है तो अतर सिंह राव को सम्मानित किया जाना चाहिए कि कोई तो ऐसा जनप्रतिनिधि नजर आ रहा है जिसे खतरा दिखाई नहीं देता।

 

– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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