logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

संस्कार भारती शाहगंज इकाई द्वारा 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का आयोजन

*संस्कार भारती शाहगंज इकाई द्वारा 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का आयोजन*
शाहगंज (जौनपुर)। संस्कार भारती, कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था की शाहगंज इकाई द्वारा 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला (प्रशिक्षण शिविर) का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला सरस्वती शिशु मंदिर, केशव नगर, शाहगंज में आयोजित होगी।
कार्यशाला का उद्घाटन 1 जून 2026 को होगा और समापन 15 जून 2026 को होगा। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों, युवाओं और महिलाओं में कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि जगाना तथा उनके कौशल का विकास करना है।
कार्यशाला का दैनिक कार्यक्रम
प्रतिदिन सुबह 6 बजे से योग कक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद सुबह 8 बजे से 11 बजे तक निम्नलिखित कलाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा:
ढोलक वादन
मेंहदी डिजाइन
मेकअप
हैंडी क्राफ्ट
ये सभी प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिए जाएंगे।
संस्था का संदेश
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को देखते हुए भारतीय परंपरागत कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यशाला के माध्यम से न केवल कलाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि बच्चों और युवाओं में अनुशासन, एकाग्रता और सांस्कृतिक जागरूकता भी विकसित की जाएगी।
अध्यक्ष रचित चौरसिया, कार्यक्रम संयोजक कालीचरण जायसवाल, महामंत्री वीरेंद्र यादव ‘वीर’ और कोषाध्यक्ष प्रवीण बरनवाल ने सभी इच्छुक प्रतिभागियों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि सीमित सीटों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा, इसलिए जल्दी संपर्क करें।
रजिस्ट्रेशन एवं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
रचित चौरसिया (अध्यक्ष): 95543 20660
कालीचरण जायसवाल (कार्यक्रम संयोजक): 98395 29739
वीरेंद्र यादव ‘वीर’ (महामंत्री): 86047 08090
प्रवीण बरनवाल (कोषाध्यक्ष): 99186 08007
संस्कार भारती शाहगंज इकाई के इस प्रयास की सराहना की जा रही है। जो भी बच्चे, युवा या महिलाएं इन कलाओं में रुचि रखते हैं, वे इस सुनहरे अवसर का लाभ अवश्य उठाएं।
यह कार्यशाला न केवल कौशल विकास का माध्यम बनेगी, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ी से जोड़ेगी।

0
58 views

Comment