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कोटा कलेक्टर को स्पष्टीकरण के नाम पर सूचना उप निदेशक हरिओम गुर्जर ने किया गुमराह
- सूचना जनसंपर्क अधिकारी को बताया नौसिखिया
- नवनियुक्त पीआरओ पर बना हुआ है दबाव
कोटा। एक और जहां लगातार राज्य सरकार आमजन के लिए कल्याणकारी योजनाओं का प्रसारण और प्रचार प्रसार हेतु करोड़ों रुपए वहन कर रही है बावजूद उसके कोटा में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आम जनता तक सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार नहीं हो पा रहा है, ऐसा एक वाक्य कोटा सूचना केंद्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा और अफसरों की लापरवाही में देखने को मिला जहां उपनिदेशक हरिओम गुर्जर छुट्टियां मनाने बाहर चले गए और लगातार कोटा में राज्य सरकार के मंत्री एवं आला अफसरों का दौरा रहा जिसका समाचार प्रकाशन ना प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल मीडिया में हो सका जिससे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को गहरा धक्का लगा है। इस पर कार्रवाई करते हुए जिला कलक्टर ने जनसंपर्क अधिकारी को एक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जिसके आधार पर 10 जनवरी को सूचना जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरिओम गुर्जर ने एक स्पष्टीकरण पीआरओ संतोष कुमार मीणा के हवाले से जारी करते हुए कहा कि वह नौसिखिया है उनसे गलती हो गई आगे से ऐसी गलती नहीं होगी, मंत्री और सरकार के आला नेता कोटा दौरे पर पहुंचे तो मीडिया में प्रसारण गलत हुआ समाचार छपाई में गलती की माफी मांगते हुए हरिओम गुर्जर ने जिला कलेक्टर को मनमाने रूप से पत्र भेजकर गुमराह करने का प्रयास किया। इस पत्र में वह जानकारियां स्पष्ट नहीं है जो गलतियां सूचना और जनसंपर्क विभाग कोटा द्वारा की गई है जिला कलेक्टर उज्जवल राठौड़ भी इस पत्र को पढ़कर यह जान नहीं पाएंगे कि आखिरकार कहां क्या चूक हुई। क्योंकि इस पत्र में वास्तविक कारण कुछ छुपाया गया है।

• हम आपको बताते हैं कहां हुई लापरवाही
गत दिनों राजस्थान सरकार के मंत्री प्रसादी लाल मीणा, महेंद्रजीत मालवीय सहित तमाम आला अफसर और अधिकारी जयपुर से कोटा पहुंचे जिन्होंने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अधिकारी व आला अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की जिसका किसी प्रकार का कोई मीडिया कवरेज ना होने से राज्य सरकार के मंत्री तक खफा हो गए। जिला कलेक्टर ने सूचना विभाग को नोटिस जारी किया बावजूद उसके छुट्टियां मना रहे हरिओम गुर्जर जब छुट्टी से लौटे तो उन्होंने अपनी गलती छुपाते हुए सारी गलती अपने जूनियर पीआरओ संतोष कुमार मीणा पर डाल दी और एक स्पष्टीकरण लेटर कलेक्टर को जारी करते हुए खुद का बचाव किया। आपको बता दें कि संतोष कुमार मीणा 3 महीने पहले ही कोटा सूचना केंद्र के नवनियुक्त पीआरओ पदभार ग्रहण किया है और एक पीआरओ को तमाम प्रकार के प्रेस नोट हो समाचार आलेखन की संपूर्ण जानकारी होती है बावजूद उसके इतनी बड़ी लापरवाही एक बड़ी गलती का घोतक हैं। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सूचना विभाग के उपनिदेशक हरिओम गुर्जर की बनती है बावजूद उनके उन्होंने अपने जूनियर पर इस गलती का दोष डाल दिया अब यह कारण तो वही सिद्ध कर सकते हैं अब आगे देखना होगा कि इसमें जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है। 

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