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⚡️ बिहार में बिजली क्रांति की तैयारी! 167 नए पावर सब स्टेशन बनेंगे, करोड़ों का निवेश, जानें आम आदमी और उद्योगों को क्या मिलेगा बड़ा फायदा

बिहार में बिजली आपूर्ति को और भी अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत, पूरे राज्य में 167 नए पावर सब स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर करोड़ों रुपये का भारी निवेश किया जाएगा। यह पहल मुख्य रूप से औद्योगिक विकास को गति देने और उपभोक्ताओं को 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली देने पर केंद्रित है।
​परियोजना का विवरण
​ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना दो भागों में बंटेगी:
​उत्तर बिहार: 91 नए पावर सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
​दक्षिण बिहार: 76 नए पावर सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
​इन सब स्टेशनों का निर्माण उन प्रमुख क्षेत्रों के आस-पास किया जाएगा जहाँ बड़े उद्योगों के लिए ज़मीन चिन्हित की गई है।
​🌟 ये होंगे प्रमुख फायदे
​इस विशाल निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का सीधा असर राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास पर पड़ेगा:
​1. औद्योगिक विकास को मिलेगा बूस्ट
​24 घंटे निर्बाध बिजली: उद्योगों और व्यवसायिक संस्थानों को 24 घंटे बिना किसी रुकावट के उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिलेगी।
​निवेशकों का भरोसा: हाल ही में, राज्य को लगभग ₹1.80 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। स्थिर बिजली आपूर्ति इस निवेश को धरातल पर उतारने के लिए निवेशकों का विश्वास मजबूत करेगी।
​2. बिजली की गुणवत्ता में सुधार
​कम होगी ट्रिपिंग: नए सब स्टेशन बनने से ग्रिड पर लोड संतुलित होगा, जिससे बिजली की बार-बार ट्रिपिंग (कटौती) की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।
​वोल्टेज की समस्या दूर: दूरदराज के क्षेत्रों में कम वोल्टेज की समस्या खत्म होगी और उपभोक्ताओं को संतुलित वोल्टेज मिलेगा।
​3. किसानों और आम उपभोक्ताओं को लाभ
​सस्ती बिजली: 'मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना' के तहत किसानों को सुलभ और सस्ती बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
​विश्वसनीय सेवा: ग्रामीण क्षेत्रों और घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा प्राप्त होगी।
​यह परियोजना बिहार को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी, जिससे आने वाले वर्षों में राज्य की विकास दर को नई गति मिलेगी।

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