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दुमका (झारखंड)। नोनीहाट स्टेडियम में शिक्षक कंचन दास की दूसरी पुण्य तिथि पारा शिक्षकों ने मनायी। 2018 में 63 दिन तक चले आंदोलन के दौरान तत्कालीन कल्याण मंत्री लुईस मरान्डी के दुमका स्थित आवास के समक्ष धरना देते हुए कंचन कुमार दास की मृत्यु हो गई थी। कंचन कुमार दास दुमका जिलांतर्गत रामगढ़ प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिनाडंगाल बतौर पारा शिक्षक कार्यरत थे। 

पारा शिक्षक संघ के सांगठनिक कार्य में अग्रणी भूमिका निभाने के साथ साथ कंचन दास सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते थे।  आज नोनीहाट स्टेडियम में आयोजित पुष्पांजलि सभा में मुख्य रूप से कंचन दास के माता पिता और अनुबंध कर्मचारी महासंघ के केंद्रीय अध्यक्ष विक्रांत ज्योति उपस्थित रहे।

 पुष्पांजलि स्थल पर कंचन कुमार के पिता अखिलेश्वर दास को कर्मचारी नेता विक्रांत ज्योति द्वारा शाल प्रदान की गयी और उपस्थित पारा शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि पूरा पारा शिक्षक समाज कंचन दास का आजीवन ऋणी रहेगा और हर दु:ख सुख में कंचन दास के परिवार के साथ खड़ा रहेगा। पुष्पांजलि कार्यक्रम के उपरांत शहीद कंचन के याद में पारा शिक्षकों ने नोनीहाट बस पड़ाव पर पौधारोपण भी किया। पौधारोपण के बाद सभी पारा शिक्षक कंचन दास के आवास गये और शान्तिपूजन में शामिल हुए। इस अवसर पर पारा शिक्षक विक्रांत ज्योति, रूपेश भगत,बिहारी हांसदा, जोगेन्दर साह,मुकेश कुमार राय, अमरेश ठाकुर, अमितेश कुमार, पवन राऊत,संतोष सिंह, तपन कुमार दास,पंकज कुंवर, दीनबन्धु भगत,ललन ओझा, युधीर मंडल सलेश लायक, गोपाल लर्बे आदि उपस्थित थे।

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